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Thu 23 Apr, 2026

राष्‍ट्रीय समाचार

ऑनलाइन गेमिंग नियम 2026

  • इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने 'ऑनलाइन गेमिंग के प्रचार और विनियमन संबंधी नियम, 2026' अधिसूचित किया।
  • ये नियम 1 मई, 2026 से प्रभावी होंगे और ऑनलाइन गेमिंग (प्रचार और विनियमन) अधिनियम, 2025 को क्रियान्वित करने के लिए तैयार किए गए हैं।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • उद्देश्य : ऑनलाइन गेमिंग को विनियमित करना, नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना, वित्तीय प्रणाली को सुरक्षित रखना, समन्वित प्रवर्तन को सक्षम बनाना और उपयोगकर्ताओं के अधिकारों की रक्षा करना
  • वर्गीकरण: ऑनलाइन गेम्स को तीन प्रमुख श्रेणियों में बांटा गया है। ऑनलाइन मनी गेम, सोशल गेम और ई-स्पोर्ट्स
  • नियामक संस्था: एक "भारतीय ऑनलाइन गेमिंग प्राधिकरण" (Online Gaming Authority of India) का गठन किया जाएगा, जिसकी अध्यक्षता MeitY के अतिरिक्त सचिव करेंगे
  • अन्य पांच सदस्यों में गृह, सूचना और प्रसारण, खेल और युवा मामले मंत्रालय, वित्तीय सेवा विभाग तथा विधि विभाग के संयुक्त सचिव शामिल होंगे।
  • प्राधिकरण के कार्यों में ऑनलाइन खेलों का वर्गीकरण और पंजीकरण शामिल होगा।
  • यह यह भी तय करेगा कि कोई खेल धन-आधारित है या नहीं।
  • प्राधिकरण जनता की शिकायतों के निवारण का कार्य भी करेगा।
  • अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए यह दिशानिर्देश, आचार संहिता और निर्देश जारी करेगा।

NGT ने कई एजेंसियों को नोटिस जारी किया

  • राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण ने यमुना नदी में प्रदूषण को लेकर कई एजेंसियों को नोटिस जारी किया।
  • न्‍यायाधिकरण ने राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन, उत्तर प्रदेश सरकार तथा मथुरा वृंदावन नगर निगम और केंद्रीय तथा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों सहित स्थानीय प्राधिकरणों से जवाब मांगा है।
  • यह मामला वृंदावन और कोसी कस्बों से कथित तौर पर अशोधित सीवेज और अपशिष्ट जल को नदी में बहाए जाने से संबंधित है।
  • न्‍यायाधिकरण के अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव की अध्यक्षता वाली पीठ दिसंबर 2021 के निर्देशों का पालन नहीं करने से संबंधित याचिका पर सुनवाई कर रही थी।

राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (NGT) :

  • स्थापना: 18 अक्टूबर 2010 (NGT अधिनियम, 2010)
  • मुख्यालय: दिल्ली
  • क्षेत्रीय कार्यालय: भोपाल, पुणे, कोलकाता, चेन्नई
  • संरचना: अध्यक्ष (सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश या हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश), न्यायिक सदस्य और विशेषज्ञ सदस्य (5 वर्ष का कार्यकाल)
  • क्षेत्राधिकार (Jurisdiction): पर्यावरण, वन और प्राकृतिक संसाधनों से जुड़े दीवानी (Civil) मामले
  • विनियम: NGT नागरिक प्रक्रिया संहिता (CPC), 1908 द्वारा बाध्य नहीं है, यह 'प्राकृतिक न्याय' (Natural Justice) के सिद्धांतों द्वारा निर्देशित है।
  • सुओ मोटो (Suo Motu) शक्तियां: सर्वोच्च न्यायालय ने NGT को स्वतः संज्ञान लेने की विशेष शक्ति दी है।

APY के अंतर्गत अप्रैल 2026 में नौ करोड़ ग्राहकों का नामांकन

  • अटल पेंशन योजना (APY) के अंतर्गत नौ करोड़ ग्राहकों के नामांकन का आंकड़ा पूरा किया।
  • पिछले वित्तीय वर्ष में कुल नामांकन एक करोड़ पैंतीस लाख हो गया है, जो योजना की शुरुआत के बाद से किसी एक वित्तीय वर्ष में अब तक का सबसे अधिक नामांकन है।

अटल पेंशन योजना (APY) :

  • शुरूआत : 9 मई 2015
  • लागू : 1 जून 2015
  • यह योजना एक स्वैच्छिक अंशदायी पेंशन योजना है जो मुख्य रूप से गरीबों, वंचितों और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए है।
  • प्रशासन: यह योजना वित्त मंत्रालय के तहत पेंशन फंड नियामक और विकास प्राधिकरण (PFRDA) द्वारा प्रशासित की जाती है।
  • विस्तार: हालिया रिपोर्टों के अनुसार, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इस योजना को वित्त वर्ष 2030-31 तक जारी रखने की मंजूरी दी है।
  • यह असंगठित क्षेत्र के उन मज़दूरों के लिए है, जिनके पास अक्सर कोई औपचारिक पेंशन कवरेज नहीं होता।
  • शुरुआत में, यह 18 से 40 साल की उम्र के भारत के सभी नागरिकों के लिए उपलब्ध
  • 1 अक्टूबर 2022 से, इनकम टैक्स देने वाले लोग इस स्कीम में शामिल होने के लिए एलिजिबल नहीं हैं।
  • सब्सक्राइबर्स को 60 साल की उम्र में, उनके योगदान के आधार पर, एक तय मासिक पेंशन मिलती है।
  • पेंशन के ये स्लैब उपलब्ध : ₹1,000, ₹2,000, ₹3,000, ₹4,000, और ₹5,000 प्रति माह
  • कम से कम 20 साल तक योगदान करना ज़रूरी है, जो शामिल होने की उम्र पर निर्भर करता है।
  • इसका मैनेजमेंट नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के ढांचे के तहत किया जाता है

अंतर्राष्‍ट्रीय समाचार

11वीं भारत-मिस्र संयुक्त रक्षा समिति की बैठक

  • भारत और मिस्र के बीच 11वीं संयुक्त रक्षा समिति (JDC) की बैठक का आयोजन काहिरा, मिस्र में किया गया।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • प्रतिनिधित्व: भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व रक्षा मंत्रालय के संयुक्त सचिव (अंतर्राष्ट्रीय सहयोग) अमिताभ प्रसाद द्वारा एवं मिस्र पक्ष का नेतृत्व मिस्र के सशस्त्र बलों के स्टाफ मेजर जनरल अहमद मोहम्मद उमर द्वारा
  • रक्षा सहयोग योजना 2026-27: दोनों देशों ने वर्ष 2026-27 के लिए एक द्विपक्षीय रक्षा सहयोग योजना पर सहमति व्यक्त की। इस योजना का मुख्य केंद्र सैन्य संवाद, संयुक्त प्रशिक्षण अभ्यास और समुद्री सुरक्षा सहयोग को बढ़ाना है।
  • नौसेना वार्ता: इस बैठक के दौरान पहली बार 'नौसेना से नौसेना स्टाफ वार्ता' (Inaugural Navy-to-Navy Staff Talks) का भी आयोजन किया गया, जो दोनों देशों के बीच बढ़ते समुद्री सहयोग को दर्शाता है।
  • श्रद्धांजलि: भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने काहिरा में हेलियोपोलिस युद्ध स्मारक का दौरा किया और प्रथम व द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान अपने प्राणों की आहुति देने वाले भारतीय सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की

मिस्र (Egypt) :

  • आधिकारिक तौर पर मिस्र अरब गणराज्य कहा जाता है
  • उत्तर-पूर्वी अफ्रीका और पश्चिमी एशिया (सिनाई प्रायद्वीप) में स्थित एक अंतरमहाद्वीपीय देश है।
  • सीमाएँ: उत्तर में भूमध्य सागर, दक्षिण में सूडान, पश्चिम में लीबिया और पूर्व में लाल सागर से घिरा है।
  • नील नदी: इसे "नील नदी का उपहार" कहा जाता है। नील नदी दुनिया की सबसे लंबी नदियों में से एक है, जो दक्षिण से उत्तर की ओर बहती हुई भूमध्य सागर में गिरती है।
  • नहर: विश्व प्रसिद्ध स्वेज नहर मिस्र में ही स्थित है, जो भूमध्य सागर को लाल सागर से जोड़ती है और वैश्विक व्यापार के लिए सामरिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
  • सर्वोच्च शिखर: माउंट कैथरीन (Mount Catherine) मिस्र की सबसे ऊँची चोटी है।
  • राजधानी: काहिरा (Cairo)
  • शासन प्रणाली: अर्ध-राष्ट्रपति गणतंत्र
  • मुद्रा: मिस्र पाउंड
  • आधिकारिक भाषा: अरबी
  • मिस्र दुनिया की सबसे पुरानी सभ्यताओं में से एक का घर है।
  • पिरामिड: गीज़ा के महान पिरामिड और 'ग्रेट स्फिंक्स' यहाँ की प्राचीन वास्तुकला के उत्कृष्ट उदाहरण हैं।
  • प्राचीन काल में यहाँ के शासकों को 'फिरौन' (Pharaoh) कहा जाता था

भारत-मिस्र संबंध :

  • प्राचीन संबंध: सम्राट अशोक के अभिलेखों में मिस्र (टॉलेमी-द्वितीय) के साथ संबंधों का उल्लेख मिलता है
  • वर्ष 1955 में भारत और मिस्र ने एक मित्रता संधि पर हस्ताक्षर किया
  • NAM की स्थापना: 1961 में जवाहरलाल नेहरू और गमाल अब्देल नासर ने मिलकर गुटनिरपेक्ष आंदोलन (NAM) की नींव रखी थी
  • कुल द्विपक्षीय व्यापार: वित्त वर्ष 2024-25 में कुल व्यापार $5.2 अरब अमेरिकी डॉलर (लगभग 5.2 बिलियन डॉलर) रहा

अर्थव्‍यवस्‍था तथा बैंकिंग

वित्त वर्ष 2025-26 में कुल वस्त्र निर्यात

  • वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का कुल वस्त्र निर्यात (हस्तशिल्प सहित) 2.1% की वृद्धि के साथ ₹3.16 लाख करोड़ से अधिक हो गया है, जो पिछले वर्ष 3.9 लाख करोड़ रूपये था।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • रेडीमेड गारमेंट्स (RMG): यह कुल वस्त्र निर्यात में सबसे बड़ा योगदानकर्ता बना रहा। इसका निर्यात 2.9% की वृद्धि के साथ ₹1,39,349.6 करोड़ तक पहुंच गया।
  • हस्तशिल्प (Handicrafts): मूल्यवर्धित श्रेणियों में, हस्तशिल्प (हाथ से बने कालीनों को छोड़कर) में सबसे अधिक 6.1% की वृद्धि दर्ज की गई, जो ₹15,855.1 करोड़ रही।
  • मानव निर्मित (Man-made) वस्त्र: इस श्रेणी में 3.6% की मजबूत वृद्धि देखी गई, जिसका निर्यात ₹42,687.8 करोड़ रहा।
  • सूती उत्पाद: सूती धागे, कपड़े और हथकरघा उत्पादों के निर्यात में 0.4% की स्थिर वृद्धि दर्ज की गई।
  • प्रमुख बाजार: निर्यात वृद्धि 120 से अधिक गंतव्यों में देखी गई। संयुक्त अरब अमीरात (UAE), ब्रिटेन (UK), जर्मनी, स्पेन और जापान जैसे देशों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई।

प्रमुख लक्ष्य (2030 और 2047) :

  • निर्यात लक्ष्य 2030: वस्त्र और परिधान के निर्यात को तीन गुना बढ़ाकर ₹9 लाख करोड़ ($100 बिलियन) तक पहुंचाना।
  • बाजार का आकार 2030: भारतीय वस्त्र उद्योग के कुल कारोबार को $350 बिलियन (लगभग ₹29 लाख करोड़) तक ले जाना।
  • घरेलू मांग 2030: घरेलू बाजार में वस्त्रों की मांग को $250 बिलियन तक पहुँचाने का अनुमान है।
  • विज़न 2047: स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे होने तक $600 बिलियन के निर्यात और $1.8 ट्रिलियन के घरेलू बाजार का लक्ष्य रखा गया है।
  • रोजगार सृजन: 2030 तक इस क्षेत्र में 3.5 करोड़ नई नौकरियां पैदा करने का लक्ष्य है।

रणनीतिक स्तंभ और योजनाएं :

  • PM MITRA पार्क: देश भर के 7 राज्यों (तमिलनाडु, तेलंगाना, गुजरात, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र) में मेगा टेक्सटाइल पार्क स्थापित करना, ताकि लॉजिस्टिक्स लागत कम हो और पूरी वैल्यू चेन एक ही स्थान पर हो।
  • PLI योजना: मानवनिर्मित फाइबर (MMF) और तकनीकी वस्त्रों (Technical Textiles) के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए उत्पादन संबद्ध प्रोत्साहन देना।
  • राष्ट्रीय तकनीकी वस्त्र मिशन (NTTM): तकनीकी वस्त्रों (जैसे मेडिकल, कृषि और रक्षा वस्त्र) के बाजार को 2047 तक $309 बिलियन तक ले जाने का लक्ष्य।
  • स्थिरता (Sustainability): वैश्विक स्तर पर पुनर्चक्रित फाइबर (Recycled Fibres) में 30% हिस्सेदारी हासिल करने और पर्यावरण-अनुकूल विनिर्माण को बढ़ावा देने का लक्ष्य।

FY27 में भारत की GDP वृद्धि : मूडीज रेटिंग्स

  • मूडीज रेटिंग्स ने FY27 के लिए भारत की GDP वृद्धि के अनुमान को 6.8% से घटाकर 6% किया।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • संशोधन का मुख्य कारण: पश्चिम एशिया में सैन्य संघर्ष के कारण ऊर्जा की कीमतों (तेल और गैस) में बढ़ोतरी और इनपुट लागत में वृद्धि होना।
  • आर्थिक प्रभाव: निजी उपभोग में कमी और औद्योगिक गतिविधियों का सुस्त होना
  • मुद्रास्फीति (Inflation): वित्त वर्ष 2027 में खुदरा मुद्रास्फीति औसतन 4.8% रहने का अनुमान है, जो वित्त वर्ष 2026 के 2.4% से काफी अधिक है।
  • प्रमुख संस्थानों के GDP वृद्धि अनुमान (FY27) :
  • भारतीय रिजर्व बैंक (RBI): भारतीय केंद्रीय बैंक ने FY27 के लिए 6.9% की वृद्धि दर का अनुमान लगाया है।
  • एशियाई विकास बैंक (ADB): ADB ने अपने हालिया 'एशियन डेवलपमेंट आउटलुक' (अप्रैल 2026) में भारत की वृद्धि दर का अनुमान FY27 के लिए 6.9% और FY28 के लिए 7.3% लगाया है।
  • आर्थिक सर्वेक्षण (Economic Survey 2025-26): भारत सरकार के आर्थिक सर्वेक्षण में FY27 के लिए वास्तविक जीडीपी वृद्धि का अनुमान 6.8% से 7.2% के बीच रखा गया है।
  • विश्व बैंक (World Bank): विश्व बैंक ने मध्यम अवधि में भारत की मजबूत वृद्धि का संकेत देते हुए FY27 के लिए लगभग 6.6% का अनुमान दिया है।
  • अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF): IMF ने वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच FY27 के लिए विकास दर के 6.2% तक मध्यम रहने का अनुमान लगाया है।

रिर्पोट एवं सूचकांक

'ग्लोबल इलेक्ट्रिसिटी रिव्यू 2026' रिपोर्ट

  • एम्बर की सातवीं वार्षिक 'ग्लोबल इलेक्ट्रिसिटी रिव्यू 2026' रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में वैश्विक बिजली उत्पादन में नवीकरणीय ऊर्जा की हिस्सेदारी 33.8% एवं कोयले की हिस्सेदारी 33.0% थी।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • ऐतिहासिक बदलाव: 2025 वह पहला वर्ष बना जब वैश्विक बिजली उत्पादन में नवीकरणीय ऊर्जा (33.8%) ने कोयले (33.0%) को पीछे छोड़ दिया। यह दर्शाता है कि दुनिया अब 'कोयला युग' के अंत की ओर बढ़ रही है।
  • जीवाश्म ईंधन स्रोतों के योगदान में गिरावट: जीवाश्म ईंधन आधारित बिजली उत्पादन में -0.2% का आंशिक बदलाव दर्ज हुआ, जो इसमें ठहराव/गिरावट को दर्शाता है।
  • चीन का प्रभुत्व: वैश्विक सौर ऊर्जा क्षमता वृद्धि में आधे से अधिक योगदान चीन का रहा। चीन में कुल बिजली उत्पादन में सौर और पवन ऊर्जा की हिस्सेदारी 22% तक पहुंच गई।
  • लक्ष्य 2030: यह रिपोर्ट बताती है कि COP28 में निर्धारित '2030 तक नवीकरणीय क्षमता को तीन गुना करने' के लक्ष्य की दिशा में दुनिया सही कदम बढ़ा रही है, हालांकि बुनियादी ढांचे (Grid) और भंडारण (Storage) में निवेश बढ़ाना अभी भी बड़ी चुनौती है।
  • भारत का संदर्भ: भारत में भी सौर क्षमता में रिकॉर्ड वृद्धि देखी गई है, जो देश के 'पंचामृत' लक्ष्यों (2030 तक 500GW गैर-जीवाश्म क्षमता) की प्राप्ति के लिए महत्वपूर्ण है।

विज्ञान और प्रौद्योगिकी

'फ्लोरोमेट्रिक संवेदन' सामग्री विकसित

  • मोहाली स्थित नैनो विज्ञान और प्रौद्योगिकी संस्थान (INST), जो विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (DST) का एक स्वायत्त संस्थान है, के वैज्ञानिकों ने निकोटीन और उसके मुख्य मेटाबोलाइट (चयापचय उत्पाद) कोटिनिन (Cotinine) का पता लगाने के लिए एक नया फ्लोरोमेट्रिक (Fluorometric) नैनो-सेंसर विकसित किया है।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • आधारित सामग्री: यह सेंसर आयरन-आधारित मेटल-ऑर्गेनिक फ्रेमवर्क (Fe-MOF) नैनोस्फीयर का उपयोग करता है।
  • फ्लोरोमेट्रिक संवेदन: यह एक 'टर्न-ऑन' सेंसर है। जब निकोटीन या कोटिनिन के अणु इसकी स्पंज जैसी छिद्रपूर्ण संरचना में फंस जाते हैं, तो यह सामग्री नीली रोशनी (Blue Fluorescence) के साथ चमकने लगती है।
  • निर्माण प्रक्रिया: इन नैनोस्फीयर को 'सॉल्वोथर्मल' (Solvothermal) प्रक्रिया के माध्यम से संश्लेषित किया गया है।
  • निकोटीन शरीर में बहुत कम समय के लिए रहता है, लेकिन कोटिनिन रक्त, लार और मूत्र में लंबे समय तक मौजूद रहने वाला एक स्थिर बायोमार्कर है।
  • यह सेंसर शरीर में तंबाकू के संपर्क (सक्रिय या निष्क्रिय धूम्रपान) के 'लंबे समय तक रहने वाले पदचिह्नों' का सटीक पता लगा सकता है।

पर्यावरण समाचार

उत्‍तर प्रदेश का 12वां एवं भारत का 99वां रामसर स्‍थल

  • केन्‍द्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने उत्तर प्रदेश के 'शेखा झील पक्षी अभ्‍यारण्‍य' को उत्‍तर प्रदेश का 12वां एवं भारत का 99वां रामसर स्‍थल का दर्जा दिए जाने की घोषणा की।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

शेखा झील पक्षी अभयारण्य :

  • स्थान: यह उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले की कोइल तहसील में स्थित है
  • इतिहास: इस झील का निर्माण 1852 में ऊपरी गंगा नहर (Upper Ganges Canal) के बनने के बाद हुआ था, जो इसके पास से गुजरती है।
  • महत्व: यह झील सेंट्रल एशियन फ्लाईवे (Central Asian Flyway) पर प्रवासी पक्षियों के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव (stopover) के रूप में कार्य करती है।
  • जैव विविधता: यहाँ लगभग 249 पक्षी प्रजातियों की उपस्थिति दर्ज की गई है, जिनमें से 62 प्रजातियाँ विशेष रूप से आर्द्रभूमि (wetland) पर निर्भर हैं। मुख्य प्रजातियों में बार-हेडेड गूज (Bar-headed Goose), पेंटेड स्टॉर्क और विभिन्न प्रकार की बत्तखें शामिल हैं।
  • श्रेणी: इसे बर्डलाइफ इंटरनेशनल (BirdLife International) द्वारा एक 'महत्वपूर्ण पक्षी क्षेत्र' (Important Bird Area) के रूप में भी मान्यता दी गई है।

रामसर स्थल :

  • ऐसी आर्द्रभूमियां (Wetlands) होती हैं, जो अंतर्राष्ट्रीय महत्व रखती हैं और जिन्हें संरक्षण के लिए चिह्नित किया गया है। इनका नाम ईरान के रामसर शहर के नाम पर रखा गया है, जहां रामसर संधि पर हस्ताक्षर किए गए थे।
  • संधि पर हस्ताक्षर : 2 फरवरी, 1971 को ईरान के रामसर शहर में (विश्व आर्द्रभूमि दिवस: हर साल 2 फरवरी को मनाया जाता है)
  • लागू हुआ : 1975 में
  • रामसर स्थलों की सूची रामसर सम्मेलन के सचिवालय द्वारा रखी जाती है, जो स्विट्जरलैंड के ग्लैंड में स्थित अंतर्राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (IUCN) मुख्यालय में स्थित है।
  • भारत ने 1982 में इस संधि को अपनाया

उत्‍तर प्रदेश के सभी 12 रामसर स्‍थल :

  1. शेखा पक्षी विहार (Shekha Bird Sanctuary): अलीगढ़
  2. पटना पक्षी अभयारण्य (Patna Bird Sanctuary): एटा
  3. हैदरपुर आर्द्रभूमि (Haiderpur Wetland): मुजफ्फरनगर/बिजनौर
  4. बखीरा वन्यजीव अभयारण्य (Bakhira Wildlife Sanctuary): संत कबीर नगर
  5. सूर सरोवर (Sur Sarovar/Keetham Lake): आगरा
  6. सरसई नावर झील (Sarsai Nawar Jheel): इटावा
  7. सांडी पक्षी अभयारण्य (Sandi Bird Sanctuary): हरदोई
  8. समन पक्षी अभयारण्य (Saman Bird Sanctuary): मैनपुरी
  9. समसपुर पक्षी अभयारण्य (Samaspur Bird Sanctuary): रायबरेली
  10. पार्वती अरगा पक्षी अभयारण्य (Parvati Arga Bird Sanctuary): गोंडा
  11. नवाबगंज पक्षी अभयारण्य (Nawabganj Bird Sanctuary): उन्नाव
  12. ऊपरी गंगा नदी (Upper Ganga River): ब्रजघाट से नरौरा (हापुड़, बुलंदशहर, संभल, अमरोहा)

सालवीन नदी में आर्सेनिक संदूषण

  • तिब्बती पठार पर स्थित तांगुला पर्वत से उद्गम होने वाली सालवीन नदी में खतरनाक स्तर का आर्सेनिक संदूषण पाया गया है।

सालवीन नदी :

  • उद्गम (Origin): यह तिब्बती पठार के तांगुला पर्वत (Tanggula Mountains) से निकलती है। इसे चीन में 'नुजियांग' (Nu River) के नाम से जाना जाता है।
  • प्रवाह (Flow): यह चीन, म्यांमार और थाईलैंड से होकर बहती है और अंडमान सागर में गिरती है।
  • आर्सेनिक संदूषण (Arsenic Contamination): हालिया अध्ययनों के अनुसार, भूगर्भीय गतिविधियों और खनन (Mining) जैसे मानवीय कारकों के कारण यहाँ आर्सेनिक का स्तर बढ़ा है। यह जल पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) और इस पर निर्भर लाखों लोगों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है।
  • पारिस्थितिक महत्व: इसे दक्षिण-पूर्वी एशिया की सबसे लंबी 'मुक्त बहने वाली' (Free-flowing) नदियों में से एक माना जाता है, जिस पर बहुत कम बाँध बने हैं।
  • आर्सेनिक संदूषण :
  • आर्सेनिक (As) एक प्राकृतिक रूप से पाया जाने वाला अत्यधिक विषैला उपधातु (Metalloid) है। पीने के पानी और खाद्य श्रृंखला में इसका संदूषण सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए एक बड़ा खतरा है।
  • आर्सेनिक युक्त पानी के लंबे समय तक सेवन से आर्सेनिकोसिस (Arsenicosis) नामक स्थिति उत्पन्न होती है।
  • WHO मानक: पेयजल में आर्सेनिक की सुरक्षित सीमा 0.01 mg/l (10 ppb) निर्धारित है।
  • भारतीय मानक (BIS): भारत में स्वीकार्य सीमा 0.01 mg/l है, लेकिन वैकल्पिक स्रोत न होने पर इसे 0.05 mg/l तक अनुमत किया गया है।
  • प्रभावित राज्य: भारत में मुख्य रूप से पश्चिम बंगाल, बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड, असम और छत्तीसगढ़ के गंगा-ब्रह्मपुत्र बेसिन वाले इलाके सबसे अधिक प्रभावित हैं।

खेल समाचार

13वीं विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप

  • वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स ने घोषणा की है कि उज्बेकिस्तान की राजधानी ताशकंद जून 2027 में 13वीं विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप की मेजबानी करेगा।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • मेजबान: ताशकंद, उज्बेकिस्तान
  • संस्करण: यह 13वीं विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप होगी
  • समय: इसका आयोजन जून 2027 में निर्धारित किया गया है
  • ऐतिहासिक संदर्भ: यह पहली बार होगा जब उज्बेकिस्तान इस प्रतिष्ठित वैश्विक प्रतियोगिता की मेजबानी करेगा
  • इससे पहले उज्बेकिस्तान ने कई ग्रां प्री प्रतियोगिताओं का सफल आयोजन किया है।

वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स :

  • अंतरराष्ट्रीय पैरालंपिक समिति (IPC) के तहत काम करने वाली एक संस्था है, जो दुनिया भर में पैरा एथलेटिक्स (ट्रैक और फील्ड) खेलों का संचालन और विनियमन करती है
  • मुख्यालय: बॉन, जर्मनी
  • उद्देश्य: दिव्यांग एथलीटों के लिए उच्च स्तरीय प्रतिस्पर्धा के अवसर प्रदान करना और खेल के तकनीकी नियमों को नियंत्रित करना।
  • भागीदारी: यह शारीरिक अक्षमता, दृष्टिबाधित और बौद्धिक अक्षमता वाले एथलीटों के लिए खुला है।

महत्‍वपूर्ण दिवस

विश्व पुस्तक और कॉपीराइट दिवस

  • पढ़ाई, प्रकाशन और कॉपीराइट के महत्व को बढ़ावा देने के उद्देश्‍य से प्रतिवर्ष 23 अप्रैल को विश्व पुस्तक और कॉपीराइट दिवस मनाया जाता है।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • योजक: यह यूनेस्को (UNESCO) द्वारा आयोजित एक वार्षिक कार्यक्रम है
  • उद्देश्य: पढ़ने की आदत को बढ़ावा देना, प्रकाशन (Publishing) को प्रोत्साहित करना और बौद्धिक संपदा (Intellectual Property) के माध्यम से कॉपीराइट का संरक्षण करना।
  • वर्ष 1995 में, UNESCO ने आधिकारिक तौर पर 23 अप्रैल को ‘विश्व पुस्तक और कॉपीराइट दिवस’ घोषित किया
  • मोरक्को की राजधानी रबात को UNESCO द्वारा 2026 के लिए विश्व पुस्तक राजधानी (World Book Capital) नामित किया गया है, जो रियो डी जनेरियो (2025) के बाद यह सम्मान प्राप्त करेगा।
  • साल 2001 से अब तक 26 से भी ज़्यादा शहरों को ‘विश्व पुस्तक राजधानी’ का दर्जा दिया जा चुका है।
  • यह तिथि विश्व साहित्य के लिए बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि 23 अप्रैल को कई प्रसिद्ध लेखकों का जन्म या निधन हुआ था: विलियम शेक्सपियर, मिगुएल डी सर्वेंट्स, इंका गार्सिलासो डी ला वेगा.

 

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