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Wed 22 Apr, 2026

राष्‍ट्रीय समाचार

वित्त वर्ष 2025–26 में NMCG की प्रगति

  • राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (NMCG) ने वित्त वर्ष 2025–26 के दौरान गंगा और उसकी सहायक नदियों के किनारे सीवेज ट्रीटमेंट अवसंरचना को मज़बूत करने और प्रदूषण कम करने के उपायों में उल्लेखनीय प्रगति की है।
  • इस वर्ष के दौरान लगभग ₹4,700 करोड़ के निवेश से 18 परियोजनाओं के माध्यम से 538.03 MLD (मिलियन लीटर प्रतिदिन) की संचयी उपचार क्षमता जोड़ी गई है।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • एसटीपी का निर्माण: इस वर्ष कुल 28 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) पूरे किए गए, जो पिछले वर्ष (22 STP) की तुलना में 27% की वृद्धि दर्शाते हैं।
  • राज्यवार प्रगति: ये परियोजनाएं उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में फैली हुई हैं।
  • उत्तर प्रदेश: इस राज्य ने सर्वाधिक योगदान दिया। वाराणसी (अस्सी-BHU क्षेत्र) में 55 MLD, प्रयागराज में 43 MLD और आगरा में 166 MLD की क्षमता जोड़ी गई।
  • बिहार: दीघा (30 MLD), कंकड़बाग (35 MLD) और भागलपुर (22.5 MLD) में महत्वपूर्ण कार्य हुए।
  • झारखंड: फुसरो में 'इंटरसेप्शन और डायवर्जन' (I&D) और STP परियोजना पूरी हुई, जिससे 14 MLD क्षमता बढ़ी।
  • उत्तराखंड: ऊधम सिंह नगर (10.3 MLD) और देहरादून (15 MLD) सहित हरिद्वार और मुनि की रेती में सुधार हुआ।
  • पश्चिम बंगाल: जंगीपुर (13 MLD), चकदाह (15 MLD) और उत्तर बैरकपुर (30 MLD) में बुनियादी ढांचे को मजबूत किया गया।
  • निगरानी और पारदर्शिता: मिशन ने STP संचालन की वास्तविक समय में निगरानी और पारदर्शिता के लिए 'गंगा पल्स पब्लिक पोर्टल' (Ganga Pulse Public Portal) लॉन्च किया है।
  • बजटीय आवंटन: नमामि गंगे कार्यक्रम को मार्च 2026 तक बढ़ा दिया गया है, जिसमें 2025-26 के लिए ₹3,400 करोड़ का बजटीय परिव्यय रखा गया है।

8वां राष्ट्रीय पोषण पखवाड़ा

  • आठवें राष्ट्रीय पोषण पखवाड़ा अभियान में महाराष्ट्र का अहिल्यानगर प्रथम स्‍थान एवं पुणे ने दूसरा स्थान प्राप्‍त किया।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • तीसरा स्थान: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले ने राष्ट्रीय स्तर पर तीसरा स्थान प्राप्त किया
  • अहिल्यानगर में सर्वाधिक 3,24,075 जागरूकता गतिविधियाँ दर्ज की गईं
  • आयोजन: महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा 9 से 23 अप्रैल 2026 तक संचालित किया गया।
  • मुख्य विषय (Theme): "बच्चे के जीवन के पहले छह वर्षों में मस्तिष्क का विकास"।
  • उपलब्धि: अहिल्यानगर जिले ने इस अभियान के तहत 3,24,075 से अधिक गतिविधियां आयोजित कर देश में शीर्ष स्थान बनाया।
  • उद्देश्य: पोषण और प्रारंभिक बाल देखभाल को एक 'जन आंदोलन' के रूप में स्थापित करना।
  • मिशन पोषण 2.0: यह अभियान मिशन पोषण 2.0 के तहत एकीकृत बाल विकास सेवाओं (ICDS) को और सुदृढ़ करने का हिस्सा है।
  • पोषण अभियान की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 8 मार्च 2018 को राजस्थान के झुंझुनू से की गई थी। यह कार्यक्रम कुपोषण की समस्या को दूर करने और गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं तथा बच्चों के पोषण स्तर में सुधार करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

राष्ट्रपति द्वारा महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का उद्घाटन

  • राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने राउरकेला में विज्ञान, सांस्कृतिक विरासत एवं शहरी प्रशासन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का उद्घाटन किया।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • प्रमुख उद्घाटन: राष्ट्रपति ने निर्मल मुंडा परिवेश पथ, एक तारामंडल और विज्ञान केंद्र, एक जनजातीय संग्रहालय और एकीकृत कमान और नियंत्रण केंद्र (ICCC) का उद्घाटन किया।
  • उद्देश्य: वैज्ञानिक जिज्ञासा को बढ़ाना, स्थानीय जनजातीय संस्कृति और इतिहास का संरक्षण करना, तथा स्मार्ट शहरी प्रबंधन को बढ़ावा देना।

तारा मंडल (Planetarium) :

  • एक विशेष प्रकार का थिएटर या हॉल होता है, जिसे मुख्य रूप से खगोल विज्ञान (Astronomy) और रात के आकाश के बारे में शिक्षा और मनोरंजन के लिए बनाया जाता है।
  • एशिया का सबसे बड़ा और विश्‍व का दूसरा सबसे बड़ा तारामंडल : एम.पी. बिड़ला तारामंडल, कोलकाता। इसकी वास्तुकला साँची के बौद्ध स्तूप पर आधारित है।
  • नेहरू तारामंडल : यह 'तीन मूर्ति भवन' के परिसर में स्थित है, जो देश के पहले प्रधानमंत्री का निवास स्थान था। यहाँ राकेश शर्मा (प्रथम भारतीय अंतरिक्ष यात्री) का अंतरिक्ष सूट और 'सोयुज टी-10' (Soyuz T-10) कैप्सूल रखा गया है।
  • स्वामी विवेकानंद तारामंडल : यह भारत का पहला 3D तारामंडल है। इसमें 8K अल्ट्रा-ब्राइट डिजिटल प्रोजेक्शन सिस्टम का उपयोग किया जाता है।
  • कुसुम्बाई मोतीचंद तारामंडल : यह भारत का पहला तारामंडल माना जाता है, जिसकी स्थापना 1954 में हुई थी।
  • इंदिरा गांधी तारामंडल : यह अपनी अनोखी बनावट के लिए जाना जाता है, जो शनि ग्रह (Saturn) के आकार का है।

सड़क सुरक्षा "गरिमा के साथ जीने के अधिकार" का एक अभिन्न अंग : उच्चतम न्यायालय

  • उच्चतम न्यायालय ने उच्चतम न्यायालय ने हाल ही में एक ऐतिहासिक निर्णय (अप्रैल 2026) में स्पष्ट किया है कि अनुच्छेद 21 के तहत सड़क सुरक्षा और सुरक्षित मार्ग का अधिकार, "गरिमा के साथ जीने के अधिकार" का एक अभिन्न अंग है।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • न्यायमूर्ति जे.के. माहेश्वरी और न्यायमूर्ति ए.एस. चंदुरकर की पीठ ने फलोदी दुर्घटना बनाम भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) मामले में यह व्यवस्था दी।
  • उच्चतम न्यायालय ने फलोदी दुर्घटना बनाम भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) मामले में सुनवाई करते हुए चेतावनी दी कि प्रशासनिक या अवसंरचनाओं की विफलताओं के कारण एक्सप्रेसवे "मौत के गलियारे" नहीं बनने चाहिए।
  • न्यायालय ने इस संदर्भ में भारत के संविधान के अनुच्छेद 142 का उपयोग करते हुए राष्ट्रव्यापी सड़क सुरक्षा निर्देश जारी किया।

उच्चतम न्यायालय :

  • स्थापना: 26 जनवरी 1950 को संविधान लागू होने के साथ अस्तित्व में आया, लेकिन औपचारिक उद्घाटन 28 जनवरी 1950 को हुआ।
  • पूर्ववर्ती: इसने 1937 के 'फेडरल कोर्ट ऑफ इंडिया' और 'प्रिवी काउंसिल' (ब्रिटेन) का स्थान लिया।
  • संवैधानिक प्रावधान: संविधान के भाग V के तहत अनुच्छेद 124 से 147 तक उच्चतम न्यायालय के गठन, शक्तियों और प्रक्रिया का वर्णन है।
  • न्यायाधीशों की संख्या: वर्तमान में मुख्य न्यायाधीश (CJI) सहित कुल 34 न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या है
  • नियुक्ति: न्यायाधीशों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा 'कोलेजियम प्रणाली' की सिफारिश पर की जाती है।
  • योग्यता: भारतीय नागरिक होना अनिवार्य है। कम से कम 5 वर्ष तक उच्च न्यायालय में न्यायाधीश या 10 वर्ष तक अधिवक्ता, या राष्ट्रपति की राय में एक प्रतिष्ठित विधिवेत्ता होना चाहिए।
  • कार्यकाल: न्यायाधीश 65 वर्ष की आयु तक अपने पद पर बने रहते हैं।

क्षेत्राधिकार और शक्तियां :

  • प्रारंभिक क्षेत्राधिकार (अनुच्छेद 131): केंद्र और राज्यों के बीच या दो राज्यों के बीच के कानूनी विवादों का निपटारा।
  • रिट क्षेत्राधिकार (अनुच्छेद 32): मौलिक अधिकारों के प्रवर्तन के लिए बंदी प्रत्यक्षीकरण, परमादेश आदि रिट जारी करना।
  • अपीलीय क्षेत्राधिकार: दीवानी, आपराधिक और संवैधानिक मामलों में उच्च न्यायालयों के फैसलों के खिलाफ अपील सुनना।
  • परामर्शदात्री क्षेत्राधिकार (अनुच्छेद 143): राष्ट्रपति कानूनी या सार्वजनिक महत्व के तथ्यों पर न्यायालय से राय मांग सकते हैं।
  • अभिलेख न्यायालय (Court of Record): इसके सभी निर्णय कानून के रूप में सुरक्षित रखे जाते हैं और अधीनस्थ न्यायालयों के लिए बाध्यकारी होते हैं।

प्रमुख मामला :

  • केशवानंद भारती बनाम केरल राज्य, 1973 : संविधान के "मूल ढांचे" (Basic Structure) का सिद्धांत दिया
  • मेनका गांधी बनाम भारत संघ, 1978 : अनुच्छेद 21 के तहत "विधि द्वारा स्थापित प्रक्रिया" को विस्तृत किया।
  • पुट्टस्वामी मामला, 2017 : निजता के अधिकार (Right to Privacy) को मौलिक अधिकार माना।

अनुच्छेद 21 :

  • भारतीय लोकतंत्र की सबसे महत्वपूर्ण और गतिशील रीढ़ माना जाता है। इसे "संविधान का हृदय" भी कहा जाता है क्योंकि यह व्यक्ति की गरिमा की रक्षा करता है।
  • संवैधानिक पाठ (Text) : "किसी भी व्यक्ति को उसके प्राण या दैहिक स्वतंत्रता (Life and Personal Liberty) से विधि द्वारा स्थापित प्रक्रिया (Procedure Established by Law) के अनुसार ही वंचित किया जाएगा, अन्यथा नहीं।"

प्रमुख विशेषताएं :

  • सभी के लिए उपलब्ध: यह अधिकार नागरिकों और विदेशी नागरिकों (Foreigners) दोनों को प्राप्त है।
  • नकारात्मक और सकारात्मक कर्तव्य: यह राज्य को किसी की जान लेने से रोकता है (नकारात्मक) और गरिमापूर्ण जीवन सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षित वातावरण प्रदान करने का निर्देश भी देता है (सकारात्मक)।
  • आपातकाल में अपवाद: 44वें संशोधन (1978) के बाद, अनुच्छेद 21 को राष्ट्रीय आपातकाल (अनुच्छेद 352) के दौरान भी निलंबित नहीं किया जा सकता।

'विधि द्वारा स्थापित प्रक्रिया' बनाम 'विधि की उचित प्रक्रिया' :

  • गोपालन मामला (1950): न्यायालय ने अनुच्छेद 21 की संकीर्ण व्याख्या की और कहा कि यह केवल कार्यकारी (Executive) कार्रवाई से सुरक्षा देता है, विधायी (Legislative) कार्रवाई से नहीं।
  • मेनका गांधी मामला (1978): यह एक ऐतिहासिक मोड़ था। कोर्ट ने कहा कि प्रक्रिया केवल "स्थापित" नहीं होनी चाहिए, बल्कि वह "उचित, निष्पक्ष और तर्कसंगत" (Fair, Just and Reasonable) भी होनी चाहिए। इसके साथ ही भारत में 'विधि की उचित प्रक्रिया' (Due Process of Law) का सिद्धांत प्रभावी हुआ।

अनुच्छेद 21 के तहत शामिल अधिकार (न्यायिक व्याख्याएं) :

  • आश्रय का अधिकार (Shelter)
  • स्वच्छ पर्यावरण का अधिकार (Clean Environment)
  • निजता का अधिकार (Right to Privacy - पुट्टस्वामी मामला)
  • त्वरित सुनवाई का अधिकार (Speedy Trial)
  • मुफ्त कानूनी सहायता (Free Legal Aid)
  • विदेश यात्रा का अधिकार (Right to Travel Abroad)
  • सड़क सुरक्षा का अधिकार (हालिया 2026 का ऐतिहासिक फैसला)
  • 86वें संशोधन अधिनियम, 2002 के माध्यम से अनुच्छेद 21 के साथ 21A जोड़ा गया, जो 6 से 14 वर्ष के बच्चों के लिए मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा को मौलिक अधिकार बनाता है।

अंतर्राष्ट्रीय समाचार

भारत-भूटान के बीच सीमा शुल्क पर संयुक्त समूह की 7वीं बैठक

  • भारत और भूटान के बीच सीमा शुल्क पर संयुक्त समूह (JGC) की सातवीं बैठक का आयोजन केरल के मुन्नार में किया गया।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • अध्यक्षता: बैठक की सह-अध्यक्षता भारत के केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) के सदस्य योगेन्द्र गर्ग और भूटान के वित्त मंत्रालय के राजस्व एवं सीमा शुल्क विभाग के महानिदेशक सोनम जाम्तशो ने की।
  • व्यापार आँकड़े: वित्तीय वर्ष 2024-25 में भारत और भूटान के बीच द्विपक्षीय व्यापार 1.9 बिलियन डॉलर से अधिक रहा, जो पिछले वर्ष की तुलना में 46% से अधिक की वृद्धि दर्शाता है।
  • डिजिटलीकरण: दोनों पक्षों ने सीमा शुल्क प्रक्रियाओं के डिजिटलीकरण और इलेक्ट्रॉनिक कार्गो ट्रैकिंग सिस्टम (ECTS) के माध्यम से माल की आवाजाही को सुगम बनाने पर चर्चा की।
  • अध्ययन दौरा: भूटानी प्रतिनिधिमंडल ने कोच्चि पोर्ट का दौरा किया, जहाँ उन्हें कार्गो हैंडलिंग, समुद्री प्रवर्तन और स्वचालित पहचान प्रणाली (AIS) जैसी प्रणालियों के बारे में जानकारी दी गई।
  • महत्वपूर्ण समझौते: समन्वित सीमा प्रबंधन, सीमा शुल्क डेटा के पूर्व-आगमन आदान-प्रदान और तस्करी रोकने के लिए खुफिया जानकारी साझा करने पर सहमति बनी।
  • भारत-भूटान संबंध: भारत भूटान का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है, जो उसके कुल व्यापार का लगभग 80% हिस्सा है।
  • पड़ोसी प्रथम नीति (Neighbourhood First Policy): यह बैठक क्षेत्रीय स्थिरता और आर्थिक एकीकरण को बढ़ावा देने की भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
  • कनेक्टिविटी: वर्तमान में भारत-भूटान सीमा पर 10 भूमि सीमा शुल्क केंद्र (LCS) अधिसूचित हैं, जिनमें से 6 पश्चिम बंगाल में और 4 असम में स्थित हैं।
  • रणनीतिक महत्व: भूटान एक भू-आबद्ध (Landlocked) देश है, इसलिए भारत के माध्यम से पारगमन (Transit) सुविधाएँ उसके आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं।

भूटान :

  • राजधानी: थिम्पू (यह देश का सबसे बड़ा शहर भी है)
  • आधिकारिक भाषा: जोंगखा (Dzongkha)
  • मुद्रा: न्गुल्ट्रम (Ngultrum)
  • राष्ट्रीय ध्वज: इसमें एक 'थंडर ड्रैगन' बना है, जिसमें पीला रंग राजा की शक्ति और केसरिया-नारंगी रंग बौद्ध धर्म का प्रतीक है।
  • प्रणाली: भूटान एक लोकतांत्रिक संवैधानिक राजतंत्र है।
  • राष्ट्राध्यक्ष: राजा जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक (5वें ड्रुक ग्यालपो)।
  • सरकार प्रमुख: प्रधानमंत्री (वर्तमान में दाशो शेरिंग तोबगे)।
  • संसद: इसे शोगडू कहा जाता है।
  • सीमाएँ: उत्तर में चीन और दक्षिण, पूर्व व पश्चिम में भारत (सिक्किम, पश्चिम बंगाल, असम और अरुणाचल प्रदेश) से घिरा है।
  • कार्बन नेगेटिव: भूटान दुनिया के उन चुनिंदा देशों में से है जो कार्बन नेगेटिव हैं, यानी यह जितनी कार्बन डाइऑक्साइड पैदा करता है, उससे कहीं अधिक अवशोषित करता है।
  • वन क्षेत्र: देश की 70% से अधिक भूमि वनों से आच्छादित है।
  • सर्वोच्च शिखर: गंगखर पुएनसुम (7,570 मीटर), जिसे दुनिया का सबसे ऊँचा 'अविजित' पर्वत माना जाता है।

अर्थव्‍यवस्‍था तथा बैंकिंग

वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का समुद्री खाद्य निर्यात

  • समुद्री उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (MPEDA) के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का समुद्री खाद्य निर्यात ₹72,325.82 करोड़ रहा।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • प्रमुख उत्पाद: फ्रोजन झींगा इस प्रगति का प्रमुख चालक बना रहा, जिसने ₹47,973.13 करोड़ (5.51 बिलियन अमेरिकी डॉलर) का योगदान दिया, जो कुल निर्यात आय के दो-तिहाई से अधिक है। झींगा की खेप की मात्रा में 4.6% और मूल्य में 6.35% की बढ़ोतरी हुई, जिससे भारत के समुद्री उत्पादों के निर्यात में इसका दबदबा और मजबूत हुआ।
  • अमेरिका सबसे बड़ा निर्यात ठिकाना बना रहा, जहां आयात का कुल मूल्य 2.32 बिलियन अमेरिकी डॉलर रहा। हालांकि, अमेरिका को भेजे जाने वाले माल की मात्रा में 19.8% और मूल्य में 14.5% की गिरावट आई, जो प्रमुख तौर पर पारस्परिक शुल्क के प्रभाव को दर्शाती है।
  • चीन, यूरोपीय संघ और दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों जैसे वैकल्पिक बाजारों में मजबूत बढ़ोतरी से इस गिरावट की भरपाई हुई। दूसरे सबसे बड़े निर्यात ठिकाने चीन को निर्यात मूल्य में 22.7% और मात्रा में 20.1% की बढ़ोतरी हुई। यूरोपीय संघ ने भी मजबूत बढ़ोतरी दर्ज की, जहां निर्यात मूल्य में 37.9% और मात्रा में 35.2% की बढ़ोतरी दर्ज हुई। दक्षिण-पूर्व एशिया में भी विशेष विस्तार हुआ, जहां मूल्य और मात्रा में क्रमशः 36.1% और 28.2% से अधिक की बढ़ोतरी हुई। जापान को निर्यात मूल्य में 6.55% की बढ़ोतरी हुई, जबकि पश्चिम एशिया को निर्यात में वित्तीय वर्ष के अंत में क्षेत्र में व्याप्त अशांति के कारण 0.55% की मामूली गिरावट दर्ज की गई।

कला और संस्‍कृति

गारिया पूजा

  • त्रिपुरा में अप्रैल 2026 के तीसरे सप्ताह (21 अप्रैल या वैशाख माह की शुरुआत) में गारिया पूजा का आयोजन किया गया।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • देवता: यह पूजा बाबा गरिया (भगवान गरिया) को समर्पित है, जिन्हें धन, पशुधन, उर्वरता और घरेलू कल्याण का देवता माना जाता है।
  • समय और अवधि: यह उत्सव चैत्र महीने के अंतिम दिन से शुरू होकर वैशाख महीने के सातवें दिन (अप्रैल के तीसरे सप्ताह) पर समाप्त होता है। वर्ष 2026 में मुख्य पूजा 21 अप्रैल को पड़ी।
  • प्रतीक: पूजा के दौरान बांस के एक खंभे को फूलों और मालाओं से सजाया जाता है, जो भगवान गरिया का प्रतीक है।

पूर्वोत्तर भारत के प्रमुख त्योहार :

  • हॉर्नबिल महोत्सव (Hornbill Festival) - नागालैंड: इसे 'त्योहारों का त्योहार' कहा जाता है। यह नागा जनजातियों की संस्कृति और विरासत को प्रदर्शित करता है।
  • अंबुबाची मेला (Ambubachi Mela) - असम: कामाख्या मंदिर (गुवाहाटी) में आयोजित। इसे 'पूर्व का महाकुंभ' भी कहते हैं, जो देवी के रजस्वला होने का प्रतीक है।
  • मोआत्सु (Moatsu) - नागालैंड: एओ (Ao) जनजाति द्वारा फसल बुवाई के बाद मनाया जाता है।
  • लोसार (Losar) - अरुणाचल प्रदेश/लद्दाख: तिब्बती बौद्ध नव वर्ष।
  • सागा दावा (Saga Dawa) - सिक्किम: गौतम बुद्ध के जन्म, ज्ञान और महापरिनिर्वाण का उत्सव।

दक्षिण भारत के सांस्कृतिक त्योहार :

  • ओणम (Onam) - केरल: राजा बलि के स्वागत में मनाया जाने वाला फसल उत्सव। इसमें 'वल्लम कली' (नौका दौड़) प्रमुख आकर्षण है
  • पोंगल (Pongal) - तमिलनाडु: सूर्य देव को समर्पित फसल उत्सव। इसके साथ 'जल्लीकट्टू' (सांडों को वश में करने का खेल) जुड़ा है।
  • उगादि (Ugadi) - आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक: दक्षिण भारतीय नव वर्ष।
  • हम्पी उत्सव (Hampi Utsav) - कर्नाटक: विजयनगर साम्राज्य की विरासत को याद करने के लिए मनाया जाता है।

मध्य और पश्चिम भारत के उत्सव :

  • खजुराहो नृत्य महोत्सव - मध्य प्रदेश: शास्त्रीय नृत्यों का सबसे बड़ा उत्सव
  • बाणेश्वर मेला - राजस्थान: इसे 'आदिवासियों का कुंभ' कहा जाता है (डूंगरपुर जिला)
  • लोकरंग - मध्य प्रदेश: लोक कलाओं और जनजातीय संस्कृति का उत्सव
  • गुड़ी पड़वा - महाराष्ट्र: मराठी नव वर्ष

अन्य महत्वपूर्ण और अनोखे त्योहार :

  • लाइ हाराओबा (Lai Haraoba) - मणिपुर: मेइतेई (Meitei) समुदाय द्वारा देवताओं को प्रसन्न करने के लिए मनाया जाने वाला प्राचीन उत्सव
  • छठ पूजा - बिहार/यूपी: सूर्य और उनकी पत्नी छठी मैया को समर्पित, जिसमें डूबते और उगते सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है।
  • हेमिस महोत्सव - लद्दाख: गुरु पद्मसंभव की जयंती पर मनाया जाता है, जिसमें 'छम नृत्य' (मुखौटा नृत्य) प्रसिद्ध है।

रिर्पोट एवं सूचकांक

व्यक्तिगत स्वास्थ्य देखभाल में भारत की भूमिका पर बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप की रिर्पोट

  • बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप (BCG) द्वारा जारी उपभोक्ता AI-सक्षम स्वास्थ्य देखभाल के लिए तैयार हैं। स्वास्थ्य प्रणालियों को भी तैयार रहने की आवश्यकता है (Consumers Are Ready for AI-Enabled Health Care. Health Systems Need to Be, Too) रिर्पोट के अनुसार, भारत व्यक्तिगत स्वास्थ्य देखभाल में AI को अपनाने के मामले में वैश्विक रूप से अग्रणी देश के रूप में उभरा है।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • भारत में उपयोग दर: भारत में 85% उपभोक्ता पहले से ही स्वास्थ्य देखभाल के लिए AI-संचालित उपकरणों का उपयोग कर रहे हैं।
  • वैश्विक तुलना: भारत की यह दर अमेरिका (50%), ब्रिटेन (43%) और जापान (34%) जैसे विकसित देशों से काफी अधिक है।
  • वैश्विक औसत: स्वास्थ्य सेवाओं में AI के उपयोग का वैश्विक औसत लगभग 60% है।
  • लोकप्रिय तकनीकें: भारतीय उपभोक्ता मुख्य रूप से चैटबॉट (33%) और वियरेबल डिवाइस (19%) का उपयोग कर रहे हैं।
  • उद्देश्य: AI का उपयोग लक्षणों की जांच करने, उपचार के विकल्पों को समझने, और परीक्षण रिपोर्ट (Test Reports) की व्याख्या करने के लिए किया जा रहा है।

पुरस्‍कार और सम्‍मान

गोल्डमैन पर्यावरण पुरस्कार 2026

  • वर्ष 2026 का गोल्डमैन पर्यावरण पुरस्कार इतिहास में पहली बार पूरी तरह महिलाओं को समर्पित रहा है।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • उपनाम: इसे अक्सर "ग्रीन नोबेल पुरस्कार" के रूप में जाना जाता है।
  • स्थापना: 1989 में रिचर्ड और रोडा गोल्डमैन द्वारा जमीनी स्तर (grassroots) के कार्यकर्ताओं को सम्मानित करने के लिए की गई थी
  • पुरस्कार पाने वाले हर व्यक्ति को $200,000 मिलते हैं, और यह पुरस्कार पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता के बचाव और जलवायु न्याय के क्षेत्र में उनके योगदान को उजागर करता है।

वर्ष 2026 के विजेता :

  • Sarah Finch (यूनाइटेड किंगडम – यूरोप) : जीवाश्म ईंधन परियोजनाओं के जलवायु प्रभाव के खिलाफ ऐतिहासिक कानूनी जीत हासिल की।
  • Alannah Acaq Hurley (संयुक्त राज्य अमेरिका – उत्तरी अमेरिका) : उत्तरी अमेरिका की सबसे बड़ी खुली खदान (Pebble Mine) को रोकने के लिए स्वदेशी समुदायों को एकजुट किया।
  • Borim Kim (दक्षिण कोरिया – एशिया) : एशिया की पहली युवा-नेतृत्व वाली संवैधानिक जलवायु जीत हासिल की।
  • Theonila Roka Matbob (पापुआ न्यू गिनी – द्वीपीय राष्ट्र) : खनन दिग्गज रियो टिंटो को दशकों के पर्यावरणीय विनाश की जिम्मेदारी लेने के लिए मजबूर किया।
  • Yuvelis Morales Blanco (कोलंबिया – दक्षिण/मध्य अमेरिका) : कोलंबिया में फ्रैकिंग (fracking) को रोकने और मैग्डालिना नदी की रक्षा के लिए कार्य किया।
  • Iroro Tanshi (नाइजीरिया – अफ्रीका) : नाइजीरिया में संकटग्रस्त प्रजातियों और उनके आवासों के संरक्षण के लिए जमीनी स्तर पर नेतृत्व किया।

ब्रेकथ्रू पुरस्कार 2026

  • ब्रेकथ्रू प्राइज फाउंडेशन ने 'ब्रेकथ्रू पुरस्कार 2026' के विजेताओं की घोषणा की है।
  • "विज्ञान के ऑस्कर" के रूप में प्रसिद्ध यह पुरस्कार जीवन विज्ञान, मौलिक भौतिकी और गणित के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए दिए जाते हैं।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

जीवन विज्ञान (Life Sciences) :

  • स्टुअर्ट ओर्किन और स्वी ले थेन: सिकल सेल रोग और बीटा-थैलेसीमिया के उपचार के लिए (पहली CRISPR-आधारित दवा 'Casgevy' के विकास में योगदान)।
  • जीन बेनेट, कैथरीन हाई और अल्बर्ट मैगुइरे: आनुवंशिक अंधापन (Leber Congenital Amaurosis) के लिए पहली FDA-अनुमोदित जीन रिप्लेसमेंट थेरेपी विकसित करने हेतु।
  • रोजा राडेमेकर्स और ब्रायन ट्रेनोर: ALS (मोटर न्यूरॉन रोग) और फ्रंटोटेम्पोरल डिमेंशिया के सबसे सामान्य आनुवंशिक कारण की खोज के लिए।

मौलिक भौतिकी (Fundamental Physics) :

  • म्यूऑन g-2 सहयोग (CERN, ब्रुकहेवन और फर्मीलैब): म्यूऑन के चुंबकीय क्षण के सटीक मापन के लिए, जो मानक मॉडल (Standard Model) की सीमाओं का परीक्षण करता है।
  • डेविड जे. ग्रॉस (विशेष पुरस्कार): मजबूत परमाणु बल (Strong Nuclear Force) के सिद्धांत में उनके आजीवन योगदान के लिए 'स्पेशल ब्रेकथ्रू प्राइज'

गणित (Mathematics) :

  • फ्रैंक मर्ले: 'नॉन-लीनियर इवोल्यूशन इक्वेशन' (Nonlinear Evolution Equations) की स्थिरता और उनके व्यवहार को समझने में अभूतपूर्व कार्य के लिए
  • स्थापना: 2013
  • संस्थापक: मार्क जुकरबर्ग, प्रिसिला चान, सर्गेई ब्रिन, ऐनी वोज्स्की और यूरी व जूलिया मिलनर।
  • पुरस्कार राशि: प्रत्येक मुख्य पुरस्कार के लिए $3 मिलियन।
  • अन्य श्रेणियां: इसमें उभरते वैज्ञानिकों के लिए 'न्यू होराइजन्स' (New Horizons) और महिला गणितज्ञों के लिए 'मरियम मिर्जाखानी' पुरस्कार भी शामिल हैं।

 

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