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Sun 19 Apr, 2026

राष्‍ट्रीय समाचार

 

‘विश्व सूत्र – विश्‍व के लिए भारत की बुनाई’पहल का शुभारंभ

  • केन्‍द्रीय वस्त्र मंत्रालय के हथकरघा विकास आयुक्त कार्यालय ने ‘विश्व सूत्र – विश्‍व के लिए भारत की बुनाई’ नामक एक पहल का शुभारंभ किया।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • उद्देश्य: भारतीय हथकरघा की विविधता और बुनकरों की कलात्मकता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना और युवाओं व फैशन जगत के बीच इसकी दृश्यता बढ़ाना
  • साझेदारी: इस पहल के लिए वस्त्र मंत्रालय ने पहली बार 'फेमिना मिस इंडिया' (61वां संस्करण) के साथ सहयोग किया है।
  • रचनात्मक अवधारणा: इसमें 30 अलग-अलग राज्यों के हथकरघा बुनाई (जैसे वाराणसी ब्रोकेड, कांचीपुरम, पाटोला, पश्मीना आदि) को शामिल किया गया है। प्रत्येक राज्य की बुनाई को 30 अलग-अलग देशों के सांस्कृतिक सौंदर्यशास्त्र से प्रेरित होकर आधुनिक डिजाइन के रूप में प्रस्तुत किया गया है।
  • रणनीतिक दृष्टिकोण: यह पहल सरकार के 'Vocal for Local to Global' और '5F' विजन (Farm to Fibre to Factory to Fashion to Foreign) के अनुरूप है।
  • शामिल कुछ प्रमुख बुनाई शैलियाँ: इकत–ओडिशा, कांजीवरम–तमिलनाडु, मोइरांग फे–मणिपुर, जामदानी–बंगाल, मूगा सिल्क–असम, लेपचा–सिक्किम, गोटा पट्टी–हरियाणा, इलकल–कर्नाटक, तसर–बिहार, पटोला–गुजरात, बनारसी–उत्तर प्रदेश, पश्मीना–लेह, उप्पड़ा–आंध्र प्रदेश, रिंडिया–मेघालय, कोटा डोरिया–राजस्थान, नागा मेखला–नागालैंड, पंचाचुली–उत्तराखंड, मोनपा–अरुणाचल प्रदेश, कुनबी–गोवा, कसावु–केरल, त्रिपुरा सिल्क–त्रिपुरा, महेश्वरी–मध्य प्रदेश, कुल्लू–हिमाचल, पोचमपल्ली–तेलंगाना, कोसा–छत्तीसगढ़, पुआन–मिजोरम, घीचा–झारखंड, पैठणी–महाराष्ट्र, फुलकारी–पंजाब, खुन्न–कर्नाटक

प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना

  • केन्‍द्रीय लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत अब तक 2,500 से अधिक कारीगरों और शिल्पकारों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) उपकरणों का उपयोग करने के लिए प्रशिक्षित किया है।
  • इस पहल का उद्देश्य प्रौद्योगिकी के माध्यम से पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों की आजीविका और व्यावसायिक क्षमता को बढ़ाकर उन्हें सशक्त बनाना है।
  • यह पहल "सामाजिक भलाई के लिए एआई" की परिकल्पना के अनुरूप है, जिस पर माननीय प्रधानमंत्री ने इंडियाएआई इम्पैक्ट समिट के दौरान जोर दिया था और जो दिल्ली घोषणापत्र में भी परिलक्षित होती है।

पीएम विश्वकर्मा योजना :

  • शुरूआत : 2023
  • प्रकार : केंद्रीय क्षेत्र की योजना
  • वित्तीय व्यय: 5 वर्षों (2023-24 से 2027-28) के लिए ₹13,000 करोड़ का बजट
  • लक्ष्य लाभार्थी: 18 पारंपरिक व्यवसायों (जैसे बढ़ई, लोहार, कुम्हार, मूर्तिकार आदि) से जुड़े कारीगर
  • अखिल भारतीय कवरेज में तेलंगाना (387) सबसे आगे रहा, इसके बाद महाराष्ट्र (295), गुजरात (262), राजस्थान (251), बिहार (250), कर्नाटक (248), उत्तर प्रदेश (210) सहित अन्य राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों को मिलाकर कुल 2,543 लाभार्थी शामिल हुए।

'भारत समुद्री बीमा पूल' के गठन को मंजूरी

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 'भारत समुद्री बीमा पूल' (BMI Pool) के गठन को मंजूरी दी।
  • इसका मुख्य उद्देश्य वैश्विक भू-राजनीतिक अस्थिरता के बावजूद भारतीय व्यापार के लिए किफायती और निरंतर समुद्री बीमा कवरेज सुनिश्चित करना है।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

वित्तीय संरचना और प्रशासन :

  • संप्रभु गारंटी (Sovereign Guarantee): इस पूल को ₹12,980 करोड़ की सरकारी गारंटी का समर्थन प्राप्त है।
  • अंडरराइटिंग क्षमता: सदस्य बीमाकर्ताओं की संयुक्त अंडरराइटिंग क्षमता लगभग ₹950 करोड़ होगी।
  • प्रशासक: सार्वजनिक क्षेत्र की पुनर्बीमा कंपनी GIC Re इस पूल के प्रशासक के रूप में कार्य करेगी।
  • अवधि: यह पूल प्रारंभिक रूप से 10 वर्षों के लिए होगा, जिसे 5 और वर्षों के लिए बढ़ाया जा सकता है।
  • किसे कवर करेगा: यह भारतीय ध्वज वाले जहाजों, भारत-नियंत्रित जहाजों और भारत से आने-जाने वाले मालवाहक जहाजों (भले ही वे अस्थिर समुद्री गलियारों से गुजर रहे हों) को कवर करेगा।
  • जोखिम के प्रकार: इसमें समुद्री व्यापार से जुड़े प्रमुख जोखिम शामिल हैं: Hull & Machinery (जहाज का ढांचा और मशीनरी), Cargo (माल), Protection & Indemnity (P&I - तृतीय पक्ष देनदारियां), War Risks (युद्ध संबंधी जोखिम)
  • आत्मनिर्भरता: यह अंतरराष्ट्रीय बीमाकर्ताओं (जैसे IGP&I क्लबों) पर भारत की निर्भरता को कम करेगा।
  • विदेशी मुद्रा की बचत: बीमा प्रीमियम के रूप में बाहर जाने वाली विदेशी मुद्रा में कमी आएगी।
  • लागत में कमी: अनुमान है कि इससे बीमा लागत में लगभग 25% की गिरावट आ सकती है।
  • विशेषज्ञता का विकास: यह भारत के भीतर ही समुद्री अंडरराइटिंग, दावा प्रबंधन और समुद्री कानून से जुड़ी घरेलू विशेषज्ञता विकसित करने में मदद करेगा।
  • आपूर्ति श्रृंखला की सुरक्षा: पश्चिमी एशिया जैसे संघर्षपूर्ण क्षेत्रों में वैश्विक प्रतिबंधों या संकट के समय भी भारतीय व्यापार सुचारू रूप से चलता रहेगा।

केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के वेतन वृध्दि को मंजूरी

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों को महंगाई भत्ता और पेंशनभोगियों को महंगाई राहत की अतिरिक्त किस्त जारी करने को भी मंजूरी दी ।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • वृद्धि की दर: मूल वेतन/पेंशन की मौजूदा 58% दर में 2% की वृद्धि की गई है, जिससे अब यह कुल 60% हो गई है।
  • प्रभावी तिथि: यह वृद्धि 1 जनवरी 2026 से प्रभावी मानी जाएगी।
  • लाभार्थी: इस निर्णय से लगभग 50.46 लाख केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और 68.27 लाख पेंशनभोगियों को लाभ होगा।
  • वित्तीय प्रभाव: इस वृद्धि से सरकारी खजाने पर प्रति वर्ष कुल ₹6,791.24 करोड़ का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
  • आधार: यह वृद्धि सातवें केंद्रीय वेतन आयोग (7th CPC) की सिफारिशों पर आधारित स्वीकृत फॉर्मूले के अनुसार है, जो मूल्य वृद्धि (मुद्रास्फीति) की भरपाई के लिए दी जाती है।
  • महंगाई भत्ता (DA): यह शहरी, अर्ध-शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के बीच भिन्न होता है और इसकी गणना अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (AICPI-IW) के आधार पर की जाती है।
  • वेतन आयोग: यह शासन और सार्वजनिक प्रशासन के अंतर्गत संवैधानिक और वैधानिक निकायों का हिस्सा है।

PMGSY-III को 2028 तक जारी रखने की मंजूरी

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY-III) को मार्च 2025 के बाद मार्च 2028 तक जारी रखने की मंजूरी दी।
  • इसके अंतर्गत ग्रामीण बस्तियों को ग्रामीण कृषि बाजारों, उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों और अस्पतालों से जोड़ने वाले 'थ्रू रूट्स' और 'प्रमुख ग्रामीण लिंक' का सुदृढ़ीकरण शामिल है।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • संशोधित वित्तीय परिव्यय: योजना का कुल परिव्यय ₹80,250 करोड़ से बढ़ाकर ₹83,977 करोड़ कर दिया गया है।
  • मैदानी क्षेत्रों में सड़कों और पुलों के निर्माण तथा पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क निर्माण के शेष कार्यों को पूरा करने की अंतिम तिथि मार्च 2028 निर्धारित की गई है।
  • पहाड़ी क्षेत्रों में पुलों (Bridges) के निर्माण के लिए कठिन भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए इसे मार्च 2029 तक बढ़ाया गया है।
  • लंबे पुलों (LSBs) को मंजूरी: पहले से स्वीकृत सड़कों के मार्ग पर पड़ने वाले 161 नए लंबे पुलों के निर्माण को मंजूरी दी गई है, जिसकी अनुमानित लागत लगभग ₹961 करोड़ है।
  • लंबित कार्यों का निष्पादन: 31 मार्च 2025 से पहले स्वीकृत वे कार्य जिनका आवंटन अभी तक नहीं हो सका था, उन्हें अब निविदा (tender) और आवंटन प्रक्रिया के लिए लिए जाने की अनुमति दी गई है।

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY-I) :

  • शुरुआत : 25 दिसंबर 2000, तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा

योजना के प्रमुख उद्देश्य :

  • ग्रामीण बसावटों को बारहमासी सड़क संपर्क प्रदान करना
  • ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक, सामाजिक एवं शैक्षणिक विकास को बढ़ावा देना
  • कृषि उत्पादों के परिवहन, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा एवं रोजगार तक पहुंच को सुगम बनाना
  • ग्रामीण–शहरी असमानता को कम करना
  • मंत्रालय : ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार

वित्त पोषण (Funding Pattern) :

  • सामान्य राज्य: केंद्र और राज्य के बीच खर्च का अनुपात 60:40 होता है।
  • पूर्वोत्तर और हिमालयी राज्य: इन राज्यों के लिए यह अनुपात 90:10 है (90% केंद्र द्वारा वहन)
  • बिना विधानमंडल वाले केन्‍द्रशासित प्रदेश : 100 प्रतिशत केन्‍द्र सरकार द्वारा

रखरखाव और गुणवत्ता :

  • रखरखाव: योजना के तहत बनी सड़कों के 5 साल के रखरखाव की जिम्मेदारी ठेकेदार की होती है।
  • डिजिटल निगरानी: सड़कों की गुणवत्ता और प्रगति की निगरानी के लिए 'मेरी सड़क' (Meri Sadak) मोबाइल ऐप और 'ओएमएमएस' (OMMS) पोर्टल का उपयोग किया जाता है
  • अब तक ग्रामीण सड़कों को मंजूरी : कुल 8,25,114 किलोमीटर
  • दिसंबर 2025 तक पूरी हो चुकी सड़कें : 7,87,520 किलोमीटर, लगभग 95 प्रतिशत भौतिक प्रगति को दर्शाती हैं
  • PMGSY-III के तहत मंजूरी : 1,22,393 किमी सड़क मार्ग, निर्माण किया गया : 1,01,623 किमी
  • वित्त वर्ष 2025-26 की अवधि के लिए व्‍यय आवंटित : 19,000 करोड़ रुपये
  • PMGSY -IV (2024-29) के तहत परिव्यय : 70,125 करोड़ रुपये, बस्तियों को जोड़ा जाना है : 62,500 किलोमीटर सड़कों के माध्यम से 25,000

PMGSY चरण - द्वितीय :

  • शुरुआत : 2013
  • दूसरे चरण का मुख्य उद्देश्य : मौजूदा ग्रामीण सड़क नेटवर्क को मजबूत और सुदृढ़ बनाना था
  • इसका लक्ष्य परिवहन दक्षता में सुधार करना और ग्रामीण आर्थिक विकास को गति देना था

PMGSY चरण – चतुर्थ :

  • शुरुआत : 2024
  • प्रस्तावित सड़क लंबाई: 62,500 किमी
  • कार्यान्वयन अवधि: वित्त वर्ष 2024-25 से 2028-29
  • कुल परिव्यय: 70,125 करोड़ रुपये
  • इनकी पात्रता 2011 की जनगणना के जनसंख्या आंकड़ों पर आधारित है

उत्तर प्रदेश और आंध्र प्रदेश में रेलवे के दो प्रमुख मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने उत्तर प्रदेश और आंध्र प्रदेश में रेलवे के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए 24,815 करोड़ रुपये की कुल लागत वाली दो प्रमुख मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी दी।

परियोजना की मुख्य विशेषताएं:

  • कुल लागत: लगभग ₹24,815 करोड़
  • कवरेज: ये परियोजनाएं उत्तर प्रदेश और आंध्र प्रदेश के 15 जिलों को कवर करेंगी।
  • नेटवर्क में वृद्धि: भारतीय रेलवे के नेटवर्क में लगभग 601 किलोमीटर की नई लाइनें (मल्टी-ट्रैकिंग) जोड़ी जाएंगी
  • समय सीमा: इन परियोजनाओं को 2030-31 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
  • उद्देश्य: पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के तहत रेल कनेक्टिविटी को बेहतर बनाना, माल ढुलाई आसान करना और भीड़भाड़ कम करना

स्वीकृत दो परियोजनाएं:

गाजियाबाद-सीतापुर तीसरी और चौथी लाइन (उत्तर प्रदेश):

  • लंबाई: 403 किलोमीटर
  • लागत: लगभग ₹14,926 करोड़
  • महत्व: यह दिल्ली-गुवाहाटी उच्च घनत्व वाले गलियारे का हिस्सा है, जिससे उत्तर प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों को कनेक्टिविटी मिलेगी
  • राजमुंदरी (निदादवोलु)–विशाखापत्तनम (दुव्वाडा) तीसरी और चौथी लाइन (आंध्र प्रदेश):
  • लंबाई: 198 किलोमीटर
  • लागत: लगभग ₹9,889 करोड़
  • महत्व: यह हावड़ा-चेन्नई उच्च घनत्व वाले नेटवर्क का हिस्सा है, जो पूर्वी तट पर प्रमुख बंदरगाहों को जोड़ता है।

अंतर्रार्ष्‍टीय समाचार

दक्षिण कोरिया के राष्‍ट्रपति भारत यात्रा पर

  • दक्षिण कोरिया के राष्‍ट्रपति ली जाए म्युंग तीन दिवसीय भारत यात्रा पर हैं।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • प्रथम भारत यात्रा: जून 2025 में पदभार ग्रहण करने के बाद यह राष्ट्रपति ली की पहली भारत यात्रा है। साथ ही, यह पिछले आठ वर्षों में किसी दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति की पहली भारत यात्रा भी है।
  • रणनीतिक चर्चा: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति ली के बीच हैदराबाद हाउस में उच्च स्तरीय शिखर वार्ता होगी।
  • भारत और दक्षिण कोरिया के बीच संबंधों को 2015 में 'विशेष रणनीतिक साझेदारी' के स्तर तक बढ़ाया गया था। दोनों देश "इंडो-पैसिफिक रीजन" में शांति और स्थिरता के लिए साझा विजन रखते हैं।

दक्षिण कोरिया (कोरिया गणराज्य) :

  • पूर्वी एशिया में स्थित एक विकसित लोकतांत्रिक देश है जो कोरियाई प्रायद्वीप के दक्षिणी भाग को कवर करता है।
  • आधिकारिक नाम: कोरिया गणराज्य (Republic of Korea - ROK)
  • राजधानी: सियोल (Seoul), जो दुनिया के सबसे बड़े महानगरीय क्षेत्रों में से एक है।
  • आधिकारिक भाषा: कोरियाई (हंगुल लिपि में लिखी जाती है)।
  • मुद्रा: दक्षिण कोरियाई वॉन (KRW)
  • सीमाएँ: उत्तर में उत्तर कोरिया (DMZ द्वारा विभाजित), पश्चिम में पीला सागर, और पूर्व में जापान सागर (East Sea)।
  • भू-आकृति: देश का लगभग 70% हिस्सा पहाड़ी है। हल्लासन (Hallasan) सबसे ऊँची चोटी है, जो जेजू द्वीप पर स्थित है।
  • प्रमुख शहर: सियोल के अलावा बुसान (Busan), इंचियोन (Incheon), डेगू (Daegu) और ग्वांगजू (Gwangju) मुख्य केंद्र हैं।

भारत और दक्षिण कोरिया संबंध :

  • ऐतिहासिक और सांस्कृतिक: सूरीरत्ना (ह्वो ह्वांग-ओक): यह बिल्कुल सही है कि अयोध्या की राजकुमारी 48 ईस्वी में कोरिया गई थीं। MEA India के अनुसार, उन्होंने वहां के राजा किम-सूरो से विवाह किया था। आज भी कोरिया के गिमहे (Gimhae) शहर में उनका स्मारक है। भिक्षु ह्येचो: 8वीं शताब्दी के बौद्ध भिक्षु ह्येचो ने भारत की यात्रा की थी और अपने यात्रा वृत्तांत 'वांग ओचोनचुकगुक जोन' में प्राचीन भारत का सजीव वर्णन किया है।
  • नोबेल पुरस्कार विजेता रवींद्रनाथ टैगोर ने 1929 में कोरिया के गौरवशाली अतीत और इसके उज्ज्वल भविष्य के बारे में एक छोटी लेकिन विचारोत्तेजक कविता ‘लैंप ऑफ द ईस्ट’ की रचना की थी।
  • भारत तथा कोरिया गणराज्य के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान बढ़ाने के लिये अप्रैल 2011 में सियोल में तथा दिसंबर 2013 में बूसान में भारतीय सांस्कृतिक केंद्र (ICC) का गठन किया गया।
  • कोरिया युद्ध (वर्ष 1950-53) के दौरान युद्धरत दोनों पक्षों (उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया) के मध्य भारत ने युद्धविराम समझौता कराने में एक प्रमुख भूमिका निभाई।
  • भारत द्वारा प्रायोजित इस संकल्प को स्वीकार कर लिया गया और 27 जुलाई, 1953 को युद्ध विराम की घोषणा हुई।
  • द्विपक्षीय व्यापार : $26.89 बिलियन
  • व्यापार लक्ष्य: दोनों देशों ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 50 अरब डॉलर तक पहुँचाने का लक्ष्य रखा है।
  • CEPA: 2010 से प्रभावी 'व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौता' द्विपक्षीय व्यापार का आधार है।

पुरस्‍कार और सम्‍मान

फेमिना मिस इंडिया प्रतियोगिता 2026

  • 61वीं फेमिना मिस इंडिया प्रतियोगिता का आयोजन भुवनेश्वर में किया गया।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • विजेता : साध्वी सैल (गोवा) - इन्हें फेमिना मिस इंडिया वर्ल्ड 2026 का ताज पहनाया गया और वे अब मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी।
  • साध्वी सतीश सैल ने पारंपरिक कुनबी बुनाई से बनी स्कर्ट पहना, जिसे मध्य यूरोपीय शैली में नया रूप दिया गया है
  • अपनी समृद्ध विरासत के लिए मशहूर कुनबी बुनाई, जो कुन (परिवार) और बी (बीज) से मिलकर बनी है, पीढ़ी दर पीढ़ी चली आ रही कुशलता और समुदाय के अटूट बंधन का प्रतीक है
  • फर्स्ट रनर-अप : राजनंदिनी पंवार (महाराष्ट्र)
  • सेकंड रनर-अप : अद्वैता (जम्मू और कश्मीर)
  • थीम : Connecting the DOTS
  • आयोजन स्थल: कलिंगा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी (KIIT), भुवनेश्वर
  • यह प्रतियोगिता टाइम्स ग्रुप के स्वामित्व वाली कंपनी द्वारा आयोजित की जाती है
  • भारत ने अब तक 6 मिस वर्ल्ड खिताब जीते हैं, जिनमें रीता फारिया (पहली), ऐश्वर्या राय, डायना हेडन, युक्ता मुखी, प्रियंका चोपड़ा और मानुषी छिल्लर शामिल हैं।

खेल समाचार

BCCI ने अजीत अगरकर का अनुबंध एक वर्ष के लिए बढ़ाया

  • भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने वरिष्ठ पुरुष चयन समिति के अध्यक्ष अजीत अगरकर के अनुबंध को एक वर्ष के लिए बढ़ा दिया है, जिससे अब वे जून 2027 तक इस पद पर बने रहेंगे।
  • यह निर्णय विशेष रूप से दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में आयोजित होने वाले 2027 वनडे विश्व कप को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • सफल कार्यकाल: उनके नेतृत्व में भारतीय टीम ने 2024 और 2026 टी20 विश्व कप और 2025 चैंपियंस ट्रॉफी सहित तीन प्रमुख ICC खिताब जीते हैं।
  • निरंतरता और साहसिक निर्णय: BCCI ने उनके कार्यकाल के दौरान रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे दिग्गजों के टी20 संन्यास और टीम के सुचारू संक्रमण (transition) को प्रबंधित करने के लिए "साहसिक निर्णयों" की सराहना की है।
  • नियुक्ति: उन्होंने जुलाई 2023 में चेतन शर्मा के इस्तीफे के बाद मुख्य चयनकर्ता का पद संभाला था।

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) :

  • भारत में क्रिकेट का राष्ट्रीय शासी निकाय है
  • यह दुनिया का सबसे धनी क्रिकेट बोर्ड है और अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट के "बिग थ्री" (ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के साथ) का हिस्सा है।
  • स्थापना: दिसंबर 1928 में तमिलनाडु सोसायटी पंजीकरण अधिनियम के तहत एक संस्था के रूप में हुई।
  • मुख्यालय: क्रिकेट सेंटर, वानखेड़े स्टेडियम, चर्चगेट, मुंबई।
  • संबद्धता: यह अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) का पूर्ण सदस्य है
  • वर्तमान अध्यक्ष: मिथुन मनहास
  • प्रथम अध्यक्ष: आर.ई. ग्रांट गोवन

महत्‍वपूर्ण दिवस

विश्व यकृत दिवस

  • लीवर (जिगर) के स्वास्थ्य के महत्व, लीवर से जुड़ी बीमारियों और उनकी रोकथाम के बारे में वैश्विक जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्‍य से प्रतिवर्ष 19 अप्रैल को विश्व यकृत दिवस मनाया जाता है।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • परिचय: यह शरीर की सबसे बड़ी ग्रंथि (Gland) और सबसे बड़ा आंतरिक अंग है।
  • अवस्थिति (Location): यह उदर गुहा (Abdominal cavity) के ऊपरी दाहिने हिस्से में, डायाफ्राम के ठीक नीचे स्थित होता है।
  • वजन: एक वयस्क मानव में इसका वजन लगभग 1.2 से 1.5 किलोग्राम होता है।
  • संरचना: यकृत दो मुख्य भागों (Lobes) में विभाजित होता है—दायां और बायां लोब।
  • रक्त आपूर्ति: यकृत को दोहरी रक्त आपूर्ति प्राप्त होती है—पोर्टल शिरा (Portal Vein) से लगभग 75% और यकृत धमनी (Hepatic Artery) से 25%।

प्रमुख कार्य (Functions) :

  • पित्त (Bile) का निर्माण: यकृत पित्त रस का स्राव करता है, जो वसा के पाचन (Emulsification) के लिए आवश्यक है। यह पित्त 'पित्ताशय' (Gallbladder) में जमा होता है।
  • विषहरण (Detoxification): यह रक्त से विषाक्त पदार्थों, दवाओं और हानिकारक रसायनों को छानकर बाहर निकालता है।
  • ग्लूकोज नियंत्रण: यह अतिरिक्त ग्लूकोज को ग्लाइकोजन (Glycogen) के रूप में संग्रहीत करता है और आवश्यकता पड़ने पर इसे पुनः ग्लूकोज में बदल देता है।
  • विटामिन और खनिज का भंडारण: यह विटामिन A, D, E, K, B12 और लोहे (Iron) का संचय करता है।
  • प्रोटीन संश्लेषण: यह रक्त के थक्के जमने के लिए जिम्मेदार प्रोटीन (जैसे फाइब्रिनोजेन और प्रोथ्रोम्बिन) और एल्ब्यूमिन का निर्माण करता है।
  • आरबीसी का विनाश: वयस्क अवस्था में, यह मृत लाल रक्त कोशिकाओं (RBCs) को नष्ट करने का कार्य करता है।

 

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