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वित्त वर्ष 2025-26 में स्टार्टअप

Sat 18 Apr, 2026

संदर्भ :

  • केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान 55,200 से अधिक संस्थाओं को स्टार्टअप के रूप में मान्यता दी है।

मुख्‍य बिन्‍दु :

  • सर्वाधिक वार्षिक मान्यता: यह 2016 में स्टार्टअप इंडिया पहल की शुरुआत के बाद से एक वर्ष में दी गई स्टार्टअप्स की सबसे बड़ी संख्या है।
  • वार्षिक वृद्धि: पिछले वित्त वर्ष (2024-25) की तुलना में स्टार्टअप्स की संख्या में 51.6% की भारी वृद्धि देखी गई है।
  • कुल संख्या: 31 मार्च, 2026 तक देश में मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स की कुल संख्या 2.23 लाख को पार कर गई है।
  • रोजगार सृजन: इन स्टार्टअप्स ने अब तक 23.36 लाख से अधिक प्रत्यक्ष नौकरियों का सृजन किया है, जिसमें अकेले FY 2025-26 में रोजगार में 36.1% की वृद्धि हुई है।
  • महिला उद्यमिता: कुल मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स में से लगभग 48% (1.07 लाख से अधिक) में कम से कम एक महिला निदेशक या भागीदार है।

क्षेत्रीय प्रदर्शन (अग्रणी राज्य) :

  1. महाराष्ट्र (38,660 से अधिक स्टार्टअप्स के साथ शीर्ष पर)
  2. कर्नाटक (22,600)
  3. उत्तर प्रदेश (21,960)
  4. दिल्ली (21,120)
  5. गुजरात
  • स्टार्टअप इंडिया पहल: इसकी शुरुआत 16 जनवरी, 2016 को हुई थी। इसी कारण प्रतिवर्ष 16 जनवरी को 'राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस' मनाया जाता है।
  • मान्यता देने वाली संस्था: किसी भी इकाई को स्टार्टअप के रूप में आधिकारिक मान्यता उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) द्वारा दी जाती है।

स्टार्टअप किसे माना जाता है? (DPIIT की परिभाषा) :

  • भारत सरकार के अनुसार, किसी संस्था को स्टार्टअप तभी माना जाता है जब वह इन शर्तों को पूरा करे:
  • अवधि: पंजीकरण की तारीख से 10 साल तक स्टार्टअप माना जाता है।
  • प्रकार: वह प्राइवेट लिमिटेड कंपनी, पार्टनरशिप फर्म या LLP के रूप में पंजीकृत हो।
  • टर्नओवर: स्थापना से अब तक किसी भी वित्तीय वर्ष में उसका वार्षिक टर्नओवर ₹100 करोड़ से अधिक न हुआ हो।
  • उद्देश्य: वह नवाचार (innovation), विकास, या उत्पादों/सेवाओं के व्यवसायीकरण की दिशा में काम कर रहा हो जिससे रोजगार सृजन हो।

स्टार्टअप्स को मिलने वाले प्रमुख लाभ :

  • सरल अनुपालन (Compliance): पर्यावरण और श्रम कानूनों के तहत 3 से 5 साल तक स्व-प्रमाणन (Self-certification) की सुविधा।
  • टैक्स छूट: आयकर अधिनियम की धारा 80-IAC के तहत, लगातार 3 वर्षों तक आयकर से छूट (पात्र स्टार्टअप्स के लिए)।
  • बौद्धिक संपदा (IPR) में मदद: पेटेंट आवेदन शुल्क में 80% तक की छूट और ट्रेडमार्क आवेदन में 50% की छूट।
  • फंडिंग सपोर्ट: सरकार ने ₹10,000 करोड़ का 'फंड ऑफ फंड्स' और स्टार्टअप इंडिया सीड फंड स्कीम (SISFS) बनाई है।
  • पब्लिक प्रोक्योरमेंट: सरकारी निविदाओं (Tenders) में अनुभव और टर्नओवर की शर्तों में छूट
  • महत्वपूर्ण शब्दावली :
  • यूनिकॉर्न (Unicorn): वह स्टार्टअप जिसकी वैल्यूएशन $1 बिलियन (लगभग ₹8,300 करोड़) से अधिक हो जाती है।
  • डेकाकॉर्न (Decacorn): वह स्टार्टअप जिसकी वैल्यूएशन $10 बिलियन से अधिक हो।
  • एंजेल निवेशक (Angel Investors): वे अमीर व्यक्ति जो शुरुआती चरण में स्टार्टअप्स में अपना पैसा निवेश करते हैं
  • भारत वर्तमान में अमेरिका और चीन के बाद दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप ईकोसिस्टम है।
  • देश में स्टार्टअप्स केवल बड़े शहरों (Tier-1) तक सीमित नहीं हैं, बल्कि अब लगभग 50% स्टार्टअप्स Tier-2 और Tier-3 शहरों से आ रहे हैं।

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