01 April, 2026
वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का कुल निर्यात
Wed 15 Apr, 2026
संदर्भ :
- वाणिज्य मंत्रालय के अनुमानित आंकड़ों के अनुसार, भारत का कुल निर्यात वित्त वर्ष 2025-26 में 4.22 प्रतिशत बढ़कर 860 अरब अमरीकी डॉलर से अधिक हो गया है।
प्रमुख व्यापारिक आंकड़े (At a Glance) :
- कुल निर्यात: $860.09 बिलियन (4.22% की वृद्धि)
- वस्तु (Merchandise) निर्यात: $441.78 बिलियन (मामूली वृद्धि)
- सेवा (Services) निर्यात: $418.31 बिलियन (मजबूत योगदानकर्ता)
- कुल आयात: लगभग $970 बिलियन (6.47% की तेज वृद्धि)
- कुल व्यापार घाटा: $119.30 बिलियन (FY25 के $94.66 बिलियन से अधिक)
प्रमुख निर्यात कारक :
- पेट्रोलियम उत्पाद
- इंजीनियरिंग सामान
- अभ्रक, कोयला और अन्य अयस्क
- प्रसंस्कृत खनिज
- अन्य अनाज
- हस्तशिल्प (हस्तनिर्मित कालीन को छोड़कर)
पेट्रोलियम उत्पाद :
- मार्च 2025: 4.90 बिलियन डॉलर
- मार्च 2026: 5.18 बिलियन डॉलर
- वृद्धि दर: 5.88 प्रतिशत
➡ऊर्जा क्षेत्र में मांग और कीमतों में सुधार ने पेट्रोलियम निर्यात को बढ़ावा दिया।
इंजीनियरिंग सामान :
- मार्च 2025: 10.82 बिलियन डॉलर
- मार्च 2026: 10.94 बिलियन डॉलर
- वृद्धि दर: 1.13 प्रतिशत
➡यह वृद्धि मामूली है, लेकिन भारत की इंजीनियरिंग क्षमता और वैश्विक बाजार में स्थिर मांग को दर्शाती है।
अभ्रक, कोयला और अन्य अयस्क :
मार्च 2025: 0.52 बिलियन डॉलर
मार्च 2026: 0.58 बिलियन डॉलर
वृद्धि दर: 11.27 प्रतिशत
➡खनिज क्षेत्र में उल्लेखनीय वृद्धि भारत की प्राकृतिक संसाधनों की प्रतिस्पर्धात्मकता को दिखाती है।
अन्य अनाज :
- मार्च 2025: 0.03 बिलियन डॉलर
- मार्च 2026: 0.06 बिलियन डॉलर
- वृद्धि दर: 108.23 प्रतिशत
➡ यह असाधारण वृद्धि कृषि निर्यात में नए अवसरों और वैश्विक मांग को दर्शाती है।
हस्तशिल्प (कालीन को छोड़कर) :
- मार्च 2025: 0.13 बिलियन डॉलर
- मार्च 2026: 0.14 बिलियन डॉलर
- वृद्धि दर: 8.51 प्रतिशत
➡ भारतीय हस्तशिल्प की वैश्विक लोकप्रियता और पारंपरिक कला की मांग में वृद्धि को दर्शाता है।
- मार्च 2026 में सिंगापुर, मलेशिया, चीन, तंजानिया और श्रीलंका को निर्यात में वृद्धि दर्ज की गई।
- पूरे वित्त वर्ष में चीन, स्पेन, हांगकांग, वियतनाम और श्रीलंका शीर्ष निर्यात वृद्धि वाले देश रहे।
भारत के प्रमुख मुक्त व्यापार समझौते :
भारत के पास अब कुल 9 FTAs हैं जो 38 से अधिक देशों को कवर करते हैं। हाल के वर्षों में गति तेज हुई है:
| समझौता (FTA/CEPA) | साझेदार | हस्ताक्षर/लागू होने की स्थिति | मुख्य लाभ (भारत के लिए) |
| India-UAE CEPA | संयुक्त अरब अमीरात | मई 2022 (लागू) | पेट्रोलियम, हीरा-ज्वेलरी, कृषि उत्पादों में मजबूत निर्यात वृद्धि |
| India-Australia ECTA | ऑस्ट्रेलिया | दिसंबर 2022 (लागू) | खनिज, शिक्षा सेवाएं, इंजीनियरिंग |
| India-EFTA TEPA | स्विट्जरलैंड, आइसलैंड, नॉर्वे, लिकटेंस्टीन | अक्टूबर 2025 (लागू) | 100 अरब डॉलर निवेश प्रतिबद्धता, 10 लाख नौकरियां |
| India-UK CETA | यूनाइटेड किंगडम | जुलाई 2025 (हस्ताक्षर), मई 2026 से लागू होने की उम्मीद | 99% भारतीय निर्यात शुल्क-मुक्त (टेक्सटाइल, चमड़ा, ज्वेलरी) |
| India-Oman CEPA | ओमान | दिसंबर 2025 (हस्ताक्षर), जून 2026 से लागू | खाड़ी क्षेत्र में बेहतर पहुंच, ऊर्जा और लॉजिस्टिक्स |
| India-New Zealand FTA | न्यूजीलैंड | अप्रैल 2026 में हस्ताक्षर की उम्मीद, अक्टूबर 2026 से लागू | कृषि, डेयरी, पर्यटन सेवाएं |
| India-EU FTA | यूरोपीय संघ (27 देश) | 27 जनवरी 2026 (वार्ता समाप्त), रैटिफिकेशन लंबित (2027 में लागू होने की संभावना) | टेक्सटाइल, चमड़ा, जूते, समुद्री उत्पाद, ज्वेलरी में तत्काल शुल्क मुक्ति (90%+ निर्यात पर) |
| पुराने प्रमुख समझौते | ASEAN, Japan, South Korea, Singapore, Mauritius | पहले से लागू | क्षेत्रीय और द्विपक्षीय पहुंच |









