01 April, 2026
UPI ने अपने 10 वर्ष पूर्ण किया
Sat 11 Apr, 2026
संदर्भ :
- 11 अप्रैल 2026 को भारत के यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) ने अपने सफल संचालन के 10 वर्ष पूरा किया।
प्रमुख उपलब्धियां :
- इस दौरान UPI की लेनदेन की वॉल्यूम में 12,000 गुना से अधिक का इजाफा हुआ है और लेनदेन की वैल्यू 4,000 गुना से अधिक बढ़ी है।
- एनालिटिक्स फर्म ट्रैक्सन के आंकड़ों के अनुसार, UPI के माध्यम से वित्त वर्ष 26 में 218.98 अरब लेनदेन हुए और इनकी वैल्यू 285 लाख करोड़ रुपए थी।
- वित्त वर्ष 17 में यह आंकड़ा 1.786 करोड़ लेनदेन पर था और इनकी वैल्यू 6,952 करोड़ रुपए थी।
- शुरुआती वर्षों में लेनदेन धीरे-धीरे बढ़े और वित्त वर्ष 18 में 91.5 करोड़ और वित्त वर्ष 19 में 5.39 तक तक पहुंचे।
- वित्त वर्ष 20 में 12.52 अरब लेनदेन के आंकड़े पर पहुंचा और इनकी वैल्यू 21 लाख करोड़ रुपए से अधिक थी।
- महामारी के वर्षों में UPI के उपयोग में तेजी आई और वित्त वर्ष 21 में लेनदेन की संख्या 22.33 अरब और वित्त वर्ष 22 में 45.97 अरब तक पहुंच गई, और वित्त वर्ष 2023 में यह फिर से दोगुनी होकर 83.75 अरब लेनदेन तक पहुंच गई।
- UPI ने वित्त वर्ष 24 में 130.13 अरब और वित्त वर्ष 25 में 185.87 अरब लेनदेन दर्ज किए।
- 2025 में व्यापारियों द्वारा भुगतान स्वीकार करने का आधार भी विस्तारित हुआ, UPI क्यूआर कोड की संख्या में पिछले वर्ष की तुलना में 15 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह 73.13 करोड़ तक पहुंच गई।
- पॉइंट-ऑफ-सेल टर्मिनलों की संख्या में 15 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह बढ़कर 1.148 करोड़ हो गई।
- नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, मार्च 2026 में UPI ने 2016 में लॉन्च होने के बाद से अब तक का सबसे अधिक मासिक लेनदेन दर्ज किया।
- UPI ने मार्च में 22.64 अरब लेनदेन प्रोसेस किए, जो फरवरी में दर्ज किए गए 20.39 अरब लेनदेन से काफी अधिक है।
- मार्च का आंकड़ा जनवरी में दर्ज किए गए 21.70 बिलियन लेनदेन के पिछले उच्चतम स्तर को भी पार कर गया।
- इस दौरान वार्षिक आधार पर, लेनदेन की मात्रा में 24 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
- 8 देशों में UPI लाइव: भारत का यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) अब 8 से अधिक देशों में चालू हो चुका है, जिससे सीमा पार प्रेषण (remittances) और वित्तीय समावेशन को बढ़ावा मिल रहा है।
- UPI स्वीकार करने वाले प्रमुख देश: वर्तमान में UPI सेवाएँ संयुक्त अरब अमीरात (UAE), सिंगापुर, भूटान, नेपाल, श्रीलंका, फ्रांस, मॉरीशस और कतर में लाइव हैं।
यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) :
- शुरुआत: 11 अप्रैल 2016, तत्कालीन RBI गवर्नर रघुराम राजन द्वारा
- विकासकर्ता संस्था: भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI - National Payments Corporation of India)
- नियामक संस्था: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI)
- उद्देश्य: मोबाइल प्लेटफॉर्म पर तत्काल, सुरक्षित और एकीकृत बैंकिंग लेनदेन की सुविधा प्रदान करना
- लेनदेन का प्रकार: व्यक्ति से व्यक्ति (P2P) और व्यक्ति से व्यापारी (P2M)
- लेनदेन की प्रकृति: 24×7 तत्काल मनी ट्रांसफर (इंटरबैंक ट्रांसफर), QR कोड आधारित भुगतान
- मुख्य विशेषता: केवल वर्चुअल पेमेंट एड्रेस (VPA) या मोबाइल नंबर से भुगतान
- UPI से जुड़ी लोकप्रिय ऐप्स: PhonePe, Google Pay, Paytm, BHIM, Amazon Pay आदि
- BHIM ऐप: NPCI द्वारा विकसित UPI आधारित सरकारी ऐप(शुरूआत : 30 दिसंबर 2016)









