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‘नवीकरणीय ऊर्जा सांख्यिकी 2026’

Fri 10 Apr, 2026

संदर्भ :

  • अंतर्राष्ट्रीय नवीकरणीय ऊर्जा एजेंसी (IRENA) ने ‘नवीकरणीय ऊर्जा सांख्यिकी 2026’ जारी किया है, जिसके अनुसार भारत नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता के मामले में चीन और संयुक्त राज्य अमेरिका के बाद तीसरे स्थान पर है।

वैश्विक स्थिति :

  • चीन: 2,258.02 GW
  • संयुक्त राज्य अमेरिका: 467.92 GW
  • भारत: 250.52 GW

भारत में नवीकरणीय ऊर्जा की वर्तमान स्थिति :

  • 31 मार्च 2026 तक, गैर-जीवाश्म ईंधन स्रोतों से भारत की कुल स्थापित क्षमता 283.46 GW है।
  • वर्ष 2025–26 के दौरान, देश ने 1,845.92 बिलियन यूनिट (BU) बिजली का उत्पादन किया, जिसमें गैर-जीवाश्म स्रोतों का योगदान 29.2% (538.97 BIU) था
  • नवीकरणीय ऊर्जा का योगदान 274.68 GW

इसमें शामिल :

  • सौर ऊर्जा : 150.26 GW
  • पवन ऊर्जा : 56.09 GW
  • जैव ऊर्जा : 11.75 GW
  • लघु जल विद्युत : 5.17 GW
  • बड़ी जल विद्युत : 51.41 GW
  • परमाणु ऊर्जा का योगदान : 8.78 GW
  • राज्यवार संकेंद्रण: नवीकरणीय ऊर्जा की 70% से अधिकक्षमता छह राज्यों में केंद्रित है: राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और मध्य प्रदेश।
  • क्षमता एवं उत्पादन: स्थापित नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता में 10.93% की सीएजीआर से वृद्धि हुई (2016-2025), जबकिनवीकरणीय ऊर्जा से कुल बिजली उत्पादन वित्त वर्ष 2024-25 में 4,16,823 गीगावॉट घंटे तक पहुंच गया।
  • खपत के रुझान: प्रति व्यक्ति ऊर्जा खपत2015-16 में 15,296 मेगावाट जूल से बढ़कर 2024-25 में 18,096 मेगावाट जूल हो गई।
  • दक्षता में वृद्धि: पारेषण और वितरण (टी एंड डी) में होने वाले नुकसान वित्त वर्ष 2015-16 में 22% से घटकरवित्त वर्ष 2024-25 में 17% हो गए।
  • जीवाश्म ईंधन का प्रभुत्व: कोयला प्राथमिक ऊर्जा स्रोत बना हुआ है, जिसकी आपूर्तिवित्त वर्ष 2024-25 में बढ़कर 5,52,315 किलोटाइम ई. हो जाएगी।
  • वित्तीय वृद्धि: ऊर्जा क्षेत्र को दिए जाने वाले ऋण का प्रवाह छह गुना से अधिक बढ़ गया है , जो 2021 में ₹1,688 करोड़ से बढ़कर2025 में ₹10,325 करोड़ हो गया है।

पंचामृत लक्ष्य :

  • प्रधान मंत्री ने COP26 (ग्लासगो, 2021) में पाँच अमृत तत्वों की घोषणा की थी
  • गैर-जीवाश्म क्षमता: 2030 तक अपनी गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता को 500 GW तक पहुँचाना।
  • नवीकरणीय ऊर्जा का हिस्सा: 2030 तक अपनी ऊर्जा आवश्यकताओं का 50% नवीकरणीय ऊर्जा से पूरा करना। (भारत ने इसे 2025 में ही काफी हद तक छू लिया है)।
  • कार्बन उत्सर्जन में कमी: अब से 2030 तक कुल अनुमानित कार्बन उत्सर्जन में 1 बिलियन टन की कमी करना।
  • कार्बन तीव्रता (Carbon Intensity): 2030 तक अपनी अर्थव्यवस्था की कार्बन तीव्रता को 45% से अधिक कम करना (2005 के स्तर से)।
  • नेट जीरो: वर्ष 2070 तक 'नेट जीरो' (शुद्ध शून्य उत्सर्जन) का लक्ष्य प्राप्त करना।

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