01 April, 2026
PMMY के 11 वर्ष पूर्ण
Wed 08 Apr, 2026
संदर्भ :
- सूक्ष्म उद्यमों और छोटे व्यवसायों को वित्तपोषण प्रदान करने के उद्देश्य से 8 अप्रैल 2015 को शुरू की गई प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY) ने 11 वर्ष पूर्ण किया।
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY) :
- शुरूआत : 8 अप्रैल 2015
- उद्देश्य :
-
- गैर-कॉर्पोरेट, गैर-कृषि लघु एवं सूक्ष्म उद्यमियों को बिना किसी गारंटी के ऋण प्रदान करके वित्तीय सहायता और समर्थन देना ।
- गैर-कॉर्पोरेट, गैर-कृषि लघु एवं सूक्ष्म उद्यमी वे व्यक्ति या संस्थाएं हैं जो कॉर्पोरेट और कृषि क्षेत्रों से बाहर छोटे पैमाने के व्यवसाय संचालित करते हैं ।
- इनमें स्वरोजगार करने वाले श्रमिक, छोटी खुदरा दुकानें, कारीगर, मरम्मत सेवाएं और अन्य अनौपचारिक क्षेत्र के व्यवसाय शामिल हैं, जिनके पास अक्सर सीमित पूंजी और कार्यबल होता है।
- प्रकार: केंद्रीय क्षेत्रक योजना
- वित्तपोषण प्रावधान: इसके अंतर्गत सदस्य ऋण संस्थाओं (एमएलआई) जैसे अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक, RRB, NBFC और MFI के माध्यम से ऋण प्रदान किये जाते हैं।
- पुनर्वित्त: यह MUDRA लिमिटेड (माइक्रो यूनिट्स डेवलपमेंट एंड रिफाइनेंस एजेंसी) द्वारा प्रबंधित है, जो MLI को पुनर्वित्त प्रदान करता है, लेकिन उधारकर्त्ताओं को प्रत्यक्ष ऋण नहीं देता है।
- ऋण गारंटी: वर्ष 2015 में स्थापित माइक्रो यूनिट्स के लिये ऋण गारंटी फंड (CGFMU) के माध्यम से प्रदान की जाती है
मुद्रा ऋण चार श्रेणियों में प्रदान किए जाते हैं
- चार श्रेणियां : 'शिशु', 'किशोर', 'तरुण' और 'तरुणप्लस'
- तरुण प्लस श्रेणी को जुलाई 2024 में घोषित किया गया था।
- शिशु: 50,000 रुपये तक के ऋण को कवर करता है।
- किशोर: 50,000 रुपये से अधिक और 5 लाख रुपये तक के ऋणों को कवर करता है।
- तरुण: 5 लाख रुपये से अधिक और 10 लाख रुपये तक के ऋणों को कवर करता है।
- तरुणप्लस: 10 लाख रुपये से अधिक और 20 लाख रुपये तक के ऋणों को कवर करता है।
- ऋण विनिर्माण, व्यापार और सेवा क्षेत्रों में सावधि वित्तपोषण और कार्यशील पूंजी की जरूरतों को पूरा करते हैं, जिसमें कृषि से संबंधित गतिविधियां जैसे मुर्गी पालन, डेयरी और मधुमक्खी पालन आदि शामिल हैं।
- ब्याज दर RBI के दिशानिर्देशों द्वारा निर्धारित की जाती है, जिसमें आसान पुनर्भुगतान शर्तें उपलब्ध हैं।
27 मार्च 2026 तक प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY) के अंतर्गत उपलब्धियां :
- महिला ऋण प्राप्तकर्ता : शिशु श्रेणी के अंतर्गत कुल 9.02 लाख करोड़ रूपए, किशोर श्रेणी के तहत 6.22 लाख करोड़ रूपए और तरुण श्रेणी के तहत 1.09 लाख करोड़ रूपए का ऋण वितरित किया गया।
- अल्पसंख्यक ऋण प्राप्तकर्ता : शिशु योजना के तहत 1.33 लाख करोड़ रूपए, किशोर योजना के तहत 1.54 लाख करोड़ रूपए और तरुण योजना के तहत 0.62 लाख करोड़ रूपए का वितरण किया गया।
नए उद्यमी/खाते:
- शिशु श्रेणी: 8.80 करोड़ खाते, जिनमें से 2.47 लाख करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है और 2.42 लाख करोड़ रुपये की राशि वितरित की गई है।
- किशोर श्रेणी: 2.79 करोड़ खाते जिनमें 5.09 लाख करोड़ रूपए स्वीकृत और 4.87 लाख करोड़ रूपए वितरित किए गए हैं।
- तरुण श्रेणी: 55 लाख खाते जिनमें 4.82 लाख करोड़ रूपए की स्वीकृत राशि और 4.67 लाख करोड़ रूपए का वितरण किया जा चुका है।
श्रेणीवार विवरण:-(ऋणों की संख्या और स्वीकृत राशि) :
| वर्ग | ऋणों की संख्या के अनुसार प्रतिशत | स्वीकृत राशि के अनुसार प्रतिशत |
| शिशु | 74% | 32% |
| किशोर | 24% | 43% |
| तरूण | 2% | 25% |
| तरुणप्लस | 0.004% | 0.095% |
| कुल | 100% | 100% |
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान:
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने PMMY की लगातार सराहना की है:
वर्ष 2017 :
- महिलाओं के नेतृत्व वाले व्यवसायों को वित्तीय पहुंच प्रदान करने में भूमिका को सराहा।
- बिना गारंटी (कोलेटरल-फ्री) ऋण देकर वंचित वर्गों तक PMJDY के लक्ष्य को पूरा करने में सहायक बताया।
वर्ष 2019:
- PMMY के माध्यम से माइक्रो यूनिट्स को सहायता प्रदान करने और वित्तीय संस्थानों को पुनर्वित्त देने की भूमिका की सराहना की गई।
- योजना को विनिर्माण, व्यापार और सेवाओं में लगे सूक्ष्म उद्यमों के विकास में सहायक बताया गया।
वर्ष 2023:
- कोलेटरल-फ्री ऋण और महिला उद्यमिता पर केंद्रित योजना ने 2.8 मिलियन से अधिक महिला MSME को बढ़ावा दिया।
वर्ष 2024
- PMMY जैसे कार्यक्रमों को स्वरोजगार, औपचारिकता और वित्तीय समावेशन को बढ़ाने वाला सशक्त नीतिगत उपकरण बताया।









