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Wed 08 Apr, 2026

राष्‍ट्रीय समाचार

SIR के बाद पश्चिम बंगाल के मतदाता सूची में गिरावट

  • पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के बाद मतदाता सूची में लगभग 12% की गिरावट आई है।
  • निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के अनुसार, कुल मतदाताओं की संख्या 7.66 करोड़ से घटकर लगभग 6.77 करोड़ रह गई है।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • कुल हटाए गए नाम: पूरी पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान राज्य भर में लगभग 91 लाख मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं।
  • पहले चरण में (28 फरवरी तक) लगभग 63 लाख नाम हटाए गए थे, जिनमें मुख्य रूप से मृत, स्थानांतरित या अनुपस्थित मतदाता शामिल थे।
  • दूसरे चरण में, न्यायिक अधिकारियों द्वारा समीक्षा के बाद लगभग 27 लाख और मतदाताओं के नाम हटाए गए।
  • समीक्षा प्रक्रिया: लगभग 60 लाख "तार्किक विसंगतियों" वाले मामलों की न्यायिक अधिकारियों ने सुनवाई की, जिनमें से करीब 32 लाख मतदाताओं को वैध मानकर सूची में रखा गया और 27.16 लाख को बाहर कर दिया गया।

सबसे अधिक कटौती वाले जिले :

  • मुर्शिदाबाद: 4,55,137
  • उत्तर 24 परगना: 3,25,666
  • मालदा: 2,39,375
  • दक्षिण 24 परगना: 2,22,929
  • पूर्व बर्धमान: 2,09,805

सबसे कम कटौती वाले जिले :

  • पूर्व मेदिनीपुर: 19,572
  • बांकुरा: 6,533
  • पुरुलिया: 5,942
  • कालिम्पोंग: 2,407
  • झारग्राम: 1,240

KDA ने कर्नाटक में हिंदी के बजाय सूक्ष्म भाषाओं पर जोर दिया

  • कन्नड़ विकास प्राधिकरण (KDA) ने कर्नाटक में स्कूलों में तीसरी भाषा के रूप में 27 छोटी (अल्पसंख्यक) भाषाओं को शामिल करने की सिफारिश करने का निर्णय लिया है।
  • उन्होंने कहा, “राज्य में तीसरी भाषा के रूप में केवल हिंदी सहित प्रमुख भाषाओं को अपनाना सही नहीं है।
  • सके बजाय, राज्य में मौजूद अन्य सूक्ष्म भाषाओं पर जोर दिया जाना चाहिए।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • यदि राज्य में सूक्ष्म भाषाओं को फलने-फूलने और विकसित होने देना है, तो कम से कम उन भाषाओं को तीसरी भाषा के रूप में शामिल किया जाना चाहिए जिन्हें 10,000 से अधिक लोग बोलते हैं।
  • अन्यथा, ये छोटी भाषाएँ अगले दस वर्षों में विलुप्त हो जाएँगी।”
  • वर्तमान में, राज्य में हिंदी (NCERT), कन्नड़, अंग्रेजी, अरबी, उर्दू, संस्कृत, कोंकणी, तुलु और मराठी जैसी तीसरी भाषाएँ पढ़ाई जाती हैं।
  • KDA के नए प्रस्ताव में तुलु और कोंकणी के अलावा राज्य की अन्य अल्पसंख्यक भाषाओं, जैसे कोडावा, यारावा, बडागा, अरेभाषे और कोरगा आदि को भी तीसरी भाषा के रूप में शामिल करने का प्रावधान है।
  • कर्नाटक कृषि विभाग (KDA) ने राज्य में प्रचलित सूक्ष्म भाषाओं पर एक अध्ययन किया है और एक रिपोर्ट तैयार की है।
  • रिपोर्ट के अनुसार, कर्नाटक में 290 सूक्ष्म भाषाएँ हैं। इनमें से 27 भाषाएँ 10,000 से अधिक लोगों द्वारा बोली जाती हैं।
  • राज्य में कन्नड़ बोलने वालों की संख्या 4,06,22,836 है, जबकि तुलु बोलने वालों की संख्या 1,92,915, कोडवा बोलने वालों की संख्या 1,10,508 और लगभग 26,536 लोग यारवा भाषा बोलते हैं।

त्रिभाषा नीति :

  • त्रि-भाषा सूत्र एक शैक्षिक फॉर्मूला है, जिसे पहली बार वर्ष 1968 की राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) में प्रस्तुत किया गया था।

कोठारी आयोग (वर्ष 1964- 1966) द्वारा दिया गया त्रि-भाषा फॉर्मूला

  • प्रथम भाषा: यह मातृभाषा या क्षेत्रीय भाषा होगी।
  • द्वितीय भाषा: हिंदी भाषी राज्यों में यह अन्य आधुनिक भारतीय भाषाएँ या अंग्रेजी होगी ।गैर-हिंदी भाषी राज्यों में यह हिंदी या अंग्रेजी होगी।
  • तीसरी भाषा: हिंदी भाषी राज्यों में यह अंग्रेजी या कोई आधुनिक भारतीय भाषा होगी। गैर-हिंदी भाषी राज्य में यह अंग्रेजी या कोई आधुनिक भारतीय भाषा होगी।

भाषा पर संवैधानिक प्रावधान :

  • भारतीय संविधान के भाग 17 में अनुच्छेद 343 से 351 तक राजभाषा (Official Language) से संबंधित विशेष प्रावधान दिए गए हैं।
  • हिंदी : अनुच्छेद 343(1) के अनुसार, संघ की राजभाषा देवनागरी लिपि में हिंदी होगी।
  • अंक: संघ के शासकीय कार्यों के लिए प्रयुक्त होने वाले अंकों का रूप भारतीय अंकों का अंतर्राष्ट्रीय स्वरूप (1, 2, 3...) होगा।
  • अंग्रेजी का प्रयोग: संविधान लागू होने के 15 वर्षों तक (1965 तक) अंग्रेजी का प्रयोग जारी रखने का प्रावधान था, जिसे बाद में राजभाषा अधिनियम, 1963 द्वारा अनिश्चित काल के लिए बढ़ा दिया गया।

क्षेत्रीय भाषाएं (अनुच्छेद 345-347) :

  • राज्यों की भाषा: प्रत्येक राज्य के विधानमंडल को यह अधिकार है कि वह अपने राज्य के आधिकारिक कार्यों के लिए एक या एक से अधिक भाषाओं या हिंदी को चुन सके।
  • संवाद की भाषा: दो राज्यों के बीच या संघ और राज्यों के बीच पत्राचार के लिए संघ की आधिकारिक भाषा (हिंदी या अंग्रेजी) का प्रयोग किया जाता है।

न्यायपालिका और संसद की भाषा :

  • अनुच्छेद 120: संसद की कार्यवाही हिंदी या अंग्रेजी में होगी, लेकिन अध्यक्ष किसी सदस्य को उसकी मातृभाषा में बोलने की अनुमति दे सकते हैं।
  • अनुच्छेद 210: यही नियम राज्य विधानमंडलों के लिए भी लागू होता है।
  • उच्चतम और उच्च न्यायालय: अनुच्छेद 348 के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट की कार्यवाही मुख्य रूप से अंग्रेजी में होती है।

आठवीं अनुसूची (अनुच्छेद 344(1) और 351) :

  • र्तमान में इस अनुसूची में 22 भाषाएं शामिल हैं (जैसे: असमिया, बांग्ला, हिंदी, तमिल, तेलुगु, उर्दू आदि)।
  • संविधान की शुरुआत में केवल 14 भाषाएं थीं, जिन्हें बाद में संशोधनों के माध्यम से बढ़ाया गया।
  • अनुच्छेद 350A: प्राथमिक स्तर पर मातृभाषा में शिक्षा देने का निर्देश।
  • अनुच्छेद 351: यह केंद्र सरकार का कर्तव्य है कि वह हिंदी भाषा का प्रसार और विकास करे ताकि वह भारत की सामासिक संस्कृति की अभिव्यक्ति का माध्यम बन सके।

स्वदेशी प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर

  • तमिलनाडु के कलपक्कम में स्थित भारत के 500 MWe स्वदेशी प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर (PFBR) ने पहली बार क्रिटिकैलिटी हासिल किया।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • स्थान: कलपक्कम, तमिलनाडु
  • संचालक: भारतीय नाभिकीय विद्युत निगम लिमिटेड (BHAVINI), जो परमाणु ऊर्जा विभाग (DAE) के तहत एक PSU है
  • महत्व: यह रिएक्टर थोरियम के विशाल भंडार का उपयोग करने के लिए प्लूटोनियम ईंधन का उपयोग करता है और यह जितनी बिजली बनाता है, उससे अधिक ईंधन (Breeding) का उत्पादन करता है।
  • इस रिएक्टर का डिज़ाइन इंदिरा गांधी परमाणु अनुसंधान केंद्र (IGCAR) द्वारा तैयार किया गया था और इसका निर्माण भारतीय परमाणु विद्युत निगम लिमिटेड (BHAVINI) द्वारा किया गया था, ये दोनों ही परमाणु ऊर्जा विभाग के अधीन हैं।
  • भारत का परमाणु कार्यक्रम तीन चरणों में संरचित है।
  • पहले चरण में प्राकृतिक यूरेनियम से चलने वाले दबावयुक्त भारी जल रिएक्टरों का उपयोग किया जाता है।
  • दूसरा चरण, जिसमें पीएफबीआर शामिल है, उन फास्ट ब्रीडर रिएक्टरों पर केंद्रित है जो अधिक विखंडनीय सामग्री उत्पन्न करते हैं।
  • तीसरे चरण का उद्देश्य थोरियम का उपयोग करना है - एक ऐसा संसाधन जो भारत में प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है - उन्नत रिएक्टरों के लिए थोरियम-232 को यूरेनियम-233 में परिवर्तित करके।

अंतर्राष्‍ट्रीय समाचार

श्रीलंका में ईंधन पर सब्सिडी की घोषणा

  • श्रीलंका ने पश्चिम एशिया संघर्ष के बीच ईंधन की कीमतों में भारी सब्सिडी की घोषणा की है, जिसके तहत डीजल पर ₹100 और पेट्रोल पर ₹20 प्रति लीटर की छूट दी जाएगी।
  • यह योजना, जो बिजली, गैस और उर्वरक क्षेत्रों को भी कवर करती है, का उद्देश्य आम जनता को राहत देना है, जिससे सरकार पर प्रति माह लगभग 20 अरब श्रीलंकाई रुपये का बोझ पड़ेगा।

श्रीलंका :

  • आधिकारिक नाम: लोकतांत्रिक समाजवादी गणराज्य श्रीलंका
  • हिंद महासागर में स्थित एक द्वीप राष्ट्र है
  • राजधानी: विधायी राजधानी श्री जयवर्धनेपुरा कोट्टे है, जबकि कोलंबो वाणिज्यिक राजधानी और सबसे बड़ा शहर है
  • मुख्य भाषाएँ: सिंहली और तमिल आधिकारिक भाषाएँ हैं
  • पुरानी राजधानी/नाम: 1972 तक इसे 'सीलोन' (Ceylon) के नाम से जाना जाता था
  • राष्ट्रपति: अनुरा कुमारा दिसानायके
  • मुद्रा: श्रीलंकाई रुपया (LKR)
  • पार्क जलडमरूमध्य (Palk Strait): यह संकरा समुद्री मार्ग श्रीलंका को भारत से अलग करता है
  • सर्वोच्च चोटी: पिदुरुतलगला, जिसे माउंट पेड्रो भी कहा जाता है, श्रीलंका की सबसे ऊँची चोटी है (ऊंचाई: 2,524 मीटर)
  • सबसे लंबी नदी: महावेली गंगा श्रीलंका की सबसे लंबी नदी है, जिसकी लंबाई लगभग 335 किलोमीटर है।
  • स्वतंत्रता दिवस: 4 फरवरी 1948, ब्रिटिश शासन से
  • द्वीप का आकार: इसे 'Teardrop of India' या 'Pearl of the Indian Ocean' कहा जाता है
  • प्रसिद्ध मंदिर: दांत का मंदिर (Temple of the Sacred Tooth Relic) कैंडी में स्थित है।
  • त्योहार: वेसाक (Vesak - बुद्ध पूर्णिमा), कैंडी एसाला पेराहेरा
  • हम्बनटोटा बंदरगाह: यह श्रीलंका के दक्षिण में स्थित है (अक्सर चर्चा में रहता है)
  • राष्ट्रीय खेल: वॉलीबॉल
  • राष्ट्रीय पक्षी: सीलोन जंगलफाउल
  • राष्ट्रीय वृक्ष: सीलोन आयरनवुड

अर्थव्‍यवस्‍था तथा बैंकिंग

क्रेडिट गारंटी योजना पर विचार

  • केंद्र सरकार पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिका-ईरान संघर्ष से प्रभावित MSME व अन्य उद्योगों को राहत देने के लिए ₹2.5 लाख करोड़ की क्रेडिट गारंटी योजना पर विचार कर रही है।
  • इस योजना के तहत 100 करोड़ रुपये तक के ऋण पर 90% की गारंटी दी जाएगी, जिसका उद्देश्य आपूर्ति श्रृंखला में बाधा और बढ़ती लागत से प्रभावित व्यवसायों को वित्तीय सहायता प्रदान करना है।
  • यह योजना आपातकालीन ऋण गारंटी योजना (ECGLS) ढांचे का विस्तार होगी - जिसे मूल रूप से 2020 में कोविड-19 महामारी के दौरान MSME को समर्थन देने के लिए शुरू किया गया था।

सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) :

  • भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, जो 30% से अधिक GDP और लगभग 45-48% निर्यात में योगदान करते हैं

MSME की परिभाषा :

  • सूक्ष्म (Micro): निवेश ₹2.5 करोड़ से कम और टर्नओवर ₹10 करोड़ से कम
  • लघु (Small): निवेश ₹25 करोड़ से कम और टर्नओवर ₹100 करोड़ से कम
  • मध्यम (Medium): निवेश ₹125 करोड़ से कम और टर्नओवर ₹500 करोड़ से कम

भारत का सामान्य सरकारी कर्ज-GDP अनुपात

  • वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के अनुसार, अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) का अनुमान है कि भारत का सामान्य सरकारी कर्ज-GDP अनुपात (General Government Debt-to-GDP ratio) वर्तमान के लगभग 81% से कम होकर 2030 तक 75.8% हो जाएगा।
  • यह गिरावट भारत की राजकोषीय नीति में बदलाव और उत्पादक निवेश-आधारित समेकन का परिणाम होगी।

सकल घरेलू उत्पाद (GDP) :

  • एक निश्चित समय (आमतौर पर एक वर्ष) में किसी देश की सीमाओं के भीतर उत्पादित सभी अंतिम वस्तुओं और सेवाओं का कुल मौद्रिक मूल्य GDP कहलाता है।
  • महत्व: यह अर्थव्यवस्था के स्वास्थ्य, विकास की गति और उत्पादन क्षमता को दर्शाता है।
  • आधुनिक संकल्पना: इसे 1934 में अमेरिकी अर्थशास्त्री साइमन कुज़नेट्स द्वारा विकसित किया गया था

GDP की गणना (व्यय विधि) का सूत्र: GDP = C + I + G + (X − M)

    • C = Consumption (उपभोग)
    • I = Investment (निवेश)
    • G = Government Spending (सरकारी व्यय)
    • X − M = Net Exports (निर्यात − आयात)

मुख्य प्रकार :

  • नॉमिनल GDP (Nominal GDP): यह वर्तमान बाजार कीमतों पर आधारित होती है और इसमें महंगाई (मुद्रास्फीति) को शामिल नहीं किया जाता।
  • वास्तविक GDP (Real GDP): यह आधार वर्ष की कीमतों पर आधारित होती है, जिसमें महंगाई के प्रभाव को हटा दिया जाता है। यह आर्थिक विकास की तुलना के लिए अधिक सटीक है।
  • प्रति व्यक्ति GDP (GDP Per Capita): कुल GDP को देश की जनसंख्या से भाग देने पर प्राप्त होती है, जो जीवन स्तर का संकेत देती है।
    • भारत में GDP के आंकड़े सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) के तहत केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (CSO) द्वारा जारी किए जाते हैं।
    • भारतीय GDP में सबसे अधिक योगदान सेवा क्षेत्र (Services), उद्योग (Industry) और कृषि (Agriculture) का है।
    • भारत 4.18 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की GDP के साथ जापान को पीछे छोड़कर विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है।

निगमित सेवा क्षेत्र उद्यमों का वार्षिक सर्वेक्षण की शुरूआत

  • सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) के तहत राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) ने अप्रैल 2026 से निगमित सेवा क्षेत्र उद्यमों का वार्षिक सर्वेक्षण (ASISSE) शुरू किया है।
  • यह देश में सेवा क्षेत्र की कंपनियों (कंपनी अधिनियम 1956/2013 या LLP अधिनियम 2008 के तहत पंजीकृत) का पहला विस्तृत सर्वेक्षण है, जिसका उद्देश्य 2024-25 के लिए एक व्यापक डेटाबेस तैयार करना है।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • संदर्भ अवधि: वित्तीय वर्ष 2024-25
  • महत्व: यह सर्वेक्षण ASI (उद्योगों का वार्षिक सर्वेक्षण) और ASUSE (असंगठित क्षेत्र के उद्यमों का वार्षिक सर्वेक्षण) के साथ मिलकर गैर-कृषि अर्थव्यवस्था का पूरा चित्र प्रदान करेगा
  • सर्वेक्षण में GSTN डेटाबेस को सैंपलिंग फ्रेम के रूप में इस्तेमाल किया गया है
  • ASISSE के तहत 1.21 लाख से अधिक उद्यमों का सर्वेक्षण किया जाएगा
  • NSO ने "अपने सर्वेक्षण को जानें: निगमित सेवा क्षेत्र उद्यमों के वार्षिक सर्वेक्षण (ASISSE) के लिए एक उपयोगकर्ता मार्गदर्शिका" प्रकाशित की है , जो MoSPI के व्यापक आउटरीच प्रयासों का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य उपयोगकर्ताओं के साथ जुड़ना और सर्वेक्षण प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी और उपयोगकर्ता के अनुकूल तरीके से संप्रेषित करना है

FPI के लिए CDS सीमाएं अधिसूचित

  • भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) के लिए ऋण निवेश और क्रेडिट डिफॉल्ट स्वैप (CDS) सीमाएं अधिसूचित किया।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • वित्त वर्ष 2026-27 के लिए तैयार इस नए ब्लूप्रिंट के अनुसार, निवेश की कुल सीमा को बढ़ाकर ₹16.32 लाख करोड़ कर दिया गया है
  • देशी निवेशकों के लिए जो पुराने नियम थे, वे वैसे ही रहेंगे। इसे 'जनरल रूट' कहा जाता है
  • सरकारी प्रतिभूतियां (G-Secs): इसमें विदेशी निवेशक कुल मार्केट का 6% तक निवेश कर सकते हैं
  • राज्य सरकार की प्रतिभूतियां (SGSs): राज्यों के बॉन्ड्स में विदेशी हिस्सेदारी 2% तक सीमित रखी गई है
  • कॉर्पोरेट बॉन्ड्स: निजी और सरकारी कंपनियों के बॉन्ड्स में यह सीमा 15% पर बरकरार है

बैंकिंग संवाददाता वर्गीकरण में संशोधन

  • भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने बैंकिंग संवाददाताओं (Business Correspondents-BCs) के कार्यों को सुव्यवस्थित करने और उनके पारिश्रमिक में एकरूपता लाने के लिए उनके संशोधित वर्गीकरण का प्रस्ताव दिया है।

मुख्य विशेषताएं:

दो स्तरीय वर्गीकरण:

  • BC-बैंकिंग आउटलेट (BC-BO): ये अधिक व्यापक सेवाएं प्रदान करेंगे, जैसे खाता खोलना, नकद लेनदेन, केवाईसी (KYC) अपडेट और फंड ट्रांसफर।
  • BC-बैंकिंग टचपॉइंट (BC-BT): ये छोटे मूल्य के लेनदेन तक सीमित रहेंगे

PMMY के 11 वर्ष पूर्ण

  • सूक्ष्म उद्यमों और छोटे व्यवसायों को वित्तपोषण प्रदान करने के उद्देश्‍य से 8 अप्रैल 2015 को शुरू की गई प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY) ने 11 वर्ष पूर्ण किया।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • शुरूआत : 8 अप्रैल 2015
  • मुख्य उद्देश्य : सूक्ष्म और लघु उद्योगों को संस्थागत क्रेडिट प्रदान करना था, ताकि वे अपने व्यवसाय को स्थापित और विकसित कर सकें
  • प्रकार: केंद्रीय क्षेत्रक योजना
  • वित्तपोषण प्रावधान: इसके अंतर्गत सदस्य ऋण संस्थाओं (एमएलआई) जैसे अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक, RRB, NBFC और MFI के माध्यम से ऋण प्रदान किये जाते हैं।
  • पुनर्वित्त: यह MUDRA लिमिटेड (माइक्रो यूनिट्स डेवलपमेंट एंड रिफाइनेंस एजेंसी) द्वारा प्रबंधित है, जो MLI को पुनर्वित्त प्रदान करता है, लेकिन उधारकर्त्ताओं को प्रत्यक्ष ऋण नहीं देता है।
  • ऋण गारंटी: वर्ष 2015 में स्थापित माइक्रो यूनिट्स के लिये ऋण गारंटी फंड (CGFMU) के माध्यम से प्रदान की जाती है
  • योजना चार श्रेणियों में लोन प्रदान करती है: शिशु (50,000 रुपये तक), किशोर (50,000 से 5 लाख रुपये), तरुण (5 लाख से 10 लाख रुपये), और तरुण प्लस (10 लाख से 20 लाख रुपये)

चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली द्विमासिक मौद्रिक नीति

  • भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली द्विमासिक मौद्रिक नीति घोषित की, जिसमें नीतिगत रेपो दर को 5.25% पर लगातार स्थिर रखा गया है।
  • गवर्नर संजय मल्होत्रा की अध्यक्षता में, समिति ने आर्थिक स्थिरता बनाए रखने के लिए तटस्थ रुख को जारी रखा है।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • स्टेंडिंग डिपोजिट फैसिलिटी रेट पांच प्रतिशत और मार्जनल स्टेंडिंग फैसिलिटी रेट तथा बैंक रेट को 5.5 प्रतिशत पर बरकरार रखा है
  • पिछले वित्त वर्ष के लिए सकल घरेलू उत्पाद (GDP) 7.6 प्रतिशत और चालू वित्त वर्ष के लिए 6.9 प्रतिशत रहने का अनुमान व्यक्त किया
  • मौजूदा वित्त वर्ष के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक पर आधारित मुद्रास्फीति 4.6 प्रतिशत रहने का अनुमान है
  • पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण ऊर्जा की लगातार बढ़ती कीमतें और संभावित अल नीनो की स्थिति से महंगाई बढ़ने की आशंका है
  • मजबूत व्यापक आर्थिक आधारभूत स्थितियों के बावजूद, वर्ष 2025-26 में भारतीय रुपया पिछले वर्षों के औसत की तुलना में अधिक कमजोर हुआ है

विज्ञान और प्रौद्यौगिकी

तमिलनाडु तट पर समुद्री नेमाटोड की 2 नई प्रजातियों की खोज

  • भारतीय प्राणी सर्वेक्षण (ZSI) के शोधकर्ताओं ने तमिलनाडु तट पर समुद्र के तलछट में मुक्त-जीवित समुद्री नेमाटोड (सूक्ष्म कृमि) की दो नई प्रजातियों की खोज की है।
  • ज़ूटैक्सा में प्रकाशित इस शोध में इन सूक्ष्म जीवों को कोरोनोनेमा धृति (Corononema dhriti) और एपैकैंथियन इंडिका (Epacanthion indica) नाम दिया गया है, जो महासागर के स्वास्थ्य और पोषक तत्व पुनर्चक्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

मुख्य विशेषताएं:

कोरोनोनेमा धृति (Corononema dhriti):

  • इसका नाम ZSI की पहली महिला निदेशक डॉ. धृति बनर्जी के सम्मान में रखा गया है।
  • यह विश्व स्तर पर इस वंश (genus) की केवल चौथी ज्ञात प्रजाति है।
  • इससे पहले इस वंश की प्रजातियाँ केवल ऑस्ट्रेलिया, थाईलैंड और वियतनाम में देखी गई थीं।

एपैकैंथियन इंडिका (Epacanthion indica):

  • इसका नाम भारत (India) के नाम पर रखा गया है।
  • यह अपनी जटिल शारीरिक संरचना के लिए जानी जाती है।
  • इसमें विशेष प्रकार के जबड़े और दांत जैसी संरचनाएं होती हैं, जो इसे एक सूक्ष्म शिकारी (microscopic predator) बनाती हैं।

इस शोध दल का नेतृत्व शोधकर्ता रितिका दत्ता और अंजुम रिजवी ने किया

पर्यावरण समाचार

'टार-बॉल्स प्रबंधन नियम, 2026'

  • पर्यावरण मंत्रालय ने तेल रिसाव के विषाक्त अवशेषों (टार-बॉल्स) से होने वाले समुद्री प्रदूषण को रोकने के लिए 'टार-बॉल्स प्रबंधन नियम, 2026' का मसौदा अधिसूचित किया।
  • यह नियम "प्रदूषण फैलाने वाला भुगतान करेगा" सिद्धांत पर आधारित हैं, जो तेल कंपनियों और जहाज ऑपरेटरों को इन अवशेषों के सुरक्षित निपटान के लिए जिम्मेदार ठहराते हैं।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • जवाबदेही: बंदरगाहों और तेल कंपनियों को इन अवशेषों की सफाई और वैज्ञानिक तरीके से निपटान के लिए जिम्मेदार बनाया जाएगा।
  • निगरानी: तटीय राज्यों को नियमित रूप से समुद्र तटों की निगरानी करनी होगी।
  • जुर्माना: नियमों का उल्लंघन करने या लापरवाही बरतने पर सख्त दंड का प्रावधान है।
  • पर्यावरण संरक्षण: इसका मुख्य उद्देश्य समुद्री जीवों और पर्यटन स्थलों को तेल के जहरीले कचरे से बचाना है
  • आपदा घोषणा: गंभीर मामलों में निगरानी, रिपोर्टिंग और ‘राज्य आपदा’ घोषित करने का अधिदेश देता है।

टार-बॉल्स (Tar balls) :

  • कच्चे तेल (Crude Oil) के गहरे रंग के, चिपचिपे और अर्ध-ठोस गोले होते हैं, जो समुद्र में तेल के रिसाव या जहाजों से निकलने वाले अपशिष्ट के कारण बनते हैं।
  • जब समुद्र में तेल फैलता है, तो हवा और लहरों के प्रभाव से वह छोटे-छोटे टुकड़ों में टूट जाता है और समुद्री मलबे (रेत, माइक्रोप्लास्टिक) के साथ मिलकर गेंदों का रूप ले लेता है।
  • गठन (Formation): यह "वेदरिंग" (Weathering) नामक प्रक्रिया से बनते हैं, जिसमें तेल के हल्के घटक वाष्पित हो जाते हैं और भारी हाइड्रोकार्बन पीछे रह जाते हैं।
  • आकार: इनका आकार सिक्के जितना छोटा या बास्केटबॉल जितना बड़ा भी हो सकता है。
  • भारत पर प्रभाव: भारत के पश्चिमी तट (गुजरात से गोवा तक) पर मानसून (अप्रैल से सितंबर) के दौरान ये बड़ी मात्रा में जमा होते हैं।

 

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