01 April, 2026
वित्त वर्ष 2026-27 की शुरूआत
Thu 02 Apr, 2026
संदर्भ :
- भारत में 1 अप्रैल 2026 से नया वित्तीय वर्ष शुरू होते ही आम आदमी की आर्थिक जिंदगी में कई बड़े बदलाव लागू हो गए हैं।
महत्वपूर्ण बदलाव :
आयकर अधिनियम, 2025 (Income Tax Act, 2025):
- आयकर अधिनियम 1961 की जगह 'आयकर अधिनियम 2025' प्रभावी हो गया है।
- नई टैक्स व्यवस्था में अब ₹12 लाख तक की सालाना आय पर कोई टैक्स नहीं लगेगा।
- नए टैक्स सिस्टम के तहत अब ‘फाइनेंशियल ईयर’ और ‘असेसमेंट ईयर’ की जगह सिर्फ ‘टैक्स ईयर’ की व्यवस्था लागू की गई है।
- पुराने फॉर्मों की जगह नए सरल फॉर्म लाए गए हैं। Form 16 अब Form 130 है। Form 26AS अब Form 168 है।
ITR दाखिल करने की समय सीमा में बदलाव :
- नौकरीपेशा लोगों के लिए अंतिम तारीख 31 जुलाई ही रहेगी, जबकि अन्य करदाताओं के लिए यह 31 अगस्त तय की गई है। जिन मामलों में ऑडिट जरूरी है, उनके लिए अंतिम तिथि 31 अक्टूबर होगी।
- अब गिफ्ट और वाउचर पर टैक्स छूट की सीमा बढ़ाकर 15,000 रुपए कर दी गई है, जो पहले 5,000 रुपए थी।
PAN और HRA:
- पैन कार्ड बनवाने के लिए अब अतिरिक्त दस्तावेज अनिवार्य होंगे। मकान किराया भत्ता (HRA) में छूट के लिए मकान मालिक का पैन विवरण देना अनिवार्य होगा। बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे और अहमदाबाद को मेट्रो शहरों में शामिल कर लिया गया है, जिससे इन शहरों में रहने वालों को 50 प्रतिशत तक एचआरए छूट मिलेगी।
बैंकिंग और UPI:
- सभी डिजिटल पेमेंट और UPI के लिए 'टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन' (2FA) अनिवार्य कर दिया गया है। ATM से UPI के माध्यम से नकद निकासी पर भी अब फ्री ट्रांजैक्शन लिमिट का चार्ज लगेगा।
रेलवे टिकट (Railway Rules):
- रिफंड नियमों में सख्ती के तहत अब ट्रेन छूटने से 8 घंटे पहले टिकट कैंसिल करने पर ही रिफंड मिलेगा। 8 घंटे से कम समय पर कोई रिफंड नहीं मिलेगा। बोर्डिंग स्टेशन बदलने की सुविधा अब ट्रेन छूटने से 30 मिनट पहले तक उपलब्ध रहेगी।
FASTag और टोल:
- FASTag महंगा हो गया है, जो अब ₹3,000 की जगह ₹3,075 का मिलेगा। टोल प्लाजा पर नकद भुगतान पूरी तरह बंद कर दिया गया है।
महंगी चीजें:
- लग्जरी घड़ियाँ, आयातित शराब और सिगरेट पर टैक्स बढ़ने से ये महंगी हो गई हैं।
सस्ती चीजें:
- इलेक्ट्रॉनिक सामान (स्मार्टफोन, टैबलेट) और कुछ दवाएं सस्ती हुई हैं।
वित्त वर्ष 2026-27 :
- भारत में प्रत्येक वर्ष वित्तीय वर्ष (Financial Year) की शुरुआत 1 अप्रैल से होती है और यह अगले साल 31 मार्च तक चलता है।
- इस बार 1 अप्रैल 2026 से वित्त वर्ष 2026-27 की शुरुआत हुई है।
- ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: भारत ने 1867 में ब्रिटिश प्रणाली को अपनाते हुए इसे शुरू किया था। उससे पहले भारत में वित्तीय वर्ष 1 मई से 30 अप्रैल तक होता था
- बजट सत्र: इसे ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार फरवरी के पहले दिन बजट पेश करती है, ताकि 1 अप्रैल से नया बजट लागू हो सके
- एल.के. झा समिति (1984): इस समिति ने भारत में वित्तीय वर्ष को 1 जनवरी से शुरू करने की सिफारिश की थी (ताकि यह मानसून के चक्र के अनुकूल हो), लेकिन इसे लागू नहीं किया गया
प्रमुख देश और उनके वित्तीय वर्ष की अवधि :
| वित्तीय वर्ष की अवधि | प्रमुख देश | विशेष टिप्पणी |
| 1 जनवरी – 31 दिसंबर | चीन, फ्रांस, जर्मनी, ब्राजील | इसे कैलेंडर वर्ष कहते हैं। अधिकांश देश इसी का पालन करते हैं। |
| 1 अप्रैल – 31 मार्च | भारत, कनाडा, दक्षिण अफ्रीका | भारत में सरकार, कॉर्पोरेट और टैक्स तीनों के लिए यही मानक है। |
| 6 अप्रैल – 5 अप्रैल | यूनाइटेड किंगडम (UK) | सरकारी बजट 1 अप्रैल से है, लेकिन Personal Tax Year 6 अप्रैल से शुरू होता है। |
| 1 जुलाई – 30 जून | ऑस्ट्रेलिया, पाकिस्तान, मिस्र | यह कृषि चक्र या अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं (World Bank) के समान है। |
| 1 अक्टूबर – 30 सितंबर | USA (संघीय सरकार) | अमेरिका में राज्यों और निजी कंपनियों के पास अपना वर्ष चुनने की आजादी है। |









