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IRCC जारी करने में भारत वैश्विक स्तर पर अग्रणी

Wed 01 Apr, 2026

संदर्भ :

  • नागोया प्रोटोकॉल (ABS) के तहत, भारत ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त अनुपालन प्रमाणपत्र (IRCC) जारी करने में विश्‍व में शीर्ष स्थान हासिल किया है।

मुख्‍य बिन्‍दु :

  • भारत ने यह उपलब्धि जैव विविधता अधिनियम, 2002 के तहत प्रभावी कार्यान्वयन के माध्यम से प्राप्त की है, जो अनुपालन में फ्रांस जैसे देशों से भी आगे है।
  • अग्रणी स्थिति: भारत ने 6,311 वैश्विक IRCC में से 3,561 जारी किया है, जो सभी प्रमाणपत्रों का 56 प्रतिशत से अधिक है।
  • ABS क्लियरिंग-हाउस: 142 पंजीकृत देशों में से केवल 34 ने IRCC जारी किए हैं, जिनमें भारत अग्रणी है
  • प्रभाव: ये प्रमाणपत्र सुनिश्चित करते हैं कि आनुवंशिक संसाधनों के उपयोग से प्राप्त लाभ का निष्पक्ष बंटवारा हो।
  • कार्यान्वयन: राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण (NBA) ने राज्य बोर्डों के साथ मिलकर प्रक्रियाओं को मजबूत किया है।
  • अन्य देशों की स्थिति: इस सूची में भारत के बाद फ्रांस (964 प्रमाणपत्र) दूसरे स्थान पर है, जिसके बाद स्पेन (320), अर्जेंटीना (257), पनामा (156) और केन्या (144) का स्थान आता है।
  • भारत की यह सफलता जैविक विविधता अधिनियम, 2002 के प्रभावी कार्यान्वयन और राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण (NBA) द्वारा प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने का परिणाम है।
  • यह उपलब्धि वैश्विक जैव विविधता शासन में भारत की सक्रिय भूमिका और जैविक संसाधनों के उपयोग से होने वाले लाभों के निष्पक्ष और न्यायसंगत बँटवारे को बढ़ावा देने के उसके निरंतर प्रयासों को उजागर करती है।
  • यह जैव विविधता संरक्षण और सतत उपयोग से जुड़े अंतर्राष्ट्रीय लक्ष्यों के भी अनुरूप है, जिससे वैश्विक पर्यावरणीय समझौतों को लागू करने में एक प्रमुख खिलाड़ी के तौर पर भारत की स्थिति और मज़बूत होती है।

नागोया प्रोटोकॉल :

  • नागोया प्रोटोकॉल (2010) जैविक विविधता पर कन्वेंशन (CBD) का एक पूरक समझौता है, जो आनुवंशिक संसाधनों के उपयोग से प्राप्त लाभों के निष्पक्ष और समान बंटवारे (ABS) को सुनिश्चित करता है।
  • पूरक समझौता: जैव विविधता पर कन्वेंशन (CBD) का हिस्सा
  • अपनाया गया: 29 अक्टूबर 2010, नागोया (जापान) में COP-10
  • प्रवेश-प्रभावी: अक्टूबर 2014
  • भारत की स्थिति: भारत ने 2014 में इसे लागू किया और राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण (NBA) को कार्यान्वयन की जिम्मेदारी दी।
  • उद्देश्य : आनुवंशिक संसाधनों तक पहुँच को नियंत्रित करना, उनके उपयोग से होने वाले लाभों का न्यायसंगत और समान वितरण, पारंपरिक ज्ञान और स्थानीय समुदायों के अधिकारों की रक्षा, अनुसंधान और विकास में पारदर्शिता सुनिश्चित करना

प्रमुख प्रावधान :

  • Access and Benefit Sharing (ABS): संसाधनों तक पहुँच केवल अनुमति और सहमति से, लाभों का हिस्सा स्थानीय समुदायों तक पहुँचना
  • IRCC (Internationally Recognized Certificate of Compliance): यह प्रमाणपत्र बताता है कि संसाधनों तक पहुँच कानूनी और अनुमोदित है।, भारत IRCC जारी करने में वैश्विक स्तर पर अग्रणी है।
  • राष्ट्रीय स्तर पर कार्यान्वयन: भारत में Biological Diversity Act, 2002 और National Biodiversity Authority (NBA)

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