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Wed 01 Apr, 2026

राष्‍ट्रीय समाचार

AI चैटबॉट “न्याय सेतु” का शुभारंभ

  • विधि एवं न्याय मंत्रालय ने नागरिकों को सशक्त बनाने और कानूनी सहायता को सुलभ बनाने के उद्देश्‍य से एक महत्वपूर्ण डिजिटल पहल के रूप में “न्याय सेतु” AI चैटबॉट और इसके आधिकारिक शुभंकर “दिशिका (Dishika)” का शुभारंभ किया।
  • यह पहल मुख्य रूप से आम जनता को घर बैठे 24*7 मुफ्त कानूनी जानकारी और सलाह प्रदान करने के लिए शुरू की गई है।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • कार्यक्रम: न्याय विभाग द्वारा आयोजित DISHA कार्यक्रम
  • शुभारंभर्ता : उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और विधि एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल
  • न्याय सेतु एक वॉइस-फर्स्ट, मल्टीमॉडल, बहुभाषी एआई-संचालित कानूनी सहायक है
  • विकसित : डिजिटल इंडिया भाषिणी डिवीजन (DIBD) द्वारा

संभावित लाभ :

  • Access to Justice: ग्रामीण और दूरदराज़ क्षेत्रों के नागरिक भी कानूनी जानकारी पा सकेंगे
  • Digital India से जुड़ाव: न्यायिक सेवाओं का डिजिटलीकरण
  • न्यायिक बोझ कम करना: सामान्य प्रश्नों के उत्तर चैटबॉट से मिलेंगे
  • पारदर्शिता और जागरूकता: नागरिकों को उनके अधिकारों और प्रक्रियाओं की स्पष्ट जानकारी

सेमीकंडक्टर OSAT प्लांट का उद्घाटन

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के साणंद GIDC में केयन्स सेमीकॉन के ₹3,300 करोड़ के सेमीकंडक्टर OSAT प्लांट का उद्घाटन किया।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • परियोजना लागत: इस संयंत्र को लगभग ₹3,300 करोड़ के निवेश से तैयार किया गया है।
  • उत्पादन क्षमता: यह सुविधा प्रतिदिन लगभग 60 से 63 लाख चिप्स का उत्पादन करने में सक्षम है
  • लक्ष्य बाजार: यहाँ निर्मित चिप्स का एक बड़ा हिस्सा निर्यात (विशेषकर अमेरिका) के लिए आरक्षित है, जो 'मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड' के विजन को मजबूती देता है।

GLP-1 दवाओं पर सख्त चेतावनी जारी

  • केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) ने GLP-1 (ग्लूकागन-लाइक पेप्टाइड-1) दवाओं के बढ़ते दुरुपयोग को देखते हुए एक विस्तृत एडवाइजरी जारी की है।
  • यह दवाएं मुख्य रूप से टाइप 2 डायबिटीज और मोटापे के इलाज के लिए हैं, लेकिन वजन घटाने के लिए इनके असुरक्षित उपयोग पर सरकार ने कड़ी चेतावनी दी है।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • विशेषज्ञ डॉक्टर ही लिखेंगे पर्चा: इन दवाओं को केवल एंडोक्रिनोलॉजिस्ट (Endocrinologists), इंटरनल मेडिसिन विशेषज्ञ या कुछ मामलों में कार्डियोलॉजिस्ट ही लिख सकते हैं।
  • OTC बिक्री पर रोक: ये दवाएं 'ओवर-द-काउंटर' (बिना पर्चे के) नहीं खरीदी जा सकतीं। मेडिकल स्टोर, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म या वेलनेस क्लीनिक से बिना वैध पर्चे के इन्हें खरीदना और बेचना प्रतिबंधित है।

मधुमेह :

  • एक पुरानी स्वास्थ्य स्थिति है जो इस बात को प्रभावित करती है कि आपका शरीर भोजन को ऊर्जा में कैसे बदलता है। जब आपके रक्त में शर्करा (ग्लूकोज) का स्तर बहुत अधिक हो जाता है, तो यह स्थिति उत्पन्न होती है।
  • मुख्य प्रकार : मधुमेह दो प्रकार के होते हैं।
  • टाइप 1 मधुमेह: टाइप-1 मधुमेह की पहचान अग्न्याशय ( पैंक्रियाज) द्वारा इंसुलिन के अपर्याप्त उत्पादन से है। टाइप-1 मधुमेह के रोगियों को जीवन भर इंसुलिन की दैनिक खुराक की आवश्यकता होती है।
  • टाइप 2 मधुमेह: टाइप-2 मधुमेह शरीर को इंसुलिन का सही ढंग से उपयोग करने से रोकता है। वंशानुगत मधुमेह की प्रवृत्ति, मोटापा या अधिक वजन और व्यायाम की कमी (पर्याप्त शारीरिक गतिविधि न करना) टाइप-2 मधुमेह होने के जोखिम को बढ़ा देते हैं।
  • मोटापा शरीर में अत्यधिक वसा के कारण होने वाला एक दीर्घकालिक रोग है।
  • 25 kg/m² या उससे अधिक के बॉडी मास इंडेक्स को मोटापे के रूप में परिभाषित किया गया है, जबकि 23.00 से 24.99 kg/m² के बीच के BMI को अधिक वजन माना जाता है।
  • BMI एक ऐसा पैमाना है जिसकी गणना व्यक्ति की लंबाई और वजन के आधार पर की जाती है।
  • बाज़ार में उपलब्ध GLP-1 दवाएँ : पहली GLP-1 दवा को 2005 में यूनाइटेड स्टेट्स फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन द्वारा मंजूरी दी गई थी, लेकिन हाल के वर्षों में मधुमेह और मोटापे के रोगियों के उपचार में कई नई दवाएं अत्यधिक लोकप्रिय हो गई हैं।
  • वर्तमान में बाज़ार में उपलब्ध कुछ प्रमुख GLP-1 दवाएँ : सेमाग्लूटाइड इंजेक्शन, सेमाग्लूटाइड टैबलेट, लिराग्लूटाइड, टिरज़ेपाटाइड, डुलाग्लूटाइड, एक्सेनाटाइड, एक्सेनाटाइड एक्सटेंडेड रिलीज़
  • इनमें से अधिकांश दवाएं प्री-फिल्ड इंजेक्शन पेन के माध्यम से दी जाती हैं, हालांकि कुछ (जैसे ओरल सेमाग्लूटाइड) टैबलेट के रूप में भी उपलब्ध हैं।

रिकॉर्ड 219 अग्रिम मूल्य निर्धारण समझौतों पर हस्ताक्षर

  • केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने वित्त वर्ष 2025-26 में रिकॉर्ड 219 एडवांस प्राइसिंग एग्रीमेंट (APA) किया हैं, जिससे कुल समझौतों की संख्या 1,000 के पार (कुल 1,034) पहुंच गई है।
  • यह कदम भारत में 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' और कर निश्चितता को बढ़ावा देने, कर विवाद कम करने तथा विदेशी निवेश को आकर्षित करने के लिए एक प्रमुख उपलब्धि है।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • कुल समझौते: 219 (पिछले वर्ष के 174 के रिकॉर्ड को तोड़ा)
  • द्विपक्षीय APA (BAPA): 84 (13 संधि साझेदारों के साथ), जो अब तक का सबसे अधिक है
  • नई शुरुआत: फ्रांस, इंडोनेशिया, आयरलैंड और स्वीडन के साथ पहले द्विपक्षीय APA पर हस्ताक्षर
  • कुल प्रगति: कार्यक्रम शुरू होने के बाद से अब तक 1000 का मील का पत्थर पार करते हुए कुल 1,034 APA पर हस्ताक्षर किए गए हैं

6 राज्यों में ग्रामीण विकास के लिए 15 लाख रुपये

  • 31 मार्च 2026 को केंद्र सरकार ने 15वें वित्त आयोग (XV-FC) के अनुदान के रूप में 1,500 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जारी की है।
  • यह राशि 6 राज्यों में पंचायती राज संस्थाओं (PRIs) और ग्रामीण स्थानीय निकायों (RLBs) को सशक्त बनाने के लिए दी गई है।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • इन अनुदानों से तेलंगाना, राजस्थान, महाराष्ट्र, उत्तराखंड, मिजोरम और मेघालय के पंचायती राज संस्थानों को लाभ होगा
  • तेलंगाना के लिए वित्त वर्ष 2025-26 के लिए बिना शर्त अनुदान की पहली किस्त के रूप में ₹247.94 करोड़ जारी किए गए हैं, जिससे 12,600 ग्राम पंचायतों को लाभ मिलेगा।
  • उत्तराखंड को बिना शर्त अनुदान की दूसरी किस्त के रूप में ₹91.31 करोड़ प्राप्त हुए हैं, जिससे सभी 13 जिला पंचायतों, 95 ब्लॉक पंचायतों और 7,784 पात्र ग्राम पंचायतों को सहायता मिलेगी।
  • इसके अतिरिक्त, पहले रोके गए ₹1.84 करोड़ की धनराशि 216 अतिरिक्त ग्राम पंचायतों को जारी की गई है।
  • राजस्थान को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए बिना शर्त अनुदान की दूसरी किस्त के रूप में ₹315.61 करोड़ प्राप्त हुए हैं, जिसमें सभी 33 जिला पंचायतें, 352 ब्लॉक पंचायतें और 3,857 ग्राम पंचायतें शामिल हैं। इसके अलावा, नौ जिला पंचायतों और 13 ब्लॉक पंचायतों के लिए रोके गए ₹12.57 करोड़ की अतिरिक्त राशि भी जारी की गई है।
  • मेघालय को वित्त वर्ष 2021-22 के लिए बिना शर्त अनुदान की दूसरी किस्त के रूप में 27 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं, जिससे इसकी तीन स्वायत्त जिला परिषदों - खासी, गारो और जयंतिया - को लाभ होगा। राज्य को स्वायत्त जिला परिषद क्षेत्रों में स्थित 816 ग्राम परिषदों के लिए 22.20 करोड़ रुपये का सशर्त अनुदान भी प्राप्त हुआ है।
  • महाराष्ट्र को वित्त वर्ष 2024-25 और 2025-26 दोनों के लिए रोकी गई अनुदान राशि की कई किश्तें प्राप्त हुईं।

राज्‍य समाचार

उत्कल दिवस

  • भाषाई आधार पर बिहार-उड़ीसा प्रांत से अलग होकर स्वतंत्र राज्य बनने की स्‍मृति में प्रतिवर्ष 1 अप्रैल को ओडिशा दिवस (उत्कल दिवस) मनाया जाता है।
  • 1 अप्रैल 2026 को ओडिशा अपना 91वां स्थापना दिवस मना रहा है।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • 1936 से पहले, ओडिशा बिहार और झारखंड के साथ बंगाल प्रेसीडेंसी का हिस्सा था।
  • 1 अप्रैल, 1936 को ब्रिटिश सरकार ने आधिकारिक तौर पर ओडिशा को बिहार और उड़ीसा प्रांत से अलग किया।
  • ओडिशा भाषा के आधार पर गठित होने वाला पहला राज्य था।
  • राज्य स्थापना आंदोलन के उल्लेखनीय नेताओं में उत्कल गौरव मधुसूदन दास, उत्कल मणि गोपबंधु दास, फकीर मोहन सेनापति, पंडित नीलकंठ दास और कई अन्य शामिल हैं।
  • राज्य सरकार आज से शुरू होने वाले 14 दिवसीय ओडिया पखवाड़े का आयोजन कर रही है।
  • इसमें संस्कृति, विरासत और पारंपरिक परिधानों को प्रमुखता दी जाएगी।
  • इसके साथ ही व्यापक सामुदायिक कार्यक्रम और “हेरिटेज रन” का आयोजन भी किया जा रहा है।

भारत का प्रथम गहरा समुद्री जीवों का राष्ट्रीय भंडार

  • केरल के कोच्चि में स्थित समुद्री जीव संसाधन और पारिस्थितिकी केंद्र (CMLRE) के 'भवसागर' (Bhavasagara) रेफरल सेंटर को पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) द्वारा आधिकारिक तौर पर भारत के प्रथम गहरा समुद्री जीवों (Deep-Sea Fauna) का राष्ट्रीय भंडार नामित किया गया है।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • संस्थान: CMLRE (Center for Marine Living Resources & Ecology), कोच्चि (पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के तहत)।
  • नामित केंद्र: 'भवसागर' (Bhavasagara) रेफरल सेंटर।
  • वैधानिक आधार: यह नामांकन जैविक विविधता अधिनियम, 2002 (Biological Diversity Act, 2002) की धारा 39 के तहत किया गया है।
  • उद्देश्य: भारत के गहरे समुद्र (deep-sea) जैव विविधता के संरक्षण, दस्तावेजीकरण (Documentation) और अध्ययन के लिए एक राष्ट्रीय सुविधा के रूप में कार्य करना।
  • संग्रह (Holdings): वर्तमान में यहां 3,500 से अधिक टैक्सोनोमिक रूप से पहचाने गए और भू-संदर्भित (geo-referenced) वाउचर नमूने हैं, जिनमें समुद्री अकशेरुकी (invertebrates) और कशेरुकी (vertebrates) शामिल हैं।
  • महत्व: यह भारत के 'ब्लू इकोनॉमी' (Blue Economy) लक्ष्यों और गहरे समुद्र मिशन (Deep Ocean Mission) को मजबूती प्रदान करेगा

'20 सिटीज टुवर्ड्स जीरो वेस्ट'

  • केरल के वर्कला शहर को संयुक्त राष्ट्र की '20 सिटीज टुवर्ड्स जीरो वेस्ट' पहल में शामिल किया गया।
  • यह उपलब्धि वर्कला को इस सूची में शामिल होने वाला भारत का एकमात्र शहर और विश्व स्तर पर अग्रणी बनाता है, जो इसके सतत अपशिष्ट प्रबंधन, पुनर्चक्रण और पर्यावरणीय संरक्षण प्रयासों को मान्यता देता है।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • पहल का नेतृत्व: '20 सिटीज टुवर्ड्स जीरो वेस्ट' पहल संयुक्त राष्ट्र के महासचिव की शून्य अपशिष्ट सलाहकार समिति द्वारा यूएन-हैबिटेट (UN-Habitat) और संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) के सहयोग से चलाई जा रही है।
  • उद्देश्य: इस पहल का मुख्य उद्देश्य उन शहरों को मान्यता देना है, जो कचरा कम करने, चक्रीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने, जैविक कचरा प्रबंधन, और एकल-उपयोग प्लास्टिक को कम करने की दिशा में ठोस प्रयास कर रहे हैं।
  • वैश्विक मान्यता: वर्कला का चयन इसे विश्व स्तर पर एक "शून्य अपशिष्ट" (Zero Waste) मॉडल के रूप में स्थापित करता है।
  • सतत विकास लक्ष्य (SDGs): यह पहल विशेष रूप से SDG 11 (सतत शहर और समुदाय), SDG 12 (जिम्मेदार उपभोग और उत्पादन), और SDG 13 (जलवायु कार्रवाई) में योगदान देती है।
  • प्रयास: वर्कला ने वेस्ट-टू-एनर्जी (waste-to-energy), सामुदायिक भागीदारी और कचरा पृथक्करण में उल्लेखनीय सुधार किए हैं, जिसके कारण उसे यह सम्मान मिला है।

रक्षा समाचार

माउंटेन-रडार सिस्टम

  • रक्षा मंत्रालय ने भारतीय वायु सेना के लिए दो स्वदेशी माउंटेन-रडार सिस्टम हेतु भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) के साथ ₹1,950 करोड़ के अनुबंध पर हस्ताक्षर किया।
  • इस समझौते के तहत, DRDO के LRDE द्वारा स्वदेशी रूप से विकसित और BEL द्वारा निर्मित दो उन्नत माउंटेन-रडार सिस्टम खरीदे जाएंगे।
  • यह परियोजना 'आत्मनिर्भर भारत' और 'मेक इन इंडिया' पहल के अंतर्गत पहाड़ी इलाकों में निगरानी क्षमताओं को बढ़ाएगी।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • अनुबंध श्रेणी: यह सौदा 'बाय (इंडियन-आईडीडीएम)' (Buy (Indian-IDDM) - Indigenously Designed, Developed and Manufactured) श्रेणी के तहत किया गया है।
  • डिजाइन और विकास: इन रडार प्रणालियों को रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) की बेंगलुरु स्थित प्रयोगशाला, इलेक्ट्रॉनिक्स और रडार विकास प्रतिष्ठान (LRDE) द्वारा स्वदेशी रूप से डिजाइन और विकसित किया गया है।
  • विनिर्माण: इनका निर्माण सार्वजनिक क्षेत्र की इकाई भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) द्वारा किया जाएगा।
  • मुख्य उद्देश्य: इसका उद्देश्य उच्च ऊंचाई वाले पहाड़ी क्षेत्रों में वायु सेना की निगरानी क्षमताओं को बढ़ाना और विदेशी उपकरणों पर निर्भरता कम करना है।

माउंटेन-रडार सिस्टम :

  • विशेष रूप से ऊंचे पहाड़ी इलाकों और दुर्गम क्षेत्रों (जैसे हिमालय) की चुनौतियों से निपटने के लिए डिज़ाइन किया गया एक निगरानी उपकरण है।
  • साधारण रडार के मुकाबले इसमें कई तकनीकी बदलाव किए जाते हैं।

INS Sanshodhak

  • भारतीय नौसेना ने 30 मार्च 2026 को अपने चौथे और अंतिम सर्वेक्षण पोत (विशाल) - 'संशोधक' (INS Sanshodhak) को प्राप्त किया, जिससे चार जहाजों वाली यह परियोजना सफलतापूर्वक पूरी हो गई है।

परियोजना का विवरण (SVL Project) :

  • यह परियोजना भारतीय नौसेना के 'युद्धपोत डिजाइन ब्यूरो' (Warship Design Bureau) द्वारा निर्देशित थी और इसका निर्माण गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE), कोलकाता द्वारा किया गया है। 30 अक्टूबर 2018 को इन चार जहाजों के लिए अनुबंध पर हस्ताक्षर किए गए थे।

परियोजना के तहत निर्मित चार जहाज :

  • आईएनएस संधायक (INS Sandhayak): 3 फरवरी 2024 को कमीशन किया गया।
  • आईएनएस निर्देशक (INS Nirdeshak): 18 दिसंबर 2024 को कमीशन किया गया।
  • आईएनएस इक्षक (INS Ikshak): 6 नवंबर 2025 को कमीशन किया गया।
  • आईएनएस संशोधक (INS Sanshodhak): 30 मार्च 2026 को नौसेना को सौंपा गया।
  • स्वदेशी क्षमता: 'संशोधक' में 80% से अधिक स्वदेशी सामग्री (लागत के अनुसार) शामिल है, जो 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान को बढ़ावा देती है।
  • मुख्य भूमिका: यह जहाज बंदरगाहों के पास और गहरे पानी में पूर्ण पैमाने पर हाइड्रोग्राफिक सर्वेक्षण (Hydrographic Survey) करने और समुद्री रास्तों के निर्धारण में सक्षम है।
  • तकनीक: इसमें ऑटोनॉमस अंडरवाटर व्हीकल (AUV), रिमोटली ऑपरेटेड व्हीकल (ROV), डिजिटल साइड स्कैन सोनार और उन्नत डेटा प्रोसेसिंग सिस्टम जैसे अत्याधुनिक उपकरण लगे हैं।
  • अन्य उपयोग: रक्षा और नागरिक अनुप्रयोगों के लिए समुद्र विज्ञान (Oceanographic) डेटा एकत्र करने के अलावा, युद्ध या आपातकाल के समय इसे अस्पताल जहाज (Hospital Ship) के रूप में भी इस्तेमाल किया जा सकता है

INS Dunagiri

  • भारतीय नौसेना ने 30 मार्च 2026 को कोलकाता के गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड (GRSE) में प्रोजेक्ट 17A के तहत निर्मित पांचवां स्वदेशी स्टील्थ फ्रिगेट 'दूनागिरी' (INS Dunagiri) प्राप्त किया।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • प्रोजेक्ट 17A क्या है?: इस परियोजना के तहत नीलगिरी श्रेणी (Nilgiri-class) के कुल 7 गाइडेड मिसाइल स्टील्थ फ्रिगेट बनाए जा रहे हैं। 'दूनागिरी' इस श्रेणी का पाँचवाँ जहाज है।
  • स्वदेशी निर्माण: इसे वॉरशिप डिजाइन ब्यूरो (WDB) द्वारा डिजाइन किया गया है और इसका निर्माण कोलकाता स्थित गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE) ने किया है।
  • प्रौद्योगिकी और स्टील्थ: इसमें उन्नत स्टील्थ विशेषताएं हैं, जैसे कि कम रडार सिग्नेचर और कम ध्वनि (acoustic noise), जो इसे दुश्मन के रडार और सोनार से बचने में मदद करती हैं।
  • हथियार प्रणाली: यह जहाज ब्रह्मोस (BrahMos) सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइल, बराक-8 (LRSAM), टॉरपीडो और आधुनिक स्वदेशी सोनार प्रणाली से लैस है।
  • प्रणोदन (Propulsion): यह CODOG (Combined Diesel or Gas) प्रणाली पर आधारित है, जिसमें कम गति के लिए डीजल इंजन और उच्च गति के लिए गैस टरबाइन का उपयोग किया जाता है।
  • ऐतिहासिक संदर्भ: इसका नाम उत्तराखंड की एक पर्वत श्रृंखला के नाम पर रखा गया है। यह पूर्ववर्ती INS दूनागिरी (लिएंडर श्रेणी) का आधुनिक संस्करण है, जिसने 1977 से 2010 तक सेवा दी थी।

प्रोजेक्ट 17A के अन्य जहाज:

  • INS नीलगिरी (पहला जहाज, MDL द्वारा निर्मित)
  • INS हिमगिरी (GRSE द्वारा निर्मित)
  • INS उदयगिरी (MDL द्वारा निर्मित)
  • INS तारागिरी (MDL द्वारा निर्मित)
  • INS विंध्यगिरी
  • INS महेंद्रगिरी

INS त्रिकंद

  • भारतीय नौसेना के फ्रंटलाइन गाइडेड मिसाइल फ्रिगेट, INS त्रिकंद ने 26 से 29 मार्च 2026 तक मोज़ाम्बिक के मापुटो बंदरगाह (Maputo Port) का अपना तीन दिवसीय पोर्ट कॉल सफलतापूर्वक पूरा किया।
  • यह यात्रा दक्षिण-पश्चिम हिंद महासागर क्षेत्र (SWIOR) में भारत की परिचालन तैनाती का एक हिस्सा थी।

पुरस्‍कार और सम्‍मान

बुकर पुरस्कार 2026

  • भारतीय मूल की कनाडाई-अमरीकी लेखिका और अनुवादक पद्मा विश्वनाथन को इंटरनेशनल बुकर पुरस्कार 2026 के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया।
  • उन्हें ब्राज़ील की लेखिका एना पाउला माया के उपन्यास ‘ऑन अर्थ ऐज़ इट इज़ बिनीथ’ के अंग्रेज़ी अनुवाद के लिए यह स्थान मिला है।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • पूर्व में मैन बुकर इंटरनेशनल पुरस्कार के नाम से जाना जाने वाला यह सम्मान हर वर्ष उस कथा साहित्य कृति को दिया जाता है, जो मूल रूप से अंग्रेज़ी के अलावा किसी अन्य भाषा में लिखी गई हो और बाद में उसका अंग्रेज़ी में अनुवाद कर ब्रिटेन या आयरलैंड में प्रकाशित किया गया हो।
  • इस पुरस्कार के विजेता को 50 हजार पाउंड की पुरस्कार राशि दी जाएगी, जो विजेता लेखक और अनुवादक के बीच समान रूप से वितरित होगी। विजेता की घोषणा 19 मई को लंदन के टेट मॉडर्न में आयोजित समारोह में की जाएगी।

अर्थव्‍यवस्‍था तथा बैंकिंग

RBI ने एयरटेल पेमेंट्स बैंक पर जुर्माना लगाया

  • भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने प्रकटीकरण मानदंडों के उल्लंघन के लिए एयरटेल पेमेंट्स बैंक पर ₹31.8 लाख का जुर्माना लगाया।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • जुर्माना: ₹31.80 लाख (31.80 lakh).
  • कारण: वित्तीय विवरणों में प्रकटीकरण संबंधी RBI के निर्देशों का पालन न करना।
  • जांच: यह कार्रवाई 31 मार्च, 2025 तक की वित्तीय स्थिति के लिए किए गए 'वैधानिक निरीक्षण और पर्यवेक्षी मूल्यांकन' (ISE 2025) के बाद की गई।
  • कानूनी आधार: यह जुर्माना बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 47A(1)(c) और धारा 46(4)(i) के तहत लगाया गया है।

पुस्‍तकें और लेखक

'टाइड्स ऑफ टाइम'

  • उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने राज्यसभा सांसद सुधा मूर्ति द्वारा लिखित पुस्तक 'टाइड्स ऑफ टाइम' का विमोचन किया।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • प्रकाशक: यह पुस्तक लोकसभा सचिवालय का एक प्रकाशन है।
  • विषय: पुस्तक में संसद भवन (संविधान सदन) में स्थित 58 भित्ति चित्रों (Murals) के माध्यम से भारत की सभ्यतागत यात्रा और लोकतांत्रिक विरासत का वर्णन किया गया है।
  • उपराष्ट्रपति का संबोधन: विमोचन के अवसर पर श्री राधाकृष्णन ने कहा कि ये भित्ति चित्र केवल कलाकृतियाँ नहीं हैं, बल्कि भारत की प्राचीन लोकतांत्रिक परंपराओं के जीवंत प्रमाण हैं। उन्होंने भारत को "लोकतंत्र की जननी" (Mother of Democracy) के रूप में रेखांकित किया।

 

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