राष्ट्रीय समाचार
8 राज्यों को ₹2,461 करोड़ का वित्त आयोग अनुदान जारी

- केंद्र सरकार ने आठ राज्यों के ग्रामीण स्थानीय निकायों (RLB) के लिए 15वें वित्त आयोग (XV-FC) के अनुदान के रूप में 2,461.35 करोड़ रुपये जारी किया।
सम्बन्धित तथ्य :
- जारी की गई राशि: ₹2,461 करोड़+
- आयोग: 15वां वित्त आयोग (XV-FC)
- लाभान्वित राज्य: यह राशि छत्तीसगढ़, गुजरात, मध्य प्रदेश, पंजाब, सिक्किम, हिमाचल प्रदेश, ओडिशा और त्रिपुरा को वितरित की गई है।
अनुदान का प्रकार:
- आबद्ध अनुदान (Tied Grants): छत्तीसगढ़, गुजरात, मध्य प्रदेश, पंजाब और सिक्किम को वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए आबद्ध अनुदान जारी किया गया है。
- रुकी हुई राशि (Withheld Portions): हिमाचल प्रदेश, ओडिशा, सिक्किम और त्रिपुरा के लिए आबद्ध और अबद्ध (Untied) दोनों प्रकार के अनुदानों के रुके हुए हिस्से जारी किए गए हैं।
- राशि का वितरण : मध्य प्रदेश को 945 करोड़ रुपये से अधिक, गुजरात को 764 करोड़ रुपये से अधिक, छत्तीसगढ़ को लगभग 387 करोड़ रुपये, पंजाब को 332 करोड़ रुपये से अधिक, ओडिशा को 35 करोड़ रुपये से अधिक, हिमाचल प्रदेश को लगभग 14 करोड़ रुपये, सिक्किम को 10 करोड़ रुपये से अधिक और त्रिपुरा को 68 लाख रुपये से अधिक की राशि जारी की गई है।
- संस्थागत ढांचा: इन अनुदानों की सिफारिश पंचायती राज मंत्रालय और जल शक्ति मंत्रालय (पेयजल और स्वच्छता विभाग) द्वारा की जाती है, और इन्हें वित्त मंत्रालय द्वारा जारी किया जाता है।
15वां वित्त आयोग :
- गठन तिथि: 27 नवंबर 2017
- अवधि: 2021–2026
- अध्यक्ष: एन.के. सिंह (पूर्व IAS अधिकारी)
प्रमुख सिफारिशें (2021–26) :
- राज्यों का करों में हिस्सा: 41% (14वें वित्त आयोग के 42% से कम), जम्मू-कश्मीर के पुनर्गठन के बाद राज्यों का हिस्सा घटाया गया।
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दलहन और तिलहन फसलों की रिकॉर्ड खरीद के प्रस्तावों को मंजूरी

- केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रबी विपणन सीजन 2025-26 के लिए हरियाणा, उत्तर प्रदेश और कर्नाटक में न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर दलहन और तिलहन फसलों की रिकॉर्ड खरीद के प्रस्तावों को मंजूरी दी।
- यह खरीद मूल्य समर्थन योजना (Price Support Scheme - PSS) के तहत की जाएगी, जिसका कुल मूल्य ₹11,698 करोड़ से अधिक है।
सम्बन्धित तथ्य :
- उद्देश्य: किसानों को फसल का उचित मूल्य सुनिश्चित करना और बाजार में कम दामों पर बिक्री को रोकना
- उत्तर प्रदेश (UP): सबसे बड़ी हिस्सेदारी (80% से अधिक) यहाँ है, जिसमें चने (2,24,000 MT), मसूर (6,77,000 MT) और सरसों (5,30,000 MT) की बड़ी खरीद शामिल है, जिसका मूल्य लगभग ₹9,341 करोड़ है।
- हरियाणा: यहाँ 13,082 मीट्रिक टन चना और 3,60,528 मीट्रिक टन सरसों की खरीद को मंजूरी दी गई है, जिसका कुल MSP मूल्य ₹2,312 करोड़ से अधिक है।
- कर्नाटक: यहाँ कुसुम (safflower) की 6,923 मीट्रिक टन की खरीद (राज्य के प्रस्ताव का 25%) को मंजूरी दी गई है, जिसका कुल मूल्य ₹45.27 करोड़ है।
न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) :
- MSP वह न्यूनतम मूल्य है जिस पर सरकार किसानों से उनकी फसल खरीदने की गारंटी देती है।
- घोषणा करने वाली संस्था: कृषि लागत और मूल्य आयोग (CACP) की सिफारिशों पर केंद्र सरकार MSP घोषित करती है। अंतिम निर्णय कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा लिया जाता है।
- फसलों का दायरा: सरकार 22 अनिवार्य फसलों के लिए MSP और गन्ने के लिए उचित एवं लाभकारी मूल्य (FRP) की सिफारिश करती है
- 14 खरीफ फसलें: धान, ज्वार, बाजरा, मक्का, रागी, अरहर, मूंग, उड़द, कपास, मूंगफली, सूरजमुखी, सोयाबीन, तिल, नाइजरसीड
- 6 रबी फसलें: गेहूं, जौ, चना, मसूर, सरसों, कुसुम
- 2 अन्य वाणिज्यिक फसलें: जूट, नारियल (कपरा)
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वाव-थराद में विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास

- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 31 मार्च 2026 को गुजरात के वाव-थराद (बनासकांठा) में ₹19,806 करोड़ से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया।
प्रमुख परियोजनाएं और विवरण:
- कुल निवेश: लगभग ₹19,806.9 करोड़ (केंद्र और राज्य सरकार की संयुक्त परियोजनाएं)।
- केंद्र सरकार की परियोजनाएं: लगभग ₹10,921 करोड़ का निवेश, जिसमें ऊर्जा, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग और रेल मंत्रालय से संबंधित कार्य शामिल हैं।
- गुजरात सरकार की परियोजनाएं: लगभग ₹8,886 करोड़ का निवेश, जिसमें शहरी विकास, जल आपूर्ति, GIDC, स्वास्थ्य और पर्यटन विभाग के अंतर्गत कार्य शामिल हैं।
- प्रमुख विकास: इसमें एक्सप्रेसवे, रेल विस्तार, जलापूर्ति परियोजनाएं और ग्रामीण क्षेत्रों में पीएम आवास योजना के तहत घर शामिल हैं।
- गांधीनगर (कोबा): महावीर जयंती के अवसर पर 'सम्राट संप्रति संग्रहालय' (Samrat Samprati Museum) का उद्घाटन किया गया, जो जैन विरासत और अहिंसा के सिद्धांतों को समर्पित है।
- साणंद (Semiconductor Hub): कायन्स सेमीकॉन (Kaynes Semicon) के 'आउटसोर्स सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्ट' (OSAT) प्लांट का उद्घाटन किया गया, जो भारत के सेमीकंडक्टर मिशन में एक बड़ा कदम है।
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जनगणना का प्रथम चरण

- भारत सरकार ने आगामी जनगणना 2027 के पहले चरण (मकान सूचीकरण और आवास) के लिए 33 प्रश्नों की प्रश्नावली अधिसूचित की है, जो 1 अप्रैल 2026 से शुरू होकर 30 सितंबर तक चलेगी।
- यह प्रक्रिया घर-घर जाकर मकान की स्थिति, सुविधाओं (LPG, पानी, इंटरनेट) और सामाजिक-आर्थिक स्थिति की जानकारी जुटाएगी, जिसमें पहली बार लिव-इन कपल्स को भी विवाहित मानने का प्रावधान शामिल है।
सम्बन्धित तथ्य :
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मुख्य बिंदु :
- दो चरण: जनगणना दो चरणों में होगी, पहला चरण मकान सूचीकरण है।
- अवधि: 1 अप्रैल 2026 से 30 सितंबर 2026 के बीच 45 दिनों की अवधि में।
- 33 प्रश्न: मकान निर्माण सामग्री, घर के मालिक, पानी, शौचालय, रसोई ईंधन, और संपत्ति (वाहन, टीवी, इंटरनेट) से संबंधित।
- डिजिटल पहल: स्व-गणना पोर्टल 16 भाषाओं में उपलब्ध होगा।
- विशेष प्रश्न: घर में मुख्य रूप से खाया जाने वाला अनाज और रहने वाले विवाहित जोड़ों की संख्या।
16वीं जनगणना :
- कैबिनेट ने भारत की 16वीं जनगणना (Census of India 2027) के लिए ₹11,718.24 करोड़ का बजट मंजूर किया, जो पहली पूर्ण डिजिटल जनगणना होगी।
- हाउसलिस्टिंग और हाउसिंग जनगणना (अप्रैल-सितंबर 2026): इस चरण में मकानों और रहन-सहन की स्थिति की जानकारी ली जाएगी।
- जनसंख्या गणना (फरवरी 2027): इस चरण में प्रत्येक नागरिक की उम्र, लिंग, शिक्षा, जाति, भाषा, रोजगार आदि से संबंधित जानकारी एकत्र की जाएगी
- प्रथम चरण में चार राज्यों में : उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, लद्दाख और जम्मू-कश्मीर
- जनगणना, रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त के कार्यालय द्वारा की जाती है। यह केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन आता है।
- 2027 की जनगणना, 1872 के बाद से 16वीं और स्वतंत्रता के बाद से आठवीं जनगणना होगी।
- सरकार ने आगामी जनगणना, जातिवार गणना और नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर (NPR) के आंकड़े एक साथ जुटाने का फैसला किया है
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DGCA और GSV के बीच समझौता

- नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) और गति शक्ति विश्वविद्यालय (GSV) के बीच विमानन क्षेत्र में कुशल कार्यबल तैयार करने के लिए समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किया गया।
सम्बन्धित तथ्य :
- उद्देश्य: विमानन प्रौद्योगिकी, प्रबंधन और विमान रखरखाव (Maintenance, Repair, and Overhaul - MRO) के क्षेत्र में युवाओं को वैज्ञानिक और तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान करना।
- नया पाठ्यक्रम: शैक्षणिक सत्र 2026-27 (अगस्त 2026) से विमान रखरखाव इंजीनियरिंग (AME) में तीन वर्षीय B.Sc. कार्यक्रम शुरू किया जाएगा।
- पायलट प्रोजेक्ट: शुरुआत में यह कार्यक्रम एयर इंडिया एएमई अकादमी और जीएमआर स्कूल ऑफ एविएशन जैसे चुनिंदा संस्थानों में लागू होगा।
- उत्कृष्टता केंद्र (Centre of Excellence): रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने विश्वविद्यालय में विनिर्माण प्रौद्योगिकियों (Manufacturing Technologies) के लिए एक उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने का प्रस्ताव दिया, जो प्रतिवर्ष लगभग 1,000 छात्रों को प्रशिक्षित करेगा।
नागरिक विमानन महानिदेशालय (DGCA) :
- भारत सरकार का एक सांविधिक निकाय है
- मुख्य कार्य : सुरक्षा मुद्दों से निपटना
- मुख्यालय : नई दिल्ली
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CCRAS और 'अनुवादिनी AI' के बीच समझौता

- केंद्रीय आयुर्वेद विज्ञान अनुसंधान परिषद (CCRAS) ने शिक्षा मंत्रालय के तहत अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) द्वारा विकसित 'अनुवादिनी AI' मंच के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किया।
मुख्य विशेषताएं:
- 13 भाषाओं में अनुवाद: CCRAS के शोध निष्कर्षों, पुस्तकों, दस्तावेजों, वीडियो, वेबसाइट और अन्य शैक्षणिक सामग्रियों का 13 क्षेत्रीय भाषाओं में अनुवाद किया जाएगा
- साक्ष्य-आधारित आयुर्वेद : यह पहल साक्ष्य-आधारित आयुर्वेदिक ज्ञान को भाषाई बाधाओं को दूर करते हुए जनता के लिए सुलभ बनाएगी, जिससे गलत सूचना को कम करने में मदद मिलेगी।
- हस्ताक्षरकर्ता: यह MoU CCRAS के महानिदेशक प्रो. (वैद्य) रबिनारायण आचार्य और अनुवादिनी फाउंडेशन के सीईओ डॉ. बुद्ध चंद्रशेखर के बीच हस्ताक्षरित किया गया।
'अनुवादिनी AI' :
- AICTE (अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद) द्वारा विकसित एक मेक इन इंडिया (Make in India) कृत्रिम बुद्धिमत्ता-आधारित अनुवाद टूल है
- यह टूल मुख्य रूप से भारतीय भाषाओं में शैक्षिक सामग्री को सुलभ बनाने और भाषाई बाधाओं को दूर करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
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प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना की उपलब्धियां

- आवास और शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू ने राज्यसभा को सूचित किया कि प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत, 1 करोड़ से अधिक स्ट्रीट वेंडरों को ₹17,115 करोड़ से अधिक का ऋण वितरित किया गया है।
- उन्होंने बताया कि रेहडी पटरी वालो को पहली किस्त में 15 हजार रुपये और दूसरी किस्त में 25 हजार रुपये का ऋण दिया जा रहा है।
प्रधानमंत्री स्वनिधि (PM SVANIDHI) योजना :
- पूर्ण रूप : 'प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि' (Prime Minister Street Vendor's AtmaNirbhar Nidhi)
- शुरूआत : जून 2020
- प्रकार : केंद्रीय क्षेत्र की योजना
- मुख्य उद्देश्य : कोविड-19 से प्रभावित रेहड़ी-पटरी वालों को सस्ता, बिना गारंटी वाला कार्यशील पूंजी ऋण प्रदान करना और डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देना
किस्तें:
- पहली किस्त: ₹15,000 तक (पहले ₹10,000)
- दूसरी किस्त: ₹25,000 तक (पहले ₹20,000) - पहली किस्त के समय पर भुगतान के बाद
- तीसरी किस्त: ₹50,000 तक
- ब्याज सब्सिडी: ऋण के समय पर या जल्दी पुनर्भुगतान पर 7% प्रति वर्ष की दर से ब्याज सब्सिडी दी जाती है, जो सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में जमा होती है
- डिजिटल लेनदेन प्रोत्साहन: डिजिटल लेनदेन अपनाने पर विक्रेताओं को ₹100 प्रति माह (अधिकतम ₹1,200/वर्ष) तक का कैशबैक मिलता है।
- समय सीमा विस्तार: केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इस योजना को 31 मार्च, 2030 तक के लिए बढ़ा दिया है।
- कार्यान्वयन एजेंसी: भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (SIDBI)
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देश में बैंकिंग सुविधाओं का दायरा

- वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लोकसभा में बताया कि देश के 99.92% गांवों में 5 किलोमीटर के दायरे में बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध हैं।
- दादरा और नगर हवेली के केंद्र शासित प्रदेशों के शत-प्रतिशत गांवों में भी बैंकिंग सुविधाएं मौजूद हैं।
- उन्होंने कहा कि बैंकिंग बुनियादी ढांचे के विस्तार में प्रमुख बाधाएं कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचे की कमी के साथ-साथ उपयुक्त परिसरों की अनुपलब्धता हैं।
LPG का समान वितरण

- पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने राज्यसभा में बताया कि, तेल विपणन कंपनियों ने राज्यों में वाणिज्यिक LPG के समान वितरण सुनिश्चित करने के लिए कार्यकारी निदेशक स्तर पर तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है।
सम्बन्धित तथ्य :
- उन्होंने कहा कि भारत अपनी LPG खपत का लगभग 60% आयात करता है।
- इसमें से लगभग 90% होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरता है।
- उन्होंने कहा कि सरकार ने LPG आपूर्ति में स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए कई उपाय किए हैं।
- उन्होंने कहा कि सरकार ने राज्यों को वाणिज्यिक LPG का आवंटन अतिरिक्त 20% बढ़ाकर कुल आवंटन को संकट-पूर्व स्तर के 70 प्रतिशत तक पहुंचा दिया है।
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7 मेगा टेक्सटाइल पार्क स्थापित करने को मंजूरी

- केंद्र सरकार ने 7 राज्यों में PM MITRA योजना के तहत 7 मेगा टेक्सटाइल पार्क स्थापित करने को मंजूरी दी।
- ये पार्क तमिलनाडु (विरुधुनगर), तेलंगाना (वारंगल), गुजरात (नवसारी), कर्नाटक (कलबुर्गी), मध्य प्रदेश (धार), उत्तर प्रदेश (लखनऊ) और महाराष्ट्र (अमरावती) में बनाए जाएंगे।
- सरकार ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल PM MITRA योजना के तहत नए टेक्सटाइल पार्क स्थापित करने का कोई प्रस्ताव नहीं है।
सम्बन्धित तथ्य :
- बजट 2026-27 में “चैलेंज मोड” के तहत नए मेगा टेक्सटाइल पार्क स्थापित करने की घोषणा की गई है।
- इसके लिए राज्यों और अन्य संबंधित पक्षों के साथ चर्चा की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, ताकि योजना को जल्दी लागू किया जा सके।
- सरकार देशभर में हैंडलूम (हथकरघा) और कारीगरों के विकास के लिए कई योजनाएं चला रही है। इनमें नेशनल हैंडलूम डेवलपमेंट प्रोग्राम और रॉ मटेरियल सप्लाई स्कीम शामिल हैं
- बजट 2026 में सरकार ने “इंटीग्रेटेड टेक्सटाइल्स प्रोग्राम” की भी घोषणा की है, जिसमें टेक्सटाइल एक्सपेंशन एंड एम्प्लॉयमेंट स्कीम (TEEM) शामिल है। इसका उद्देश्य पारंपरिक टेक्सटाइल क्लस्टर को आधुनिक बनाना और रोजगार बढ़ाना है।
PM MITRA योजना (प्रधानमंत्री मेगा एकीकृत वस्त्र क्षेत्र और परिधान) :
- वस्त्र मंत्रालय की एक प्रमुख पहल है, जिसे 2021-22 से 2027-28 तक ₹4,445 करोड़ के परिव्यय के साथ शुरू किया गया है
- उद्देश्य: इसका उद्देश्य विश्वस्तरीय अवसंरचना और सुविधाओं के साथ बड़े पैमाने पर वस्त्र विनिर्माण केंद्रों की स्थापना करना है। वर्ष 2023 में भारत में 7 स्थलों की पहचान की गई थी
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अंतर्राष्ट्रीय समाचार
IRCC जारी करने में भारत वैश्विक स्तर पर अग्रणी

- भारत ने नागोया प्रोटोकॉल के तहत पहुँच और लाभ साझाकरण (ABS) में अग्रणी भूमिका निभाते हुए, वैश्विक स्तर पर सबसे अधिक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त अनुपालन प्रमाणपत्र (IRCC) जारी करने का गौरव हासिल किया।
सम्बन्धित तथ्य :
- यह सभी प्रमाणपत्रों का 56 प्रतिशत से अधिक है।
- इस प्लेटफॉर्म पर पंजीकृत एक सौ 42 देशों में से अब तक केवल 34 देशों ने ही IRCC जारी किया हैं।
- फ्रांस नौ सौ 64 प्रमाणपत्रों के साथ भारत के बाद दूसरे स्थान पर है।
- वहीं, स्पेन, अर्जेंटीना, पनामा और केन्या इससे पीछे हैं।
नागोया प्रोटोकॉल :
- नागोया प्रोटोकॉल (2010) जैविक विविधता पर कन्वेंशन (CBD) का एक पूरक समझौता है, जो आनुवंशिक संसाधनों के उपयोग से प्राप्त लाभों के निष्पक्ष और समान बंटवारे (ABS) को सुनिश्चित करता है।
- पूरक समझौता: जैव विविधता पर कन्वेंशन (CBD) का हिस्सा
- अपनाया गया: 29 अक्टूबर 2010, नागोया (जापान) में COP-10
- प्रवेश-प्रभावी: अक्टूबर 2014
- भारत की स्थिति: भारत ने 2014 में इसे लागू किया और राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण (NBA) को कार्यान्वयन की जिम्मेदारी दी।
- उद्देश्य : आनुवंशिक संसाधनों तक पहुँच को नियंत्रित करना, उनके उपयोग से होने वाले लाभों का न्यायसंगत और समान वितरण, पारंपरिक ज्ञान और स्थानीय समुदायों के अधिकारों की रक्षा, अनुसंधान और विकास में पारदर्शिता सुनिश्चित करना
प्रमुख प्रावधान :
- Access and Benefit Sharing (ABS): संसाधनों तक पहुँच केवल अनुमति और सहमति से, लाभों का हिस्सा स्थानीय समुदायों तक पहुँचना
- IRCC (Internationally Recognized Certificate of Compliance): यह प्रमाणपत्र बताता है कि संसाधनों तक पहुँच कानूनी और अनुमोदित है।, भारत IRCC जारी करने में वैश्विक स्तर पर अग्रणी है।
- राष्ट्रीय स्तर पर कार्यान्वयन: भारत में Biological Diversity Act, 2002 और National Biodiversity Authority (NBA)
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अर्थव्यवस्था तथा बैंकिंग
RBI के निवेश संबंधी नए नियम

- भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने पूंजी बाजार में निवेश संबंधी अपने नए नियमों के कार्यान्वयन को तीन महीने के लिए स्थगित किया।
- संशोधित समय सीमा अब पहली अप्रैल के बजाए पहली जुलाई 2026 है।
- संशोधित दिशानिर्देश मूल रूप से इस वर्ष फरवरी में जारी किए गए थे।
सम्बन्धित तथ्य :
- निर्णय: RBI ने पूंजी बाज़ार में निवेश संबंधी नए नियमों को लागू करने की समयसीमा आगे बढ़ा दी है
- स्थगन अवधि: 3 महीने
- कारण: बाज़ार सहभागियों (Market Participants) को नए नियमों को समझने और अपनाने के लिए अतिरिक्त समय देना। निवेशकों और वित्तीय संस्थानों पर अचानक दबाव न पड़े
- प्रभाव: निवेशकों को राहत मिलेगी क्योंकि उन्हें नियमों के अनुरूप अपनी रणनीतियाँ बदलने के लिए समय मिलेगा। पूंजी बाज़ार में स्थिरता बनी रहेगी और अचानक उतार-चढ़ाव से बचाव होगा।
नए नियमों के प्रमुख प्रावधान :
- ये नियम मूल रूप से 13 फरवरी 2026 को जारी किए गए थे
- अधिग्रहण वित्तपोषण: भारतीय कंपनियों द्वारा अधिग्रहण को सुगम बनाने के लिए नियमों में ढील दी गई है। अब इसमें विलय और समामेलन भी शामिल हैं।
- ऋण सीमाएं: शेयरों, REITs और InvITs की इकाइयों के बदले व्यक्तिगत ऋण की सीमा को तर्कसंगत बनाया गया है। व्यक्तिगत निवेशकों के लिए IPO फाइनेंसिंग की सीमा को संशोधित किया गया है।
- जोखिम भार (Risk Weight): पूंजी बाजार निवेश पर लागू जोखिम भार को 125% निर्धारित किया गया है।
- पूंजी पर्याप्तता: स्टॉक एक्सचेंज क्लियरिंग कॉरपोरेशनों को भुगतान प्रतिबद्धता जारी करने वाले बैंकों के लिए पूंजी पर्याप्तता मानदंडों में ढील दी गई है।
- सिद्धांत-आधारित ढांचा: बाजार मध्यस्थों (CMIs) को ऋण देने के लिए अधिक सिद्धांत-आधारित (Principles-based) दृष्टिकोण अपनाया गया है।
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इलेक्ट्रॉनिक्स घटक विनिर्माण योजना

- इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घोषणा की है कि सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक्स घटक विनिर्माण योजना (Electronic Component Manufacturing Scheme - ECMS) के तहत 61,000 करोड़ रुपये से अधिक के कुल निवेश वाले 75 परियोजनाओं को मंजूरी दी है।
- यह कदम भारत को इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
सम्बन्धित तथ्य :
- अनुमोदित निवेश: कुल ₹61,671 करोड़ (75 परियोजनाएं)।
- रोजगार सृजन: 65,000 से अधिक प्रत्यक्ष नौकरियां।
- चौथा चरण (ताज़ा मंजूरी): 29 नए प्रस्तावों को मंजूरी मिली है, जिनमें 16 उत्पाद शामिल हैं, जैसे डिस्प्ले मॉड्यूल, कैपेसिटर, कनेक्टर, लिथियम-आयन सेल, रेज़िस्टर और फ्लेक्सिबल पीसीबी (PCB)
ECMS :
- यह योजना इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) द्वारा कार्यान्वित की जा रही है, जो घरेलू उत्पादन क्षमता को बढ़ाने के लिए पूंजीगत व्यय (Capex) और टर्नओवर-आधारित प्रोत्साहन प्रदान करती है। यह योजना राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स नीति का हिस्सा है और India Semiconductor Mission (ISM) के साथ मिलकर काम करती है।
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MyPNG-D पोर्टल का शुभारंभ

- पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने MyPNG-D पोर्टल का शुभारंभ किया, जो PNG उपभोक्ताओं को घर बैठे अपना LPG कनेक्शन सरेंडर करने की सुविधा देता है।
- यह डिजिटल पहल उन उपभोक्ताओं के लिए है जो पाइपलाइन वाली प्राकृतिक गैस (PNG) पर शिफ्ट हो चुके हैं और अब घर बैठे अपना पुराना LPG कनेक्शन सरेंडर करना चाहते हैं।
| अनिवार्यता: 'नेचुरल गैस और पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स डिस्ट्रीब्यूशन ऑर्डर 2026' के तहत, जिन क्षेत्रों में PNG नेटवर्क उपलब्ध है, वहां उपभोक्ताओं को 3 महीने के भीतर LPG कनेक्शन सरेंडर करना अनिवार्य कर दिया गया है। यदि उपभोक्ता रिस्पांस नहीं देते हैं, तो उनकी LPG सप्लाई बंद कर दी जाएगी। |
चर्चित व्यक्ति
चंद्रिकाप्रसाद संतोखी

- दक्षिण अमेरिकी देश सूरीनाम के पूर्व राष्ट्रपति चंद्रिकाप्रसाद संतोखी का 67 वर्ष की आयु में निधन हो गया।
- उन्होंने 2020 से 2025 तक सूरीनाम के राष्ट्रपति के रूप में कार्य किया और 2005-2010 तक न्याय मंत्री रहे।
- भारतीय मूल के संतोखी, भारत-सूरीनाम संबंधों को मजबूत करने और आर्थिक सुधारों के लिए जाने जाते थे।
सूरीनाम :
- आधिकारिक नाम: रिपब्लिक ऑफ सूरीनाम
- राजधानी और सबसे बड़ा शहर: परामारिबो
- पूर्व उपनाम: डच गयाना, नीदरलैंड की उपनिवेश रहा
- स्वतंत्रता: 25 नवंबर 1975 को नीदरलैंड से स्वतंत्र हुआ
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- सीमाएँ: पूर्व में फ्रेंच गयाना, पश्चिम में गुयाना, दक्षिण में ब्राजील और उत्तर में अटलांटिक महासागर से घिरा है
- यहाँ की लगभग 27% से अधिक आबादी भारतीय मूल की है
- मुद्रा : सूरीनाम डॉलर (SRD)
- संसद का नाम : नेशनल असेंबली
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पुरस्कार और सम्मान
'पैरा आर्चर ऑफ द ईयर 2025'

- भारतीय तीरंदाज शीतल देवी को वर्ल्ड आर्चरी द्वारा 'पैरा आर्चर ऑफ द ईयर 2025' नामित किया गया।
सम्बन्धित तथ्य :
- जम्मू और कश्मीर की 19 वर्षीय शीतल देवी ने पिछले साल दक्षिण कोरिया के ग्वांगजू में आयोजित वर्ल्ड पैरा आर्चरी चैंपियनशिप में महिला कंपाउंड व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली और एकमात्र महिला निहत्थे तीरंदाज बनने का गौरव हासिल किया।
- उन्होंने विश्व चैंपियनशिप में भी पदकों का पूरा सेट हासिल किया, जिसमें महिला टीम स्पर्धा में रजत और मिश्रित टीम स्पर्धा में कांस्य पदक शामिल हैं।
- विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक के अलावा, शीतल के नाम पेरिस पैरालंपिक्स में मिश्रित टीम स्पर्धा में कांस्य पदक, साथ ही 2022 एशियाई पैरा गेम्स और बैंकॉक में आयोजित 2023 एशियाई चैंपियनशिप में व्यक्तिगत रजत पदक भी हैं।
- 2011 में शुरू हुए 2025 विश्व तीरंदाजी पुरस्कार, खेल में उत्कृष्टता और उत्कृष्ट योगदान को सम्मानित करते हैं और उन खिलाड़ियों को पुरस्कृत करते हैं जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय तीरंदाजी सत्र को परिभाषित किया है।
- इस वर्ष, पुरस्कार आठ श्रेणियों में प्रदान किए गए, जिनमें 'वर्ष का सर्वश्रेष्ठ तीरंदाज' भी शामिल है, जो तुर्की के एमिरकान हैनी को मिला।
- 'वर्ष का सर्वश्रेष्ठ युवा तीरंदाज' पुरस्कार फ्रांस के बैपटिस्ट एडिस को दिया गया और 'वर्ष की सर्वश्रेष्ठ टीम' का खिताब कोरिया की रिकर्व पुरुष टीम ने जीता।
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खेल समाचार
मियामी ओपन 2026

- मियामी ओपन 2026 का आयोजन 17 से 29 मार्च, 2026 तक फ्लोरिडा के मियामी गार्डन्स स्थित हार्ड रॉक स्टेडियम में किया गया।
- यह एक पेशेवर हार्डकोर्ट टेनिस टूर्नामेंट है।
प्रमुख विजेता :
| श्रेणी |
विजेता |
उपविजेता |
| पुरुष एकल (Men's Singles) |
जानिक सिनर (ITA) |
जीरी लेहेका (CZE) |
| महिला एकल (Women's Singles) |
आर्यना सबालेंका |
कोको गॉफ (USA) |
| पुरुष युगल (Men's Doubles) |
सिमोन बोलेली और एंड्रिया वावासोरी |
हैरी हेलियोवारा और हेनरी पैटन |
| महिला युगल (Women's Doubles) |
कैटरिना सिनियाकोवा और टेलर टाउनसेंड |
सारा एरानी और जैस्मीन पाओलिनी |
लॉस एंजिल्स ओलंपिक 2028

- इंटरनेशनल ओलंपिक कमेटी (IOC) ने लॉस एंजिल्स ओलंपिक 2028 और भविष्य के खेलों में ट्रांसजेंडर महिलाओं को महिला कैटेगरी में भाग लेने से प्रतिबंधित किया।
- लिंग की पुष्टि करने के लिए खिलाड़ियों को एक बार जीन टेस्ट से गुजरना होगा।
- थूक, ब्लड सैंपल या गाल की मदद से इस टेस्ट को किया जा सकेगा।
- जन्म के समय जो एथलीट महिला थे और अब खुद को ट्रांसजेंडर की श्रेणी में गिनते हैं, वह महिला स्पर्धाओं में हिस्सा ले सकेंगे।
इंटरनेशनल ओलंपिक कमेटी (IOC) :
- स्थापना: 23 जून 1894 को पेरिस में हुई थी
- संस्थापक: पियरे डी कोबर्तिन
- मुख्यालय: लॉज़ेन, स्विट्जरलैंड
- सर्वोच्च संस्था: यह ओलंपिक आंदोलन की सर्वोच्च संस्था है
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- अध्यक्ष: कर्स्टी कोवेंट्री (ज़िम्बाब्वे)। वह IOC की पहली महिला और पहली अफ्रीकी अध्यक्ष हैं, जिन्होंने 23 जून 2025 को थॉमस बाक का स्थान लिया
- सदस्य: वर्तमान में 106 सदस्य हैं, जिनमें नीता अंबानी भारत का प्रतिनिधित्व करती हैं
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विज्ञान और प्रौद्यौगिकी
दो नए पॉलिमर मटेरियल विकसित

- सेंटर फॉर नैनो एंड सॉफ्ट मैटर साइंसेज (CeNS) और बेंगलुरु की क्राइस्ट यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने Zn(DAB) और Cd(DAB) नाम के दो नए पॉलिमर मटेरियल विकसित किया है, जो ऊर्जा स्टोरेज और ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन को अधिक प्रभावी बना सकता है।
सम्बन्धित तथ्य :
- ऊर्जा भंडारण (Energy Storage): यह सामग्री सुपरकैपेसिटर में अत्यधिक उच्च ऊर्जा और पॉवर डेंसिटी के साथ काम करती है, जो 5,000 चार्ज-डिस्चार्ज साइकिल तक अपनी क्षमता बरकरार रख सकती है।
- हरित हाइड्रोजन उत्पादन (Green Hydrogen Production): पानी के इलेक्ट्रोकैटेलिटिक स्प्लिटिंग के माध्यम से, ये सामग्रियां 263 mV (Zn-DAB) और 209 mV (Cd-DAB) के कम ओवरपोटेंशियल पर हाइड्रोजन का उत्पादन कर सकती हैं।
- निर्माण में आसानी: इन्हें सामान्य तापमान पर और आसान तरीके से बनाया जा सकता है, जो इन्हें औद्योगिक पैमाने पर उत्पादन के लिए एक व्यावहारिक विकल्प बनाता है।
- अनुप्रयोग (Applications): यह शोध स्वच्छ ऊर्जा, टिकाऊ ऊर्जा भंडारण और किफायती हाइड्रोजन उत्पादन को बढ़ावा दे सकता है।
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महत्वपूर्ण दिवस
भगवान महावीर की 2625वीं जयंती

- जैन धर्म के 24वें और अंतिम तीर्थंकर, भगवान महावीर की 2625वीं जयंती 31 मार्च 2026 का मनाई गई।
भगवान महावीर स्वामी :
- जीवन परिचय: जन्म 599 ई.पू. (वैशाली के पास कुंडग्राम), पिता सिद्धार्थ (ज्ञातृक वंश), माता त्रिशला (लिच्छवी)।
- विवाह: उनका विवाह यशोदा से हुआ था।
- त्याग और ज्ञान: 30 वर्ष की आयु में उन्होंने गृह त्याग दिया। 12 वर्षों की कठिन तपस्या के बाद जृम्भिकग्राम के पास ऋजुपालिका नदी के तट पर उन्हें कैवल्य (सर्वोच्च ज्ञान) प्राप्त हुआ।
- दार्शनिक योगदान (Philosophy):
- अनेकांतवाद: सत्य के कई पहलू हैं (बहुआयामी दृष्टिकोण)।
- स्यादवाद: ज्ञान की सापेक्षता का सिद्धांत (शायद, किसी दृष्टि से)।
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- पंच महाव्रत: अहिंसा, सत्य, अस्तेय (चोरी न करना), अपरिग्रह (संपत्ति न रखना), और ब्रह्मचर्य।
- शिक्षाएं: आत्मा और पदार्थ (जीव-अजीव) का विचार, समानता, और इंद्रिय निग्रह पर जोर।
- संघ की स्थापना: उन्होंने साधु, साध्वी, श्रावक और श्राविका के साथ चतुर्विध संघ बनाया।
- निर्वाण: 72 वर्ष की आयु में पावापुरी (बिहार) में मोक्ष प्राप्त किया।
- त्रिरत्न (Three Jewels): सम्यक दर्शन, सम्यक ज्ञान , सम्यक चरित्र
- निर्वाण: 72 वर्ष की आयु में पावापुरी (बिहार) में उन्हें निर्वाण प्राप्त हुआ।
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रिर्पोट एवं सूचकांक
लैंसेट रिपोर्ट (2023)

- लैंसेट पत्रिका के एक रिर्पोट के अनुसार, भारत विश्व में सर्वाधिक मातृ मृत्यु दर वाले देशों में शामिल है।
- 2023 में भारत दुनिया में सबसे अधिक मातृ मृत्यु दर (MMR) वाले देशों में शामिल है, जहाँ प्रति वर्ष लगभग 24,700 मौतें (वैश्विक कुल का एक बड़ा हिस्सा) होती हैं।
सम्बन्धित तथ्य :
- कुल मृत्यु: 2023 में भारत में लगभग 24,700 मातृ मौतें दर्ज की गईं।
- मातृ मृत्यु अनुपात (MMR): रिपोर्ट के अनुसार भारत में MMR 116 प्रति लाख जीवित जन्म है, जबकि राष्ट्रीय आंकड़ों (SRS 2021-23) के अनुसार यह 88 है।
- प्रमुख कारण: प्रसव के दौरान अत्यधिक रक्तस्राव, संक्रमण, और उच्च रक्तचाप (Hypertension) प्रमुख कारण हैं।
- अन्य कारक: समय पर चिकित्सा सुविधा न मिलना, ग्रामीण-शहरी स्वास्थ्य सेवाओं में अंतर, और पोषण की कमी।
- धीमी प्रगति: 2015 के बाद से मातृ मृत्यु दर में सुधार की गति धीमी हुई है।
- क्षेत्रीय असमानता: कुछ राज्यों (विशेषकर यूपी, बिहार, एमपी) में स्थिति अन्य राज्यों की तुलना में अधिक चिंताजनक है।
- SDG लक्ष्य: भारत का लक्ष्य 2030 तक MMR को 70 से नीचे लाना है (सतत विकास लक्ष्य-3)
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'ग्लोबल एजुकेशन मॉनिटरिंग रिपोर्ट 2026’

- यूनेस्को की 'ग्लोबल एजुकेशन मॉनिटरिंग रिपोर्ट 2026’ के अनुसार, विश्व-भर में स्कूल जाने की उम्र के 6 में से 1 बच्चा शिक्षा से वंचित है।
सम्बन्धित तथ्य :
- स्कूल से बाहर बच्चे: वर्ष 2024 में 27.3 करोड़ बच्चे, किशोर और युवा स्कूल से बाहर थे। इस डेटा में संघर्षों से सर्वाधिक प्रभावित 10 देशों के अनुमानित 1.3 करोड़ अतिरिक्त बच्चे शामिल नहीं हैं।
- माध्यमिक शिक्षा: सतत विकास लक्ष्य 4 (SDG-4) के तहत एक घोषित उद्देश्य होने के बावजूद, व्यावहारिक रूप से किसी भी देश ने अपने युवाओं के लिए सार्वभौमिक माध्यमिक शिक्षा पूरी होने का लक्ष्य हासिल नहीं किया है।
- शिक्षा तक पहुंच बनाम सीखने के परिणाम: शिक्षा तक पहुँच से अल्पकाल में सीखने के परिणामों में सुधार तो होता है, लेकिन इसे हमेशा गुणवत्तापूर्ण सीखने की गारंटी नहीं माना जाता। अर्थात, स्कूल में दाखिला मिल जाने से यह जरूरी नहीं कि बच्चे सच में अच्छी तरह समझकर सीख रहे हों।
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