राष्ट्रीय समाचार
वित्त विधेयक 2026

- लोकसभा ने ध्वनि मत से वित्त विधेयक 2026 पारित किया।
- इस विधेयक के पारित होने के साथ ही निचले सदन में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बजटीय अनुमोदन की प्रक्रिया पूरी हो गई है।
सम्बन्धित तथ्य :
- संशोधन: लोकसभा ने इस विधेयक को 32 सरकारी संशोधनों के साथ पारित किया है।उद्देश्य: यह विधेयक वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए केंद्र सरकार के वित्तीय प्रस्तावों (जैसे कर दरों में बदलाव, शुल्क आदि) को प्रभावी बनाने का प्रयास करता है
- कर प्रशासन: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के अनुसार, यह विधेयक "भरोसेमंद कर प्रशासन" (Trust-based tax administration) और नागरिकों के लिए 'ईज ऑफ लिविंग' को बढ़ावा देने पर केंद्रित है
- राहत के उपाय: सरकार ने 17 महत्वपूर्ण जीवन रक्षक दवाओं पर बुनियादी सीमा शुल्क से छूट दी है
- अगला चरण: लोकसभा से पारित होने के बाद अब इसे राज्यसभा में विचार के लिए भेजा जाएगा
- लोकसभा की शक्ति: धन विधेयक के मामले में लोकसभा के पास विशेष शक्तियां होती हैं। इसे केवल लोकसभा में ही पेश किया जा सकता है और राज्यसभा इसमें संशोधन नहीं कर सकती, केवल सिफारिशें दे सकती है।
- विनियोग विधेयक (Appropriation Bill): इससे पहले लोकसभा ने 19 मार्च 2026 को विनियोग विधेयक पारित किया था, जो सरकार को संचित निधि से धन निकालने का अधिकार देता है।
- कुल व्यय: आगामी वित्त वर्ष के लिए ₹53.47 लाख करोड़ के व्यय का अनुमान लगाया गया है, जो पिछले वर्ष से 7.7% अधिक है।
- पूंजीगत व्यय (Capex): अगले वित्त वर्ष के लिए ₹12.2 लाख करोड़ का पूंजीगत व्यय प्रस्तावित है।
संवैधानिक प्रावधान :
- धन विधेयक (Money Bill) - अनुच्छेद 110: इसमें केवल वही मामले शामिल होते हैं जो अनुच्छेद 110(1) में दिए गए हैं (जैसे कर लगाना, सरकारी उधारी, या संचित निधि से धन निकालना)।
- वित्त विधेयक (I) - अनुच्छेद 117(1): इसमें अनुच्छेद 110 के मामलों के साथ-साथ सामान्य कानून के मामले भी शामिल होते हैं।
- वित्त विधेयक (II) - अनुच्छेद 117(3): इसमें भारत की संचित निधि (Consolidated Fund) से व्यय से जुड़े प्रावधान होते हैं, लेकिन अनुच्छेद 110 का कोई मामला शामिल नहीं होता।
- धन विधेयक के रूप में: यदि वित्त विधेयक को लोकसभा अध्यक्ष (Speaker) द्वारा 'धन विधेयक' प्रमाणित किया जाता है, तो राज्यसभा इसे अस्वीकार या संशोधित नहीं कर सकती। उसे 14 दिनों के भीतर इसे लौटाना होता है।
- वित्त विधेयक (धन विधेयक की श्रेणी वाला) को राष्ट्रपति पुनर्विचार के लिए वापस नहीं भेज सकते। वे या तो अपनी सहमति देते हैं या इसे रोक कर रख सकते हैं।
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UDAN योजना को 10 वर्षों के लिए मंजूरी

- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने क्षेत्रीय कनेक्टिविटी योजना (RCS) - संशोधित उड़ान (UDAN) योजना को आगे बढ़ाने के लिए मंजूरी दी।
सम्बन्धित तथ्य :
- अवधि: यह योजना वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2035-36 तक 10 वर्षों की अवधि के लिए लागू की जाएगी
- कुल परिव्यय (Outlay): योजना के लिए ₹28,840 करोड़ का कुल बजट आवंटित किया गया है
- हवाई अड्डों का विकास: मौजूदा अप्रयुक्त (unserved) हवाई पट्टियों को अपग्रेड करके 100 नए हवाई अड्डे विकसित करने का लक्ष्य है
- हेलीपैड का विस्तार: दुर्गम और पहाड़ी क्षेत्रों में कनेक्टिविटी सुधारने के लिए 200 आधुनिक हेलीपैड बनाए जाएंगे
- वित्तीय सहायता (VGF): एयरलाइन ऑपरेटरों को व्यवहार्यता अंतराल वित्तपोषण (Viability Gap Funding - VGF) के माध्यम से सहायता प्रदान की जाएगी। इसमें केंद्र सरकार 80–90% तक VGF सहायता देगी।
प्रमुख घटक (Components) :
- CAPEX: हवाई अड्डों और बुनियादी ढांचे का विकास
- O&M: हवाई अड्डों का संचालन और रखरखाव
- आत्मनिर्भर भारत: स्वदेशी एयरोस्पेस क्षेत्र को बढ़ावा देना और विमान अधिग्रहण में सहायता
उड़ान योजना (उड़े देश का आम नागरिक) :
- शुरूआत : यह योजना 21 अक्टूबर 2016 को नागरिक उड्डयन मंत्रालय के तहत शुरू की गई थी
- पहली उड़ान : 27 अप्रैल 2017 को शिमला और दिल्ली के बीच संचालित हुई थी
- योजना ने 27 अप्रैल 2025 को अपने 8 वर्ष पूरा किया
- योजना का उद्देश्य : देश के छोटे और दूरदराज के शहरों को किफायती हवाई यात्रा से जोड़ना है, जिससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी बढ़े और आम नागरिकों को हवाई यात्रा का लाभ मिले।
- पिछले आठ वर्षों में उड़ान योजना ने देश में क्षेत्रीय हवाई अड्डों की संख्या बढ़ाने और हवाई संपर्क को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
- नोडल मंत्रालय : नागर विमानन मंत्रालय
- कार्यान्वयन निकाय : भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण
योजना के घटक :
- व्यवहार्यता अंतर वित्तपोषण (VGF) : किफायती किराया सुनिश्चित करने के लिए एयरलाइनों को वित्तीय सहायता।
- वहनीयता सुनिश्चित करने के लिए हवाई किराये की सीमा निर्धारित की गई।
- केंद्र, राज्य, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) और निजी हवाईअड्डा संचालकों के बीच सहयोगात्मक शासन।
- योजना का विकास: प्रारंभ से विस्तार तक
उड़ान 1.0 (2017) :
- शुरुआत: पहली उड़ान 27 अप्रैल, 2017 को (शिमला-दिल्ली) रवाना हुई।
- कवरेज: 5 एयरलाइन संचालकों को 70 हवाई अड्डों के लिए 128 मार्ग आवंटित किये गये इनमें 36 नये हवाई अड्डे भी शामिल हैं।
उड़ान 2.0 (2018) :
- इस योजना का विस्तार करके इसमें 73 कम जुड़ाव वाले और ऐसे क्षेत्र जिनसे जुड़ाव नहीं था उन हवाई अड्डों को शामिल किया गया
- पहली बार हेलीपैड को भी उड़ान नेटवर्क से जोड़ा गया
उड़ान 3.0 (2019) :
- पर्यटन मंत्रालय के समन्वय से पर्यटन मार्ग शुरू किए गए
- जल हवाई अड्डों को जोड़ने के लिए समुद्री विमान परिचालन को शामिल किया गया
- पूर्वोत्तर क्षेत्र के कई मार्गों को इस योजना से जोड़ा गया
उड़ान 4.0 (2020) :
- पहाड़ी क्षेत्रों, पूर्वोत्तर राज्यों और द्वीप क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया गया
- हेलीकॉप्टर और समुद्री विमान सेवा पर अधिक जोर दिया गया
उड़ान 5.0 और 5.5 (2024-25):
- 50 से अधिक जल निकायों से सीप्लेन सेवाओं के लिए निविदाएँ
- हेलीपैड, छोटे रनवे, दूरस्थ क्षेत्रों तक सेवा विस्तार
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IVFRT योजना को पांच वर्ष की अवधि के लिए मंजूरी

- केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आव्रजन, वीजा, विदेशी पंजीकरण और ट्रैकिंग (IVFRT) योजना को पांच वर्ष की अवधि के लिए मंजूरी दी।
सम्बन्धित तथ्य :
- मंजूर की गई अवधि : 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक पांच वर्षों के लिए
- इस अवधि के कुल परिव्यय : 1,800 करोड़ रुपये
- उद्देश्य : भारत में आव्रजन, वीजा जारी करने और विदेशियों के पंजीकरण से संबंधित कार्यों को आपस में जोड़ना और उन्हें सुव्यवस्थित करना
- IVFRT योजना : इस परियोजना को आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति द्वारा 13 मई 2010 को एक हजार 11 करोड़ रुपये के बजट परिव्यय और सितंबर 2014 तक की परियोजना अवधि के साथ अनुमोदित किया गया था
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AI मिशन के अंतर्गत 190 परियोजनाओं को मंजूरी

- इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने लोकसभा में बताया कि, भारत एआई मिशन के अंतर्गत कुल एक सौ 90 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है।
- इनमें से 78 परियोजनाएं सरकारी संस्थाओं, 46 स्टार्टअप और सुक्ष्म, लघु तथा मध्यम उद्यमों और 27 परियोजनाएं शोधकर्ताओं या शैक्षणिक संस्थानों के पास हैं।
- सरकार ने देश में समग्र एआई पारिस्थितिकी तंत्र के विकास के लिए 10 हजार तीन सौ 72 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ भारत एआई मिशन शुरू किया है।
| 'इंडियाएआई मिशन' (IndiaAI Mission) की शुरुआत मार्च 2024 में की गई थी। |
संस्कृति मंत्रालय और यू-ट्यूब के बीच समझौता

- संस्कृति मंत्रालय ने यू-ट्यूब के साथ समझौता ज्ञापन का आदान प्रदान किया।
सम्बन्धित तथ्य :
- उद्देश्य : डिजिटल प्लेटफार्म का उपयोग करके विश्व में भारत की समृद्ध और विविध संगीत परम्परा का प्रसार करना
- संस्कृति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत
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विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026

- गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने लोकसभा में विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 पेश किया।
- इस विधेयक का मुख्य उद्देश्य विदेशी चंदा प्राप्त करने वाले गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) के लिए पारदर्शिता बढ़ाना और नियमों को और अधिक सख्त बनाना है।
सम्बन्धित तथ्य :
- संपत्तियों पर नियंत्रण: विधेयक सरकार को उन NGOs की संपत्तियों और विदेशी धन को अपने कब्जे में लेने का अधिकार देता है जिनका FCRA पंजीकरण रद्द हो गया है, समाप्त हो गया है या उन्होंने इसे सरेंडर कर दिया है।
- सरकारी प्राधिकरण की नियुक्ति: पंजीकरण रद्द होने की स्थिति में, विदेशी धन से बनाई गई संपत्तियों के प्रबंधन और निपटान के लिए एक सरकारी नियुक्त प्राधिकरण (Authority) जिम्मेदार होगा।
- कानूनी खामियों को दूर करना: यह विधेयक विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम, 2010 में मौजूदा "परिचालन और कानूनी खामियों" को दूर करने का प्रयास करता है।
- जवाबदेही और पारदर्शिता: सरकार का तर्क है कि ये बदलाव विदेशों से प्राप्त धन का उचित उपयोग सुनिश्चित करने और राष्ट्रीय हित के खिलाफ गतिविधियों को रोकने के लिए आवश्यक हैं।
- NGO पदाधिकारियों की जिम्मेदारी: Drishti IAS के अनुसार, यह बिल NGO पदाधिकारियों की जवाबदेही को और अधिक सुव्यवस्थित करने का लक्ष्य रखता है।
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देश की सौर मॉड्यूल निर्माण क्षमता

- केंद्रीय नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने लोकसभा में बताया कि देश की सौर मॉड्यूल निर्माण क्षमता 172 गीगावाट हो गई है।
- सौर सेल निर्माण क्षमता 27 गीगावाट हो गई है।
- देश की सौर विद्युत उत्पादन क्षमता बढ़कर 144 गीगावाट हो गई है।
सात सशक्त समूहों के गठन की घोषणा

- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पश्चिम एशिया संघर्ष के दूरगामी प्रभावों से निपटने के लिए सात सशक्त समूहों के गठन की घोषणा की।
- राज्यों से केंद्र सरकार के साथ मिलकर इस संकट से बचने के लिए टीम इंडिया के रूप में कार्य करने की अपील की है।
- प्रधानमंत्री ने बताया कि ये समूह उसी तर्ज पर गठित किए गए हैं जैसे कोविड-19 महामारी के दौरान चुनौतियों से निपटने के लिए विशेषज्ञों और अधिकारियों के समूह बनाए गए थे।
समूहों के प्रमुख कार्यक्षेत्र हैं:
- ईंधन और ऊर्जा सुरक्षा: पेट्रोल, डीजल, प्राकृतिक गैस (LNG/LPG) और कच्चे तेल की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करना और मूल्य अस्थिरता का प्रबंधन करना।
- उर्वरक आपूर्ति: किसानों के लिए उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करना।
- आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain): वैश्विक व्यापार मार्गों में व्यवधान के बावजूद आवश्यक वस्तुओं के सुचारू प्रवाह को बनाए रखना।
- महंगाई नियंत्रण: युद्ध के कारण बढ़ने वाली मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने के लिए रणनीतियां बनाना।
- रणनीतिक और विदेशी मामले: रक्षा और विदेश नीति से जुड़े रणनीतिक पहलुओं की निगरानी करना।
- परिवहन और रसद (Logistics): आयात-निर्यात में आने वाली बाधाओं को दूर करना।
- सूचना और संचार: जनता के साथ संचार और जुड़ाव बनाए रखना।
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15वें वित्त आयोग के तहत अनुदान जारी

- केंद्र सरकार ने 15वें वित्त आयोग (XV-FC) की सिफारिशों के तहत ग्रामीण स्थानीय निकायों (RLB) के लिए ₹4,383.98 करोड़ (लगभग ₹4,384 करोड़) का अनुदान जारी किया है।
- यह वित्तीय सहायता उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और महाराष्ट्र के पंचायती राज संस्थानों (PRIs) को सशक्त बनाने के उद्देश्य से दी गई है।
सम्बन्धित तथ्य :
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राज्यवार वितरण:
- उत्तर प्रदेश: ₹2,339.10 करोड़ (75 जिला पंचायतें, 826 ब्लॉक पंचायतें और 57,694 ग्राम पंचायतें)।
- बिहार: ₹1,203.60 करोड़ (38 जिला पंचायतें, 533 ब्लॉक पंचायतें और 8,053 ग्राम पंचायतें)।
- झारखंड: ₹412.69 करोड़ (24 जिला पंचायतें, 253 ब्लॉक पंचायतें और 4,342 ग्राम पंचायतें)।
- महाराष्ट्र: इस वितरण चक्र के तहत शेष राशि प्राप्त करने वाले राज्यों में शामिल है।
- इन अनुदानों की सिफारिश पंचायती राज मंत्रालय और जल शक्ति मंत्रालय द्वारा की जाती है, और वित्त मंत्रालय द्वारा इन्हें प्रति वर्ष दो किस्तों में जारी किया जाता है।
- 'अनटाइड' अनुदान संविधान की ग्यारहवीं अनुसूची में सूचीबद्ध 29 विषयों के तहत, वेतन और स्थापना लागतों को छोड़कर, विशिष्ट स्थानों की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए होते हैं।
- दूसरी ओर, टाइड ग्रांट्स (Tied grants) को स्वच्छता, खुले में शौच-मुक्त (ODF) स्थिति को बनाए रखने, कचरा प्रबंधन और सुरक्षित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने—जिसमें वर्षा जल संचयन और जल पुनर्चक्रण भी शामिल है—जैसी मुख्य सेवाओं के लिए निर्धारित किया जाता है।
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ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकारों का संरक्षण) संशोधन विधेयक, 2026

- लोकसभा ने ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकारों का संरक्षण) संशोधन विधेयक, 2026 पारित कर दिया है।
- यह 2019 के मूल कानून में बदलाव करता है, जिसमें पहचान के लिए 'स्व-अनुभूत लिंग' के बजाय मेडिकल बोर्ड की सिफारिश को अनिवार्य बनाने और ट्रांसजेंडर की परिभाषा को जैविक आधार पर अधिक सीमित करने का प्रस्ताव है।
- इसका उद्देश्य प्रशासनिक स्पष्टता और सुरक्षा बढ़ाना है, लेकिन आलोचक इसे अधिकारों का हनन मान रहे हैं।
सम्बन्धित तथ्य :
- अनिवार्य चिकित्सा प्रमाणीकरण: अब पहचान प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए आवेदक को एक नामित मेडिकल बोर्ड की सिफारिश की आवश्यकता होगी। इस बोर्ड की अध्यक्षता मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) या उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी करेंगे।
- संशोधित परिभाषा: विधेयक "ट्रांसजेंडर व्यक्ति" की परिभाषा को संकुचित करता है और इसे मुख्य रूप से जैविक लक्षणों (Biological traits) और विशिष्ट सामाजिक-सांस्कृतिक पहचानों (जैसे किन्नर, हिजड़ा, अरावनी) तक सीमित करता है।
- कठोर दंड के प्रावधान:
- किसी व्यक्ति को जबरन ट्रांसजेंडर पहचान (जैसे कि खतना या हार्मोनल बदलाव के माध्यम से) के लिए मजबूर करने पर न्यूनतम 10 वर्ष से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा का प्रावधान है।
- यदि अपराध किसी बच्चे के विरुद्ध है, तो आजीवन कारावास और कम से कम 5 लाख रुपये के जुर्माने का प्रावधान है।
- नाम परिवर्तन का अधिकार: पहचान प्रमाण पत्र के आधार पर ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को जन्म प्रमाण पत्र और अन्य आधिकारिक दस्तावेजों में अपना पहला नाम बदलने का अधिकार होगा।
- ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम, 2019 : ट्रांसजेंडर से तात्पर्य उस व्यक्ति से है जिसका लिंग जन्म के समय उसे दिये गए लिंग से मेल नहीं खाता है। इसमें ट्रांस पुरुष, ट्रांस महिला, इंटरसेक्स व्यक्ति और किन्नर व हिजड़ा जैसी सामाजिक-सांस्कृतिक पहचानें शामिल हैं, चाहे कोई चिकित्सकीय हस्तक्षेप हुआ हो या नहीं।
- जनगणना 2011 के अनुसार, भारत में ट्रांसजेंडर जनसंख्या लगभग 4.88 लाख है, जिसमें उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र शीर्ष तीन राज्य हैं।
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अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव 2026

- दिल्ली में पहली बार अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (IFFD) 2026, 25 मार्च से 31 मार्च तक भारत मंडपम में शुरू हुआ है।
- दिल्ली सरकार के सहयोग से आयोजित इस महोत्सव में 125 से अधिक भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय फिल्में दिखाई जाएंगी, जिसका उद्देश्य शहर को एक वैश्विक सांस्कृतिक केंद्र के रूप में स्थापित करना है।
सम्बन्धित तथ्य :
- इस महोत्सव में 47 देशों की 130 से अधिक फिल्में प्रदर्शित की जाएंगी।
- 101 देशों से दो हजार से अधिक प्रविष्टियों में से चयनित यह फिल्म महोत्सव इसकी वैश्विक प्रभाव को दर्शाता है।
- महोत्सव की शुरुआत प्रसिद्ध फिल्ममेकर ओलिवर लैक्स की ऑस्कर नामांकित रोड फिल्म सीरत से होगी, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत संकेत देती है।
- यह महोत्सव सिंगापुर के निर्देशक तान सियू की प्रभावशाली पहली फिल्म अमीबा के साथ समाप्त होगा।
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राज्य समाचार
UCC बिल पारित करने वाला देश का दूसरा राज्य

- गुजरात विधानसभा ने समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक 2026 को पारित किया, जिससे यह राज्य UCC बिल पारित करने वाला देश का दूसरा राज्य बन गया है।
- मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की सरकार द्वारा पेश इस कानून में विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और लिव-इन रिलेशनशिप के लिए समान नियम हैं।
मुख्य बातें:
- लिव-इन रजिस्ट्रेशन: लिव-इन रिलेशनशिप का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होगा
- बहुविवाह पर रोक: कानून के तहत बहुविवाह पर रोक लगाई गई है
- संपत्ति में समानता: वसीयत न होने पर संपत्ति माता-पिता, पति-पत्नी और बच्चों के बीच बराबर बांटी जाएगी
- छूट: यह कानून अनुसूचित जनजातियों (ST) और कुछ पारंपरिक अधिकारों वाले समूहों पर लागू नहीं होगा
- उद्देश्य: महिला सशक्तिकरण और विवाह/पारिवारिक मामलों में समान कानूनी व्यवस्था सुनिश्चित करना
- संवैधानिक संदर्भ: भारतीय संविधान का अनुच्छेद 44 (राज्य के नीति निर्देशक तत्व - DPSP) राज्य को पूरे भारत में नागरिकों के लिए एक समान नागरिक संहिता सुनिश्चित करने का निर्देश देता है।
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मिजोरम में जन्म दर में वृद्धि

- मिजोरम में इस वर्ष जनवरी में 1845 जन्म और 720 मृत्यु के आंकड़े दर्ज किये गए।
- अर्थशास्त्र और सांख्यिकी विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, लड़कियों की जन्म दर अधिक रही।
- राज्य में 896 लड़कों पर 949 लड़कियों का जन्म हुआ।
- आइजोल में सबसे अधिक, इसके बाद दक्षिण मिजोरम के लुंगलेई जिले में सर्वाधिक जन्म के आंकड़े दर्ज किए गए।
'निवेश मित्र 3.0' पोर्टल का शुभारंभ

- उत्तर प्रदेश सरकार 1 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को प्राप्त करने के उद्देश्य से 'निवेश मित्र 3.0' पोर्टल का शुभारंभ किया।
- यह पोर्टल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर आधारित है और निवेशकों को ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (Ease of Doing Business) के तहत विश्वस्तरीय सुविधाएं प्रदान करेगा।
सम्बन्धित तथ्य :
- AI-आधारित प्रणाली: यह एक अगली पीढ़ी का डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जो AI और डेटा-संचालित शासन उपकरणों का उपयोग करता है।
- सरलीकृत सेवाएं: पोर्टल पर 40 से अधिक विभागों की 200 से अधिक सेवाएं एक ही स्थान (Single Window) पर उपलब्ध हैं, जो प्रक्रियाओं को तेज और सरल बनाती हैं।
- डायनेमिक CAF: इसमें 'नॉ योर अप्रूवल' (KYA - Know Your Approvals) फीचर के साथ एक एकीकृत सामान्य आवेदन पत्र (Common Application Form - CAF) है, जो निवेशकों को आवश्यक मंजूरी के बारे में व्यक्तिगत मार्गदर्शन देता है।
- GIS-सक्षम लैंड बैंक: यह निवेशकों को डिजिटल मानचित्र पर भूमि की वास्तविक उपलब्धता देखने की सुविधा देता है, जिससे पारदर्शिता बढ़ती है।
- एकीकृत ट्रैकिंग और अलर्ट: इसमें रीयल-टाइम एप्लिकेशन ट्रैकिंग और व्हाट्सएप/ईमेल/एसएमएस के माध्यम से तत्काल सूचनाएं (Alerts) शामिल हैं।
- राष्ट्रीय पोर्टल से एकीकरण: निवेश मित्र 3.0 को 'नेशनल सिंगल विंडो सिस्टम' (NSWS) के साथ एकीकृत किया गया है
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अर्थव्यवस्था तथा बैंकिंग
भारत की GDP विकास दर : S&P

- स्टैंडर्ड एण्ड पुअर्स (S&P) ग्लोबल की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनावों और अस्थिरता के बावजूद, भारत की GDP विकास दर वित्त वर्ष 2026-27 (FY27) में 7.1% रहने का अनुमान है।
सम्बन्धित तथ्य :
- मजबूत घरेलू मांग, सतत निर्यात और निजी निवेश में आ रहे धीरे-धीरे सुधार से भारत सबसे तेजी से बढने वाली प्रमुख अर्थव्यस्थाओं में बना रहेगा।
- भारत अन्य बडी अर्थव्यवस्थाओं के साथ एक मुख्य संचालक के रूप में उभर रहा है।
- चीन को छोडकर क्षेत्र में 2026 में विकास के साढे चार प्रतिशत बढने की आशा की जा रही है।
- वैश्विक स्तर पर ऊर्जा की कीमतों में अस्थिरता के बावजूद प्रबंधनीय सीमा के भीतर मुद्रास्फीति के लगभग 4.3% तक कम होने का अनुमान है।
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भारत की GDP विकास दर : गोल्डमैन सैक्स

- गोल्डमैन सैक्स ने भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण 2026 में भारत की GDP विकास दर के अनुमान को 7% से घटाकर 5.9% किया।
रिर्पोट के अनुसार :
- ब्रेंट क्रूड की कीमत मार्च में औसतन 105 डॉलर रहने और अप्रैल में बढ़कर 115 डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है।
- इसके बाद साल की आखिरी तिमाही में कीमतें गिरकर लगभग 80 डॉलर प्रति बैरल तक आ सकती हैं।
- गोल्डमैन ने 2026 के लिए भारत के मुद्रास्फीति पूर्वानुमान को बढाकर 4.6% किया, जो पहले के 3.9% के अनुमान से अधिक है।
- इस वृद्धि के बावजूद, मुद्रास्फीति भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा निर्धारित 2-6% की सीमा के भीतर ही रहने की संभावना है।
- भारत का चालू खाता घाटा 2026 में जीडीपी के 2% तक बढ़ सकता है। यह 2025 की अक्टूबर से दिसंबर तिमाही में दर्ज किए गए 1.3% से अधिक है, जो अर्थव्यवस्था पर बढ़ते बाहरी दबाव का संकेत देता है।
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भारत का कुल निर्यात 2025-26 में

- वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने लोकसभा में बताया कि भारत के निर्यात में व्यापक स्तर पर वृद्धि जारी है।
सम्बन्धित तथ्य :
- वित्त वर्ष 2025-26 के अप्रैल-जनवरी के दौरान, वस्तुओं और सेवाओं का कुल निर्यात 36 अरब अमेरिकी डॉलर बढ़कर 714.73 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया, जो वित्त वर्ष 2024-25 (अप्रैल-जनवरी) के 679.02 अरब अमेरिकी डॉलर से 5.26% की वृद्धि दर्शाता है।
- 2021-22 से 2024-25 की अवधि में, निर्यात में 6.9% की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर दर्ज की गई, जिसके परिणामस्वरूप निर्यात मूल्य 2020-21 में 497.90 अरब अमेरिकी डॉलर से बढ़कर 2024-25 में 828.25 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया।
- सरकार ने ईपीएम को 25,060 करोड़ रुपये के बजटीय परिव्यय (वित्त वर्ष 2025-26 से वित्त वर्ष 2030-31 तक) के साथ मंजूरी दी है।
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तीन प्रमुख पहलों का शुभारम्भ

- सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भारत के मीडिया, प्रसारण और डिजिटल क्षेत्र को मजबूत करने और सृजनात्मक अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के उद्देश्य से तीन प्रमुख पहलों का शुभारम्भ किया।
सम्बन्धित तथ्य :
- नेशनल एआई स्किलिंग पहल (National AI Skilling Initiative): भारतीय सृजनात्मक प्रौद्योगिकी संस्थान (IICT) के माध्यम से गूगल और यूट्यूब की साझेदारी में यह पहल शुरू की गई है। इसका उद्देश्य मीडिया और मनोरंजन क्षेत्र में 15,000 युवाओं को एआई (कृत्रिम मेधा) उपकरणों और तकनीकों में प्रशिक्षित करना है।
- 'मायवेव्स' (MyWAVES) प्लेटफॉर्म: यह 'वेव्स' (WAVES) ओटीटी प्लेटफॉर्म पर नागरिक रचनाकारों (Citizen Creators) के लिए एक विशेष पोर्टल है। यह आम नागरिकों को अपना कंटेंट बनाने, अपलोड करने और साझा करने में सक्षम बनाता है, जिससे डिजिटल भागीदारी बढ़ेगी।
- स्मार्ट टीवी के लिए सैटेलाइट ट्यूनर और एडवांस्ड EPG : दूरदर्शन के 'DD Free Dish' तक पहुँच को आसान बनाने के लिए, टेलीविजन सेटों में इन-बिल्ट (पहले से लगे हुए) सैटेलाइट ट्यूनर और एडवांस इलेक्ट्रॉनिक प्रोग्राम गाइड (EPG) लाने की योजना है। इससे सेट-टॉप बॉक्स की आवश्यकता समाप्त हो जाएगी और सुदूर क्षेत्रों तक पहुंच बढ़ेगी।
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अंतर्राष्ट्रीय समाचार
लितानी नदी तक कब्ज़े की मंशा

- इज़रायल ने दक्षिणी लेबनान में लितानी नदी तक क्षेत्र पर कब्जे की मंशा जताई, जिसे रक्षा मंत्री इज़रायल काट्ज़ ने ‘सुरक्षा क्षेत्र’ बताया है।
- यह पहली बार है जब इजराइल ने देश के लगभग 10वें हिस्से के बराबर क्षेत्र पर नियंत्रण की अपनी मंशा स्पष्ट की है।
- यह नदी भूमध्य सागर में गिरती है और इज़रायल की सीमा से लगभग 30 किलोमीटर उत्तर में स्थित है।
2025 में पाकिस्तान विश्व का सबसे प्रदूषित देश

- स्विट्जरलैंड की एक वायु गुणवत्ता कंपनी की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2025 में पाकिस्तान, विश्व का सबसे प्रदूषित देश रहा, इसके बाद बांग्लादेश और ताजिकिस्तान का स्थान रहा।
- वायु गुणवत्ता सूचकांक रैंकिंग में पाकिस्तान में पीएम 2.5 का स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन के वार्षिक मानक से 13.5 गुना अधिक है।
- रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि देश की वित्तीय राजधानी कराची में हाल के वर्षों में स्थिति पिछले वर्षों की तुलना में कहीं अधिक खराब है।
- 143 देशों की सूची में भारत का स्थान छठे नंबर पर रहा। वही, चाड और कांगो चौथे और पांचवें स्थान पर रहे।
खेल समाचार
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की 100% हिस्सेदारी

- आदित्य बिरला समूह (ABG) के नेतृत्व वाले एक सहायता संघ ने IPL फ्रेंचाइजी रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु में 100% इक्विटी हिस्सेदारी उसके वर्तमान मालिक यूनाइटेड स्पिरिट्स लिमिटेड से ₹16,706 करोड़ में हासिल की।
- इस संघ में आदित्य बिरला समूह, टाइम्स ऑफ इंडिया समूह, बोल्ट वेंचर्स और ब्लैकस्टोन की स्थायी निजी इक्विटी रणनीति, BXPE(ब्लैकस्टोन) शामिल हैं।
खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026

- प्रथम खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स (KITG) की मेजबानी छत्तीसगढ़ द्वारा किया जा रहा है।
- इसकी मेजबानी छत्तीसगढ़ के तीन प्रमुख शहरो रायपुर, जगदलपुर, अंबिकापुर/सरगुजा द्वारा किया जा रहा है।
मुख्य बिंदु:
- आयोजन : 25 मार्च से 6 अप्रैल, 2026 तक
- उद्देश्य : जनजातीय खिलाड़ियों की भागीदारी को बढ़ावा देना और भारत के जनजातीय क्षेत्रों में खेल विकास को सुदृढ़ करना
- इन खेलों में सात पदक प्रतियोगिताएँ शामिल होंगी: एथलेटिक्स, फुटबॉल, हॉकी, वेटलिफ्टिंग, आर्चरी, स्विमिंग और रेसलिंग।
- इसके अतिरिक्त मल्लखंब और कबड्डी को प्रदर्शन (डेमोंस्ट्रेशन) खेलों के रूप में शामिल किया जाएगा।
- भागीदारी: भारत के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के खिलाड़ी इसमें भाग लेने की संभावना है, जिससे जनजातीय खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिये एक राष्ट्रीय मंच मिलेगा।
- आयोजन: इस कार्यक्रम का आयोजन युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI), भारतीय ओलंपिक संघ, विभिन्न राष्ट्रीय खेल महासंघों और छत्तीसगढ़ राज्य आयोजन समिति के संयुक्त सहयोग से किया जाएगा।
- मैस्कॉट: इन खेलों का आधिकारिक मैस्कॉट ‘मोरवीर’ है, जो भारत के जनजातीय समुदायों के साहस और गौरव का प्रतीक है।
- खेलो इंडिया योजना: ट्राइबल गेम्स खेलो इंडिया योजना का हिस्सा हैं, जो एक प्रमुख केंद्रीय क्षेत्र योजना है और जिसका उद्देश्य खेलों में व्यापक भागीदारी को बढ़ावा देना तथा पूरे भारत में खेल उत्कृष्टता का विकास करना है।
- महत्त्व: इस पहल का उद्देश्य जनजातीय समुदायों में खेल प्रतिभाओं की पहचान और उन्हें प्रोत्साहित करना, खेलों में समावेशिता को बढ़ावा देना तथा जनजातीय खिलाड़ियों को राष्ट्रीय खेल पारिस्थितिकी तंत्र से जोड़ना है।
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