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GK Update

Tue 24 Mar, 2026

राष्‍ट्रीय समाचार

रीयल-टाइम आंतरिक लेखापरीक्षा पोर्टल का शुभारंभ

  • ग्रामीण विकास मंत्रालय ने रीयल-टाइम आंतरिक लेखापरीक्षा पोर्टल का शुभारंभ किया।
  • राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) द्वारा विकसित, यह पोर्टल पारदर्शिता, जवाबदेही और केंद्रीयकृत निगरानी बढ़ाएगा, जिससे विकास कार्यों के लिए आवंटित अरबों रुपयों का सही उपयोग सुनिश्चित हो सके।

प्रमुख विशेषताएं:

  • रीयल-टाइम डैशबोर्ड: ऑडिट की स्थिति और की गई कार्रवाई रिपोर्ट (ATR) की लाइव ट्रैकिंग।
  • एस्केलेशन तंत्र (Escalation Mechanism): अनुपालन में देरी होने पर स्वचालित सूचनाएं भेजना।
  • सचिव-स्तरीय दृश्यता: मंत्रालय के उच्च अधिकारियों को सभी कार्यक्रमों की सीधी निगरानी की सुविधा।
  • भूमिका-आधारित पहुंच (Role-based access): डेटा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए केवल अधिकृत व्यक्तियों को पहुंच।
  • शामिल योजनाएं: यह पोर्टल मनरेगा (MGNREGA), प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G), और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) जैसी प्रमुख ग्रामीण योजनाओं के आंतरिक ऑडिट को कवर करेगा।
  • महत्व: यह पहल 'डिजिटल इंडिया' मिशन के अनुरूप है और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए आवंटित निधियों के कुशल प्रबंधन में मदद करेगी।
GLP-1 आधारित दवा

  • भारतीय औषधि नियंत्रक (CDSCO) ने GLP-1 आधारित वजन घटाने वाली दवाओं (जैसे सेमाग्लूटाइड) की अनधिकृत बिक्री और भ्रामक प्रचार पर लगाम कसने के लिए निगरानी बढ़ा दी है।
  • स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने कहा कि उचित चिकित्‍सकीय परामर्श के बिना इन दवाओं के गंभीर दुष्प्रभाव हो सकते हैं।
  • मंत्रालय ने बताया कि इससे पहले, 10 मार्च को निर्माताओं को उपभोक्‍ताओं को गुमराह करने वाले विज्ञापनों का प्रचार ना करने की सलाह दी गई थी।

GLP-1 (ग्लूकागन-लाइक पेप्टाइड-1) आधारित दवा :

 

 

  • ये आंत हार्मोन की नकल कर भूख कम करती हैं, इंसुलिन बढ़ाती हैं और 15-20% तक वजन घटाने में सहायक हैं। WHO ने इन्हें मोटापे के लिए सशर्त मंजूरी दी है।
  • कार्यप्रणाली (Mechanism): ये GLP-1 रिसेप्टर एगोनिस्ट हैं। ये मस्तिष्क को पेट भरे होने का संकेत देकर भूख कम करते हैं, पेट खाली होने की प्रक्रिया धीमी करते हैं और यकृत से ग्लूकोज उत्पादन कम करते हैं।
  • प्रमुख उपयोग: टाइप-2 मधुमेह, दीर्घकालिक वजन प्रबंधन (मोटापा), और हृदय रोग का खतरा कम करना।
  • प्रमुख दवाएं: सेमाग्लूटाइड (Semaglutide), लिराग्लूटाइड (Liraglutide), और टिर्जेपेटाइड (Tirzepatide)।
  • WHO दिशानिर्देश: गर्भावस्था को छोड़कर, मोटापे से ग्रस्त वयस्कों के लिए स्वस्थ जीवनशैली के साथ दीर्घकालिक उपयोग (Long-term use) की सिफारिश की है।
  • चुनौतियां: उच्च लागत, नकली दवाओं का डर, मांसपेशियों की कमी (Muscles loss), और वैश्विक मांग के मुकाबले कम उत्पादन।

राज्‍य समाचार

VAT संशोधन विधेयक, 2026 पारित : हिमाचल प्रदेश

  • हिमाचल विधानसभा ने पेट्रोल-डीजल पर ₹5/लीटर तक उपकर हेतु VAT संशोधन विधेयक, 2026 पारित किया।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • उद्देश्य: इस उपकर (Cess) को "अनाथ और विधवा उपकर" (Orphan and Widow Cess) नाम दिया गया है, जिसका उपयोग अनाथ बच्चों और विधवाओं के कल्याणकारी कार्यों, शिक्षा और वित्तीय सहायता के लिए किया जाएगा।
  • अधिरोपण: यह उपकर ईंधन की पहली बिक्री (point of first sale) पर लगाया जाएगा।
  • उच्चतम सीमा (Ceiling): सरकार ने उपकर की अधिकतम सीमा ₹5 प्रति लीटर निर्धारित की है, हालांकि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने स्पष्ट किया है कि वास्तविक उपकर इससे कम हो सकता है (जैसे 10-30 पैसे प्रति लीटर) और इसे जनता की जरूरतों के अनुसार अधिसूचित किया जाएगा।
  • विरोध और समर्थन: विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इस कदम का विरोध करते हुए कहा कि इससे महंगाई बढ़ेगी और पेट्रोल-डीजल पड़ोसी राज्यों की तुलना में महंगे हो जाएंगे। भाजपा ने सदन से वॉकआउट (Walkout) भी किया।
  • सरकार का पक्ष: मुख्यमंत्री ने कहा कि यह राज्य के अनाथों और विधवाओं के प्रति सरकार की 'अभिभावक' (Guardian) की भूमिका के तहत किया जा रहा है।

हिमाचल प्रदेश :

  • पश्चिमी हिमालय में स्थित एक पहाड़ी राज्य है, जिसे 'देवभूमि' के रूप में जाना जाता है
  • सीमाएं : जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड और चीन (तिब्बत) से लगती हैं
  • इतिहास: 15 अप्रैल 1948 को मुख्य आयुक्त प्रांत के रूप में गठन, 1956 में केंद्र शासित प्रदेश बना और 1971 में पूर्ण राज्य का दर्जा मिला
  • हिमाचल प्रदेश दिवस प्रतिवर्ष 15 अप्रैल को मनाया जाता है, जो वर्ष 1948 में मुख्य आयुक्त प्रांत के रूप में इसके गठन का प्रतीक है।
  • राजधानी : शिमला
  • प्रमुख : नदियाँ सतलुज, व्यास, रावी, चेनाब और यमुना
  • प्रमुख झीलें : रेणुका (सबसे बड़ी प्राकृतिक), रावलसर, खज्जियार, और चंद्र ताल हैं। यहाँ 'शीत रेगिस्तान' (लाहौल-स्पीति)

उत्‍तर प्रदेश का तीसरा ‘फ्लोटिंग सोलर प्लांट’

  • उत्‍तर प्रदेश कैबिनेट ने गोरखपुर को 'सोलर सिटी' के रूप में विकसित करने के उद्देश्‍य से चिलुआ ताल पर 20 MW के फ्लोटिंग सोलर प्लांट को मंज़ूरी दी।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

 

 

  • क्षमता व उत्पादन: इस प्लांट की कुल क्षमता 20 मेगावाट (MW) है, जिससे प्रति वर्ष लगभग 33.29 से 38.54 मिलियन यूनिट हरित ऊर्जा के उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है।
  • कार्यान्वयन एजेंसी: इस परियोजना को कोल इंडिया लिमिटेड (Coal India Ltd) द्वारा स्थापित किया जाएगा
  • क्षेत्रफल: फ्लोटिंग सोलर पैनल गोरखपुर के तहसील सदर स्थित चिलुआ ताल के लगभग 80 एकड़ जल क्षेत्र पर लगाए जाएंगे
  • लागत: परियोजना की अनुमानित लागत लगभग ₹140 करोड़ है
  • उद्देश्य: नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के मानकों के अनुसार, सोलर सिटी के रूप में विकसित शहरों में 5 वर्षों के भीतर पारंपरिक ऊर्जा की मांग में कम से कम 10% की कमी लाना अनिवार्य है। गोरखपुर के लिए यह लक्ष्य लगभग 121.8 मिलियन यूनिट निर्धारित किया गया है।

उत्तर प्रदेश में फ्लोटिंग सोलर प्लांट की स्थिति :

  • गोरखपुर का यह प्लांट प्रदेश का तीसरा प्रमुख फ्लोटिंग सोलर प्लांट होगा।
  • औरैया: 20 MW क्षमता का प्लांट (NTPC द्वारा स्थापित)।
  • खुर्जा (बुलंदशहर): 11 MW क्षमता का प्लांट (THDC द्वारा स्थापित)
  • उत्तर प्रदेश ने बीते 9 वर्षों में सौर ऊर्जा के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति करते हुए खुद को देश के अग्रणी हरित ऊर्जा राज्यों में स्थापित किया है।
  • उत्तर प्रदेश सौर ऊर्जा नीति-2017 और 2022 के प्रभावी क्रियान्वयन से राज्य में सौर क्षमता बढ़कर 5000 मेगावाट से अधिक हो गई है।
  • प्रभावी नीतियों, बड़े सोलर प्रोजेक्ट्स और जनभागीदारी के चलते 4 लाख से अधिक रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं
  • प्रदेश सरकार ने सौर ऊर्जा नीति-2022 के तहत 22,000 मेगावाट सौर क्षमता विकसित करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है।
  • टोरेंट पावर द्वारा गोरखपुर में 0.5 मेगावाट का ग्रीन हाइड्रोजन पायलट प्रोजेक्ट स्थापित किया जा रहा है, जिसकी उत्पादन क्षमता लगभग 9 किलोग्राम प्रति घंटा है।
  • वहीं जीरो फुटप्रिंट इंडस्ट्रीज प्रा लि द्वारा रामपुर में 22.5 किलोग्राम प्रति घंटा क्षमता का ग्रीन हाइड्रोजन संयंत्र स्थापित किया जा रहा है।
‘पछवारा साउथ कोल ब्लॉक’ के विकास को मंजूरी

  • उत्‍तर प्रदेश कैबिनेट ने कानपुर के ‘घाटमपुर’ में 660 मेगावॉट की तीन यूनिट के प्रोजेक्ट के लिए झारखंड के ‘पछवारा साउथ कोल ब्लॉक’ के विकास हेतु 2242.90 करोड़ रुपये की मंजूरी दी।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

 

 

  • परियोजना का विवरण: घाटमपुर थर्मल पावर प्रोजेक्ट कानपुर जिले में स्थित है, जिसमें 660-660 मेगावाट की तीन सुपरक्रिटिकल इकाइयां हैं। यह परियोजना नेयवेली उत्तर प्रदेश पावर लिमिटेड (NUPPL) द्वारा लागू की जा रही है, जो NLC इंडिया लिमिटेड और उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (UPRVUNL) का एक संयुक्त उपक्रम है।
  • कोयला खदान: झारखंड के दुमका जिले में स्थित 'पछवारा साउथ कोल ब्लॉक' इस पावर प्लांट को ईंधन की आपूर्ति करेगा।
  • वित्तीय स्वीकृति: 2242.90 करोड़ रुपये की स्वीकृत लागत का उपयोग खदान के विकास के लिए किया जाएगा। इसमें से 70% (1570.03 करोड़ रुपये) ऋण के माध्यम से और शेष 30% अंशपूंजी के रूप में जुटाया जाएगा।
  • यह परियोजना उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड और एनएलसी इंडिया लिमिटेड के संयुक्त उपक्रम के रूप में विकसित की जा रही है।
  • स्वीकृत लागत का 70 प्रतिशत यानी 1570.03 करोड़ रुपये ऋण के माध्यम से तथा शेष 30 प्रतिशत अंशपूंजी के रूप में जुटाया जाएगा।
  • इसमें उत्पादन निगम की 49 प्रतिशत हिस्सेदारी के अनुरूप 329.71 करोड़ रुपये का अंशदान शामिल होगा।

“नवयुग पालिका योजना” को मंजूरी

  • उत्‍तर प्रदेश कैबिनेट ने नगर विकास के तहत “नवयुग पालिका योजना” को मंजूरी दी, जो 58 जिला मुख्यालयों में लागू होगी।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

 

 

  • प्रदेश सरकार ने स्मार्ट सिटी मिशन की तर्ज पर अब नगर निगमों से बाहर के शहरों को विकसित करने का निर्णय लिया है
  • इस योजना के तहत 17 नगर निगम वाले जिलों को छोड़कर शेष 58 जिला मुख्यालयों के नगरीय निकायों को आधुनिक सुविधाओं से युक्त कर उनके समग्र विकास का खाका तैयार किया गया है।
  • योजना के तहत कुल 58 नगरीय निकायों का चयन किया गया है।
  • इनमें 55 नगर पालिका परिषद और तीन नगर पंचायतें शामिल हैं, जिन्हें जिला मुख्यालय होने के कारण विशेष रूप से चुना गया है।
  • योजना के लिए प्रति वर्ष 583.20 करोड़ रुपये और पांच वर्षों में कुल 2916 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
  • यह पूरी तरह राज्य सरकार द्वारा वित्तपोषित योजना होगी, जिसमें केंद्र सरकार की कोई भागीदारी नहीं होगी।
  • योजना की समयावधि वित्तीय वर्ष 2025-26 से 2029-30 तक तय की गई है।
  • परियोजनाओं के चयन के लिए जिला स्तर पर समितियों का गठन किया जाएगा, जबकि राज्य स्तरीय तकनीकी समिति द्वारा परीक्षण के बाद सक्षम स्तर से अनुमोदन दिया जाएगा।

IMLC की स्थापना को मंजूरी

  • उत्‍तर प्रदेश कैबिनेट ने अटल इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन के तहत सम्भल जिले में इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक्स क्लस्टर (IMLC) की स्थापना को मंजूरी दी।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

 

 

  • उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण द्वारा विकसित एक्सप्रेस-वे नेटवर्क के अंतर्गत 29 स्थलों पर प्रस्तावित इंडस्ट्रियल कॉरिडोर परियोजना के तहत यह क्लस्टर विकसित किया जाएगा, जिसमें सड़क, आरसीसी नालियां, कल्वर्ट, फायर स्टेशन, अवर जलाशय, जलापूर्ति लाइन, फेंसिंग, विद्युत सहित आधुनिक आधारभूत ढांचा तैयार किया जाएगा।
  • परियोजना का निर्माण ईपीसी मॉडल पर किया जाएगा तथा प्रस्तावित 293.59 करोड़ रुपये की लागत के सापेक्ष वित्त समिति द्वारा अनुमोदित 245.42 करोड़ रुपये की धनराशि पर कैबिनेट ने अंतिम स्वीकृति प्रदान की है।

'यूपी निजी बिजनेस पार्क विकास नीति-2025' को मंजूरी

  • उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने 'यूपी निजी बिजनेस पार्क विकास नीति-2025' को मंजूरी दी, जिसका उद्देश्य विश्व स्तरीय प्लग-एंड-प्ले इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करना है।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

 

 

  • योजना के अंतर्गत प्रदेश में ऐसे बिजनेस पार्क विकसित किए जाएंगे, जहां वैश्विक निगमों के कार्यालय, अनुसंधान एवं विकास (आरएंडडी) केंद्र, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) तथा संचालन केंद्र स्थापित किए जा सकेंगे।
  • इन पार्कों में रेडी-टू-ऑपरेट और प्लग-एंड-प्ले सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे सेवा और प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में तेजी से विस्तार होगा।
  • योजना को डिजाइन, बिल्ट, फाइनेंस, आपरेट एवं ट्रांसफर (DBFOT) मॉडल के तहत लागू किया जाएगा
  • प्रत्येक बिजनेस पार्क के लिए न्यूनतम 10 एकड़ भूमि का प्रावधान किया गया है।

पुस्‍तकें और लेखक

पुस्तक 'करुणा: द पावर ऑफ कंपैशन' का विमोचन

  • नोबेल शांति पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी की नई पुस्तक 'करुणा: द पावर ऑफ कंपैशन' का विमोचन सत्यार्थी मूवमेंट फॉर ग्लोबल कम्पैशन द्वारा किया गया।
  • यह पुस्तक करुणा को केवल एक भावना नहीं, बल्कि सामाजिक-वैश्विक समस्याओं को सुलझाने वाली एक सक्रिय शक्ति (Actionable Force) के रूप में प्रस्तुत करती है।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • प्रकाशन: इसे 'सत्यार्थी मूवमेंट फॉर ग्लोबल कम्पैशन' (SMGC) तथा 'हार्पर कॉलिन्स इंडिया' द्वारा लॉन्च किया गया।
  • सत्यार्थी ने 'करुणा गुणांक' (CQ) की अवधारणा पेश की है, जो करुणा को मापने और बढ़ाने का एक वैज्ञानिक तरीका है।

कैलाश सत्यार्थी :

  • एक प्रसिद्ध भारतीय बाल अधिकार कार्यकर्ता है
  • जन्म: 11 जनवरी, 1954 को मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में हुआ।
  • मूल नाम: उनका जन्म का नाम कैलाश शर्मा था, लेकिन सामाजिक समानता और छुआछूत के खिलाफ संदेश देने के लिए उन्होंने अपना उपनाम बदलकर 'सत्यार्थी' (सत्य की खोज करने वाला) कर लिया।
  • बचपन बचाओ आंदोलन (BBA): 1980 में उन्होंने इस संगठन की स्थापना की, जिसके माध्यम से अब तक 1,00,000 से अधिक बच्चों को बाल श्रम, तस्करी और गुलामी से मुक्त कराया जा चुका है।
  • नोबेल शांति पुरस्कार (2014): उन्हें यह सम्मान पाकिस्तान की मलाला यूसुफजई के साथ संयुक्त रूप से "बच्चों और युवाओं के दमन के खिलाफ उनके संघर्ष" के लिए दिया गया।
  • आत्मकथा: उनकी आत्मकथा का नाम 'दियासलाई' है, जो उनके जीवन के संघर्षों और प्रेरणाओं को दर्शाती है।

अंतराष्‍ट्रीय समाचार

'टेराफेप' प्रोजेक्ट

  • एलन मस्क ने स्वयं की AI चिप्स बनाने के लिए 'टेराफेप' प्रोजेक्ट लॉन्च करने की घोषणा की।
  • यह परियोजना टेस्ला (Tesla), स्पेसएक्स (SpaceX) और xAI (xAI) की संयुक्त पहल है।

भारत में चिप (सेमीकंडक्टर) :

  • ध्रुव64 (Dhruv64): 1.0 GHz, 64-बिट ड्यूल-कोर माइक्रोप्रोसेसर, जिसे दिसंबर 2025 में C-DAC द्वारा माइक्रोप्रोसेसर डेवलपमेंट प्रोग्राम के तहत लॉन्च किया गया।
  • विक्रम-32 (Vikram-32): इसरो (ISRO) की सेमीकंडक्टर प्रयोगशाला में विकसित 32-बिट स्वदेशी चिप, जो अंतरिक्ष और रक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।
  • यूपी (UP) में चिप फैक्ट्री: उत्तर प्रदेश के जेवर में राज्य की पहली और भारत की छठी सेमीकंडक्टर डिस्प्ले ड्राइवर निर्माण इकाई (2027 तक उत्पादन) मंजूर की गई है।
  • मिशन (ISM): भारत सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) 2.0 के तहत ₹1,000 करोड़ का बजट 2026-27 के लिए रखा गया है, जिसका लक्ष्य 76,000 करोड़ के कुल पैकेज से स्वदेशी पारिस्थितिकी तंत्र बनाना है।

खेल समाचार

JSW इंडियन ओपन 2026 स्क्वाश टूर्नामेंट

  • अभय सिंह और अनाहत सिंह ने JSW इंडियन ओपन 2026 स्क्वैश टूर्नामेंट में क्रमशः पुरुष और महिला एकल खिताब जीता।

स्क्वैश :

  • एक तीव्र गति वाला रैकेट खेल है जिसे दो खिलाड़ी (एकल) या चार खिलाड़ी (युगल) चार दीवारों वाले एक बंद कोर्ट में एक छोटी, खोखली रबर गेंद के साथ खेलते हैं।
  • कोर्ट: यह चार दीवारों वाला आयताकार क्षेत्र होता है। सामने की दीवार पर सबसे नीचे एक धातु की पट्टी होती है जिसे 'टिन' (Tin) कहते हैं; यदि गेंद इस पर लगती है, तो वह 'आउट' मानी जाती है।
  • स्कोरिंग: आमतौर पर एक गेम 11 अंकों का होता है और मैच 'बेस्ट ऑफ फाइव' (Best of 5) फॉर्मेट में खेला जाता है।
  • विश्व स्तर (WSF) इसका वैश्विक शासी निकाय है, जिसका मुख्यालय हेस्टिंग्स, यूके में है।
  • भारत में इसे 'स्क्वाश रैकेट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया' द्वारा संचालित किया जाता है, जिसका मुख्यालय चेन्नई में है।

महत्‍वपूर्ण दिवस

'विश्व टीबी दिवस'

  • वर्ष 1882 में डॉ. रॉबर्ट कोच द्वारा टीबी के जीवाणु "माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस" की खोज की स्‍मृति में प्रतिवर्ष 24 मार्च को 'विश्व टीबी दिवस' मनाया जाता है।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • इस वर्ष (2026) का विषय : हाँ! हम TB को समाप्त कर सकते हैं: देशों के नेतृत्व में, लोगों द्वारा संचालित/ Yes! We Can End TB: Led by countries, powered by people

क्षय रोग (TB):

  • कारक: माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस (जीवाणु)
  • प्रसार: वायुजनित (संक्रमित व्यक्ति के खांसने/छींकने से)

प्रकार:

  • ड्रग-सेंसिटिव: सामान्य एंटी-टीबी दवाओं से इलाज योग्य।
  • DR-TB (ड्रग-रेसिस्टेंट): दवा-प्रतिरोधी (जैसे MDR-TB और XDR-TB)
  • प्रमुख उच्च-बोझ वाले देश: भारत, इंडोनेशिया, चीन, फिलीपींस और पाकिस्तान
  • वैश्विक रणनीति: WHO की 'एंड TB रणनीति' का लक्ष्य वर्ष 2015 के स्तर की तुलना में वर्ष 2035 तक TB से होने वाली मृत्यु में 95% और TB के मामलों में 90% की कमी लाना है
  • TB को समाप्त करना 'सतत विकास लक्ष्य 3' का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य वर्ष 2030 तक TB महामारी को पूरी तरह खत्म करना है।

 

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