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Sat 21 Mar, 2026

राष्‍ट्रीय समाचार

भारत और भूटान के समझौता

  • भारत और भूटान ने डाक सहयोग पर एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • उद्देश्य: डाक संचालन, प्रौद्योगिकी विकास, क्षमता निर्माण, लॉजिस्टिक्स कनेक्टिविटी और फिलैटली (डाक टिकट संग्रह) के क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देना
  • डाक विभाग के सचिव की भूटान यात्रा के दौरान भारत के संचार मंत्रालय और भूटान के अवसंरचना व परिवहन मंत्रालय के बीच यह समझौता किया गया।

भूटान :

  • इसे 'लैंड ऑफ द थंडर ड्रैगन' के नाम से भी जाना जाता है
  • राजधानी: थिम्फू
  • स्थान: दक्षिण एशिया
  • मुद्रा: भूटानी नगुल्ट्रम
  • आधिकारिक भाषा: जोंगखा
  • वर्तमान राजा: जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक
  • कार्बन नेगेटिव देश है

'कृषि सखी' पहल का शुभारंभ

  • एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया लिमिटेड (AIC) ने महिला किसानों को सशक्त बनाने के उद्देश्‍य से 'कृषि सखी' पहल शुरू की है।
  • इस पहल के तहत, AIC महिला किसानों को फसल बीमा (जैसे PMFBY), वित्तीय सुरक्षा, और आधुनिक कृषि पद्धतियों के बारे में जागरूक करने के लिए देश भर में महीने-दर-महीने (month-wise) कार्यशालाएं और जागरूकता अभियान चलाएगा।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • अंतर्राष्ट्रीय संदर्भ: यह पहल संयुक्त राष्ट्र (UN) और खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO) द्वारा घोषित 'अंतर्राष्ट्रीय महिला किसान वर्ष 2026' (International Year of the Woman Farmer 2026) के लक्ष्यों के अनुरूप है।
  • जागरूकता अभियान: इसमें सोशल मीडिया अभियान (जनवरी), 'वॉकथॉन' (फरवरी), और जमीनी स्तर पर कार्यशालाएँ (मार्च) शामिल हैं
  • कृषि सखी कन्वर्जेंस प्रोग्राम (KSCP): यह जून 2024 में प्रधानमंत्री द्वारा वाराणसी से शुरू किया गया था, जिसका उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को पैरा-एक्सटेंशन वर्कर्स के रूप में प्रशिक्षित करना है

RELIEF योजना का शुभारंभ

  • भारत सरकार ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण प्रभावित भारतीय निर्यातकों को सहायता प्रदान करने के लिए 497 करोड़ रुपये की RELIEF (Resilience and Logistics Intervention for Export Facilitation) योजना का शुभारंभ किया।
  • यह पहल ECGC Limited द्वारा कार्यान्वित की जाएगी, जो निर्यातकों को उच्च माल ढुलाई (shipping) लागत और बीमा जोखिमों से बचाने के लिए 100% तक रिस्क कवर और वित्तीय राहत देगी।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • उद्देश्य: पश्चिम एशिया संकट (जैसे- होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव) के कारण प्रभावित 17-18 क्षेत्रों के निर्यातकों को सहायता और परिचालन चुनौतियां कम करना।
  • अवधि: यह योजना 14 फरवरी से 15 जून 2026 के बीच के निर्यात के लिए मान्य है।
  • वित्तीय सुरक्षा: ECGC बीमा वाले निर्यातकों को 14 फरवरी से 15 मार्च 2026 के बीच 100% और 16 मार्च से 15 जून 2026 के बीच 95% तक जोखिम कवरेज मिलेगा।
  • MSME के लिए विशेष प्रावधान: बिना बीमा वाले MSME निर्यातकों को अतिरिक्त लागत का 50% तक, अधिकतम 50 लाख रुपये तक प्रतिपूर्ति (reimbursement) मिलेगी।
  • निर्यात दायित्वों में छूट: 1 मार्च से 31 मई 2026 के बीच देय एडवांस और EPCG ऑथराइजेशन को बिना किसी जुर्माने के 31 अगस्त 2026 तक बढ़ाया जाएगा।
  • प्रभावित देश: यह योजना यूएई, सऊदी अरब, कुवैत, कतर, ओमान, बहरीन, इराक, ईरान, इजरायल और यमन से संबंधित शिपमेंट पर लागू होगी।

अर्थव्‍यवस्‍था तथा बैंकिंग

'आयकर अधिनियम, 2025

  • केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने आयकर नियम, 2026 को अधिसूचित किया, जो एक अप्रैल से प्रभावी होने वाले 'आयकर अधिनियम, 2025' के प्रावधानों को लागू करेंगे।

आयकर अधिनियम, 2025 :

  • यह कानून आयकर अधिनियम, 1961 की जगह लेगा
  • यह 'मूल्यांकन वर्ष' और 'पिछला वर्ष' की दोहरी अवधारणाओं को एक समान 'कर वर्ष' से प्रतिस्थापित करता है, जिसे 1 अप्रैल से 31 मार्च तक परिभाषित किया गया है
  • अध्याय और धाराएं: इस अधिनियम में कुल 23 अध्याय, 536 धाराएं और 16 अनुसूचियां शामिल हैं।
  • सरलीकरण: लगभग 280 से अधिक सिफारिशों को शामिल करते हुए अनावश्यक और दोहराव वाले प्रावधानों को हटा दिया गया है ताकि अनुपालन का बोझ कम हो सके।

भारत के प्रथम LPG ATM का शुभारंभ

  • भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) ने हरियाणा के गुरुग्राम में भारत के प्रथम LPG ऑटोमेटेड टेलर मशीन' (ATM) का शुभारंभ किया।
  • यह पायलट प्रोजेक्ट 24x7 सेवा देता है, जिससे ग्राहक मात्र 2-3 मिनट में खाली सिलेंडर के बदले भरा हुआ कंपोजिट (हल्का) सिलेंडर ले सकते हैं।
  • यह मशीन मुख्य रूप से फाइबर कंपोजिट सिलेंडर (5 kg और 10 kg) प्रदान करती है, जो लोहे के पारंपरिक सिलेंडरों (लगभग 30 किलोग्राम) की तुलना में हल्के (लगभग 15 किलोग्राम) और पारदर्शी होते हैं।

भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) :

  • भारत सरकार के पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण के तहत एक प्रमुख महारत्न सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम (PSU) है
  • 2017 में महारत्न का दर्जा दिया गया था
  • स्थापना: 1952 (मूल रूप से Burmah Shell; 1976 में राष्ट्रीयकरण)
  • मुख्यालय: मुंबई (Maharashtra)

कोयला उत्पादन में भारत में उपलब्धि

  • भारत ने लगातार दूसरे वर्ष एक अरब टन कोयला उत्पादन की उपलब्धि को प्राप्‍त किया।

कोयला :

  • कोयले के प्रकार: एन्थ्रेसाइट, पीट, बिटुमिनस, लिग्नाइट
  • भारत में सबसे ज़्यादा पाया जाने वाला कोयला: बिटुमिनस कोयला
  • सबसे पुराना कोयला क्षेत्र: रानीगंज, पश्चिम बंगाल
  • भारत में सबसे गहरी कोयला खदान: चिनाकुरी
  • भारत दुनिया में कोयले का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक है
  • सबसे बड़ा कोयला उत्पादक राज्य: झारखंड>ओडिशा>छत्तीसगढ़
  • दुनिया का सबसे बड़ा कोयला उत्पादक: चीन
  • भारत का सबसे बड़ा कोयला क्षेत्र झरिया (झारखंड) है, जिसे 'भारत की कोयला राजधानी' भी कहा जाता है।

रिर्पोट एवं सूचकांक

20वीं विद्युत ऊर्जा सर्वेक्षण की मध्यावधि समीक्षा

  • केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (CEA) की 20वीं विद्युत ऊर्जा सर्वेक्षण की मध्यावधि समीक्षा (मार्च 2026) के अनुसार, भारत की स्थापित बिजली क्षमता 2035-36 तक दोगुने से अधिक होकर 1,121 GW होने की उम्मीद है, जिसका नेतृत्व मुख्य रूप से 509 GW सौर ऊर्जा करेगी।
  • इस अवधि में गैर-जीवाश्म ईंधन का हिस्सा 70% तक पहुंचने का अनुमान है।

राष्ट्रीय उत्पादन पर्याप्तता योजना (2026-27 से 2035-36) रिपोर्ट :

बिजली की मांग और वृद्धि दर (CAGR) :

  • चरम मांग (Peak Demand): वित्त वर्ष 2024-25 से 2035-36 के बीच इसमें 5.58% की वार्षिक वृद्धि (CAGR) होने की संभावना है।
  • कुल ऊर्जा आवश्यकता: इसी अवधि में कुल बिजली की आवश्यकता 6.41% की दर से बढ़ेगी।
  • अनुमानित लक्ष्य (2035-36): भारत की चरम बिजली मांग 459 GW तक पहुंच जाएगी, जबकि कुल ऊर्जा आवश्यकता 3,365 अरब यूनिट (BU) होने की उम्मीद है।

स्थापित क्षमता में विस्तार :

  • वर्तमान स्थिति: 31 जनवरी 2026 तक क्षमता लगभग 520 GW रहने का अनुमान है
  • भविष्य का लक्ष्य: 2035-36 तक इसे बढ़ाकर 1,121 GW करने का लक्ष्य रखा गया है

ऊर्जा मिश्रण (Energy Mix) का अनुमान (2035-36 तक) :

  • सौर ऊर्जा (Solar PV): सबसे बड़ा योगदानकर्ता, कुल क्षमता का 45% (509 GW)
  • कोयला (Coal): दूसरा सबसे बड़ा स्रोत, कुल क्षमता का 28% (315 GW)
  • पवन ऊर्जा (Wind Energy): कुल क्षमता का 14% (155 GW)
  • जलविद्युत (Hydro): बड़े संयंत्रों से 77 GW (7%) और छोटे संयंत्रों से 6 GW
  • अन्य स्रोत: परमाणु ऊर्जा (22 GW), गैस (20 GW) और बायोमास (16 GW)

स्वच्छ ऊर्जा और हरित भविष्य :

  • गैर-जीवाश्म ईंधन: 2035-36 तक गैर-जीवाश्म स्रोतों (सौर, पवन, जल, परमाणु) की कुल क्षमता 786 GW तक पहुंच जाएगी।
  • उत्पादन में वृद्धि: शुद्ध बिजली उत्पादन जो 2024-25 में 1,725 BU है, उसके 2035-36 तक दोगुना होकर 3,450 BU होने की उम्मीद है।

पुरस्‍कार और सम्‍मान

स्टॉकहोम वाटर प्राइज 2026

  • ईरानी मूल के प्रसिद्ध पर्यावरण वैज्ञानिक प्रोफेसर कावेह मदनी (Kaveh Madani) को जल संसाधन प्रबंधन, नीतिगत योगदान और "वॉटर बैंकरप्सी" (जल दिवालियापन) जैसे क्रांतिकारी शोध के लिए स्टॉकहोम वाटर प्राइज 2026 से सम्मानित किया गया है।
  • 44 वर्षीय मदनी यह प्रतिष्ठित पुरस्कार (वाटर नोबेल) पाने वाले सबसे युवा व्यक्ति और पहले यूएन अधिकारी बन गए हैं, जो वर्तमान में UNU-INWEH के निदेशक हैं।

सम्‍बन्धित तथ्‍य

  • पुरस्कार: स्टॉकहोम वाटर प्राइज 2026, जिसे जल के क्षेत्र में नोबेल माना जाता है।
  • योगदान: मदानी ने जटिल जल संकटों को समझाने के लिए गेम थ्योरी (Game Theory) और "वॉटर बैंकरप्सी" की अवधारणा दी।
  • सम्मान का कारण: उन्होंने जल प्रबंधन और नीति निर्माण में अहम भूमिका निभाई, विशेष रूप से ऐसे समय में जब जल संसाधन स्थायी रूप से खत्म हो रहे हैं।
  • उपलब्धि: वह इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के 35 साल के इतिहास में सबसे कम उम्र के विजेता हैं।
  • कार्य: वे वर्तमान में यूनाइटेड नेशंस यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट फॉर वाटर, एनवायरनमेंट एंड हेल्थ (UNU-INWEH) के निदेशक हैं।

स्टॉकहोम वाटर प्राइज :

  • जल संरक्षण, प्रबंधन और सुरक्षा में उत्कृष्ट योगदान के लिए दिया जाने वाला विश्व का सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कार है, जिसे अक्सर "जल का नोबेल पुरस्कार" कहा जाता है।
  • 1991 से प्रतिवर्ष (SIWI द्वारा) दिया जाने वाला यह पुरस्कार, टिकाऊ जल समाधान खोजने वाले व्यक्तियों या संगठनों को सम्मानित करता है।

मुख्य तथ्य:

  • स्थापना: 1991 में स्टॉकहोम इंटरनेशनल वॉटर इंस्टीट्यूट (SIWI) द्वारा।
  • प्रदानकर्ता: स्वीडन के राजा कार्ल XVI गुस्ताफ, जो इसके आधिकारिक संरक्षक हैं।
  • पुरस्कार: इसमें 1,000,000 स्वीडिश क्रोना और एक विशेष क्रिस्टल मूर्तिकला प्रदान की जाती है।
  • घोषणा: आमतौर पर मार्च में विश्व जल दिवस के अवसर पर की जाती है।
  • आयोजन: अगस्त में स्टॉकहोम में वर्ल्ड वाटर वीक (विश्व जल सप्ताह) के दौरान।
  • उद्देश्य: जल संसाधनों के संरक्षण और उनके स्थायी उपयोग को बढ़ावा देना।
  • भारतीय विजेता: 2015 में भारत के "वॉटर मैन" राजेंद्र सिंह को और 2009 में सुलभ इंटरनेशनल के संस्थापक बिंदेश्वर पाठक को इस सम्मान से नवाजा गया है।

महत्‍वपूर्ण दिवस

'अंतर्राष्ट्रीय वन दिवस'

  • वनों और वृक्षों के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्‍य से प्रतिवर्ष 21 मार्च को 'अंतर्राष्ट्रीय वन दिवस' मनाया जाता है।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • शुरुआत : वर्ष 1971 में खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO) द्वारा
  • संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा औपचारिक रूप से मान्यता : 2012

भारत वन स्थिति रिपोर्ट (ISFR) 2023 :

  • वन एवं वृक्ष आवरण इसके भौगोलिक क्षेत्र (GA) का 25.17% है, जिसमें वन आवरण 21.76% और वृक्ष आवरण 3.41% है।
  • देश के वन एवं वृक्ष आवरण में वर्ष 2021 की तुलना में 1,445.81 वर्ग किमी. की वृद्धि हुई है
  • रिपोर्ट के अनुसार 19 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों का 33 प्रतिशत से अधिक भौगोलिक क्षेत्र वन आच्छादित है
  • भारत का वन कार्बन स्टॉक अनुमानित रूप से 7,285.5 मिलियन टन है, जो वर्ष 2021 की तुलना में 81.5 मिलियन टन अधिक है
  • भारत का मैंग्रोव आवरण 4,991.68 वर्ग किमी. (GA का 0.15%) है, जिसमें वर्ष 2021 से 7.43 वर्ग किमी. की कमी हुई है
  • सर्वाधिक वन क्षेत्र (क्षेत्रवार): मध्य प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़
  • वन आवरण का उच्चतम प्रतिशत: लक्षद्वीप (91.33%), मिज़ोरम (85.34%), अंडमान और निकोबार (81.62%)

'विश्व डाउन सिंड्रोम दिवस'

  • डाउन सिंड्रोम के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से प्रतिवर्ष 21 मार्च को 'विश्व डाउन सिंड्रोम दिवस' मनाया जाता है।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

 

  • विषय (Theme) : "अकेलेपन के विरुद्ध एक साथ" (Together Against Loneliness)
  • संयुक्त राष्ट्र की मान्यता: संयुक्त राष्ट्र महासभा ने दिसंबर 2011 में इसे आधिकारिक रूप से घोषित किया और 2012 से इसे वैश्विक स्तर पर मनाया जा रहा है।

डाउन सिंड्रोम :

  • एक आनुवंशिक विकार (Genetic Disorder) है जो सामान्यतः कोशिका विभाजन में होने वाली असामान्यताओं के कारण होता है
  • कारण: यह गुणसूत्र 21 (Chromosome 21) की एक अतिरिक्त प्रति (Extra Copy) होने के कारण होता है, जिसे 'ट्राइसोमी 21' (Trisomy 21) भी कहा जाता है। सामान्यतः शरीर में इस गुणसूत्र की 2 प्रतियां होती हैं, लेकिन डाउन सिंड्रोम में इनकी संख्या 3 हो जाती है
  • खोज: इसका नाम ब्रिटिश चिकित्सक जॉन लैंगडन डाउन के नाम पर रखा गया है, जिन्होंने 1866 में पहली बार इस नैदानिक स्थिति की पहचान की थी।

 

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