राष्ट्रीय समाचार
NH-927 के निर्माण को मंजूरी

- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट कमिटी ऑन इकोनॉमिक अफेयर्स (CCEA) ने उत्तर प्रदेश में बाराबंकी से बहराइच तक 101.515 किमी लंबी 4-लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड नेशनल हाईवे-927 (NH-927) के निर्माण को मंजूरी दी।
परियोजना की मुख्य विशेषताएं :
- लंबाई: 101.515 किमी
- डिज़ाइन: एक्सेस-कंट्रोल्ड 4-लेन हाइवे के साथ निरंतर सर्विस रोड
- बाईपास: 48.28 किमी, प्रमुख बस्तियों से होकर गुजरने से बचाव
- मुख्य सड़कें कनेक्टेड: NH-27, NH-330B, NH-730, SH-13, SH-30B
- पूंजीगत लागत: ₹6969.04 करोड़ (सिविल कॉस्ट ₹3485.49 करोड़, भूमि अधिग्रहण ₹1574.85 करोड़)
- मोड: हाइब्रिड एन्युइटी मोड (HAM)
रणनीतिक और आर्थिक महत्व :
- एयरपोर्ट: लखनऊ और श्रावस्ती
- रेलवे स्टेशन: बाराबंकी, रसौली, जंगीराबाद, रफीनगर, बिंदौरा, बुरहवाल, चौकाघाट, गाघराघाट, जरवाल और बहराइच
- लैंड पोर्ट: रुपैडीहा
- आर्थिक नोड्स: 01 SEZ और 02 मेगा फूड पार्क
- सामाजिक नोड्स: 02 आकांक्षी जिले
- मुख्य शहर / कस्बे: बाराबंकी, रामनगर, जरवाल, कैसरगंज, कुंडसर, फखरपुर, बहराइच
- परियोजना पूरा होने पर यह भारत-नेपाल सीमा व्यापार को भी सुदृढ़ करेगी, खासकर नेपालगंज बॉर्डर के जरिए, और रुपैडीहा लैंड पोर्ट तक तेज़ पहुँच सुनिश्चित करेगी।
- इस हाईवे से अनुमानित 36.54 लाख प्रत्यक्ष और 43.04 लाख अप्रत्यक्ष रोजगार अवसर सृजित होंगे। FY-28 में वार्षिक औसत यातायात (AADT) पैकेज-1 में 28,557 पीसीयू और पैकेज-2 में 21,270 पीसीयू रहने का अनुमान है।
|
‘लघु जलविद्युत विकास योजना’ को मंजूरी

- केंद्रीय मंत्रिमंडल ने वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 की अवधि के लिए ‘लघु जलविद्युत विकास योजना’ को मंजूरी दी।
- इस पहल के तहत 1 से 25 मेगावाट तक की छोटी जलविद्युत परियोजनाओं को समर्थन दिया जाएगा और दूरस्थ तथा दुर्गम क्षेत्रों में स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।
- इस योजना के तहत राज्य और केंद्रीय एजेंसियों को लगभग 200 परियोजनाओं के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने में सहायता करने के लिए 30 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं
योजना की प्रमुख विशेषताएं :
- व्यय: 2,584.60 करोड़ रुपये
- क्षमता लक्ष्य: लगभग 1,500 मेगावाट
- लाभार्थी: पहाड़ी और उत्तर पूर्वी राज्य; सीमावर्ती जिले; ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्र
वित्तीय सहायता:
- उत्तर पूर्वी राज्य और अंतरराष्ट्रीय सीमावर्ती जिले: 3.6 करोड़ रुपये प्रति मेगावाट या परियोजना लागत का 30% (जो भी कम हो), प्रति परियोजना अधिकतम 30 करोड़ रुपये
- अन्य राज्यों के लिए: 2.4 करोड़ रुपये प्रति मेगावाट या परियोजना लागत का 20% (जो भी कम हो), प्रति परियोजना अधिकतम 20 करोड़ रुपये।
- निवेश की संभावना: लघु जलविद्युत क्षेत्र में लगभग 15,000 करोड़ रुपये
- रोजगार सृजन: निर्माण के दौरान लगभग 51 लाख व्यक्ति-दिवस; संचालन और रखरखाव में अतिरिक्त रोजगार।
|
राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क नियम-2026 में संशोधन की अधिसूचना जारी

- भारत सरकार ने राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क (दरों का निर्धारण और संग्रह) (द्वितीय संशोधन) नियम, 2026 अधिसूचित किए हैं, जो 17 मार्च 2026 से प्रभावी हैं।
मुख्य संशोधन और प्रावधान:
- ई-नोटिस प्रणाली: टोल प्लाजा से बिना शुल्क दिए गुजरने वाले वाहनों के मालिकों को एसएमएस/ईमेल द्वारा डिजिटल नोटिस (ई-नोटिस) मिलेगा।
- दोगुना पेनाल्टी: नोटिस मिलने के 72 घंटे के भीतर भुगतान न करने पर दोगुना टोल शुल्क (Double Toll) देना होगा।
- वाहन डेटाबेस से जुड़ाव: टोल सिस्टम 'VAHAN' डेटाबेस से एकीकृत है, जिससे बकाया शुल्क होने पर वाहन से संबंधित अन्य सेवाओं पर प्रतिबंध लग सकता है।
- शिकायत निवारण: 72 घंटों के भीतर शिकायत की जा सकती है, जिसका निपटारा 5 दिनों में किया जाना अनिवार्य है।
- उद्देश्य: टोल अनुपालन को सुदृढ़ करना, राजस्व में वृद्धि करना और पारदर्शी डिजिटल टोलिंग को बढ़ावा देना।
- इसके अतिरिक्त, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने 1 अप्रैल 2026 से फास्टैग वार्षिक पास शुल्क ₹3,000 से बढ़ाकर ₹3,075 कर दिया है।
|
कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय के अनुदान की मांग को मंजूरी

- लोकसभा ने कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय के वर्ष 2026-27 के लिए अनुदान की मांग को मंजूरी दी।
प्रमुख बिंदु और तथ्य:
- बजटीय वृद्धि: कृषि के लिए बजट 2013-14 के ₹21,933 करोड़ से बढ़कर 2026-27 में ₹1.30 लाख करोड़ से अधिक हो गया है।
- उत्पादन में रिकॉर्ड वृद्धि: देश में खाद्यान्न उत्पादन 26.50 करोड़ टन से बढ़कर 35.07 करोड़ टन हो गया है, जबकि बागवानी उत्पादन 27.70 करोड़ टन से बढ़कर 37.70 करोड़ टन हो गया है।
- उद्देश्य: सरकार का मुख्य फोकस किसानों की आय में वृद्धि, कृषि क्षेत्र में आधुनिकीकरण और जनता के लिए पौष्टिक भोजन सुनिश्चित करना है।
- अनुमोदन प्रक्रिया: अनुदान मांगों पर हुई चर्चा का जवाब देने के बाद, लोकसभा ने कटौती प्रस्तावों को खारिज कर दिया और ध्वनिमत से मांगें स्वीकार कर लीं।
- व्यय की मंजूरी: कुल मिलाकर, लोकसभा ने 2026-27 के लिए विभिन्न मंत्रालयों के 53 लाख करोड़ रुपये से अधिक के व्यय को मंजूरी दी है।
|
विनियोग विधेयक-2, 2026

- लोकसभा ने विनियोग विधेयक-2, 2026 पारित किया।
- यह विधेयक वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रस्तुत किया था।
- विधेयक में वित्तीय वर्ष 2026-27 की सेवाओं के लिए भारत की संचित निधि से कुछ राशियों के भुगतान और विनियोग को अधिकृत करने का प्रावधान है।
विनियोग विधेयक :
- विनियोग विधेयक सरकार को संसद द्वारा स्वीकृत व्यय (voted एवं charged expenditure) के लिए भारत की संचित निधि (Consolidated Fund of India - CFI) से धन निकालने की कानूनी अनुमति देता है। इसके पारित हुए बिना सरकार CFI से कोई भी धन कानूनी रूप से आहरित नहीं कर सकती, भले ही बजट प्रस्तुत कर दिया गया हो।
- संवैधानिक प्रावधान:
- अनुच्छेद 114: भारत की संचित निधि से धन केवल संसद द्वारा किए गए विनियोजन के अनुसार ही निकाला जा सकता है।
- अनुच्छेद 115: यदि स्वीकृत बजट राशि अपर्याप्त हो, तो सरकार अनुपूरक (Supplementary), अतिरिक्त (Additional) या अधिक (Excess) अनुदानों की मांग संसद के समक्ष प्रस्तुत करती है।
- अनुच्छेद 116: ‘Vote on Account’ के माध्यम से पूर्ण बजट पारित होने से पहले अस्थायी रूप से व्यय करने की अनुमति देता है, जिससे सरकारी कार्य सुचारू रूप से चलते रहें।
- प्रस्तुति: वित्त मंत्री द्वारा वार्षिक वित्तीय विवरण (बजट) संसद में प्रस्तुत किया जाता है।
|
'भारत औद्योगिक विकास योजना' (BHAVYA) को मंजूरी

- केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ₹33,660 करोड़ की लागत से 'भारत औद्योगिक विकास योजना' (BHAVYA) को मंजूरी दी।
सम्बन्धित तथ्य :
- बजट और उद्देश्य: ₹33,660 करोड़ के कुल परिव्यय के साथ, यह योजना विश्वस्तरीय औद्योगिक बुनियादी ढांचा तैयार करने के लिए है।
- प्लग-एंड-प्ले पार्क: 100 इंडस्ट्रियल पार्क विकसित किए जाएंगे, जहां तैयार कारखाने के शेड, भूमिगत सुविधाएं और बिजली/पानी की तत्काल उपलब्धता होगी।
- सिंगल-विंडो सिस्टम: उद्योगों को तेजी से मंजूरी और सभी आवश्यक सुविधाएं एक ही स्थान (Single-Window System) पर मिलेंगी।
- रोजगार और निवेश: इस पहल से बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन और औद्योगिक विकास की गति तेज होने की उम्मीद है।
- अवसंरचना: इसमें सड़क, जल निकासी, प्रशासनिक सुविधाएं और 100 से 1000 एकड़ तक के क्षेत्र में सामाजिक बुनियादी ढांचा शामिल है।
|
कपास के MSP फंडिंग को मंजूरी

- केन्द्रीय कैबिनेट ने कपास सीजन वर्ष-2023-24 के लिए कॉटन कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (CCI) को ₹1,718.56 करोड़ की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) फंडिंग को मंजूरी प्रदान की।
सम्बन्धित तथ्य :
- सरकार ने कपास में न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) संचालन के लिए भारतीय कपास निगम (CCI) को केंद्रीय नोडल एजेंसी के रूप में नामित किया है।
- CCI किसानों से उचित औसत गुणवत्ता (FAQ) वाली सभी कपास की खरीद बिना किसी मात्रा सीमा के करती है, जब बाजार मूल्य एमएसपी स्तर से नीचे गिर जाते हैं, जिससे किसानों को सुरक्षा मिलती है।
- 2023-24 के कपास सीजन के दौरान, अनुमानित कपास की खेती का क्षेत्रफल 114.47 लाख हेक्टेयर था, जिसमें उत्पादन 325.22 लाख गांठ होने का अनुमान था, जो वैश्विक कपास उत्पादन का लगभग 25% था।
- भारत सरकार कृषि लागत और मूल्य आयोग (CACP) की सिफारिशों के आधार पर बीज कपास (कपास) के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) निर्धारित करती है।
- CCI ने कपास उत्पादक सभी 11 प्रमुख राज्यों में एक मजबूत खरीद नेटवर्क स्थापित किया है, जिसमें 152 जिलों में 508 से अधिक खरीद केंद्र कार्यरत हैं
|
अंतर्राष्ट्रीय समाचार
भारत-श्रीलंका संयुक्त उपक्रम को मंजूरी

- श्रीलंका ने उत्तरी क्षेत्र में पवन ऊर्जा परियोजनाओं के लिए ट्रांसमिशन लिंक हेतु भारत-श्रीलंका संयुक्त उपक्रम को मंजूरी दी।
- यह 28 किमी लंबी, 220 kV डबल सर्किट लाइन मन्नार ग्रिड सबस्टेशन को मुल्लिकुलम से जोड़ेगी, जो भारत की क्षेत्रीय ऊर्जा सुरक्षा और ग्रिड कनेक्टिविटी का हिस्सा है।
सम्बन्धित तथ्य :
- उद्देश्य: उत्तरी श्रीलंका के मन्नार क्षेत्र में उत्पादित नवीकरणीय ऊर्जा को राष्ट्रीय ग्रिड से जोड़ना।
- साझेदारी: भारत की ज्योती स्ट्रक्चर लिमिटेड (JSL) और श्रीलंका की हेलीज फेंटन्स लिमिटेड (Hayleys Fentons Ltd) का संयुक्त उद्यम।
- अनुबंध: 2.27 अरब श्रीलंकाई रुपये की लागत से 28 किमी लंबी 220 केवी (kV) डबल सर्किट ट्रांसमिशन लाइन का निर्माण।
- स्थान: मन्नार ग्रिड सबस्टेशन से मुल्लिकुलम ग्रिड सबस्टेशन
|
ब्रिटेन में मेनिन्जाइटिस का प्रकोप

- ब्रिटेन के केंट में घातक मेनिन्जाइटिस (मस्तिष्क ज्वर) के प्रकोप के बाद सार्वजनिक स्वास्थ्य चेतावनी जारी की गई।
मेनिंगोकोकल रोग (Meningococcal disease) :
- यह Neisseria meningitidis बैक्टीरिया से होने वाला एक अत्यंत गंभीर और जानलेवा संक्रमण है।
- यह मुख्य रूप से मेनिन्जाइटिस (मस्तिष्क की झिल्ली में सूजन) और सेप्टिसीमिया (रक्त संक्रमण) का कारण बनता है
- लक्षण : अचानक शुरू हो सकते हैं, जिसमें तेज बुखार, सिरदर्द, गर्दन में अकड़न, और बैंगनी चकत्ते शामिल हैं, जिसके लिए तत्काल एंटीबायोटिक उपचार की आवश्यकता होती है
- संक्रमण का तरीका: यह बीमारी संक्रमित व्यक्ति की नाक या गले की बूंदों (खांसने, छींकने, चुंबन) के माध्यम से फैलती है।
- WHO लक्ष्य: विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 2030 तक बैक्टीरियल मेनिन्जाइटिस महामारी को समाप्त करने के लिए एक "वैश्विक रोडमैप" (Global Roadmap to Defeat Meningitis) तैयार किया है।
|
नेपाल की प्रथम ट्रांसजेंडर महिला सांसद

- LGBTQ+ अधिकार कार्यकर्ता भूमिका श्रेष्ठ नेपाल की प्रथम ट्रांसजेंडर महिला सांसद बनीं हैं।
- भूमिका श्रेष्ठ को राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) द्वारा 'समानुपातिक प्रतिनिधित्व' प्रणाली के तहत मनोनीत किया गया है।
- उन्होंने अपनी आत्मकथा "भूमिका: तीसरो लिंगिको आत्मकथा" (Bhumika: Tisro Lingiko Atmakatha) भी लिखी है, जो उनके व्यक्तिगत संघर्षों को दर्शाती है।
कला और संस्कृति
हिंदू नव वर्ष

- हिंदू नव वर्ष (नव संवत्सर) चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को शुरू होता है, जो 2026 में 19 मार्च को विक्रम संवत 2083 के रूप में मनाया जा रहा है।
चैत्र शुक्लादि :
- हिंदू कैलेंडर (विक्रम संवत) के नववर्ष की शुरुआत है
- विक्रम संवत आधारित : भारत का प्राचीन और प्रमुख चंद्र-सौर (Lunisolar) पंचांग है, जिसकी शुरुआत 57 ईसा पूर्व में उज्जैन के सम्राट विक्रमादित्य ने शकों पर विजय के उपलक्ष्य में की थी
- आधार: चंद्र वर्ष पर आधारित (12 महीने, लगभग 354 दिन), जिसमें हर 3 साल में एक 'अधिमास' (Extra Month) जोड़कर इसे सौर वर्ष के साथ समायोजित किया जाता है
- महीने: चैत्र, वैशाख, ज्येष्ठ, आषाढ़, श्रावण, भाद्रपद, आश्विन, कार्तिक, मार्गशीर्ष, पौष, माघ, और फाल्गुन
- विक्रम संवत 2083 (2026-2027): विक्रम संवत 2083 की शुरुआत 19 मार्च 2026 से हो रही है, जिसे 'रौद्र' संवत्सर कहा जाएगा।
क्षेत्रीय नाम:
- महाराष्ट्र/गोवा: गुड़ी पड़वा
- आंध्र प्रदेश/तेलंगाना/कर्नाटक: उगादी
- सिंधी समुदाय: चेती-चांद
- कश्मीर: नवरेह
- मणिपुर: साजिबु-चेरोबा
- नवरात्रि शुरुआत: इसी दिन से चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व भी शुरू होता है।
|
रिर्पोट एवं सूचकांक
'लेवल एंड ट्रेंड्स इन चाइल्ड मॉर्टालिटी: रिपोर्ट 2025'

- संयुक्त राष्ट्र अंतर-एजेंसी समूह (UN-IGME) ने 'लेवल एंड ट्रेंड्स इन चाइल्ड मॉर्टालिटी: रिपोर्ट 2025' जारी की है।
- रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने अपनी बाल मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी हासिल की है।
प्रमुख विवरण :
- भारत में नवजात मृत्यु दर में लगभग 70% की गिरावट आई है, जो 1990 में प्रति 1,000 जीवित जन्मों पर 57 मौतों से घटकर 2024 में 17 रह गई है।
- पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों की मृत्यु दर में और भी अधिक 79% की कमी दर्ज की गई है, जो 1990 में 127 से घटकर 2024 में 27 रह गई है।
|
रक्षा समाचार
इंडियन ओशन शिप (IOS) सागर पहल

- भारतीय नौसेना ने इंडियन ओशन शिप (IOS) सागर पहल के दूसरे संस्करण का शुभारंभ किया।
सम्बन्धित तथ्य :
- उद्देश्य: हिंद महासागर क्षेत्र में मित्र देशों के नौसैनिकों के साथ पेशेवर संबंध मजबूत करना, सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करना और साझा समुद्री चुनौतियों का सामना करना।
- भागीदारी: इसमें हिंद महासागर क्षेत्र के 16 देशों के नौसैनिक कर्मी भाग ले रहे हैं।
- प्रशिक्षण संरचना: कार्यक्रम की शुरुआत कोच्चि स्थित भारतीय नौसेना प्रशिक्षण प्रतिष्ठानों में पेशेवर प्रशिक्षण से होगी, जिसके बाद प्रतिभागियों को भारतीय नौसेना के जहाज (INS Sunayna) पर तैनात किया जाएगा।
- महत्व: फरवरी 2026 में भारत द्वारा 'हिंद महासागर नौसेना संगोष्ठी' (IONS) की अध्यक्षता संभालने के बाद यह पहल बहुत महत्वपूर्ण है।
- सागर विज़न: यह पहल भारत सरकार के 'क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा और विकास' (SAGAR) और 'महासागर' (MAHASAGAR) के व्यापक ढांचे को आगे बढ़ाती है।
|