16 March, 2026
राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में NeVA के संचालन की स्थिती
Tue 17 Mar, 2026
संदर्भ :
- केन्द्रीय विधि एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और संसदीय कार्य राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने लोकसभा में बताया कि, वर्तमान में 28 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों की विधानमंडलों ने नेवा (NeVA) को अपनाने के लिए इन समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किया है।
मुख्य परिचय और उद्देश्य :
- NeVA एक एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म है जिसे विधानमंडलों की कार्यप्रणाली में गतिशीलता, पारदर्शिता और जवाबदेही लाने के लिए विकसित किया गया है।
- इसका प्राथमिक लक्ष्य पारंपरिक कागजी कार्यवाही को समाप्त कर पूरी विधायी प्रक्रिया को क्लाउड-आधारित ई-गवर्नेंस मॉडल पर स्थानांतरित करना है।
- शुभारंभ: इसे वर्ष 2022 में विधायी निकायों के आधुनिकीकरण के उद्देश्य से शुरू किया गया था।
- नेतृत्व: केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्रालय इस परियोजना के कार्यान्वयन के लिए नोडल एजेंसी के रूप में कार्य कर रहा है।
- सरकार ने सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों की विधानमंडलों द्वारा नेवा (NeVA) को अपनाने का प्रावधान किया है।
वित्तीय संरचना (Funding Pattern) :
- यह एक केंद्र प्रायोजित योजना है, जिसमें वित्तीय भार का वितरण श्रेणियों के आधार पर किया गया है
- पूर्वोत्तर एवं हिमालयी राज्य: इन राज्यों के लिए व्यय का 90% हिस्सा केंद्र सरकार और 10% राज्य सरकार वहन करती है।
- केंद्रशासित प्रदेश: विधायी परिषद वाले केंद्रशासित प्रदेशों के लिए 100% वित्तपोषण केंद्र द्वारा किया जाता है।
- अन्य राज्य: शेष राज्यों के लिए 60:40 के अनुपात में केंद्र और राज्य के बीच लागत साझा की जाती है।
- अनुमानित लागत: लोक निवेश बोर्ड (PIB) ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए ₹673.94 करोड़ के बजट को स्वीकृति दी है।
तकनीकी विशेषताएँ और कार्यक्षमता :
- सर्वव्यापी पहुँच: यह वेब पोर्टल और मोबाइल ऐप दोनों माध्यमों से उपलब्ध है, जिससे जनप्रतिनिधि किसी भी स्थान से सदन की कार्यवाही और दस्तावेजों से जुड़ सकते हैं।
- डिजिटल सचिवालय: विधेयकों को पेश करने, प्रश्न पूछने और सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए अब भौतिक फाइलों की आवश्यकता नहीं है; सब कुछ इलेक्ट्रॉनिक रूप से प्रबंधित होता है।
- सार्वजनिक जवाबदेही: इसके माध्यम से जनता भी सदन में होने वाली चर्चाओं, पारित विधेयकों और दैनिक कार्यसूची (List of Business) को देख सकती है, जिससे शासन में पारदर्शिता आती है।
- ई-लर्निंग और लाइब्रेरी: इसमें ई-बुक्स और डिजिटल अभिलेखों का संग्रह है, जो शोध और संदर्भ के लिए सहायक है।
कार्यान्वयन की वर्तमान स्थिति
- सहभागिता: अब तक 28 विधानसभाओं ने इसे लागू करने हेतु केंद्र के साथ आधिकारिक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं।
- सक्रियता: वर्तमान में 21 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों की विधान-मंडलें नेवा (NeVA) प्लेटफॉर्म के माध्यम से अपना विधायी कामकाज डिजिटल मोड में संचालित कर रही हैं और अन्य 7 कार्यान्वयन के विभिन्न चरणों में हैं।
- अग्रणी राज्य: पंजाब विधानसभा ने सितंबर 2023 में इस प्रणाली को अपनाकर देश की पहली पूर्णतः डिजिटल विधान सभा बनने का गौरव प्राप्त किया।
नवाचार का महत्व:
- पर्यावरण अनुकूल: कागज की खपत में भारी कटौती से यह पर्यावरण के अनुकूल 'सस्टेनेबल' गवर्नेंस को बढ़ावा देता है।
- प्रशासनिक कुशलता: फाइलों के इधर-उधर जाने में लगने वाले समय की बचत होती है, जिससे निर्णय लेने की प्रक्रिया तेज होती है।
- लोकतांत्रिक मजबूती: जब विधायी डेटा आम नागरिक के लिए एक क्लिक पर उपलब्ध होता है, तो लोकतंत्र अधिक समावेशी और मजबूत बनता है।









