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Fri 13 Mar, 2026

राष्‍ट्रीय समाचार

PM-KISAN योजना की 22वीं किस्त जारी

  • प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुवाहाटी, असम से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना की 22वीं किस्त जारी की।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • कुल लाभार्थी: इस किस्त के माध्यम से देश भर के लगभग 9.32 करोड़ किसान परिवारों को लाभ पहुँचाया गया है।
  • हस्तांतरित राशि: प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) के माध्यम से कुल ₹18,640 करोड़ से अधिक की राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजी गई
  • कुल संचयी संवितरण: इस किस्त के साथ, फरवरी 2019 में योजना की शुरुआत से अब तक कुल हस्तांतरित राशि ₹4.27 लाख करोड़ से अधिक हो गई है
  • महिला सशक्तिकरण: इस विशेष किस्त से 2.15 करोड़ से अधिक महिला किसानों को सीधा आर्थिक लाभ मिला है

PM-KISAN योजना :

  • घोषणा: इसकी घोषणा 1 फरवरी, 2019 के अंतरिम बजट 2019-20 में की गई थी।
  • शुभारंभ: औपचारिक रूप से 24 फरवरी, 2019 को गोरखपुर (उत्तर प्रदेश) से शुरू हुई
  • नोडल मंत्रालय: कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय
  • प्रकार: यह एक केंद्रीय क्षेत्र की योजना (Central Sector Scheme) है, जिसका 100% वित्तपोषण भारत सरकार द्वारा किया जाता है
  • उद्देश्य: छोटे और सीमांत किसानों की आय में वृद्धि करना और उनकी कृषि संबंधी जरूरतों (जैसे बीज, उर्वरक) को पूरा करने में मदद करना
  • लाभ: पात्र किसान परिवारों को प्रति वर्ष ₹6,000 की वित्तीय सहायता, ₹2,000 की तीन समान किस्तों में प्रति चार महीने में
  • पिछली किस्त: इससे पूर्व, 21वीं किस्त 19 नवंबर 2025 को कोयंबटूर, तमिलनाडु से जारी की गई थी, जिसके तहत 9 करोड़ से अधिक किसानों को ₹18,000 करोड़ से अधिक की सहायता राशि सीधे हस्तांतरित की गई

असम के कोकराझार में परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 13 मार्च, 2026 को असम के कोकराझार में ₹4,570 करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया।
  • खराब मौसम के कारण कोकराझार का दौरा रद्द होने के बाद उन्होंने गुवाहाटी से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्‍यम से इन परियोजनाओं का शुभारंभ किया।

मुख्य विकास परियोजनाएं :

  • ‘असम माला 3.0’ की शुरुआत (Asom Mala 3.0): प्रधानमंत्री ने इस सड़क बुनियादी ढांचा योजना का भूमि पूजन किया। इसके तहत ₹3,200 करोड़ से अधिक की लागत से पूरे असम में 900 किलोमीटर से अधिक सड़कों का निर्माण किया जाएगा।
  • ब्रिज और फ्लाईओवर्स: बोडोलैंड प्रादेशिक परिषद (BTC) क्षेत्र में यातायात की भीड़ कम करने के लिए लगभग ₹1,100 करोड़ की लागत वाले चार फ्लाईओवर्स और दो प्रमुख पुलों (संकोश और बेकी नदी पर) का शिलान्यास किया गया।
  • तीन नई रेल सेवाओं को हरी झंडी दिखाई : पीएम मोदी ने असम और उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में संपर्क सुधारने के उद्देश्य से शुरू की गई तीन नई रेल सेवाओं को भी हरी झंडी दिखाई। इनमें कामाख्या-चारलापल्ली अमृत भारत एक्सप्रेस शामिल है, जो उत्तर-पूर्व और दक्षिण भारत के बीच सीधी रेल कनेक्टिविटी प्रदान करेगी। गुवाहाटी-न्यू जलपाईगुड़ी एक्सप्रेस, असम और पश्चिम बंगाल के बीच संपर्क को बेहतर बनाएगी। वहीं नारंगी-अगरतला एक्सप्रेस असम और त्रिपुरा के बीच संपर्क को सुधारते हुए यात्रियों, व्यापारियों और पर्यटकों के लिए अंतर-राज्यीय यात्रा को सुगम बनाएगी।
  • सांस्कृतिक संदर्भ: प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में बीदो नेताओं उपेंद्रनाथ ब्रह्मा और रूपनाथ ब्रह्मा को श्रद्धांजलि दी और 'बाथौ' (Bathou) परंपरा एवं 'बैसागु' (Baisagu) उत्सव जैसे बोडो संस्कृति के तत्वों का उल्लेख किया

ग्रीन कॉरिडोर (फेज-2) का उद्घाटन : उत्‍तर प्रदेश

  • रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में गोमती नदी के किनारे निर्मित ग्रीन कॉरिडोर (फेज-2) का उद्घाटन किया।
  • यह परियोजना लखनऊ की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • विस्तार और मार्ग: दूसरा चरण लगभग 7 किलोमीटर लंबा है, जो डालीगंज (हनुमान सेतु) से शुरू होकर निशातगंज होते हुए समता मूलक चौक तक जाता है
  • लागत: इस चरण के निर्माण पर लगभग ₹299 करोड़ की लागत आई है
  • यह एक 6-लेन वाली सिग्नल-फ्री सड़क है
  • अगला चरण: इसी कार्यक्रम के दौरान परियोजना के तीसरे और चौथे चरण का शिलान्यास भी किया गया, जो पिपराघाट से किसान पथ को जोड़ेंगे

उत्‍तर प्रदेश में कॉरिडोर :

  • उत्तर प्रदेश में विभिन्न प्रकार के कॉरिडोर (औद्योगिक, रक्षा, परिवहन और आध्यात्मिक) राज्य के बुनियादी ढांचे और आर्थिक विकास के मुख्य स्तंभ हैं

उत्तर प्रदेश रक्षा औद्योगिक गलियारा (UPDIC) :

  • 6 नोड्स: आगरा, अलीगढ़, चित्रकूट, झांसी, कानपुर और लखनऊ(प्रमुख परियोजनाएं: लखनऊ में ब्रह्मोस एनजी (BrahMos NG) मिसाइल निर्माण इकाई और कानपुर में अडानी डिफेंस का एम्युनिशन कॉम्प्लेक्स)
  • ग्रीन कॉरिडोर (लखनऊ) : लखनऊ की यातायात समस्या को हल करने के लिए गोमती नदी के किनारे विकसित किया जा रहा 57 किमी लंबा सिग्नल-फ्री मार्ग
  • उत्तर-दक्षिण रोड कॉरिडोर : उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में वर्टिकल कनेक्टिविटी (उत्तर से दक्षिण) को मजबूत करने के लिए 6 नए कॉरिडोर को मंजूरी दी है

प्रमुख मार्ग:

  • श्रावस्ती–प्रयागराज: 262 किमी (अयोध्या, सुल्तानपुर के रास्ते)
  • कुशीनगर–वाराणसी: 220 किमी (देवरिया, गाजीपुर के रास्ते)
  • नेपाल सीमा (पिपरी)–प्रयागराज: 295 किमी
  • लखीमपुर–बांदा: 502 किमी (सीतापुर, लखनऊ के रास्ते)

आध्यात्मिक कॉरिडोर :

  • महाकुंभ 2025 की सफलता के बाद मुख्यमंत्री द्वारा 5 नए आध्यात्मिक गलियारों की घोषणा की गई है
  • प्रयागराज-विंध्याचल-काशी: शक्तिपीठों और शिव धामों को जोड़ने हेतु
  • प्रयागराज-अयोध्या-गोरखपुर: राम जन्मभूमि और नाथ परंपरा के केंद्रों को जोड़ने हेतु
  • प्रयागराज-लखनऊ-नैमिषारण्य: प्रमुख महातीर्थों के बीच कनेक्टिविटी हेतु

तेंदुओं को अनुसूची 2 में पुनर्वर्गीकृत करने का प्रस्ताव : महाराष्ट्र

  • महाराष्ट्र कैबिनेट ने तेंदुओं को अनुसूची 1 से अनुसूची 2 में पुनर्वर्गीकृत करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी।
  • यह निर्णय विशेष रूप से महाराष्ट्र के "शुगर बेल्ट" और घनी आबादी वाले क्षेत्रों में बढ़ती हिंसक मुठभेड़ों को देखते हुए लिया गया है।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • कानूनी सुरक्षा में बदलाव: अनुसूची I में वन्यजीवों को "सर्वोच्च सुरक्षा" प्राप्त होती है, जिसमें उन्हें मारना या पकड़ना अत्यंत कठिन कानूनी प्रक्रिया के अधीन होता है। अनुसूची II में आने से, यदि कोई तेंदुआ मानव बस्ती में प्रवेश करता है या खतरा पैदा करता है, तो उसे मारने की स्थिति में नागरिकों पर कानूनी कार्रवाई नहीं होगी (स्व-रक्षा के तहत)।
  • प्रशासनिक लचीलापन: सरकार का तर्क है कि अनुसूची I की कठोरता के कारण वन विभाग "आदमखोर" तेंदुओं के खिलाफ त्वरित कार्रवाई नहीं कर पाता था।
  • अन्य उपाय: कैबिनेट ने तेंदुओं की आबादी नियंत्रित करने के लिए नसबंदी (Sterilization) कार्यक्रम और 'आदमखोर' घोषित करने की प्रक्रिया को सरल बनाने के निर्देश भी दिए हैं

वन्यजीव संरक्षण अधिनियम (WLPA), 1972 का संदर्भ :

  • अनुसूची I: इसमें शामिल प्रजातियों (जैसे बाघ, तेंदुआ) के शिकार पर पूर्ण प्रतिबंध है, सिवाय उस स्थिति के जब वे मानव जीवन के लिए खतरा बन जाएं और मुख्य वन्यजीव वार्डन से अनुमति प्राप्त हो।
  • अनुसूची II: इसमें दंड का प्रावधान अपेक्षाकृत कम कठोर होता है और आत्मरक्षा में कार्रवाई के लिए कानूनी सुरक्षा प्रदान करना आसान होता है

तेदुंआ :

  • एक बिल्ली प्रजाति (Big Cat) का जानवर है
  • वैज्ञानिक नाम: Panthera pardus
  • आवास (Habitat): वर्षावन, सवाना, रेगिस्तान, झाड़ीदार क्षेत्र और भारतीय उपमहाद्वीप के विभिन्न वन

संरक्षण स्थिति (Conservation Status):

  • IUCN रेड लिस्ट: सुभेद्य (Vulnerable)
  • CITES: परिशिष्ट-I
  • वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972: अनुसूची-I
  • केंद्र सरकार ने प्रोजेक्ट टाइगर की 50वीं वर्षगाँठ के अवसर पर वर्ष 2023-24 से वर्ष 2027-28 तक पाँच वर्ष की अवधि के लिये 150 करोड़ रुपए के एकमुश्त बजटीय समर्थन के साथ भारत में मुख्यालय के साथ इंटरनेशनल बिग कैट एलायंस (IBCA) की स्थापना को मंज़ूरी दी है

उत्तर प्रदेश में दो प्रमुख आस्था केंद्रों के सौंदर्यीकरण और पर्यटन विकास की योजना को मंजूरी

  • उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रयागराज में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्‍य से दो प्रमुख आस्था केंद्रों करछना के फलाहिरी बाबा मंदिर और सोरांव के दुर्गा मंदिर (देवी धाम पचदेवा)—के सौंदर्यीकरण और पर्यटन विकास की योजना को मंजूरी दी।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • कुल बजट आवंटन: लगभग ₹3.46 करोड़
  • करछना स्थित फलाहिरी बाबा मंदिर: ₹1.64 करोड़ से अधिक
  • सोरांव स्थित दुर्गा मंदिर (देवी धाम पचदेवा): लगभग ₹1.82 करोड़
  • प्रथम किस्त: फलाहिरी बाबा मंदिर के लिए ₹40 लाख और दुर्गा मंदिर के लिए ₹45 लाख की पहली किस्त जारी कर दी गई है
  • रणनीतिक महत्व: प्रयागराज, उत्तर प्रदेश के 'स्पिरिचुअल ट्रायंगल' (प्रयागराज-अयोध्या-काशी) का एक अभिन्न हिस्सा है

अंतर्राष्‍ट्रीय समाचार

ऑपरेशन सागर बंधु के तहत श्रीलंका में पुल परियोजना की शुरूआत

  • भारतीय सेना ने ऑपरेशन सागर बंधु के तहत श्रीलंका के उत्तर-पश्चिमी प्रांत के चिलाव जिले में थोडुवावा नामक स्थान पर 240 फुट लंबे बेली ब्रिज के निर्माण का कार्य शुरू किया।
  • यह पुल कोलंबो को पुट्टलम से जोड़ने वाले तटीय गलियारे के एक महत्वपूर्ण हिस्से को बहाल करेगा, जो चक्रवात 'दित्वह' (Cyclone Ditwah) के कारण क्षतिग्रस्त हो गया था।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • उद्देश्य: यह भारत द्वारा श्रीलंका को चक्रवात 'दित्वह' के बाद दी जा रही मानवीय सहायता और आपदा राहत (HADR) का हिस्सा है।
  • प्रोजेक्ट का विवरण: भारतीय सेना की इंजीनियर कोर चिलाव में इस पुल का निर्माण कर रही है। यह इस ऑपरेशन के तहत बनाया जाने वाला चौथा बेली ब्रिज है
  • कनेक्टिविटी: यह पुल कोलंबो और पुट्टलम के बीच आवश्यक तटीय संपर्क को फिर से स्थापित करेगा, जिससे माल और सेवाओं की आवाजाही आसान होगी
  • भारत की नीति: यह मिशन भारत की 'पड़ोसी प्रथम' नीति और SAGAR (Security and Growth for All in the Region) दृष्टिकोण के अनुरूप है।

अर्थव्‍यवस्‍था तथा बैंकिंग

भारत की वार्षिक खुदरा मुद्रास्फीति

  • सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) के आंकड़ों के अनुसार, भारत की वार्षिक खुदरा मुद्रास्फीति (CPI) फरवरी 2026 में बढ़कर 3.21% (अस्थायी) हो गई, जो जनवरी में 2.74% थी।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • अवधि और दर: फरवरी 2026 में मुद्रास्फीति 3.21% रही।
  • आधार वर्ष: यह आँकड़े नई श्रृंखला (आधार वर्ष 2024=100) के तहत हैं, जो आधुनिक उपभोग पैटर्न को दर्शाता है।
  • ग्रामीण-शहरी अंतर: ग्रामीण मुद्रास्फीति 3.37% और शहरी मुद्रास्फीति 3.02% दर्ज की गई।
  • खाद्य मुद्रास्फीति: खाद्य मूल्य सूचकांक (CFPI) पर आधारित महंगाई दर 3.47% रही।
  • RBI का रुख: हालांकि मुद्रास्फीति 11 महीने के उच्चतम स्तर पर है, यह फिर भी भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के 4% के मध्यम लक्ष्य और 2-6% के सहनशीलता बैंड से नीचे है।

विज्ञान और प्रौद्योगिकी

CE-20 क्रायोजेनिक इंजन का सफल परीक्षण

  • भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने तमिलनाडु के महेंद्रगिरी स्थित प्रणोदन परिसर में CE-20 क्रायोजेनिक इंजन का 22 टन थ्रस्ट स्तर पर सफलतापूर्वक हॉट टेस्ट (परीक्षण) किया।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

मुख्य विशेषताएं:

  • थ्रस्ट क्षमता: इंजन का परीक्षण 22 टन के उच्च थ्रस्ट स्तर पर किया गया। इससे पहले समुद्र तल पर परीक्षण आमतौर पर 19 टन थ्रस्ट पर किए जाते थे।
  • अवधि: यह परीक्षण कुल 165 सेकंड तक चला, जिसके दौरान इंजन के सभी प्रदर्शन मानक उम्मीद के मुताबिक रहे।
  • उन्नत तकनीक: इस परीक्षण में नोजल प्रोटेक्शन सिस्टम (NPS) और मल्टी-एलिमेंट इग्नाइटर का उपयोग किया गया, जो इंजन को समुद्र तल की कठिन परिस्थितियों में सुरक्षित रखने में मदद करते हैं।
  • महत्व:
  • LVM3 की क्षमता में वृद्धि: यह सफलता भारत के सबसे भारी रॉकेट, LVM3 (Launch Vehicle Mark-3) की पेलोड ले जाने की क्षमता को बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण है।
  • गगनयान मिशन: CE-20 इंजन को भारत के मानवयुक्त अंतरिक्ष मिशन 'गगनयान' के लिए पहले ही 'ह्यूमन-रेटेड' (मानव उपयोग के लिए सुरक्षित) घोषित किया जा चुका है।
  • स्वदेशी आत्मनिर्भरता: यह परीक्षण 3D-प्रिंटेड टर्बाइन घटकों जैसे स्वदेशी नवाचारों की प्रभावशीलता को भी प्रमाणित करता है।

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) :

  • स्थापना: 15 अगस्त, 1969 (इसने 1962 में स्थापित भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष अनुसंधान समिति - INCOSPAR का स्थान लिया)
  • संस्थापक: डॉ. विक्रम साराभाई (इन्हें 'भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम का जनक' कहा जाता है)
  • मुख्यालय: बेंगलुरु, कर्नाटक
  • वर्तमान प्रमुख: डॉ. वी. नारायणन
  • मंत्रालय: यह अंतरिक्ष विभाग (DoS) के अधीन कार्य करता है, जिसकी सीधी रिपोर्टिंग भारत के प्रधानमंत्री को होती है

प्रमुख प्रक्षेपण यान :

  • ISRO के पास वर्तमान में चार सक्रिय प्रक्षेपण यान हैं
  • PSLV (Polar Satellite Launch Vehicle): इसे 'ISRO का वर्कहॉर्स' कहा जाता है। यह मध्यम वजन के उपग्रहों को सूर्य-तुल्यकालिक ध्रुवीय कक्षाओं (SSPO) में भेजने के लिए प्रसिद्ध है।
  • GSLV (Geosynchronous Satellite Launch Vehicle): यह भारी संचार उपग्रहों को उच्च कक्षाओं (GTO) में ले जाने के लिए स्वदेशी क्रायोजेनिक इंजन का उपयोग करता है।
  • LVM-3 (Launch Vehicle Mark-III): यह ISRO का सबसे शक्तिशाली रॉकेट है, जो 4 टन तक के उपग्रहों को GTO और 10 टन तक के पेलोड को निम्न पृथ्वी कक्षा (LEO) में ले जा सकता है। इसका उपयोग चंद्रयान-3 और गगनयान मिशनों के लिए किया गया/जाएगा।
  • SSLV (Small Satellite Launch Vehicle): छोटे उपग्रहों (500 किग्रा तक) को तेजी से और कम लागत पर लॉन्च करने के लिए विकसित किया गया है।

महत्वपूर्ण संस्थान और व्यावसायिक शाखाएँ :

  • सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र (SDSC), श्रीहरिकोटा: भारत का मुख्य रॉकेट लॉन्च पोर्ट।
  • विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र (VSSC), तिरुवनंतपुरम: प्रक्षेपण यानों के डिजाइन और विकास का मुख्य केंद्र。
  • NSIL (NewSpace India Limited) और Antrix: ये ISRO की व्यावसायिक शाखाएँ हैं जो उपग्रह लॉन्च सेवाओं और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण का प्रबंधन करती हैं।

C-DOT द्वारा प्रदर्शन दिवस का आयोजन

  • सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ टेलीमैटिक्स (C-DOT) ने नई दिल्ली के NBCC कन्वेंशन हॉल में अपने 'समर्थ' (Samarth) इनक्यूबेशन प्रोग्राम के Cohort-II के लिए 'डेमो डे' (Demo Day) का सफलतापूर्वक आयोजन किया।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

मुख्य विशेषताएं और उद्देश्य :

  • प्रोग्राम का उद्देश्य: इसका मुख्य लक्ष्य दूरसंचार (Telecom) और सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (ICT) क्षेत्र में स्टार्टअप्स को बढ़ावा देना और स्वदेशी समाधान विकसित करना है।
  • संरचना: 'समर्थ' कार्यक्रम को दो कोहोर्ट (छह-छह महीने के) में विभाजित किया गया है, जिसमें कुल 36 स्टार्टअप्स (प्रत्येक कोहोर्ट में 18) को शामिल करने का लक्ष्य है।
  • कार्यान्वयन भागीदार: इसे Software Technology Parks of India (STPI) और TiE (The Indus Entrepreneurs) के सहयोग से कार्यान्वित किया जा रहा है।

सहायता और लाभ :

  • वित्तीय सहायता: चयनित स्टार्टअप्स को 5 लाख रुपये तक का अनुदान (Grant) दिया जाता है।
  • बुनियादी ढांचा: स्टार्टअप्स को C-DOT के दिल्ली और बेंगलुरु परिसरों में 6 महीने के लिए सुसज्जित कार्यालय स्थान और उन्नत प्रयोगशाला (Lab) सुविधाओं तक पहुंच प्रदान की जाती है।
  • मेंटरशिप: C-DOT के वैज्ञानिकों और उद्योग विशेषज्ञों द्वारा तकनीकी मार्गदर्शन और मेंटरशिप प्रदान की जाती है।

सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ टेलीमैटिक्स (C-DOT) :

  • भारत सरकार के संचार मंत्रालय के दूरसंचार विभाग (DoT) के तहत एक प्रमुख स्वायत्त दूरसंचार अनुसंधान एवं विकास (R&D) केंद्र है।
  • स्थापना: इसकी स्थापना अगस्त 1984 में एक पंजीकृत सोसायटी के रूप में हुई थी।
  • मुख्यालय: नई दिल्ली (इसके अलावा बेंगलुरु में भी एक प्रमुख केंद्र है)।
  • प्रमुख व्यक्तित्व: सैम पित्रोदा इसके संस्थापक कार्यकारी निदेशक थे
  • C-DOT का प्रबंधन एक शासी परिषद (Governing Council) द्वारा किया जाता है, जिसके अध्यक्ष केंद्रीय संचार मंत्री होते हैं

एशरमैन सिंड्रोम से पीड़ित महिलाओं का सफल इलाज

  • नई दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल (Sir Ganga Ram Hospital) के डॉक्टरों ने चिकित्सा क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए एशरमैन सिंड्रोम (Asherman's Syndrome) से पीड़ित दो महिलाओं का सफल इलाज किया है।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • प्रमुख उपलब्धि: भारत में पहली बार नाभ नाल (Umbilical Cord) से प्राप्त मेसेनकाइमल स्टेम सेल (Mesenchymal Stem Cells) का उपयोग कर एशरमैन सिंड्रोम के मरीजों में सफल 'लाइव बर्थ' (जीवित बच्चों का जन्म) दर्ज किया गया है।
  • उपचार प्रक्रिया: डॉक्टरों ने 'व्हाटन्स जेली' (Wharton’s jelly) से निकाले गए स्टेम सेल्स को गर्भाशय की क्षतिग्रस्त परत (Endometrium) के नीचे इंजेक्ट किया। इससे गर्भाशय की परत को पुनर्जीवित करने में मदद मिली, जिससे भ्रूण प्रत्यारोपण संभव हो सका।
  • चिकित्सा टीम: इस ऐतिहासिक प्रक्रिया का नेतृत्व अस्पताल के IVF और मानव प्रजनन केंद्र की निदेशक डॉ. आभा मजूमदार की टीम ने किया।
  • परिणाम: उपचार के बाद, एक 39 वर्षीय महिला ने 35 सप्ताह में एक स्वस्थ बालक को और एक 40 वर्षीय महिला ने 31 सप्ताह में एक बालिका को जन्म दिया।
  • एशरमैन सिंड्रोम : एशरमैन सिंड्रोम (Asherman's Syndrome) एक दुर्लभ लेकिन गंभीर स्थिति है जिसमें महिला के गर्भाशय (Uterus) के अंदर निशान ऊतक (Scar tissue) या 'आसंजन' (Adhesions) बन जाते हैं। इसे इंट्रायूटरिन सिनिकिया (Intrauterine Synechiae) के नाम से भी जाना जाता है।

मुख्य कारण :

  • D&C (Dilation and Curettage): गर्भपात या प्रसव के बाद गर्भाशय की सफाई के लिए की जाने वाली प्रक्रिया इसका सबसे आम कारण है।
  • गर्भाशय की सर्जरी: फाइब्रॉएड (Myomectomy) हटाने या सी-सेक्शन जैसी सर्जरी।
  • संक्रमण: गर्भाशय में संक्रमण या पेल्विक ट्यूबरकुलोसिस (TB), जो भारत में एक प्रमुख कारण है।

प्रमुख लक्षण (Symptoms) :

  • मासिक धर्म में बदलाव: पीरियड्स का बहुत कम होना (Hypomenorrhea) या बिल्कुल बंद हो जाना (Amenorrhea)
  • दर्द: मासिक धर्म के समय तीव्र ऐंठन या दर्द होना, भले ही रक्तस्राव न हो रहा हो।
  • प्रजनन क्षमता पर प्रभाव: गर्भधारण करने में कठिनाई (Infertility) या बार-बार गर्भपात (Recurrent Miscarriage) होना।

'क्रिटिकल केयर फॉलो-अप क्लिनिक' की शुरुआत

  • नई दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल ने देश में पहली बार 'क्रिटिकल केयर फॉलो-अप क्लिनिक' की शुरुआत की।
  • 'क्रिटिकल केयर फॉलो-अप क्लिनिक' : यह एक टेली-फॉलो-अप क्लिनिक है जो उन मरीजों को निरंतर चिकित्सा सहायता प्रदान करता है जिन्होंने गंभीर बीमारी (जैसे सेप्सिस, ऑर्गन फेलियर आदि) के कारण लंबे समय तक ICU में समय बिताया है।

महत्‍वपूर्ण दिवस

उस्ताद विलायत ख़ाँ की पुण्यतिथि

  • महान सितार वादक उस्ताद विलायत ख़ाँ की पुण्यतिथि 13 मार्च को मनाई जाती है।
  • उनका निधन 13 मार्च 2004 को 75 वर्ष की आयु में मुंबई के जसलोक अस्पताल में हुआ था।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • गायकी अंग के जनक: उन्होंने सितार वादन में 'गायकी अंग' शैली को विकसित किया, जिससे सितार से निकलने वाली स्वर लहरियों में मानवीय आवाज़ (गायन) का अहसास होता था।
  • आफ़ताब-ए-सितार: पूर्व राष्ट्रपति फ़खरुद्दीन अली अहमद ने उन्हें 'आफ़ताब-ए-सितार' (सितार का सूरज) की उपाधि से सम्मानित किया था।
  • इमदादखानी घराना: उनका जन्म 28 अगस्त 1928 को हुआ था और वे संगीत के प्रसिद्ध इमदादखानी (इटावा) घराने से ताल्लुक रखते थे।
  • पुरस्कारों का त्याग: उन्होंने 1964 में पद्म श्री और 1968 में पद्म विभूषण जैसे नागरिक सम्मानों को यह कहते हुए ठुकरा दिया था कि चयन प्रक्रिया निष्पक्ष नहीं थी और उन्हें उनके कद के अनुसार सम्मान नहीं दिया गया।

 

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