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Wed 11 Mar, 2026

राष्‍ट्रीय समाचार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केरलम के दौरे पर

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केरलम के एर्नाकुलम में लगभग 11 हजार करोड़ रुपये की विभिन्‍न विकास परियोजनाओं का शुभारंभ किया।

मुख्य विकास परियोजनाएं:

  • पेट्रोकेमिकल यूनिट: BPCL कोच्चि रिफाइनरी में 5,500 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली पॉलीप्रोपाइलीन यूनिट की आधारशिला रखी गई, जो पैकेजिंग, कपड़ा और चिकित्सा उपकरणों के उद्योगों को बढ़ावा देगी।
  • राजमार्ग परियोजनाएं (NH-66): 2,650 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से Thalapady-Chengala खंड का छह-लेन और 2,140 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से कोझीकोड बाईपास (Vengalam-Ramanattukara) का उद्घाटन किया गया, जिससे कन्नूर और कासरगोड जिलों के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होगी।
  • ऊर्जा क्षेत्र: कोल्लम जिले के पश्चिम कल्लाडा में 50 मेगावाट की फ्लोटिंग सोलर पावर परियोजना की आधारशिला रखी गई।
  • रेलवे विकास: अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत शोरनूर, कुट्टीपुरम और चंगनासेरी रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास और 23 ग्रामीण सड़कों (PMGSY) का उद्घाटन किया गया।

नया राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म ‘भारत टैक्सी’

  • सहकारिता राज्य मंत्री कृष्ण पाल ने राज्यसभा में एक प्रश्न का उत्तर देते हुए बताया कि सरकार ने सहकारी मॉडल पर आधारित एक नया राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म ‘भारत टैक्सी’ लॉन्च किया है, जिसका उद्देश्य चालकों को सशक्त बनाना और यह सुनिश्चित करना है कि उनकी कमाई सीधे उनके खातों में जाए।
  • उन्होंने सदन को सूचित किया कि इस पहल की घोषणा सर्वप्रथम 6 जून, 2025 को की गई थी और भारत टैक्सी मल्टी-स्टेट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड का पंजीकरण हुआ था, जिसके बाद 5 फरवरी, 2026 को औपचारिक रूप से इस प्लेटफॉर्म का शुभारंभ किया गया।

नया राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म ‘भारत टैक्सी’ :

  • यह ओला-उबर जैसे निजी एग्रीगेटर्स के मुकाबले शून्य-कमीशन मॉडल पर आधारित एक स्वदेशी पहल है, जो मुख्य रूप से ड्राइवरों को ही मालिक बनाती है।
  • उद्देश्य: सहकारिता के माध्यम से ड्राइवरों को उचित आय दिलाना और एक सुरक्षित, किफायती सवारी उपलब्ध कराना।
  • मॉडल: यह पूरी तरह से ड्राइवरों के स्वामित्व वाला नेटवर्क है, जिसमें कोई बिचौलिया या कमीशन नहीं है।
  • लॉन्च: 5 फरवरी 2026 को अमित शाह द्वारा लॉन्च किया गया। इससे पहले नवंबर 2025 में सॉफ्ट लॉन्च किया गया था।
  • सहयोग: यह सहकारिता मंत्रालय और राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस प्रभाग (NeGD) की एक पहल है।
  • विस्तार: शुरुआत में दिल्ली-एनसीआर और गुजरात में उपलब्ध है, जिसे आगे पूरे देश में विस्तार की योजना है।
  • विशेषताएं: इसमें महिला ड्राइवरों (सारथी) को विशेष प्रोत्साहन, पारदर्शी किराया और रीयल-टाइम ट्रैकिंग जैसी सुविधाएं हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तमिलनाडु के दौरे पर

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली में ₹5,650 करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया।
  • ये परियोजनाएं पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस अवसंरचना, ल्युब्रिकेंट निर्माण, ग्रामीण संपर्क, राजमार्ग विकास और रेलवे सेवाओं सहित प्रमुख क्षेत्रों को शामिल करती हैं।

प्रमुख परियोजनाएं :

  • नीलगिरी और इरोड जिलों में गैस वितरण नेटवर्क की आधारशिला : पेट्रोलियम क्षेत्र में नीलगिरी और इरोड जिलों में भारत पेट्रोलियम निगम लिमिटेड के 3,680 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश से निर्मित सिटी गैस वितरण नेटवर्क की आधारशिला रखी। इस परियोजना से 8.8 लाख से अधिक घरों को पीएनजी कनेक्शन मिलेंगे, 200 से अधिक वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों को गैस की आपूर्ति होगी और 201 से अधिक सीएनजी स्टेशन स्थापित होंगे।
  • चेन्नई के मनाली में ल्यूब ब्लेंडिंग प्लांट का उद्घाटन : प्रधानमंत्री चेन्नई के मनाली में स्थित इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के 672 हजार मीट्रिक टन प्रति वर्ष क्षमता वाले ल्यूब ब्लेंडिंग प्लांट को भी राष्ट्र को समर्पित करेंगे। लगभग 1,490 करोड़ रुपये के निवेश से विकसित यह संयंत्र भारत की ल्यूब्रिकेंट उत्पादन क्षमता को मजबूत करेगा।
  • 89 ग्रामीण सड़कों का उद्घाटन : उन्‍होंने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत तमिलनाडु में 370 किलोमीटर लंबी 89 ग्रामीण सड़कों का भी उद्घाटन करेंगे, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में बाजारों, स्कूलों और स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच में उल्लेखनीय सुधार होगा। प्रधानमंत्री एनएच-81 पर गंगईकोंडा चोलपुरम के पास ग्रीनफील्ड बाईपास की आधारशिला भी रखेंगे।

देश में स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली-कवच की उपलब्धि

  • रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में पूरक प्रश्नों का उत्तर देते हुए बताया कि, देश में 'कवच' (स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली) के तहत पांच उप-प्रणालियाँ कार्यरत हैं और अब तक 8,570 किलोमीटर से अधिक की दूरी पर ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाई जा चुकी है।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • उन्‍होंने बताया कि 1100 से अधिक दूरसंचार टावर लगाए जा चुके हैं और 767 स्टेशन डेटा सेंटर स्थापित
  • 6 हजार 776 किलोमीटर में ट्रैक साइड उपकरण स्थापित किए जा चुके हैं।

कवच प्रणाली :

  • भारतीय रेलवे द्वारा विकसित एक स्वदेशी स्वचालित ट्रेन सुरक्षा (ATP) प्रणाली है, जिसे 'जीरो एक्सीडेंट' के लक्ष्य के साथ बनाया गया है।
  • यह तकनीक रेड सिग्नल (SPAD) को तोड़ने, आमने-सामने की टक्कर और तेज गति को रोकती है। यदि लोको पायलट ब्रेक नहीं लगा पाता है, तो कवच खुद ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोकता है।
  • विकासकर्ता: भारतीय रेलवे का अनुसंधान डिजाइन और मानक संगठन (RDSO)
  • निरंतर सुधार: इसे 2020 में राष्ट्रीय स्वचालित ट्रेन सुरक्षा (ATP) प्रणाली के रूप में अपनाया गया था। कवच संस्करण 4.0 को 2024 में मंजूरी मिली थी।
  • वंदे भारत 4.0 में कवच 5.0 को शामिल करने की योजना बनाई गई है।

भारत में इंटरनेट सेवाएं

  • इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान पूरक प्रश्नों का उत्तर देते हुए बताया कि, भारत में इंटरनेट सेवाएं विश्व में सबसे सस्ती हैं।

प्रमुख बिन्‍दु :

  • डेटा की कीमत: भारत में 1GB डेटा की औसत लागत 0.08 से 0.10 डॉलर के बीच है, जबकि वैश्विक औसत 2.59 डॉलर प्रति GB है।
  • पड़ोसी देशों से तुलना: उन्होंने तुलना करते हुए बताया कि बांग्लादेश में यह दर 0.23 डॉलर और श्रीलंका में 0.25 डॉलर प्रति GB है।
  • उपयोगकर्ताओं में वृद्धि: भारत में इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की संख्या 2014 के 25 करोड़ से बढ़कर अब लगभग 103 करोड़ हो गई है।
  • डिजिटल समावेशन (Digital Inclusion): सरकार ने पिछले 10 वर्षों में इंटरनेट की पहुंच बढ़ाने, उसे सस्ता बनाने और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) तैयार करने पर ध्यान केंद्रित किया है।

चौथा राष्ट्रीय कृषि-नवीकरणीय ऊर्जा शिखर सम्मेलन

  • चौथे राष्ट्रीय कृषि-नवीकरणीय ऊर्जा शिखर सम्मेलन (National Agro-RE Summit) का आयोजन नई दिल्ली में किया गया।
  • केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने इसकी अध्यक्षता की, जिसमें कृषि में सौर ऊर्जा (PM-KUSUM 2.0), कृषि-वोल्टेइक (Agri-PV) और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बदलने पर जोर दिया गया।

चौथा राष्ट्रीय कृषि-नवीकरणीय ऊर्जा शिखर सम्मेलन :

  • आयोजन: नई दिल्ली, मार्च 2026 (नेशनल सोलर एनर्जी फेडरेशन ऑफ इंडिया - NSEFI द्वारा)
  • उद्देश्य: ग्रामीण भारत में कृषि कार्यों को टिकाऊ और नवीकरणीय ऊर्जा से जोड़ना
  • PM-KUSUM 2.0: सौर पंपों के माध्यम से सिंचाई लागत कम करने पर ध्यान केंद्रित
  • कृषि-वोल्टेइक (Agri-PV): फसल उत्पादन के साथ-साथ सौर ऊर्जा पैदा करना
  • लक्ष्य: 2030 तक 500 GW स्वच्छ ऊर्जा क्षमता की ओर बढ़ना
  • प्रल्हाद जोशी के अनुसार, पिछले एक दशक में गैर-जीवाश्म स्रोतों से देश की स्थापित बिजली उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
  • भारत की गैर-जीवाश्म ईंधन (नवीकरणीय ऊर्जा, परमाणु और बड़े जलविद्युत) से स्थापित बिजली उत्पादन क्षमता 81 GW से बढ़कर लगभग 275 GW हुई।

जल जीवन मिशन (JJM)

  • केंद्रीय मंत्रिमंडल ने जल जीवन मिशन (JJM) को दिसंबर 2028 तक बढ़ाने को मंजूरी दी, पुनर्गठित मिशन JJM 2.0 लिए कुल ₹8.69 लाख करोड़ का बजट (कुल केंद्रीय सहायता 3.59 लाख करोड़ रुपये) मंजूर किया गया।
  • यह आवटंन 2019-20 में स्वीकृत 2.08 लाख करोड़ रुपये से अधिक है, यानी 1.51 लाख करोड़ रुपये का अतिरिक्त केंद्रीय हिस्सा है।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • "सुजलम भारत" (Sujalam Bharat): एक समान राष्ट्रीय डिजिटल फ्रेमवर्क विकसित किया जाएगा, जिसके तहत प्रत्येक गाँव को एक विशिष्ट 'सुजल गाँव/सेवा क्षेत्र आईडी' (Sujal Gaon/Service Area ID) दी जाएगी। यह स्रोत से लेकर नल तक की पूरी जलापूर्ति व्यवस्था की डिजिटल मैपिंग सुनिश्चित करेगा।
  • सेवा-केंद्रित मॉडल: मिशन को 'इन्फ्रास्ट्रक्चर-केंद्रित' से बदलकर 'नागरिक-केंद्रित सेवा वितरण मॉडल' बनाया गया है। इसका लक्ष्य ग्रामीण परिवारों को सतत रूप से सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना है।
  • सामुदायिक स्वामित्व: 'हर घर जल' प्रमाणीकरण के लिए ग्राम पंचायतों और 'ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों' (VWSCs) की भागीदारी को 'जल अर्पण' जैसी पहलों के माध्यम से अनिवार्य बनाया गया है।
  • वर्तमान स्थिति : वर्ष 2019 में नल-जल कनेक्शन वाले 3.23 करोड़ (17 प्रतिशत) ग्रामीण परिवारों की आधारभूत स्थिति से, अब तक जल जीवन मिशन (जेजेएम) योजना के तहत 12.56 करोड़ से अधिक अतिरिक्त ग्रामीण परिवारों को नल-जल कनेक्शन प्रदान किए जा चुके हैं। वर्तमान में, देश में राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा चिन्हित 19.36 करोड़ ग्रामीण परिवारों में से, लगभग 15.80 करोड़ (81.61 प्रतिशत) परिवारों के पास नल-जल कनेक्शन उपलब्ध हैं।

राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय संस्थानों/व्यक्तियों द्वारा JJM के प्रभावों का आकलन :

  • SBI रिसर्च की रिपोर्ट के अनुसार, जेजेएम ने 9 करोड़ महिलाओं को पानी ढोने के काम से मुक्त किया है
  • WHO के अनुमान के अनुसार, JJM से महिलाओं के श्रमसाध्य कार्य में प्रतिदिन 5.5 करोड़ घंटे की बचत हुई है, डायरिया से होने वाली 4 लाख मौतों को रोका जा सका है और 14 मिलियन विकलांगता समायोजित जीवन वर्ष (DALY) की बचत हुई
  • नोबेल पुरस्कार विजेता प्रोफेसर माइकल क्रेमर ने पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों की मृत्यु दर में 30 प्रतिशत की संभावित कमी का अनुमान लगाया है, जिससे प्रतिवर्ष 1,36,000 बच्चों की जान बचाई जा सकती है
  • IIM बैंगलोर और अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (IIM) ने JJM के माध्यम से 59.9 लाख प्रत्यक्ष और 2.2 करोड़ अप्रत्यक्ष व्यक्ति-वर्ष के संभावित रोजगार सृजन का अनुमान लगाया है
  • JJM 2.0 देश भर के सभी 19.36 करोड़ ग्रामीण परिवारों को दिसंबर 2028 तक नल-जल कनेक्शन उपलब्ध कराकर सभी ग्राम पंचायतों को ‘हर घर जल’ के प्रमाणन में सहयोग देगा।
  • नोडल मंत्रालय: जल शक्ति मंत्रालय

IHMCL और प्रमुख वाणिज्यिक वाहन एग्रीगेटरों के बीच MoU

  • भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की इकाई, भारतीय राजमार्ग प्रबंधन कंपनी लिमिटेड (IHMCL), ने प्रमुख वाणिज्यिक वाहन एग्रीगेटरों के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किया।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • उद्देश्य : 'राजमार्गयात्रा' ऐप को एकीकृत कर राष्ट्रीय राजमार्गों पर सुरक्षा, दक्षता और 1033 हेल्पलाइन के माध्यम से आपातकालीन प्रतिक्रिया को बढ़ाना
  • तकनीकी एकीकरण: एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म (जैसे WheelsEye, BlackBuck, आदि) अपने सिस्टम के साथ NHAI के राजमार्गयात्रा ऐप को एकीकृत करेंगे, ताकि ड्राइवरों को रियल-टाइम सुरक्षा अलर्ट (जैसे दुर्घटना, मौसम) मिल सकें।
  • 1033 हेल्पलाइन: ऐप में 'कॉल 1033' सुविधा होगी, जिससे एक क्लिक में आपातकालीन सहायता और जियो-लोकेशन साझा करने की सुविधा मिलेगी।
  • चालक-केंद्रित रिपोर्टिंग (Jan Bhagidari): वाणिज्यिक ड्राइवर अब गड्ढे, टूटे क्रैश बैरियर जैसी समस्याओं की भू-टैग (geo-tagged) रिपोर्टिंग कर सकेंगे।
  • विशिष्ट सारथी पहल: सुरक्षित ड्राइविंग को बढ़ावा देने के लिए जिम्मेदार चालकों को मान्यता देने के लिए यह पहल शुरू की गई है।
  • पारदर्शिता: टोल प्लाजा संचालन, फास्टैग (FASTag) मुद्दों और सड़क के किनारे की सुविधाओं के बारे में व्यवस्थित फीडबैक प्राप्त किया जाएगा।

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) :

  • स्थापना : NHAI अधिनियम, 1988 के तहत
  • परिचालन शुरू : फरवरी 1995 में
  • मुख्यालय: नई दिल्ली
  • मंत्रालय: सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH)
  • वर्तमान अध्‍यक्ष : संतोष कुमार यादव
  • सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए लगभग 10,000 किमी राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण का लक्ष्य रखा है
  • भारतीय राजमार्ग प्रबंधन कंपनी लिमिटेड (IHMCL) :
  • NHAI द्वारा प्रवर्तित एक कंपनी है, जो भारत में राष्ट्रीय राजमार्गों पर FASTag आधारित इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह (ETC) और इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम (ITS) को लागू करने के लिए जिम्मेदार है।
  • स्थापना: 26 दिसंबर 2012 (कंपनी अधिनियम, 1956 के तहत)
  • प्रवर्तक (Promoters): भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI), रियायतग्राही (Concessionaires) और वित्तीय संस्थान

मुख्य कार्य:

  • FASTag प्रबंधन: भारत में FASTag कार्यक्रम का कार्यान्वयन
  • इलेक्ट्रॉनिक टोलिंग (ETC): राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल का डिजिटल संग्रह
  • राजमार्गयात्रा ऐप (Rajmargyatra App): यात्रियों के लिए एक एकीकृत ऐप
  • इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम (ITS): यातायात प्रबंधन में सुधार के लिए तकनीक
  • हेल्पलाइन: हाईवे पर आपातकालीन सहायता के लिए "1033" की सुविधा
  • अन्य पहल: वन प्रवेश बिंदुओं पर भी FASTag भुगतान की सुविधा

मदुरै हवाई अड्डा

  • केंद्रीय मंत्रिमंडल ने तमिलनाडु के मदुरै हवाई अड्डे को अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के रूप में घोषणा को मंजूरी दी।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • ऐतिहासिक संदर्भ: मदुरै हवाई अड्डा तमिलनाडु के सबसे पुराने हवाई अड्डों में से एक है। इसे 2010 में 'सीमा शुल्क हवाई अड्डे' (Customs Airport) का दर्जा मिला था, जिसके लगभग 16 साल बाद अब इसे पूर्ण अंतरराष्ट्रीय दर्जा प्राप्त हुआ है।

अवसंरचना और प्रौद्योगिकी उन्नयन परियोजनाओं को मंजूरी

  • भारतीय रेलवे ने पूर्वी तट, दक्षिण मध्य और पश्चिमी रेलवे क्षेत्रों में 765 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से कई अवसंरचना और प्रौद्योगिकी उन्नयन परियोजनाओं को मंजूरी दी।

प्रमुख परियोजनाएं :

  • पूर्वी तट रेलवे के दुव्वाडा-विशाखापत्तनम-विजयनगरम खंड पर इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन प्रणाली को उन्नत करने के लिए 318 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है। इससे हावड़ा-चेन्नई कॉरिडोर पर माल ढुलाई क्षमता बढ़ेगी और ट्रेनों की गति में सुधार होगा।
  • दक्षिण मध्य रेलवे के अंतर्गत 126 किलोमीटर लंबे रायचूर-गुंटकल खंड पर ट्रैक्शन प्रणाली को उन्नत करने के लिए 259 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत। इस परियोजना से बिजली आपूर्ति क्षमता में सुधार होगा और मुंबई-चेन्नई मार्ग पर यात्री और मालगाड़ियों के तेज संचालन में मदद मिलेगी।
  • पश्चिमी रेलवे के वडोदरा और मुंबई डिवीजनों में एक हजार किलोमीटर ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाने के लिए 187 करोड़ रुपये की परियोजना को भी मंजूरी। इस परियोजना का उद्देश्य डिजिटल संचार ढांचे को मजबूत करना और कवच जैसी स्वदेशी ट्रेन दुर्घटना निवारण तकनीक को बढ़ावा देना है।

‘आहार’ अंतर्राष्ट्रीय खाद्य और आतिथ्य मेले का 40वां संस्‍करण

  • केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने नई दिल्ली के भारत मंडपम में आहार (AAHAR) अंतर्राष्ट्रीय खाद्य और आतिथ्य मेले के 40वें संस्करण का उद्घाटन किया।
  • 10-14 मार्च तक चलने वाला यह एशिया का सबसे बड़ा खाद्य मेला है, जिसमें इटली को पहली बार भागीदार देश बनाया गया है।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • यह मेला भारतीय कृषि-खाद्य निर्यात को बढ़ावा देने और मुक्त व्यापार समझौतों (FTAs) का लाभ उठाने पर केंद्रित है।
  • केंद्रीय मंत्री ने बताया कि पिछले साढ़े तीन वर्षों में हुए नौ मुक्त व्यापार समझौतों से 38 विकसित और समृद्ध देशों में भारतीय निर्यातकों के लिए व्‍यापक बाजार अवसर उपलब्ध हुए हैं।
  • आयोजनकर्ता: भारतीय व्यापार संवर्धन संगठन (ITPO) और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय (MoFPI)

अंतर्राष्‍ट्रीय समाचार

अंतर्राष्ट्रीय दूरसंचार संघ की महासचिव से मुलाकात

  • विदेश मंत्रालय के सचिव सिबी जॉर्ज ने जिनेवा में अंतर्राष्ट्रीय दूरसंचार संघ की महासचिव डोरेन बोगदान-मार्टिन से मुलाकात की।

अंतर्राष्ट्रीय दूरसंचार संघ (ITU) :

  • सूचना और संचार प्रौद्योगिकी (ICT) के लिए संयुक्त राष्ट्र की सबसे पुरानी और प्रमुख विशेषज्ञ एजेंसी है
  • यह वैश्विक रेडियो स्पेक्ट्रम, उपग्रह कक्षाओं के समन्वय और तकनीकी मानकों को स्थापित करने के लिए जिम्मेदार है।
  • भारत 1869 से इसका सदस्य और 1952 से परिषद का सक्रिय सदस्य है।
  • स्थापना: 1865, मुख्यालय: जिनेवा
  • मूल: 1865 में 'इंटरनेशनल टेलीग्राफ यूनियन' के रूप में स्थापित; 1947 में संयुक्त राष्ट्र (UN) की एजेंसी बनी

बांग्लादेश को ईंधन की आपूर्ति

  • पश्चिम एशिया में तनाव और ईंधन की आपूर्ति में व्यवधान के बीच, भारत ने बांग्लादेश को 5,000 मीट्रिक टन (MT) डीजल की खेप भेजी है।
  • यह आपूर्ति बांग्लादेश-भारत मैत्री पाइपलाइन के माध्यम से असम के नुमालीगढ़ रिफाइनरी लिमिटेड (NRL) से की जा रही है, जो 131 किमी लंबी है।
  • यह कदम बांग्लादेश के बिजली, कृषि और परिवहन क्षेत्रों में ईंधन की कमी को पूरा करने में सहायक होगा।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • पाइपलाइन: यह 131 किमी लंबी सीमा पार पाइपलाइन है जो भारत के सिलीगुड़ी टर्मिनल को बांग्लादेश के परबतीपुर डिपो से जोड़ती है।
  • समझौता: इस समझौते के तहत भारत हर साल लगभग 1,80,000 टन डीजल की आपूर्ति करने के लिए प्रतिबद्ध है।
  • आपूर्ति दर: इस पाइपलाइन के माध्यम से लगभग 113 टन प्रति घंटा की दर से डीजल भेजा जा रहा है।
  • महत्व: यह आपूर्ति ऐसे समय में आई है जब ईरान-इजराइल संघर्ष के कारण वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान आ रहा है।
  • बांग्लादेश-भारत मैत्री पाइपलाइन :
  • भारत-बांग्लादेश मैत्री पाइपलाइन (IBFP) 131.5 किमी लंबी पहली सीमा पार ऊर्जा पाइपलाइन है, जो असम के नुमालीगढ़ से बांग्लादेश के परबतीपुर तक डीजल पहुंचाती है।
  • उद्घाटन और उद्देश्य: 18 मार्च 2023 को भारत और बांग्लादेश के प्रधानमंत्रियों द्वारा। यह असम (भारत) के नुमालीगढ़ रिफाइनरी लिमिटेड (NRL) से बांग्लादेश पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (BPC) के दिनाजपुर जिले के परबतीपुर डिपो तक डीजल की निर्बाध आपूर्ति के लिए है।
  • 18 मार्च 2023 को उद्घाटन की गई यह परियोजना, ₹377 करोड़ की लागत से बनी है, जो ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाती है, परिवहन लागत में 50% की कमी लाती है और दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत करती है।
  • क्षमता: भारत इस पाइपलाइन के माध्यम से बांग्लादेश को प्रतिवर्ष लगभग एक लाख 80 हजार मीट्रिक टन डीजल की आपूर्ति करता है
  • इस बीच, बांग्लादेश ने अगले चार महीनों में इसी पाइपलाइन के माध्यम से भारत से अतिरिक्त 50 हजार मीट्रिक टन डीजल आयात करने का प्रस्ताव दिया है, जिस पर विचार किया जा रहा है।
  • लंबाई और मार्ग: कुल लंबाई 131.5 किमी है, जिसमें से 126.5 किमी बांग्लादेश में और 5 किमी भारत में स्थित है।

रिर्पोट एवं सूचकांक

SIPRI रिपोर्ट मार्च 2026

  • SIPRI (Stockholm International Peace Research Institute) की मार्च 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, रूस के साथ युद्ध (2022 से) के कारण, यूक्रेन 2021-25 के दौरान 9.7% वैश्विक हिस्सेदारी के साथ विश्‍व का सबसे बड़ा हथियार आयातक बन गया है।
  • इस अवधि में, भारत 8.2% हिस्सेदारी के साथ दूसरा सबसे बड़ा आयातक रहा।

भारत की स्थिति:

  • भारत विश्‍व का दूसरा सबसे बड़ा हथियार आयातक बना हुआ है।
  • रूस अभी भी मुख्य आपूर्तिकर्ता (40%) है, लेकिन 2011-15 के 70% के मुकाबले यह निर्भरता कम हुई है।
  • 2016-2020 की तुलना में भारत के हथियार आयात में 4% की कमी आई है। इसका मुख्य कारण घरेलू रक्षा उत्पादन (मेक इन इंडिया) को बढ़ावा देना है।
  • भारत के हथियार आयात में रूस की हिस्सेदारी घटकर 40% (2016-20 में 51%) रह गई है, लेकिन अभी भी वह सबसे बड़ा निर्यातक है। फ्रांस (29%) और इजराइल (15%) अगले प्रमुख आपूर्तिकर्ता हैं।
  • जनवरी 2024 के अनुसार, भारत के पास लगभग 172 परमाणु वॉरहेड हैं, जो इसे दुनिया में 6वां सबसे बड़ा परमाणु-सशस्त्र देश बनाते हैं, जो पाकिस्तान (170) से अधिक है।
  • शीर्ष 5 आयातक: यूक्रेन, भारत, सऊदी अरब, कतर और पाकिस्तान
  • सबसे बड़ा हथियार एक्सपोर्टर : अमेरिका (ग्लोबल एक्सपोर्ट में 42% हिस्सेदारी, उसके बाद फ्रांस 9.8% और रूस 6.8% है)
  • जर्मनी वर्ष 2021–25 में चीन को पीछे छोड़कर चौथा सबसे बड़ा हथियार एक्सपोर्टर बन गया, जिसका दुनिया भर में हथियारों के एक्सपोर्ट में 5.7% हिस्सा था।
  • यूरोप 1960 के दशक के बाद पहली बार हथियारों का सबसे बड़ा क्षेत्रीय आयातक बनकर उभरा

रक्षा समाचार

ADC-150 का सफल परीक्षण

  • DRDO और भारतीय नौसेना ने गोवा तट पर P-8I विमान से स्वदेशी ADC-150 (Air Dropable Container) का सफल परीक्षण किया।

प्रमुख विवरण:

  • प्लेटफ़ॉर्म: यह परीक्षण नौसेना के Boeing P-8I Poseidon विमान से किया गया।
  • सफलता: विमान से चार सफल 'इन-फ्लाइट रिलीज' ट्रायल किए गए, जो अलग-अलग और कठिन परिस्थितियों में पूरे हुए।
  • पेलोड क्षमता: यह कंटेनर 150 किलोग्राम तक का सामान (मेडिकल किट, स्पेयर पार्ट्स, भोजन आदि) ले जाने में सक्षम है।
  • परिचालन लाभ: इसकी मदद से तट से 2,000 किमी से अधिक दूर तैनात जहाजों तक आपातकालीन रसद (logistics) तुरंत पहुंचाई जा सकेगी, जिससे जहाजों को सामान लेने के लिए तट के पास आने की जरूरत नहीं होगी।
  • स्वदेशी विकास: इसे डीआरडीओ की विशाखापत्तनम स्थित नौसेना विज्ञान और तकनीकी प्रयोगशाला (NSTL) द्वारा विकसित किया गया है। अन्य सहयोगी प्रयोगशालाओं में आगरा की ADRDE और हैदराबाद की DRDL शामिल हैं।
  • परिचालन भूमिका: यह गहरे समुद्र (Blue Waters) में तैनात नौसैनिक जहाजों को महत्वपूर्ण स्पेयर पार्ट्स, चिकित्सा सहायता और आपातकालीन रसद की तत्काल आपूर्ति सुनिश्चित करता है।
  • प्रमाणन: इसके लिए उड़ान संबंधी मंजूरी और प्रमाणन CEMILAC, बेंगलुरु द्वारा प्रदान किया गया है।

रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) :

  • रक्षा मंत्रालय की एक प्रमुख रक्षा अनुसंधान संस्था है
  • स्थापना: 1958
  • मुख्यालय: नई दिल्ली
  • आदर्श वाक्य: "बलस्य मूलं विज्ञानम्" (शक्ति का स्रोत विज्ञान है)
  • वर्तमान अध्यक्ष: डॉ. समीर वी. कामत, कार्यकाल मई 2026 तक बढ़ाया गया है

खेल समाचार

लिए ₹131 करोड़ का पुरस्कार

  • भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने ICC पुरुष T20 विश्व कप 2026 जीतने वाली भारतीय टीम के लिए ₹131 करोड़ के नकद पुरस्कार की घोषणा की है।
  • भारत ने 8 मार्च 2026 को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए फाइनल मुकाबले में न्यूजीलैंड को 96 रनों से हराकर यह खिताब अपने नाम किया।
  • BCCI के इस बोनस के अलावा, टीम इंडिया को ICC की ओर से विजेता के रूप में 3 मिलियन डॉलर (लगभग ₹25 करोड़) की पुरस्कार राशि भी मिली है।

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) :

  • भारत में क्रिकेट की सर्वोच्च संस्था है
  • स्थापना : 1928
  • मुख्यालय : मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम
  • अपोलो टायर्स को मार्च 2028 तक जर्सी प्रायोजक बनाया गया है

 

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