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Tue 10 Mar, 2026

राष्‍ट्रीय समाचार

आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 लागू

  • पश्चिम एशिया की स्थिति के मद्देनजर केन्‍द्र सरकार ने प्राकृतिक गैस पर आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 लागू किया।
  • पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार घरेलू पाइपलाइन प्राकृतिक गैस आपूर्ति, परिवहन के लिए CNG, LPG उत्पादन, पाइपलाइन कंप्रेसर ईंधन और अन्य आवश्यक पाइपलाइन परिचालन आवश्यकता वाले क्षेत्रों को प्राकृतिक गैस की आपूर्ति में प्राथमिकता दी गई है।
  • अधिसूचना में कहा गया है कि आपूर्ति को पिछले छह महीनों की औसत गैस खपत के 100 प्रतिशत परिचालन उपलब्धता के अधीन बनाए रखा जाएगा।

आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 :

  • उद्देश्य: जरूरी वस्तुओं की जमाखोरी, कालाबाजारी और कृत्रिम कमी को रोकना।
  • दायरा: यह पूरे भारत में लागू होता है
  • नियंत्रण: सरकार वस्तुओं की कीमत तय कर सकती है और उनके स्टॉक की सीमा निर्धारित कर सकती है
  • उल्लंघन पर सजा: कानून तोड़ने पर 3 महीने से लेकर 7 साल तक की जेल या जुर्माना या दोनों हो सकते हैं

प्रमुख प्रावधान:

  • केंद्र सरकार की शक्तियां (धारा 3): केंद्र सरकार किसी भी वस्तु को 'आवश्यक' घोषित कर सकती है और उसके स्टॉक की सीमा (Stock Limit) तय कर सकती है।
  • शक्तियों का प्रत्यायोजन (धारा 5): केंद्र सरकार अपनी शक्तियां राज्य सरकारों या उनके अधिकारियों को सौंप सकती है ताकि ज़मीनी स्तर पर प्रवर्तन प्रभावी हो सके।
  • दंड (धारा 7): अधिनियम के आदेशों का उल्लंघन करने पर कारावास (3 महीने से 7 वर्ष तक) और जुर्माना दोनों का प्रावधान है।
  • संज्ञेय अपराध (धारा 10A): इस अधिनियम के तहत किए गए अपराध संज्ञेय (Cognizable) होते हैं।

अधिनियम के तहत आने वाली कुछ प्रमुख वस्तुएं:

  • खाद्य पदार्थ: तेल, दालें, अनाज
  • ऊर्जा: पेट्रोल, डीजल, मिट्टी का तेल, LPG
  • स्वास्थ्य: दवाएं, मास्क, सैनिटाइज़र
  • अन्य: उर्वरक (Fertilizers)

वर्ष 2020 का संशोधन: संसद ने वर्ष 2020 में अधिनियम में संशोधन करते हुए केंद्र सरकार की शक्तियों को कुछ विशिष्ट वस्तुओं, जैसे- अनाज, दलहन, आलू, प्याज, खाद्य तिलहन तथा ईंधन तेल के असाधारण परिस्थितियों में विनियमन तक सीमित कर दिया था। इनमें युद्ध, अकाल, असाधारण मूल्य वृद्धि तथा गंभीर प्रकृति की प्राकृतिक आपदा जैसी परिस्थितियाँ सम्मिलित हैं।

खाद्यान्न उत्पादन में वृद्धि

  • केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान पूरक प्रश्नों का उत्तर देते हुए बताया कि, पिछले दस वर्षों में देश में खाद्यान्न उत्पादन में 44% की वृद्धि हुई है।

उत्पादन के आंकड़े:

  • देश का कुल खाद्यान्न उत्पादन रिकॉर्ड 357.73 मिलियन टन तक पहुँच गया है।
  • वर्ष 2015-16 में यह उत्पादन 251.54 मिलियन टन था, जिसमें लगभग 106 मिलियन टन की वृद्धि हुई है।
  • चावल उत्पादन में कीर्तिमान: भारत अब चीन को पीछे छोड़कर दुनिया का सबसे बड़ा चावल उत्पादक देश बन गया है।
  • दलहन (Pulses) उत्पादन: दालों के उत्पादन में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जो 19 मिलियन टन से बढ़कर लगभग 26 मिलियन टन हो गया है।
  • बजट आवंटन: कृषि क्षेत्र के बजट में भारी बढ़ोतरी हुई है। संप्रग (UPA) सरकार के दौरान यह ₹27,000 करोड़ था, जो अब बढ़कर ₹1.27 लाख करोड़ हो गया है।

सरकारी योजनाएं और सुधार:

  • प्रधानमंत्री धान-धान्य योजना: संतुलित विकास सुनिश्चित करने के लिए देश के 100 जिलों में लागू की गई है।
  • उर्वरक सब्सिडी: सरकार ने पिछले वर्ष उर्वरकों को वहन करने योग्य बनाए रखने के लिए ₹1.86 लाख करोड़ की सब्सिडी प्रदान की।
  • प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN): इसके तहत अब तक 10 करोड़ किसानों को लाभ मिल रहा है।

‘एक्सप्लोरिंग सोसाइटी: इंडिया एंड बियॉन्ड’ को वापस लिया

  • राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने कक्षा 8 (भाग-II) की सामाजिक विज्ञान की पाठ्यपुस्तक ‘एक्सप्लोरिंग सोसाइटी: इंडिया एंड बियॉन्ड’ को वापस लिया।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • विवाद का कारण: पुस्तक के चौथे अध्याय, 'हमारे समाज में न्यायपालिका की भूमिका' (The Role of Judiciary in our Society) में न्यायपालिका में 'भ्रष्टाचार', मामलों के भारी बोझ और न्यायाधीशों की कमी जैसे विषयों पर की गई टिप्पणियों को आपत्तिजनक माना गया।
  • सुप्रीम कोर्ट का हस्तक्षेप: भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने इस मामले में स्वतः संज्ञान (suo motu) लिया और पुस्तक के प्रकाशन, पुनर्मुद्रण और डिजिटल प्रसार पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया। न्यायालय ने इसे न्यायपालिका को बदनाम करने वाली सामग्री करार दिया
  • NCERT की माफी: NCERT ने इन त्रुटियों के लिए सार्वजनिक रूप से "बिना शर्त और अटूट माफी" मांगी है और स्वीकार किया है कि सामग्री के चुनाव में निर्णय की चूक (error of judgment) हुई थी

बजट पश्चात वेबिनार 2026

  • बजट पश्चात वेबिनार 2026 का आयोजन स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के नेतृत्व में ‘सबका साथ सबका विकास-जन आकांक्षाओं की पूर्ति’ विषय पर किया गया।
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस वेबिनार को संबोधित करते हुए केंद्रीय बजट 2026-27 की घोषणाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने के रोडमैप पर चर्चा की।

केंद्रीय बजट 2026-27 :

  • वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी 2026 को पेश किया
  • राजकोषीय स्थिति (Fiscal Position): 2026-27 में राजकोषीय घाटा GDP का 4.3% रहने का अनुमान है
  • व्यय (Expenditure): कुल व्यय ₹53.5 लाख करोड़ है। पूंजीगत व्यय (Capital Expenditure) ₹12.2 लाख करोड़ (GDP का ~3.1%) रहने का अनुमान है, जो विकास को गति देगा।
  • आय (Receipts): कुल गैर-ऋण प्राप्तियां ₹36.5 लाख करोड़ होने का अनुमान है, जिसमें शुद्ध कर राजस्व ₹28.7 लाख करोड़ शामिल है।
  • उधार (Borrowing): शुद्ध बाजार उधार ₹11.7 लाख करोड़ (सकल: ₹17.2 लाख करोड़) होने का अनुमान है।
  • आर्थिक वृद्धि: नाममात्र (Nominal) GDP वृद्धि 10.5% और वास्तविक GDP वृद्धि लगभग 7% रहने का अनुमान है।
  • कुल व्यय: वित्त वर्ष 2026-27 के लिए कुल व्यय ₹53.5 लाख करोड़ अनुमानित है।

प्रमुख क्षेत्रवार घोषणाएँ :

स्वास्थ्य (Healthcare):

  • स्वास्थ्य मंत्रालय को ₹1,06,530.42 करोड़ का रिकॉर्ड आवंटन किया गया।
  • बायोफार्मा शक्ति (Biopharma SHAKTI): ₹10,000 करोड़ के परिव्यय के साथ नई योजना।
  • 1,000 मान्यता प्राप्त क्लिनिकल ट्रायल साइट्स और जिला स्तर पर ट्रॉमा सेंटर स्थापित करने का प्रस्ताव।
  • रक्षा (Defence): रक्षा मंत्रालय को ₹7.85 लाख करोड़ आवंटित किए गए हैं, जो सभी मंत्रालयों में सबसे अधिक है।

प्रौद्योगिकी और विनिर्माण:

  • इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) 2.0 की घोषणा।
  • इलेक्ट्रॉनिक्स घटकों के विनिर्माण के लिए परिव्यय बढ़ाकर ₹40,000 करोड़ किया गया

भारत में चीतों की कुल संख्या

  • मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में नामीबियाई मादा चीता 'ज्वाला' (पूर्व नाम सियाया) ने पांच स्वस्थ शावकों को जन्म दिया, जिससे भारत में चीतों की कुल संख्या 53 हो गई है।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • भारत में जन्मे शावक: वर्तमान में भारत की धरती पर जन्मे जीवित शावकों की संख्या बढ़कर 33 हो गई है
  • सफलता दर: यह भारतीय मिट्टी पर चीतों का 10वां सफल लिटर (प्रजनन) है
  • तीसरी बार माँ: ज्वाला ने भारत में तीसरी बार शावकों को जन्म दिया है (इससे पहले मार्च 2023 और जनवरी 2024 में)
  • गामिनी का योगदान: ज्वाला के प्रसव से कुछ ही दिन पहले, दक्षिण अफ्रीकी मादा चीता 'गामिनी' ने भी चार शावकों को जन्म दिया था
  • बोत्सवाना से नए चीते: फरवरी 2026 के अंत में, बोत्सवाना से 9 नए चीते (6 मादा और 3 नर) कूनो लाए गए हैं, जो वर्तमान में क्वारंटाइन बाड़ों में हैं

प्रोजेक्ट चीता :

  • अफ्रीकी चीतों की पुनःवापसी का भारत का एक महत्त्वाकांक्षी प्रयास
  • प्रारंभ: 17 सितंबर 2022
  • चीता "दक्षिण अफ्रीका" और "नामीबिया" से लाए गए
  • दक्षिण अफ्रीका और नामीबिया से मध्य प्रदेश के कुनो राष्ट्रीय उद्यान में चीतों का स्थानांतरण

राज्‍य समाचार

उत्‍तर प्रदेश के सभी गांवों को ODF प्लस का दर्जा

  • उत्तर प्रदेश ने स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत 100% ODF Plus गाँवों का दर्जा प्राप्त किया।
  • राज्य के सभी 95,767 गांवों यानी मिशन के चरण II के तहत 100% गांवों ने ODF प्लस का दर्जा प्राप्त किया।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • भारत सरकार स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण (SBM-G):
  • का एक प्रमुख स्वच्छता अभियान है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता और स्वास्थ्य के स्तर में सुधार करना है
  • शुरूआत : 2014
  • मंत्रालय : जल-शक्ति मंत्रालय
  • लक्ष्य: गांवों को 'ODF प्लस' बनाना, जहाँ ठोस/तरल कचरा प्रबंधन और दृश्य स्वच्छता हो

स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) [SBM(G)] का द्वितीय चरण :

  • कार्यान्वयन अवधि (चरण-II): 2020-21 से 2026-27
  • उद्देश्य: खुले में शौच मुक्त (ODF) स्थिति की स्थिरता सुनिश्चित करना और गांवों को ODF प्लस (मॉडल) गांवों में बदलना, जहां ठोस और तरल अपशिष्ट का कुशल प्रबंधन हो

ODF प्लस गांव :

  • ODF प्लस गांव का मतलब ऐसे खुले में शौच मुक्त गांवों से है, जो शौचालय उपयोग के साथ-साथ ठोस और तरल कचरा प्रबंधन सुनिश्चित करते हैं और जहां स्वच्छता का स्तर ऊंचा बना हुआ है।
  • यह स्वच्छ भारत मिशन के तहत एक निरंतर पहल है, जिसका उद्देश्य गांवों को न केवल खुले में शौच से मुक्त रखना है, बल्कि उन्हें साफ-सुथरा (साफ पानी, ड्रेनेज, और कचरा मुक्त) बनाना है।
  • उत्तर प्रदेश ने मौजूदा वित्तीय वर्ष में तेजी से प्रगति की है 1 जनवरी 2023 तक, राज्य में केवल 15,088 गांव थे जिन्हें ODF प्लस घोषित किया गया था।
  • केवल 9 महीने में, राज्य ने मिशन मोड में ODF प्लस हासिल करने के लिए प्रयास किए।
  • पिछले 9 महीनों में 80,000 से अधिक गांवों ने ODF प्लस का दर्जा हासिल किया और इस त्वरित गति के परिणामस्वरूप ODF प्लस की समयबद्ध उपलब्धि हासिल हुई।

TWEES योजना की शुरूआत

  • तमिलनाडु सरकार ने 'तमिलनाडु महिला उद्यमी सशक्तिकरण योजना' (TWEES) की शुरूआत की।
  • सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) विभाग द्वारा संचालित यह पहल आगामी पांच वर्षों में 1 लाख महिलाओं को उद्यम स्थापित करने के लिए वित्तीय सहायता, प्रशिक्षण और संस्थागत सहयोग प्रदान करेगी।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • उद्देश्य: महिला-नेतृत्व वाले व्यवसायों को बढ़ावा देना, लैंगिक समानता सुनिश्चित करना और आर्थिक भागीदारी बढ़ाना।
  • वित्तीय सहायता: योजना के तहत बिना किसी कोलेटरल (संपार्श्विक) के ₹10 लाख तक का ऋण मिल सकता है।
  • सब्सिडी: इस योजना में 25% की सब्सिडी मिलती है, जिसकी ऊपरी सीमा ₹2 लाख है।
  • लक्ष्य: अगले 5 वर्षों में 1 लाख महिलाओं को उद्यमी बनाना।
  • पात्रता: तमिलनाडु की 18-55 आयु वर्ग की महिलाएं और ट्रांसजेंडर इसके लिए पात्र हैं।
  • क्षेत्र: यह मैन्युफैक्चरिंग (विनिर्माण), सर्विस (सेवा) और ट्रेडिंग (व्यापार) व्यवसायों के लिए लागू है।

 

 

तमिलनाडु :

  • भारत का एक प्रमुख दक्षिणी राज्य है, जिसकी राजधानी चेन्नई है।
  • यह अपनी प्राचीन द्रविड़ संस्कृति, शास्त्रीय तमिल भाषा और विशाल मंदिर वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध है।
  • स्थापना: 1 नवंबर 1956.
  • राजधानी: चेन्नई (जिसे 'दक्षिण एशिया का डेट्रायट' कहा जाता है)
  • आधिकारिक भाषा: तमिल (विश्‍व की सबसे पुरानी भाषाओं में से एक) और अंग्रेजी
  • राजकीय फूल: कंदल या 'ग्लोरियोसा लिली'
  • राजकीय प्रतीक चिन्ह: श्रीविल्लीपुत्तुर मंदिर का गोपुरम
  • शास्त्रीय नृत्य: भरतनाट्यम, जिसकी उत्पत्ति यहाँ के मंदिरों में हुई.
  • प्रमुख त्यौहार: पोंगल (प्रमुख फसल उत्सव), पुथंडु (तमिल नव वर्ष).

'ससून डॉक' का आधुनिकीकरण

  • महाराष्ट्र सरकार ने 'ससून डॉक' के आधुनिकीकरण के लिए फिनलैंड की कंपनियों के साथ साझेदारी की।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • समझौते का मुख्‍य उद्देश्य: ससून डॉक को विश्व स्तरीय (world-class) और टिकाऊ मछली पकड़ने के बंदरगाह में बदलना
  • साझेदार संस्थाएं: महाराष्ट्र फिशरीज डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (MFDC), हेलवार (Helvar), मिरासिस (Mirasis), रिवर रीसायकल (River Recycle)
  • प्रमुख फोकस: प्लास्टिक कचरे का प्रबंधन, परित्यक्त जालों का पुनर्चक्रण, ऊर्जा-कुशल प्रकाश व्यवस्था (Lighting System), और AI-आधारित सुरक्षा व निगरानी
  • महत्व: यह डॉक 1,560 से अधिक मशीनीकृत नौकाओं का केंद्र है और यहाँ प्रतिवर्ष 50,000-60,000 मीट्रिक टन मछली का उत्पादन होता है।
  • क्रियान्वयन: यह महाराष्ट्र मत्स्य विकास निगम (MFDC) की निगरानी में काम करेगा।

तकनीकी सहयोग:

  • Helvar: ऊर्जा-कुशल और स्मार्ट लाइटिंग सिस्टम प्रदान करेगी।
  • Mirasys: AI-आधारित निगरानी समाधान और मत्स्य आपूर्ति श्रृंखला का डिजिटलीकरण करेगी।
  • River Recycle: प्लास्टिक कचरे के पुनर्चक्रण और छोड़े गए मछली पकड़ने के जालों के प्रबंधन (Circular Economy) पर ध्यान केंद्रित करेगी।

ससून डॉक :

  • मुंबई के कोलाबा में स्थित भारत के सबसे पुराने और महत्वपूर्ण मछली पकड़ने वाले बंदरगाहों में से एक है।
  • निर्माण: इसका निर्माण 1875 में बगदादी यहूदी व्यापारी अल्बर्ट अब्दुल्ला डेविड ससून द्वारा 'रिक्लेम्ड लैंड' (पुनर्प्राप्त भूमि) पर किया गया था।
  • प्रथम 'वेट डॉक' (Wet Dock): यह बॉम्बे (अब मुंबई) में निर्मित होने वाला पहला वाणिज्यिक वेट डॉक था।
  • व्यापारिक महत्व: शुरुआत में इसका उपयोग कपास (Cotton) और अफीम के व्यापार के लिए किया गया था। स्वेज नहर (1869) के खुलने के बाद भारत और यूरोप के बीच व्यापारिक दूरी कम होने से इस डॉक का महत्व काफी बढ़ गया था।
  • स्वामित्व: वर्तमान में यह मुंबई पोर्ट अथॉरिटी (MbPA) के स्वामित्व में है
  • कोली समुदाय: यह मुंबई के मूल निवासी कोली (Koli) समुदाय की संस्कृति और आजीविका का मुख्य केंद्र है।
  • निर्यात: यहाँ से बड़ी मात्रा में समुद्री भोजन का निर्यात किया जाता है, जिससे देश को विदेशी मुद्रा प्राप्त होती है।

तीसरे बच्चे पर प्रोत्साहन की घोषणा

  • आंध्र प्रदेश सरकार ने प्रजनन दर बढ़ाने के लिए दूसरे और तीसरे बच्चे पर 25,000 रुपये के प्रोत्साहन की घोषणा की।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • प्रोत्साहन: दूसरा या तीसरा बच्चा होने पर माता-पिता को एकमुश्त ₹25,000 की सहायता
  • उद्देश्य: प्रजनन दर को 1.5 से बढ़ाकर प्रतिस्थापन स्तर (2.1) तक लाना और बुजुर्गों की बढ़ती आबादी के कारण भावी युवा श्रमशक्ति की कमी को रोकना
  • अन्य लाभ: तीसरे बच्चे के लिए अतिरिक्त सहायता, जैसे 5 साल तक ₹1,000/माह और 18 साल तक मुफ्त शिक्षा का प्रस्ताव
  • छुट्टी और सुविधाएं: माँ के लिए 12 महीने और पिता के लिए 2 महीने का मातृत्व/पितृत्व अवकाश

आंध्र प्रदेश :

  • राजधानी: अमरावती
  • सबसे बड़ा शहर: विशाखापत्तनम
  • प्रमुख नदियाँ: गोदावरी और कृष्णा
  • भौगोलिक क्षेत्र: पूर्वी घाट तटीय मैदानों को प्रायद्वीपीय पठारों से अलग करते हैं
  • स्थापना: 1 अक्टूबर 1953 को मद्रास राज्य के तेलुगु भाषी जिलों से आंध्र राज्य का गठन किया गया था, जो भाषा के आधार पर बनने वाला पहला राज्य था।
  • तेलंगाना का गठन: जून 2014 में, राज्य का पुनर्गठन करके तेलंगाना को एक अलग राज्य बनाया गया
  • नृत्य: कुचिपुड़ी, भारत के आठ शास्त्रीय नृत्यों में से एक, आंध्र प्रदेश से उत्पन्न हुआ

अंतरराष्ट्रीय समाचार

अंतरराष्ट्रीय मलेरिया सम्मेलन 2026

  • अंतरराष्ट्रीय मलेरिया सम्मेलन 2026 का आयोजन नई दिल्ली में किया गया, जिसका विषय “खोज, विकास और डिलीवरी : मलेरिया उन्मूलन और उससे आगे की दिशा में प्रगति”था।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • सम्मेलन में वैश्विक विशेषज्ञों ने मलेरिया वैक्सीन, निदान और सामुदायिक-आधारित रणनीतियों पर चर्चा की
  • आयोजक: भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) के अंतर्गत राष्ट्रीय मलेरिया अनुसंधान संस्थान (NIMR) द्वारा

तीन मुख्य स्तंभ:

  • खोज (Discovery): परजीवी जीव विज्ञान और दवा प्रतिरोध (drug resistance) में प्रगति पर ध्यान केंद्रित किया गया।
  • विकास (Development): नए डायग्नोस्टिक्स, अनुसंधान उपकरणों और निगरानी प्रौद्योगिकियों के नवाचारों पर चर्चा हुई।
  • वितरण (Delivery): वैज्ञानिक खोजों को प्रभावी सार्वजनिक स्वास्थ्य हस्तक्षेपों और वैक्सीन अनुसंधान में बदलने पर जोर दिया गया।
  • यह आयोजन भारत के 2030 तक मलेरिया-मुक्त होने के लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

मलेरिया :

  • एक परजीवी (प्लास्मोडियम) जनित रोग
  • फैलाव : संक्रमित मादा एनाफिलीस मच्छर के काटने से
  • कारक: यह किसी वायरस या बैक्टीरिया से नहीं, बल्कि प्लास्मोडियम नामक परजीवी से होता है, जिसे मादा एनाफिलीस मच्छर फैलाती है।
  • प्रकार: भारत में प्रमुख रूप से प्लास्मोडियम फाल्सीपेरम (गंभीर) और प्लास्मोडियम विवैक्स पाए जाते हैं।
  • लक्षण: उच्च बुखार, कंपकंपी, सिरदर्द, थकान और गंभीर मामलों में अंग विफलता या मृत्यु
  • जांच: निदान के लिए रक्त की सूक्ष्मदर्शी जांच या RDT (Rapid Diagnostic Test) किट का उपयोग किया जाता है।

भारत में मलेरिया की स्थिति :

  • उपलब्धि: भारत ने 2022 से 2023 के बीच मामलों में 9.6% की कमी की
  • भारत का लक्ष्य: 2027 तक मलेरिया मुक्त होना और 2030 तक इसे पूरी तरह खत्म करना है।
  • HBHI रणनीति: 'हाई बर्डन टू हाई इम्पैक्ट' (High Burden to High Impact) पहल के तहत, 2019 में देश के चार राज्यों (पश्चिम बंगाल, झारखंड, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश) में विशेष अभियान शुरू किया गया था, जो अब 2024 तक देश भर में प्रभावी है।

महत्‍वपूर्ण दिवस

'सावित्रीबाई फुले' की पुण्यतिथि

  • प्रसिद्ध समाज सुधारक 'सावित्रीबाई फुले' को प्रतिवर्ष 10 मार्च को उनके पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित की जाती है।
  • वे एक प्रसिद्ध समाज सुधारक, शिक्षाविद् और कवयित्री थीं, उन्‍हें 'भारत की पहली महिला शिक्षिका' और 'भारतीय नारीवाद की जननी' के रूप में जाना जाता है।

'सावित्रीबाई फुले' :

  • जन्म: 3 जनवरी 1831 को महाराष्ट्र के सतारा जिले के नायगांव में
  • विवाह: 9 वर्ष की आयु में उनका विवाह 13 वर्षीय ज्योतिराव फुले से
  • शिक्षा: विवाह के समय वे अशिक्षित थीं, लेकिन उनके पति ज्योतिराव ने उन्हें घर पर शिक्षित किया और बाद में उन्होंने शिक्षक प्रशिक्षण प्राप्त किया
  • ज्योतिराव फुले, जिन्हें ज्योतिबा के नाम से भी जाना जाता है, एक समाज सुधारक थे जिन्होंने महिला शिक्षा के क्षेत्र में काम किया। ज्योतिराव ने विवाह के बाद सावित्रीबाई को घर पर ही शिक्षा दी।
  • स्त्री शिक्षा: उन्होंने 1848 में पुणे के भिड़ेवाड़ा में अपने पति और फातमा शेख के साथ मिलकर लड़कियों के लिए भारत का पहला स्कूल खोला।
  • सत्यशोधक समाज: उन्होंने अपने पति के साथ मिलकर 1873 में 'सत्यशोधक समाज' (सत्य की खोज करने वाला समाज) की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसका उद्देश्य दलितों और पिछड़ों को शोषण से मुक्त करना था।
  • कुरीतियों का विरोध: उन्होंने बाल विवाह, सती प्रथा और जातिगत भेदभाव का कड़ा विरोध किया।
  • विधवाओं के शोषण को रोकने के लिए 'बालहत्या प्रतिबंधक गृह' की स्थापना की
  • 1850 के दशक में, फुले दंपति ने दो शैक्षणिक ट्रस्टों की स्थापना की— नेटिव फीमेल स्कूल, पुणे और द सोसाइटी फॉर प्रमोटिंग द एजुकेशन ऑफ महार्स, मांग्स।औरइत्यादि —जिनके अधीन अनेक विद्यालय स्थापित हो गए
  • साहित्यिक कार्य: उनकी प्रमुख रचनाओं में 'काव्य फुले' (1854) और 'बावन कशी सुबोध रत्नाकर' (1892) शामिल हैं
  • निधन: 10 मार्च 1897 को पुणे में प्लेग महामारी के दौरान रोगियों की सेवा करते समय वे स्वयं संक्रमित हो गईं और उनका निधन हो गया।
  • सम्मान: 2014 में पुणे विश्वविद्यालय का नाम बदलकर उनके सम्मान में 'सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय' कर दिया गया। उनके सम्मान में भारतीय डाक ने एक डाक टिकट भी जारी किया है।

‘अंतर्राष्ट्रीय महिला न्यायाधीश दिवस’

  • न्याय प्रणाली में महिलाओं की समान भागीदारी को बढ़ावा देने के उद्देश्‍य से प्रतिवर्ष 10 मार्च को ‘अंतर्राष्ट्रीय महिला न्यायाधीश दिवस’ मनाया जाता है।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • इतिहास: संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) ने 28 अप्रैल, 2021 को प्रस्ताव पारित किया और पहली बार 10 मार्च, 2022 को यह मनाया गया।
  • महत्व: यह दिन "न्याय में महिलाएं, न्याय के लिए महिलाएं" अभियान के माध्यम से कार्यस्थल पर लैंगिक समानता को बढ़ावा देता है।
  • भारत में स्थिति: भारत की उच्च न्यायालयों में महिला न्यायाधीशों की भागीदारी अभी भी कम है, जो लगभग 14% (2024 के आंकड़ों के अनुसार) है।
  • शुरुआत: इस दिवस को मनाने की पहल कतर ने की थी।
  • न्यायपालिका में महिलाओं की वर्तमान स्थिति :
  • उच्चतम न्यायालय: केवल 1 महिला न्यायाधीश (कुल 33 में से)
  • उच्च न्यायालय: 14.85% न्यायाधीश महिलाएं हैं
  • जिला अदालतें: लगभग 37% न्यायाधीश महिलाएं हैं

CISF का 57वां स्‍थापना दिवस

  • केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) का स्थापना दिवस प्रतिवर्ष 10 मार्च को मनाया जाता है, इस वर्ष CISF ने अपना 57वां स्‍थापना दिवस मनाया।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • मुख्य समारोह: इस वर्ष का मुख्य स्थापना दिवस समारोह 6 मार्च 2026 को मुंडली, ओडिशा में आयोजित किया गया।
  • मुख्य अतिथि: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह
  • विशेष घोषणा: गृह मंत्री ने घोषणा की कि सरकार 31 मार्च 2026 तक देश को पूरी तरह से नक्सलवाद मुक्त बनाने के लिए संकल्पित है, जिसमें CISF की भूमिका महत्वपूर्ण है

 

 

केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) :

  • एक केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) है
  • स्थापना: 10 मार्च 1969 (CISF अधिनियम 1968 के तहत)
  • मोटो (आदर्श वाक्य): "संरक्षण एवं सुरक्षा" (Protection and Security)
  • मुख्यालय: नई दिल्ली

नियुक्तियां

अरविंद धर्माधिकारी

  • न्यायमूर्ति सुश्रुत अरविंद धर्माधिकारी (S.A. Dharmadhikari) को मद्रास उच्च न्यायालय का 55वां मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया
  • राज्यपाल आरएन रवि ने चेन्नई के राजभवन में आयोजित एक समारोह में उन्हें पद की शपथ दिलाई। वे जस्टिस मनिंद्र मोहन श्रीवास्तव के सेवानिवृत्त होने के बाद इस पद पर नियुक्त हुए हैं।

सम्‍बन्धित तथ्‍य :

  • पृष्ठभूमि: न्यायमूर्ति धर्माधिकारी का जन्म 8 जुलाई 1966 को रायपुर में हुआ था और उन्होंने नागपुर विश्वविद्यालय से वाणिज्य और कानून की पढ़ाई की।
  • अनुभव: वे 1992 में मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय में वकील के रूप में पंजीकृत हुए और 2000-2015 तक केंद्र सरकार के स्थायी वकील रहे।
  • न्यायिक करियर: उन्हें 7 अप्रैल 2016 को मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय में अतिरिक्त न्यायाधीश और 17 मार्च 2018 को स्थायी न्यायाधीश नियुक्त किया गया था। मद्रास उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश बनने से पहले वे केरल उच्च न्यायालय के न्यायाधीश थे।
  • नियुक्ति: यह नियुक्ति सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश पर की गई है।

उच्च न्यायालय से संबंधित संवैधानिक प्रावधान :

  • अनुच्छेद 214: प्रत्येक राज्य के लिए एक उच्च न्यायालय होने का प्रावधान है।
  • अनुच्छेद 215: उच्च न्यायालय को "अभिलेख न्यायालय" (Court of Record) का दर्जा प्राप्त है, जिसे अपनी अवमानना के लिए दंड देने की शक्ति है।
  • अनुच्छेद 216: उच्च न्यायालय के गठन का उल्लेख है, जिसमें एक मुख्य न्यायाधीश और राष्ट्रपति द्वारा समय-समय पर नियुक्त अन्य न्यायाधीश होते हैं।
  • अनुच्छेद 217: न्यायाधीशों की नियुक्ति और उनके पद की शर्तों का विवरण है। इनकी नियुक्ति भारत के राष्ट्रपति द्वारा की जाती है।
  • अनुच्छेद 222 : राष्ट्रपति द्वारा एक उच्च न्यायालय से दूसरे में स्थानांतरण
  • अनुच्छेद 226: उच्च न्यायालय को मौलिक अधिकारों के प्रवर्तन और अन्य उद्देश्यों के लिए रिट (Writs) जारी करने की व्यापक शक्ति प्रदान करता है।
  • अनुच्छेद 227: उच्च न्यायालय को अपने अधिकार क्षेत्र के सभी अधीनस्थ न्यायालयों के अधीक्षण (Superintendence) की शक्ति देता है।
  • अनुच्छेद 231: संसद को यह अधिकार देता है कि वह दो या दो से अधिक राज्यों के लिए एक ही साझा उच्च न्यायालय (Common High Court) स्थापित कर सके।
  • योग्यता: भारत का नागरिक होना चाहिए और कम से कम 10 वर्ष तक न्यायिक पद पर रहा हो या किसी उच्च न्यायालय में 10 वर्ष तक अधिवक्ता रहा हो।
  • आयु सीमा: उच्च न्यायालय के न्यायाधीश 62 वर्ष की आयु तक अपने पद पर बने रहते हैं।

 

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