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CBDC आधारित खाद्य सब्सिडी वितरण परियोजना की शुरूआत

Mon 02 Mar, 2026

संदर्भ:

  • केंद्र सरकार ने पुडुचेरी में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY) के तहत केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा (CBDC) आधारित खाद्य सब्सिडी पायलट परियोजना की शुरुआत की।

मुख्‍य बिन्‍दु :

  • उद्देश्य: सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में पारदर्शिता बढ़ाना, लीकेज (leakages) को रोकना और सब्सिडी के लक्षित उपयोग को सुनिश्चित करना
  • उद्घाटन: केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रल्हाद जोशी द्वारा, पुडुचेरी के उपराज्यपाल के. कैलाशनाथन और पुडुचेरी के मुख्यमंत्री एन. रंगासामी की उपस्थिति में
  • कार्यप्रणाली: लाभार्थियों के डिजिटल वॉलेट में खाद्य सब्सिडी सीधे प्रोग्रामेबल e₹ टोकन (Programmable e₹ tokens) के रूप में जमा की जाएगी
  • प्रोग्रामेबिलिटी : इन डिजिटल टोकन का उपयोग केवल अधिकृत उचित मूल्य की दुकानों (Fair Price Shops) पर अनाज खरीदने के लिए ही किया जा सकेगा, जिससे फंड के दुरुपयोग की संभावना खत्म हो जाती है।
  • प्रमुख भागीदार: इस परियोजना का कार्यान्वयन भारतीय रिजर्व बैंक (RBI), पुडुचेरी सरकार, सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (PFMS) और केनरा बैंक के समन्वय से किया जा रहा है।

महत्व और लाभ :

  • लीकेज में कमी: चूंकि टोकन प्रोग्रामेबल हैं, इसलिए इनका उपयोग खाद्यान्न के अलावा किसी अन्य वस्तु के लिए नहीं किया जा सकता, जिससे धन के दुरुपयोग की संभावना समाप्त हो जाती है।
  • पारदर्शिता और रीयल-टाइम ट्रैकिंग: सरकार वास्तविक समय में लेनदेन की निगरानी कर सकती है, जिससे जवाबदेही बढ़ती है।
  • तकनीकी समाधान: यह प्रणाली बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण और ई-पीओएस (e-PoS) मशीनों से जुड़ी चुनौतियों (जैसे नेटवर्क समस्या) का समाधान करने में सहायक होगी।

केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा (CBDC) :

  • केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा (CBDC) या डिजिटल रुपया (e₹), भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा जारी की जाने वाली आधिकारिक डिजिटल मुद्रा है
  • यह भौतिक नकदी का डिजिटल स्वरूप है और इसे कानूनी निविदा का दर्जा प्राप्त है

प्रकार: RBI ने इसके दो संस्करण पेश किए हैं:

  • रिटेल (e₹-R): आम जनता, निजी क्षेत्र और व्यवसायों द्वारा रोजमर्रा के लेनदेन के लिए
  • होलसेल (e₹-W): केवल वित्तीय संस्थानों के लिए, मुख्य रूप से इंटरबैंक सेटलमेंट और बड़े लेनदेन के लिए
  • बैंक खाते की आवश्यकता नहीं: यूपीआई (UPI) के विपरीत, इसके माध्यम से लेनदेन करने के लिए मध्यस्थ बैंक खाते की आवश्यकता नहीं होती। यह सीधे 'व्यक्ति-से-व्यक्ति' (P2P) या 'व्यक्ति-से-व्यापारी' (P2M) भुगतान की अनुमति देता है।
  • क्रिप्टोकरेंसी से अलग: यह बिटकॉइन जैसी क्रिप्टोकरेंसी की तरह विकेंद्रीकृत नहीं है। यह पूरी तरह से RBI द्वारा नियंत्रित और समर्थित है, जिससे यह सुरक्षित और स्थिर है।

प्रमुख लाभ:

  • सुरक्षा: नकली मुद्रा के जोखिम को कम करता है।
  • लागत में कमी: भौतिक नोटों की छपाई और प्रबंधन के भारी खर्च को बचाता है।
  • प्रोग्रामेबिलिटी: जैसे कि पुडुचेरी की परियोजना में देखा गया, इसे विशिष्ट उद्देश्यों (जैसे खाद्य सब्सिडी) के लिए प्रोग्राम किया जा सकता है।
  • ऑफलाइन लेनदेन: भविष्य में इसे बिना इंटरनेट के भी उपयोग करने की योजना है

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY) :

  • भारत की एक व्यापक खाद्य सुरक्षा योजना है, जिसे मूल रूप से 2020 में कोविड-19 महामारी के दौरान गरीबों को राहत देने के लिए शुरू किया गया था।
  • वर्तमान स्थिति: केंद्र सरकार ने 1 जनवरी, 2024 से अगले 5 वर्षों (दिसंबर 2028 तक) के लिए इस योजना को बढ़ा दिया है।
  • एकीकरण: 1 जनवरी, 2023 से, पूर्ववर्ती PMGKAY (अतिरिक्त राशन) और NFSA (रियायती राशन) को मिलाकर एक एकल एकीकृत योजना बना दी गई है, जिसके तहत अब राशन पूरी तरह मुफ्त दिया जाता है

लाभार्थी और पात्रता :

  • इस योजना के तहत लगभग 81.35 करोड़ लाभार्थी कवर किए गए हैं।

इसमें दो श्रेणियां शामिल हैं:

  • अंत्योदय अन्न योजना (AAY): सबसे गरीब परिवार। इन्हें प्रति परिवार प्रति माह 35 किलोग्राम मुफ्त खाद्यान्न मिलता है।
  • प्राथमिकता वाले परिवार (PHH): राज्य सरकारों द्वारा निर्धारित मानदंडों के आधार पर। इन्हें प्रति व्यक्ति प्रति माह 5 किलोग्राम मुफ्त खाद्यान्न मिलता है।
  • नोडल मंत्रालय: उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय

मुख्य विशेषताएं :

  • मुफ्त खाद्यान्न: लाभार्थियों को चावल, गेहूं और मोटे अनाज (मिलेट्स) के लिए कोई भुगतान नहीं करना पड़ता (पहले ये ₹3/2/1 प्रति किग्रा की दर पर मिलते थे)।
  • फोर्टिफाइड चावल: सरकार ने दिसंबर 2028 तक योजना के तहत फोर्टिफाइड चावल (Nutritional Rice) की आपूर्ति जारी रखने की मंजूरी दी है ताकि पोषण सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके
  • नोट : फोर्टीफाइड चावल पर अस्थाई रोक: केंद्र सरकार ने 27 फरवरी 2026 को PMGKAY और अन्य कल्याणकारी योजनाओं के तहत वितरित किए जाने वाले फोर्टीफाइड चावल की आपूर्ति पर अस्थाई रूप से रोक लगा दी है।
  • एक राष्ट्र, एक राशन कार्ड (ONORC): लाभार्थी देश में कहीं भी किसी भी 'उचित मूल्य की दुकान' (FPS) से अपना कोटा ले सकते हैं।

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