23 February, 2026
ह्यूमन पैपिलोमावायरस (HPV) टीकाकरण अभियान
Fri 27 Feb, 2026
संदर्भ :
- भारत सरकार ने सर्वाइकल कैंसर को समाप्त करने के लिए 14 वर्ष की लड़कियों के लिए एक राष्ट्रव्यापी, स्वैच्छिक और नि:शुल्क ह्यूमन पैपिलोमावायरस (HPV) टीकाकरण अभियान शुरू करने की घोषणा की है।
मख्य बिन्दु :
- पहल का उद्देश्य : किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाना है, जो भारत में महिलाओं को प्रभावित करने वाले सबसे आम लेकिन रोके जा सकने वाले कैंसरों में से एक है
- लक्ष्य समूह: यह अभियान विशेष रूप से 14 वर्ष की लड़कियों के लिए है। प्रतिवर्ष लगभग 1.15 करोड़ लड़कियों को कवर करने का लक्ष्य है।
- प्रशासन और लागत: यह टीका सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों (जैसे आयुष्मान आरोग्य मंदिर, जिला अस्पताल) में निःशुल्क और स्वैच्छिक रूप से उपलब्ध होगा।
- टीका का प्रकार: वर्तमान में, इस अभियान के लिए गार्डसिल नामक क्वाड्रिवेलेंट वैक्सीन का उपयोग किया जाएगा, जो HPV टाइप 16, 18 (कैंसर कारक) और 6, 11 से सुरक्षा प्रदान करती है।
- खुराक: भारत ने WHO की सिफारिशों के अनुरूप सिंगल-डोज (एकल खुराक) पद्धति को अपनाया है
- अवधि: शुरुआत में यह एक 90-दिन (3 महीने) का विशेष अभियान होगा, जिसके बाद इसे नियमित टीकाकरण कार्यक्रम में शामिल किया जाएगा
ह्यूमन पैपिलोमावायरस (HPV) :
- एक बहुत आम वायरस है, जो दुनिया भर में सबसे प्रचलित यौन संचारित संक्रमण (STI) माना जाता है। यह वायरस 200 से अधिक प्रकारों का एक समूह है, जो मुख्य रूप से त्वचा और श्लेष्म झिल्लियों (mucous membranes) को प्रभावित करता है।
- भारत में यह विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि यह महिलाओं में गर्भाशय ग्रीवा कैंसर (सर्वाइकल कैंसर) का प्रमुख कारण है, जो महिलाओं में दूसरा सबसे आम कैंसर है।
- वायरस का प्रकार: यह एक DNA वायरस है जिसमें कोई आवरण (non-enveloped) नहीं होता है।
- लक्षित समूह: 14 वर्ष आयु की किशोरियाँ
मुख्य रूप से दो श्रेणियों में बांटा गया है:
- उच्च जोखिम (High-risk): HPV 16 और 18 सबसे खतरनाक हैं, जो लगभग 70% सर्वाइकल कैंसर के लिए जिम्मेदार हैं।
- कम जोखिम (Low-risk): HPV 6 और 11, जो मुख्य रूप से जननांगों में मस्से (genital warts) पैदा करते हैं।
- संचरण और प्रभाव
- संचरण (Transmission): यह मुख्य रूप से असुरक्षित यौन संपर्क और त्वचा-से-त्वचा के घनिष्ठ संपर्क के माध्यम से फैलता है।
- बीमारियाँ: सर्वाइकल कैंसर के अलावा, यह गुदा (anal), योनि (vaginal), लिंग (penile) और गले (oropharyngeal) के कैंसर का भी कारण बन सकता है।
- लक्षण: अधिकांश संक्रमणों में कोई लक्षण नहीं दिखते और वे शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली द्वारा अपने आप ठीक हो जाते हैं।
बचाव और पहचान :
- टीकाकरण: 9-14 वर्ष की आयु में टीकाकरण सबसे प्रभावी है। भारत में इसके लिए CERVAVAC (स्वदेशी) और Gardasil जैसे टीके उपलब्ध हैं।
- स्क्रीनिंग: पैप स्मियर (Pap Smear) और HPV DNA टेस्ट के माध्यम से कैंसर पूर्व कोशिकाओं की पहचान की जा सकती है।
- जागरूकता: हर साल 4 मार्च को 'अंतर्राष्ट्रीय HPV जागरूकता दिवस' मनाया जाता है।
सर्वाइकल कैंसर :
- सर्वाइकल कैंसर (गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर) तब होता है जब गर्भाशय के निचले हिस्से (Cervix) की कोशिकाएं असामान्य रूप से बढ़ने लगती हैं।
- यह भारत में महिलाओं में होने वाला दूसरा सबसे आम कैंसर है।
- विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, लगभग सभी मामले ह्यूमन पैपिलोमावायरस (HPV) के संक्रमण के कारण होते हैं।
- प्रमुख कारक: उच्च जोखिम वाले HPV-16 और HPV-18 स्ट्रेन लगभग 70% मामलों के लिए जिम्मेदार हैं।
- रोकथाम योग्य: यह विश्व के सबसे सफल निवारण योग्य कैंसरों में से एक है, बशर्ते समय पर टीकाकरण और स्क्रीनिंग की जाए।
स्क्रीनिंग विधियाँ:
- पैप स्मियर (Pap Smear): कोशिकाओं में बदलाव का पता लगाने के लिए।
- HPV DNA टेस्ट: वायरस की उपस्थिति की जांच के लिए।
- VIA (Visual Inspection with Acetic Acid): कम संसाधन वाले क्षेत्रों में उपयोग की जाने वाली विधि।
- WHO की 90-70-90 रणनीति (2030 तक):
- 90% लड़कियों का 15 वर्ष की आयु तक पूर्ण टीकाकरण।
- 70% महिलाओं की 35 और 45 वर्ष की आयु में उच्च-प्रदर्शन परीक्षण से स्क्रीनिंग।
- 90% पहचाने गए मामलों का उचित उपचार।
भारत में स्थिति:
- सर्वाइकल कैंसर भारत में महिलाओं में दूसरा सबसे आम कैंसर बना हुआ है, जिसमें सालाना लगभग 80 हजार नए मामले और 42 हजार से अधिक मौतें दर्ज की जाती हैं।









