राष्ट्रीय समाचार
आठ जिलों को कवर करने वाली तीन मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं

- आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति ने महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, बिहार और झारखंड के आठ जिलों को कवर करने वाली तीन मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी दी ।
परियोजनाओं का मुख्य विवरण :
- अनुमानित लागत : ₹9,072 करोड़
- नेटवर्क विस्तार: इसके तहत भारतीय रेल के मौजूदा नेटवर्क में लगभग 307 किलोमीटर की वृद्धि होगी
- समय सीमा: 2030-31 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है
प्रमुख परियोजनाएं:
- गोंदिया - जबलपुर दोहरीकरण (महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश)
- पुनारख - किऊल तीसरी और चौथी लाइन (बिहार)
- गम्हारिया - चांडिल तीसरी और चौथी लाइन (झारखंड)
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श्रीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर प्रस्तावित सिविल एन्क्लेव के विकास को मंजूरी

- आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति ने श्रीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर प्रस्तावित सिविल एन्क्लेव के विकास को मंजूरी दी।
प्रमुख विशेषताएं :
- अनुमानित लागत: लगभग ₹1,677 करोड़
- नया टर्मिनल भवन: यह नया टर्मिनल 71,500 वर्ग मीटर के क्षेत्र में बनेगा, जिसमें से 20,659 वर्ग मीटर मौजूदा ढांचा होगा।
- यात्री क्षमता: इसे व्यस्त घंटों के दौरान 2,900 यात्रियों को संभालने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जिसकी वार्षिक क्षमता 1 करोड़ (10 MPPA) यात्रियों की होगी।
- पार्किंग और बुनियादी ढांचा: इसमें 1,000 कारों के लिए मल्टी-लेवल पार्किंग और सुरक्षा कर्मियों के लिए बैरक का निर्माण भी शामिल है।
- विस्तार: सिविल एन्क्लेव 73.18 एकड़ भूमि में फैला होगा और इसमें एप्रन विस्तार के साथ अब कुल 15 विमान पार्किंग बे (9 मौजूदा और 6 प्रस्तावित) होंगे।
- सस्टेनेबिलिटी: इस परियोजना का लक्ष्य 5-स्टार GRIHA रेटिंग प्राप्त करना है, जिसमें वाटर हार्वेस्टिंग और स्थानीय इको-फ्रेंडली सामग्री का उपयोग किया जाएगा।
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उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर को गिफ्ट सिटी से शाहपुर तक विस्तारित करने की स्वीकृति

- आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति ने गुजरात मेट्रो रेल निगम लिमिटेड के मौजूदा उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर को गिफ्ट सिटी से शाहपुर तक विस्तारित करने की स्वीकृति दी ।
प्रमुख विशेषताएं :
- विस्तार: गिफ्ट सिटी से शाहपुर (3.33 किमी)
- लागत: ₹1,067.35 करोड़
- स्टेशन: 3 एलिवेटेड स्टेशन
- समय सीमा: 4 साल
- लाभ: 2029 तक लगभग 23,702 और 2041 तक 58,059 यात्रियों को दैनिक लाभ होने की उम्मीद
- कार्यान्वयन: गुजरात मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (GMRC) द्वारा, जो भारत और गुजरात सरकार का 50:50 संयुक्त उद्यम है
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जूट के न्यूनतम समर्थन मूल्य को मंजूरी

- आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति ने विपणन सत्र 2026-27 के लिए कच्चे जूट के न्यूनतम समर्थन मूल्य को मंजूरी दी।
प्रमुख विशेषताएं :
- नया समर्थन मूल्य: सत्र 2026-27 के लिए कच्चे जूट (TD-3 ग्रेड) का MSP ₹5,925 प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है।
- मूल्य में वृद्धि: पिछले सत्र (2025-26) के ₹5,650 की तुलना में इसमें ₹275 प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है।
- किसानों को लाभ: यह नया मूल्य अखिल भारतीय भारित औसत उत्पादन लागत पर 61.8% का रिटर्न सुनिश्चित करता है।
- नीतिगत आधार: यह निर्णय सरकार के 2018-19 के बजट वादे के अनुरूप है, जिसमें MSP को उत्पादन लागत का कम से कम 1.5 गुना रखने का लक्ष्य रखा गया था।
- नोडल एजेंसी: भारतीय जूट निगम (JCI) मूल्य समर्थन संचालन के लिए केंद्र सरकार की नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करना जारी रखेगा
जूट :
- भारत में दूसरी सबसे महत्वपूर्ण फाइबर (रेशेदार) फसल है
- उपयोग : बोरियों, रस्सियों, कालीनों, गलीचों, तिरपालों और अन्य चीजों के निर्माण में
- तापमान: जूट की वृद्धि के लिए 25°C से 35°C के बीच उच्च तापमान की आवश्यकता होती है
- वर्षा: 120 सेमी से 150 सेमी के बीच भारी और अच्छी तरह से वितरित वर्षा होनी चाहिए।
- इसे आमतौर पर फरवरी में बोया जाता है और अक्टूबर में काटा जाता है (क्योंकि फसल को परिपक्व होने में 8-10 महीने लगते हैं)।
- जलोढ़ मिट्टी (हल्की रेतीली या चिकनी दोमट मिट्टी) को इस फसल के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है।
- भारत में कुल जूट का 99% से अधिक उत्पादन सिर्फ पांच राज्यों में होता है: पश्चिम बंगाल, बिहार, असम, आंध्र प्रदेश, ओडिशा
राष्ट्रीय जूट बोर्ड :
- स्थापना : राष्ट्रीय जूट बोर्ड अधिनियम, 2008 के तहत
- मंत्रालय: केन्द्रीय कपड़ा मंत्रालय के अधीन एक स्वायत्त वैधानिक निकाय (Statutory Body) है
- मुख्यालय : कोलकाता, पश्चिम बंगाल
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केरल राज्य का नाम बदलकर केरलम करने के प्रस्ताव को मंजूरी

- केंद्रीय मंत्रिमंडल ने केरल राज्य का नाम बदलकर केरलम करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी।
- इस मंजूरी के बाद, राष्ट्रपति द्वारा 'केरल (नाम परिवर्तन) विधेयक, 2026' को केरल विधानसभा के पास उनकी राय के लिए भेजा जाएगा।
राज्य का नाम बदलने के लिए संवैधानिक प्रावधान :
- किसी राज्य का नाम बदलने की शक्ति पूरी तरह से संसद के पास है
- अनुच्छेद 3: संसद को किसी भी राज्य का नाम बदलने, उसकी सीमाओं में परिवर्तन करने या नया राज्य बनाने का अधिकार देता है
- राष्ट्रपति की अनुशंसा: नाम बदलने वाला कोई भी विधेयक (Bill) संसद में पेश करने से पहले राष्ट्रपति की सिफारिश अनिवार्य है
- राज्य विधानसभा की राय: विधेयक संसद में लाने से पहले, राष्ट्रपति उसे संबंधित राज्य की विधानसभा को अपनी राय देने के लिए भेजते हैं। विधानसभा को एक निश्चित समय सीमा के भीतर अपनी राय देनी होती है। हालांकि, यह राय संसद पर बाध्यकारी (binding) नहीं है।
- संसद में पारित होना: विधेयक को संसद के दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) में साधारण बहुमत (Simple Majority) से पारित होना आवश्यक है।
- अनुच्छेद 4 और संविधान में संशोधन: विधेयक पारित होने और राष्ट्रपति की सहमति मिलने के बाद, संविधान की पहली और चौथी अनुसूची में बदलाव किया जाता है। अनुच्छेद 4 के अनुसार, इस प्रकार के परिवर्तन को अनुच्छेद 368 के तहत "संविधान संशोधन" नहीं माना जाता।
- केरल विधानसभा ने 24 जून 2024 को राज्य का नाम बदलकर केरलम करने का प्रस्ताव पारित किया था।
केरल :
- स्थिति: भारत के दक्षिण-पश्चिमी तट पर
- स्थापना दिवस: 1 नवम्बर 1956 (राज्यों के पुनर्गठन अधिनियम, 1956 के तहत)
- राजधानी: तिरुवनंतपुरम
- राजकीय भाषा: मलयालम
- राजकीय पशु: भारतीय हाथी
- राजकीय पक्षी: महान सींग वाला हॉर्नबिल
- राजकीय वृक्ष: नारियल
- राजकीय पुष्प: कणिक्कोन्ना
- प्रमुख नदियाँ : पेरियार, भरतपुझा, पम्बा
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'माई भारत बजट क्वेस्ट 2026' प्रतियोगिता

- जम्मू-कश्मीर का सीमावर्ती जिला राजौरी 'माई भारत बजट क्वेस्ट 2026' प्रतियोगिता में देश में शीर्ष स्थान प्राप्त किया।
- राजौरी जिले से कुल 14,402 युवाओं ने इस ऑनलाइन क्विज़ प्रतियोगिता में हिस्सा लिया, जो देश के किसी भी जिले में सबसे अधिक है।
राष्ट्रीय रैंकिंग:
- प्रथम स्थान: राजौरी (जम्मू-कश्मीर)
- दूसरा स्थान: नई दिल्ली जिला (11,097 प्रविष्टियाँ)
- तीसरा स्थान: पूर्वी दिल्ली (8,307 प्रविष्टियाँ)
प्रतियोगिता का उद्देश्य: केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्रालय द्वारा आयोजित इस पहल का उद्देश्य युवाओं में केंद्रीय बजट 2026 के प्रति जागरूकता और वित्तीय साक्षरता को बढ़ावा देना था। यह प्रतियोगिता 3 फरवरी से 22 फरवरी 2026 तक MY Bharat Portal पर आयोजित की गई थी।
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ECI और SEC का ‘राष्ट्रीय गोलमेज सम्मेलन’

- भारत निर्वाचन आयोग (ECI) और राज्य निर्वाचन आयुक्तों (SEC) के ‘राष्ट्रीय गोलमेज सम्मेलन’ का आयोजन नई दिल्ली, भारत मंडपम में किया गया।
सम्बन्धित तथ्य :
- ऐतिहासिक अंतराल: यह सम्मेलन 27 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद आयोजित किया गया; इससे पिछला सम्मेलन वर्ष 1999 में हुआ था
- अध्यक्षता: इस सम्मेलन की अध्यक्षता मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने की। इस अवसर पर निर्वाचन आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी भी उपस्थित रहे।
- प्रतिभागी: इसमें सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के राज्य निर्वाचन आयुक्त, मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEOs) और उनके कानूनी व तकनीकी विशेषज्ञों ने भाग लिया।
भारत निर्वाचन आयोग (ECI) :
- स्थापना: 25 जनवरी 1950
- मुख्यालय: नई दिल्ली
- संवैधानिक आधार: भारतीय संविधान के अनुच्छेद 324 से 329 के अंतर्गत
- प्रकृति: एक स्वतंत्र और संवैधानिक निकाय
- प्रारंभ में एकल सदस्यीय निकाय
- वर्ष 1993 से बहु-सदस्यीय आयोग (1 मुख्य चुनाव आयुक्त + 2 चुनाव आयुक्त)
- राष्ट्रीय मतदाता दिवस: 25 जनवरी
- 61वें संशोधन ने अनुच्छेद 326 में संशोधन कर मतदान की आयु 21 वर्ष से घटाकर 18 वर्ष कर दी।
- भारतीय संविधान के भाग XV (15) में अनुच्छेद 324 से 329 तक निर्वाचन और निर्वाचन आयोग से संबंधित प्रावधान दिए गए हैं
- अनुच्छेद 324: चुनावों का अधीक्षण, निर्देशन और नियंत्रण निर्वाचन आयोग में निहित होना
- अनुच्छेद 325: धर्म, मूलवंश, जाति या लिंग के आधार पर किसी व्यक्ति का निर्वाचन नामावली (Voter List) में सम्मिलित होने के लिए अपात्र न होना और न ही इनके आधार पर किसी विशेष निर्वाचन नामावली में सम्मिलित किए जाने का दावा करना
- अनुच्छेद 326: लोकसभा और राज्यों की विधानसभाओं के लिए निर्वाचनों का वयस्क मताधिकार के आधार पर होना। वर्तमान में मतदान की न्यूनतम आयु 18 वर्ष है
- अनुच्छेद 327: विधानमंडलों के लिए निर्वाचनों के संबंध में उपबंध करने की संसद की शक्ति
- अनुच्छेद 328: किसी राज्य के विधानमंडल के लिए निर्वाचनों के संबंध में उपबंध करने की उस राज्य के विधानमंडल की शक्ति
- अनुच्छेद 329: निर्वाचन संबंधी मामलों में न्यायालयों के हस्तक्षेप का वर्जन (रोक)। इसके अनुसार, चुनाव संपन्न होने के बाद केवल चुनाव याचिका (Election Petition) के माध्यम से ही निर्वाचन को चुनौती दी जा सकती है
- अनुच्छेद 243K: पंचायतों के लिए निर्वाचन。
- अनुच्छेद 243ZA: नगरपालिकाओं के लिए निर्वाचन
- (इन दोनों अनुच्छेदों के तहत राज्य निर्वाचन आयोग (SEC) का गठन किया जाता है)
राज्य निर्वाचन आयोग (SEC) :
- भारत में स्थानीय निकायों (Local Bodies) के चुनावों के संचालन के लिए एक स्वायत्त संवैधानिक निकाय है
- संवैधानिक प्रावधान:
- अनुच्छेद 243K: पंचायतों (ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत, जिला पंचायत) के चुनावों का अधीक्षण, निर्देशन और नियंत्रण
- अनुच्छेद 243ZA: नगरपालिकाओं (नगर निगम, नगर पालिका परिषद, नगर पंचायत) के चुनावों का संचालन
- इन्हें 73वें और 74वें संविधान संशोधन (1992) के माध्यम से संवैधानिक दर्जा दिया गया
- इसमें एक राज्य निर्वाचन आयुक्त होता है, जिसकी नियुक्ति संबंधित राज्य के राज्यपाल द्वारा की जाती है।
- इसे पद से हटाने की प्रक्रिया वही है जो उच्च न्यायालय के न्यायाधीश को हटाने की होती है, जिससे इसकी स्वतंत्रता सुनिश्चित होती है।
मुख्य कार्य:
- स्थानीय चुनाव: शहरी और ग्रामीण स्थानीय निकायों के चुनावों का स्वतंत्र और निष्पक्ष आयोजन करना।
- मतदाता सूची: स्थानीय निकायों के लिए निर्वाचन नामावली (Voter List) तैयार करना और उसे अपडेट करना।
- परिसीमन: स्थानीय निकायों के वार्डों और निर्वाचन क्षेत्रों का परिसीमन (Delimitation) करना।
- आचार संहिता: स्थानीय चुनावों के दौरान आदर्श आचार संहिता लागू करना
- ECI से भिन्नता: भारत निर्वाचन आयोग (ECI) संसद और राज्य विधानसभाओं के चुनाव कराता है, जबकि राज्य निर्वाचन आयोग (SEC) केवल स्थानीय निकायों (पंचायतों और नगरपालिकाओं) के लिए जिम्मेदार है।
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'द टीचर ऐप 2.0' का शुभारंभ

- शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भारती एयरटेल और सी.के 12 फाउंडेशन के सहयोग से AI द्वारा संचालित 'द टीचर ऐप 2.0' का शुभारंभ किया।
- यह ऐप स्कूल शिक्षकों के लिए एक AI-आधारित तकनीकी साथी के रूप में कार्य करता है, जो उन्हें शिक्षण पद्धतियों, सामग्री और कक्षा की तैयारी में सहायता प्रदान करता है।
'द टीचर ऐप 1.0' :
- नवंबर 2024 को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान द्वारा नई दिल्ली में लॉन्च किया गया
- शुरुआत में यह मुख्य रूप से कक्षा 1 से 5 (प्राइमरी) तक के पाठ्यक्रम और शिक्षण सामग्री पर केंद्रित था
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'वंजीवी दीदी' पहल

- पलामू टाइगर रिजर्व (PTR), झारखंड ने 'वंजीवी दीदी' पहल की शुरूआत की है।
सम्बन्धित तथ्य :
- उद्देश्य: स्थानीय महिलाओं को वन और वन्यजीव संरक्षण में सक्रिय भागीदार बनाना और समुदायों को अवैध शिकार व पेड़ों की कटाई के प्रति जागरूक करना।
- चयन: इस योजना के तहत 17 चयनित गाँवों की लगभग 18 शिक्षित महिलाओं को 'वनजीवी दीदी' के रूप में चुना गया है।
- भूमिका: ये महिलाएं गाँव में 'संरक्षण दूत' (Conservation Ambassadors) के रूप में कार्य करेंगी और परिवारों में जागरूकता बढ़ाएंगी।
- अतिरिक्त जिम्मेदारियां: वे प्राथमिक शिक्षा को बढ़ावा देने, स्कूलों में नामांकन बढ़ाने और सरकारी योजनाओं की जानकारी पहुँचाने का कार्य भी करेंगी।
- प्रोत्साहन: प्रत्येक वनजीवी दीदी को ₹3,000 मासिक प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
पलामू टाइगर रिजर्व :
- स्थान: यह झारखंड के लातेहार और गढ़वा जिलों में छोटानागपुर पठार के पश्चिमी भाग में स्थित है।
- संरचित क्षेत्र: इसमें बेतला नेशनल पार्क, पलामू वन्यजीव अभयारण्य और महुआडांड़ भेड़िया अभयारण्य (Mahuadanr Wolf Sanctuary) के हिस्से शामिल हैं।
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अंतर्राष्ट्रीय समाचार
नीदरलैंड के सबसे युवा प्रधानमंत्री

- 38 वर्षीय रॉब जेटेन ने नीदरलैंड के प्रधानमंत्री पद की शपथ ग्रहण की, वे देश के अब तक के सबसे युवा और प्रथम एलजीबीटी प्रधानमंत्री बने हैं।"
सम्बन्धित तथ्य :
- चुनावी जीत: उनकी पार्टी डेमोक्रेट्स 66 (D66) ने अक्टूबर 2025 में हुए चुनावों में गीर्ट वाइल्डर्स की दक्षिणपंथी फ्रीडम पार्टी (PVV) को कड़े मुकाबले में हराकर जीत हासिल की थी।
- गठबंधन सरकार: वे एक अल्पमत गठबंधन सरकार का नेतृत्व कर रहे हैं, जिसमें D66 के साथ क्रिश्चियन डेमोक्रेटिक अपील (CDA) और पीपुल्स पार्टी फॉर फ्रीडम एंड डेमोक्रेसी (VVD) शामिल हैं।
- पूर्ववर्ती: उन्होंने डिक स्कूफ़ (Dick Schoof) का स्थान लिया है, जिनकी सरकार केवल 11 महीने चलने के बाद गिर गई थी।
नीदरलैंड :
- राजधानी: एम्स्टर्डम (संवैधानिक राजधानी)
- मुद्रा: यूरो (€)
- आधिकारिक भाषा: डच
- महाद्वीप: यूरोप
- सीमाएँ: पूर्व में – जर्मनी, दक्षिण में – बेल्जियम, उत्तर एवं पश्चिम में – उत्तरी सागर
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अर्थव्यवस्था तथा बैंकिंग
'राष्ट्रीय मुद्रीकरण योजना 2.0'

- वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन ने केंद्रीय मंत्रालयों और PSU के लिए 'राष्ट्रीय मुद्रीकरण पाइपलाइन 2.0' (NMP 2.0) का शुभारंभ किया।
- यह योजना वित्त वर्ष 2026 से 2030 की पांच साल की अवधि के लिए 'एसेट मोनेटाइजेशन' का एक महत्वाकांक्षी रोडमैप प्रदान करती है।
'राष्ट्रीय मुद्रीकरण योजना 2.0'
- लक्ष्य राशि: 2025-26 से 2029-30 तक के पांच वर्षों में 16.72 लाख करोड़ रुपये
- अवधि: वित्त वर्ष 2026 से 2030 तक
- निजी निवेश: ₹5.8 लाख करोड़ का निजी क्षेत्र का निवेश
- प्रमुख क्षेत्र: इसमें 12 बुनियादी ढांचा क्षेत्र शामिल हैं, जिनमें सड़क (26%), रेलवे (16%), बंदरगाह (16%), और बिजली (17%) मुख्य योगदानकर्ता हैं।
- कार्यप्रणाली: इसमें संपत्तियों का मालिकाना हक सरकार के पास ही रहता है; केवल उनके राजस्व अधिकारों को एक निश्चित अवधि (आमतौर पर 15-35 वर्ष) के लिए निजी संस्थाओं को पट्टे (Lease) पर दिया जाता है।
- वार्षिक लक्ष्य: वित्त वर्ष 2026 के लिए मुद्रीकरण का लक्ष्य ₹2.49 लाख करोड़ निर्धारित किया गया है।
राष्ट्रीय मुद्रीकरण पाइपलाइन 1.0 :
- लान्च : अगस्त 2021
- मुख्य उद्देश्य : केंद्र सरकार की पहले से मौजूद बुनियादी ढांचा परिसंपत्तियों से मूल्य प्राप्त करना
- समय सीमा: वित्त वर्ष 2022 से वित्त वर्ष 2025 तक (4 वर्ष)।
- कुल लक्ष्य: ₹6 लाख करोड़
- उपलब्धि: 4 वर्षों में निर्धारित ₹6 लाख करोड़ के लक्ष्य का लगभग 89-90% (लगभग ₹5.3 लाख करोड़) हासिल किया।
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चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में देश की अर्थव्यवस्था

- SBI की रिपोर्ट के अनुसार, चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में देश की अर्थव्यवस्था में 8.1% की वृद्धि दर्ज की गई है।
सम्बन्धित तथ्य :
- मजबूत विकास: वित्त वर्ष 2026 (FY26) की तीसरी तिमाही में 8.1% की दर के साथ भारतीय अर्थव्यवस्था ने विकास की गति को बरकरार रखा है।
- उपभोग की स्थिति: कृषि और गैर-कृषि दोनों क्षेत्रों में सकारात्मक रुझानों के कारण ग्रामीण खपत मजबूत बनी हुई है, जबकि त्योहारी सीजन के बाद शहरी उपभोग में भी वृद्धि दर्ज की गई है।
- क्षेत्रीय प्रदर्शन: विनिर्माण और अन्य क्षेत्रों के मजबूत प्रदर्शन ने विकास को बढ़ावा दिया है, जो वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भी लचीला बना हुआ है।
- आधार वर्ष में बदलाव: यह डेटा ऐसे समय आया है जब भारत अपने सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के आधार वर्ष को 2011-12 से संशोधित करके 2022-23 करने जा रहा है, जिसकी नई श्रृंखला 27 फरवरी 2026 को आने वाली है।
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भारतीय डाक विभाग
भारतीय डाक विभाग ने वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तीन तिमाहियों में अपनी कुल आय में 8.8% की वृद्धि दर्ज की है।

- यह भारतीय डाक विभाग के लिए एक प्रभावशाली उपलब्धि है। इंडिया पोस्ट की आधिकारिक वेबसाइट के आंकड़ों के अनुसार, इस 8.8% की वृद्धि का श्रेय मुख्य रूप से पार्सल व्यवसाय, ई-कॉमर्स सेवाओं और डिजिटल बैंकिंग (IPPB) के विस्तार को दिया जा सकता है।
- परंपरागत डाक सेवाओं के साथ-साथ, विभाग द्वारा वित्तीय समावेशन और लॉजिस्टिक्स पर दिए गए ध्यान ने इसे एक आधुनिक सेवा प्रदाता के रूप में स्थापित किया है।
भारत का सबसे बड़ा एकल निर्यात : वर्ष 2025

- वर्ष 2025 में Apple iPhone भारत का सबसे बड़ा एकल निर्यात उत्पाद बना।
- इसने लंबे समय से शीर्ष पर रहे डीजल (Automotive Diesel Fuel) को पछाड़कर यह स्थान हासिल किया।
सम्बन्धित तथ्य :
- कुल निर्यात मूल्य: वर्ष 2025 (जनवरी-दिसंबर) के दौरान भारत से लगभग $23 बिलियन (करीब ₹1.9 लाख करोड़) मूल्य के आईफोन का निर्यात किया गया।
- बाजार हिस्सेदारी: भारत से होने वाले कुल स्मार्टफोन निर्यात ($30.13 बिलियन) में अकेले Apple की हिस्सेदारी 76% रही।
- प्रमुख गंतव्य: भारत में बने आईफोन का सबसे बड़ा हिस्सा संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) को निर्यात किया गया।
- वृद्धि दर: 2024 की तुलना में iPhone निर्यात में भारी उछाल देखा गया है; यह $11.5 बिलियन से बढ़कर सीधे $23 बिलियन तक पहुँच गया।
- PLI स्कीम: भारत सरकार की प्रोडक्शन-लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजना ने Apple को स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर मैन्युफैक्चरिंग के लिए प्रोत्साहित किया है
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खेल समाचार
'रियो ओपन 2026'

- अर्जेंटीना के टोमास मार्टिन एचवेरी ने 'रियो ओपन 2026' के मुकाबले में चिली के एलेजांद्रो तबिलो को हराकर अपना 'पहला ATP टूर खिताब' जीता।