राष्ट्रीय समाचार
लीगल ग्लॉसरी का 8वाँ संस्करण

- भारत के उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने नई दिल्ली स्थित उपराष्ट्रपति भवन में भारतीय संविधान के तमिल और गुजराती भाषा में अद्यतन संस्करणों के साथ-साथ लीगल ग्लॉसरी (अंग्रेज़ी–हिंदी) के 8वें संस्करण का विमोचन किया।
- यह पहल विधि एवं न्याय मंत्रालय द्वारा पूर्व में संथाली, बोडो, डोगरी तथा नेपाली जैसी भाषाओं में संविधान के आधिकारिक अनुवाद उपलब्ध कराने के प्रयासों की निरंतरता में की गई है।
भारत का संविधान
- स्वीकृति तिथि: 26 नवम्बर 1949 (इसे संविधान दिवस/विधि दिवस के रूप में मनाया जाता है)।
- प्रवर्तन तिथि: 26 जनवरी 1950।
- निर्माण में लगा समय: 2 वर्ष, 11 माह, 18 दिन।
- संविधान सभा के सत्र: 11 सत्र (कुल 167 दिन)।
- संविधान के जनक: डॉ. बी. आर. अम्बेडकर।
- सुंदरलेखक (Calligrapher): प्रेम बिहारी नारायण रायज़ादा (अंग्रेज़ी में हस्तलिखित)।
- मूल संरचना: 395 अनुच्छेद, 22 भाग, 8 अनुसूचियाँ।
- वर्तमान संरचना: लगभग 444+ अनुच्छेद, 25 भाग, 12 अनुसूचियाँ।
- स्रोत: मुख्यतः भारत शासन अधिनियम 1935 से प्रभावित।
महत्त्वपूर्ण ऐतिहासिक एवं संवैधानिक तिथियाँ
- पहली बैठक: 9 दिसम्बर 1946
(डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा अस्थायी अध्यक्ष थे; बाद में डॉ. राजेन्द्र प्रसाद अध्यक्ष बने)।
- उद्देश्य प्रस्ताव: 13 दिसम्बर 1946 को जवाहरलाल नेहरू द्वारा प्रस्तुत किया गया।
- अंतिम बैठक: 24 जनवरी 1950।
प्रमुख संशोधन एवं संरचनात्मक विशेषताएँ
- 42वाँ संविधान संशोधन अधिनियम (1976): इसे “मिनी संविधान” कहा जाता है; इसने प्रस्तावना में “समाजवादी”, “धर्मनिरपेक्ष” तथा “अखंडता” शब्द जोड़े।
- मौलिक कर्तव्य: 42वें संशोधन द्वारा (अनुच्छेद 51A, भाग IV-A) स्वर्ण सिंह समिति की सिफारिश पर जोड़े गए।
- संरचना: संसदीय शासन प्रणाली, जिसमें संघीय एवं एकात्मक दोनों प्रकार की विशेषताओं का मिश्रण है।
- नागरिकता: एकल नागरिकता की व्यवस्था।
- महत्त्वपूर्ण अनुच्छेद एवं अनुसूचियाँ
- प्रस्तावना: भारत को एक संप्रभु, समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक गणराज्य के रूप में वर्णित करती है।
- भाग III (अनुच्छेद 12-35): मौलिक अधिकार।
- भाग IV (अनुच्छेद 36-51): राज्य के नीति-निदेशक तत्व (DPSP)।
- अनुसूचियाँ: कुल 12 (जैसे—10वीं अनुसूची: दलबदल विरोधी कानून; 11वीं/12वीं अनुसूची: पंचायती राज/नगरपालिका)।
- महत्त्वपूर्ण अनुच्छेद:
- अनु. 14 — समानता का अधिकार
- अनु. 17 — अस्पृश्यता का उन्मूलन
- अनु. 32 — संवैधानिक उपचार का अधिकार
- अनु. 51A — मौलिक कर्तव्य
- अनु. 324 — निर्वाचन आयोग
- अनु. 352-360 — आपातकालीन प्रावधान
महत्त्वपूर्ण ऐतिहासिक निर्णय
- केशवानंद भारती मामला (1973): “मूल संरचना सिद्धांत” स्थापित किया, जिसके अनुसार संसद संविधान की कुछ मूल विशेषताओं में संशोधन नहीं कर सकती।
- मिनर्वा मिल्स मामला (1980): मौलिक अधिकारों और राज्य के नीति-निदेशक तत्वों के बीच संतुलन को बरकरार रखा।
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नई दिल्ली घोषणा (New Delhi Declaration)

- AI इम्पैक्ट समिट 2026 का समापन नई दिल्ली के भारत मंडपम में हुआ, जहाँ AI इम्पैक्ट पर नई दिल्ली घोषणा को अपनाया गया। यह एक ऐतिहासिक समझौता है, जिसे 88 देशों तथा अंतरराष्ट्रीय संगठनों द्वारा समर्थन दिया गया।
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नई दिल्ली घोषणा
यह घोषणा कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) को समावेशन के साधन के रूप में विकसित करने हेतु एक साझा वैश्विक दृष्टि प्रस्तुत करती है, जो भारतीय सिद्धांत “सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय” (सभी के कल्याण और सभी के सुख) पर आधारित है।
मुख्य प्रतिबद्धताएँ
- सात स्तंभ (चक्र): AI संसाधनों के लोकतंत्रीकरण, आर्थिक विकास, सुरक्षित AI, विज्ञान हेतु AI, सामाजिक सशक्तिकरण, मानव पूंजी विकास तथा ऊर्जा दक्षता के क्षेत्रों में संरचित वैश्विक सहयोग का ढाँचा।
- M.A.N.A.V. दृष्टि: AI शासन हेतु एक रूपरेखा, जिसमें निम्न बिंदु शामिल हैं—
- नैतिक एवं मूल्याधारित प्रणालियाँ
- उत्तरदायी शासन
- राष्ट्रीय संप्रभुता
- सुलभ एवं समावेशी डिज़ाइन
- वैध एवं प्रमाणिक परिणाम
- स्वैच्छिक ढाँचा: AI के लोकतांत्रिक प्रसार हेतु चार्टर सहित सभी प्रतिबद्धताओं को स्वैच्छिक एवं गैर-बाध्यकारी रखा गया है, ताकि विकसित एवं विकासशील दोनों प्रकार के देशों की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
प्रमुख वैश्विक पहल (Major Global Deliverables)
समिट में घोषणा को कार्यान्वित करने हेतु कई ठोस पहलें घोषित की गईं:
- Global AI Impact Commons: एक व्यावहारिक मंच, जिसके माध्यम से देश सफल AI उपयोग मामलों को वैश्विक स्तर पर साझा और विस्तारित कर सकेंगे।
- Trusted AI Commons: सुरक्षित AI प्रणालियों के निर्माण हेतु उपकरणों, मानकों और सर्वोत्तम प्रथाओं का सहयोगात्मक भंडार।
- AI Workforce Playbook: AI-आधारित अर्थव्यवस्था के लिए कार्यबल को कौशल एवं पुनः-कौशल प्रदान करने हेतु दिशा-निर्देश।
- International Network of AI for Science: तकनीकी संस्थानों को जोड़ने तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनुसंधान क्षमताओं को साझा करने की पहल।
- आर्थिक एवं सामरिक प्रभाव
- अवसंरचना निवेश: भारत ने AI अवसंरचना के लिए 250 अरब डॉलर से अधिक के निवेश प्रतिबद्धताएँ प्राप्त कीं।
प्रमुख निवेश घोषणाएँ
- • रिलायंस इंडस्ट्रीज़: सात वर्षों में बहु-गिगावाट AI डेटा सेंटर हेतु 110 अरब डॉलर निवेश।
- • अडानी समूह: डेटा सेंटर प्लेटफॉर्म को 5 गिगावाट तक विस्तारित करने हेतु 100 अरब डॉलर निवेश।
- • माइक्रोसॉफ्ट: भारत में क्लाउड और AI अवसंरचना के लिए 17.5 अरब डॉलर निवेश।
वैश्विक नेतृत्व का महत्व
- • ग्लोबल साउथ में आयोजित पहला वैश्विक AI समिट होने के कारण इसने विमर्श को केवल “AI सुरक्षा” से आगे बढ़ाकर “विकास और प्रभाव हेतु AI” की दिशा में परिवर्तित किया।
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राज्य विशेष समाचार
NIELIT और आंध्र प्रदेश सरकार के बीच समझौता ज्ञापन

- भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के अधीन राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (NIELIT) ने आंध्र प्रदेश सरकार के साथ अमरावती में भारत के पहले समर्पित क्वांटम एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस विश्वविद्यालय परिसर की स्थापना हेतु समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए।
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राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (NIELIT)
- मंत्रालय: इसका प्रशासनिक नियंत्रण इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY), भारत सरकार के अधीन है।
- मुख्यालय: नई दिल्ली में स्थित।
- यह भारत सरकार की एक स्वायत्त वैज्ञानिक सोसायटी है।
- डीम्ड विश्वविद्यालय का दर्जा: जुलाई 2024 में शिक्षा मंत्रालय द्वारा NIELIT को डीम्ड-टू-बी विश्वविद्यालय (डी-नोवो श्रेणी) का दर्जा प्रदान किया गया।
- महानिदेशक: डॉ. मदन मोहन त्रिपाठी।
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अंतरराष्ट्रीय समाचार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ग्लोबल टैरिफ में वृद्धि

- अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वैश्विक शुल्क दरों को 10% से बढ़ाकर 15% करने की आधिकारिक घोषणा की।
- यह निर्णय अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में एक महत्वपूर्ण कानूनी पराजय के बाद लिया गया, जहाँ 6-3 के फैसले में उनकी सरकार द्वारा International Emergency Economic Powers Act (IEEPA) के तहत आपातकालीन शक्तियों का उपयोग कर व्यापक शुल्क लगाने के कदम को निरस्त कर दिया गया।
- इसके बाद ट्रंप ने 1974 के ट्रेड एक्ट की धारा 122 का सहारा लिया, जो गंभीर भुगतान संतुलन घाटे की स्थिति में राष्ट्रपति को अधिकतम 15% तक का अस्थायी अधिभार 150 दिनों तक लगाने की अनुमति देती है।
शिखर सम्मेलन और सम्मेलन
राष्ट्रीय CSR शिखर सम्मेलन 2026

- टाइम्स ऑफ इंडिया समूह (टाइम्स फाउंडेशन) ने नई दिल्ली के भारत मंडपम में ‘नेशनल CSR समिट 2026’ का आयोजन किया।
- इस समिट का उद्देश्य “लाभ के साथ उद्देश्य” को जोड़ना तथा CSR को केवल कानूनी अनुपालन से आगे बढ़ाकर राष्ट्र-निर्माण की गहन प्रतिबद्धता बनाना था, जो विशेष रूप से विकसित भारत @ 2047 के दृष्टिकोण का समर्थन करता है।
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कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR)
- कानूनी ढाँचा: कंपनियाँ अधिनियम, 2013 की धारा 135, जिसने भारत को CSR अनिवार्य करने वाला विश्व का पहला देश बनाया।
- अनिवार्य व्यय: पिछले तीन वित्तीय वर्षों के औसत शुद्ध लाभ का 2% CSR पर खर्च करना।
- सिद्धांत: ट्रिपल-बॉटम-लाइन दृष्टिकोण (आर्थिक, पर्यावरणीय, सामाजिक) के अनुरूप।
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गोवा मैरीटाइम कॉन्क्लेव (GMC-26) का 5वाँ संस्करण

- गोवा मैरीटाइम कॉन्क्लेव (GMC-26) का 5वाँ संस्करण गोवा स्थित नेवल वार कॉलेज में सफलतापूर्वक आयोजित किया गया।
- भारतीय नौसेना द्वारा आयोजित यह द्विवार्षिक कार्यक्रम हिंद महासागर क्षेत्र (IOR) में समुद्री सुरक्षा चुनौतियों पर विचार-विमर्श हेतु एक उच्च-स्तरीय क्षेत्रीय मंच के रूप में कार्य करता है।
- थीम: “हिंद महासागर क्षेत्र में साझा समुद्री सुरक्षा चुनौतियाँ — अवैध, अनियमित एवं अनियंत्रित (IUU) मछली पकड़ने तथा अन्य अवैध समुद्री गतिविधियों जैसे गतिशील खतरों को कम करने हेतु प्रयासों की प्रगति”।
भाग लेने वाले देश:
- इस सम्मेलन में 14 देशों के प्रतिनिधि एवं नौसेना प्रमुख शामिल हुए:
- दक्षिण एशिया: बांग्लादेश, मालदीव, श्रीलंका।
- दक्षिण पूर्व एशिया: इंडोनेशिया, मलेशिया, सिंगापुर, थाईलैंड, म्यांमार।
- अफ्रीका और द्वीप: कोमोरोस, केन्या, मेडागास्कर, मॉरिशस, सेशेल्स, तंजानिया।
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नियुक्तियाँ (APPOINTMENTS)
श्री शैलेश वागेरवाल

- सार्वजनिक उपक्रम चयन बोर्ड (PESB) ने म्यूनिशन्स इंडिया लिमिटेड (MIL) के मुख्य महाप्रबंधक श्री शैलेश वागेरवाल को एक प्रमुख अनुसूची-‘बी’ रक्षा सार्वजनिक उपक्रम भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (BDL) के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक (CMD) पद के लिए अनुशंसित किया है।
पुस्तकें और लेखक
कॉफी टेबल बुक 'अटल बिहारी वाजपेयी: द इटरनल स्टेट्समैन'

- भारत के उपराष्ट्रपति श्री सी.पी. राधाकृष्णन ने डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर, नई दिल्ली में श्री विजय गोयल द्वारा लिखित कॉफी टेबल बुक “अटल बिहारी वाजपेयी: द इटरनल स्टेट्समैन” का विमोचन किया।
अटल बिहारी वाजपेयी के बारे में
- जन्म: 25 दिसम्बर 1924, ग्वालियर (मध्य प्रदेश)। उनका जन्मदिन सुशासन दिवस के रूप में मनाया जाता है।
राजनीतिक जीवन
- 1951 में भारतीय जनसंघ (BJS) के सह-संस्थापक; बाद में 1980 में यही भारतीय जनता पार्टी (BJP) बनी।
- वे पहले गैर-कांग्रेस प्रधानमंत्री थे जिन्होंने पूर्ण 5 वर्षीय कार्यकाल (1999–2004) पूरा किया।
- 1977–1979 के दौरान जनता पार्टी सरकार में विदेश मंत्री रहे।
प्रमुख उपलब्धियाँ एवं नीतियाँ
- परमाणु नीति: मई 1998 में पोखरण-II परमाणु परीक्षण (ऑपरेशन शक्ति) कर भारत को परमाणु-हथियार संपन्न राष्ट्र के रूप में स्थापित किया।
- विदेश नीति: 1999 में पाकिस्तान के साथ संबंध सुधार हेतु लाहौर घोषणा की पहल की तथा प्रसिद्ध बस यात्रा कर लाहौर गए।
- अवसंरचना: गोल्डन क्वाड्रिलेटरल परियोजना (दिल्ली-मुंबई-चेन्नई-कोलकाता को जोड़ने वाली) तथा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) प्रारंभ की।
- शिक्षा/अर्थव्यवस्था: सर्व शिक्षा अभियान शुरू किया तथा कई सार्वजनिक उपक्रमों का निजीकरण किया।
- संघर्ष प्रबंधन: पाकिस्तान के विरुद्ध कारगिल युद्ध (1999) का सफल प्रबंधन किया।
पुरस्कार
- 2015 में भारत रत्न (भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान)।
- 1992 में पद्म विभूषण।
साहित्यिक योगदान
- वे अपने काव्य के लिए भी प्रसिद्ध थे; प्रमुख कृतियों में “मेरी इक्यावन कविताएँ” शामिल है।
निधन
- 16 अगस्त 2018 को उनका निधन हुआ; उनका स्मारक “सदैव अटल” नाम से जाना जाता है।
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रिपोर्ट, रैंक और सूचकांक
वॉयस टेक्नोलॉजी पर पॉलिसी रिपोर्ट और डेवलपर्स टूलकिट

- इंडिया AI समिट एक्सपो 2026 में वॉयस प्रौद्योगिकी पर नई नीति रिपोर्ट एवं डेवलपर्स टूलकिट लॉन्च की गई, जिसका उद्देश्य खुली, समावेशी और जिम्मेदार वॉयस टेक्नोलॉजी के समर्थन हेतु नीति एवं व्यवहारिक ढाँचा तैयार करना है।
- यह पहल इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) द्वारा डिजिटल इंडिया भाषिणी प्रभाग के माध्यम से संचालित की जा रही है, जिसका लक्ष्य भाषा और साक्षरता की खाई को पाटने हेतु “वॉयस-फर्स्ट” डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना विकसित करना है।
- इस पहल के अंतर्गत VoicERA नामक एक ओपन-सोर्स वॉयस AI स्टैक प्रस्तुत किया गया, जो सरकारी क्षेत्रों को शीघ्र वॉयस-सक्षम सेवाएँ लागू करने में सक्षम बनाता है।
- यह पहल ARTPARK @ IISc, Digital Futures Lab, Trilegal तथा FAIR Forward (GIZ) के सहयोग से विकसित की गई है। समिट में 118 देशों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में इसे रेखांकित किया गया, जिसका उद्देश्य साक्षरता बाधाओं को दूर कर डिजिटल सेवाओं की व्यापक पहुँच सुनिश्चित करना है।
पुरस्कार और सम्मान
डिजिटल लीडरशिप अवॉर्ड

- भारत के एक अग्रणी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, इंडियन बैंक को एनक्यूब कोलाबोरेशंस द्वारा आयोजित “कनेक्ट फ़्यूचर रेडी लीडर्स: विकसित भारत 2047” के 5वें संस्करण में डिजिटल लीडरशिप अवार्ड से सम्मानित किया गया ।
इंडियन बैंक
- स्थापना: 5 मार्च 1907।
- राष्ट्रीयकरण: 1969 में 13 अन्य प्रमुख वाणिज्यिक बैंकों के साथ राष्ट्रीयकृत।
- मुख्यालय: चेन्नई, तमिलनाडु।
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अर्थव्यवस्था और बैंकिंग
HCL–Foxconn सेमीकंडक्टर संयंत्र

- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश में HCL–Foxconn सेमीकंडक्टर संयंत्र की स्थापना हेतु आधारशिला रखी।
- यह परियोजना इंडिया चिप प्राइवेट लिमिटेड नामक संयुक्त उद्यम के अंतर्गत संचालित होगी और यह राज्य की पहली सेमीकंडक्टर इकाई है।
परियोजना का विवरण
- संयुक्त उद्यम (JV): भारत के HCL समूह और ताइवान की Foxconn (Hon Hai Technology Group) के बीच 60:40 साझेदारी।
- स्थान: यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) क्षेत्र के सेक्टर-28 में 48 एकड़ भूमि पर, जेवर स्थित आगामी नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के निकट।
- निवेश: लगभग ₹3,700 करोड़ (लगभग 445 मिलियन डॉलर)।
- संयंत्र का प्रकार: आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली एवं टेस्ट (OSAT) प्लांट, जो सिलिकॉन वेफर को अंतिम चिप में पैकेजिंग एवं परीक्षण करता है।
सेमीकंडक्टर
- ऐसे पदार्थ जिनकी विद्युत चालकता चालक और कुचालक के बीच होती है।
- उदाहरण: सिलिकॉन सबसे सामान्य, इसके बाद जर्मेनियम और गैलियम आर्सेनाइड।
- डोपिंग प्रक्रिया: चालकता बढ़ाने हेतु बोरॉन या फॉस्फोरस जैसी अशुद्धियाँ मिलाई जाती हैं, जिससे P-टाइप (धनात्मक) या N-टाइप (ऋणात्मक) सेमीकंडक्टर बनते हैं।
- उपकरण: डायोड, ट्रांजिस्टर, एलईडी, एकीकृत परिपथ (IC)।
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GIFT-IFSC में कॉर्पोरेट गवर्नेंस इकोसिस्टम

- इंटरनेशनल फाइनेंशियल सर्विसेज़ सेंटर्स अथॉरिटी (IFSCA) और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ कॉर्पोरेट अफेयर्स (IICA) ने गुजरात में GIFT सिटी के IFSCA कैंपस में एक मेमोरेंडम ऑफ़ अंडरस्टैंडिंग (MoU) पर साइन किए। इसका मकसद कैपेसिटी बिल्डिंग , पॉलिसी रिसर्च और नॉलेज पार्टनरशिप के लिए एक स्ट्रक्चर्ड फ्रेमवर्क बनाकर भारत के इंटरनेशनल फाइनेंशियल सर्विसेज़ इकोसिस्टम को मज़बूत करना है ।
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अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र प्राधिकरण (IFSCA)
- स्थापना: 27 अप्रैल 2020, IFSCA अधिनियम 2019 के अंतर्गत।
- मुख्यालय: GIFT सिटी (गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस टेक-सिटी), गांधीनगर, गुजरात।
- उद्देश्य: भारत के एकमात्र IFSC में व्यवसाय सुगमता बढ़ाना और विश्वस्तरीय नियामक वातावरण प्रदान करना।
- नियामक शक्ति: IFSC के भीतर वित्तीय गतिविधियों के लिए SEBI, RBI, PFRDA और IRDAI जैसे घरेलू नियामकों का स्थान लेता है।
भारतीय कॉर्पोरेट कार्य संस्थान (IICA)
- स्वरूप: भारत सरकार के कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय के अधीन एक प्रमुख थिंक-टैंक एवं क्षमता निर्माण संस्था।
- भूमिका: कॉर्पोरेट गवर्नेंस ढाँचे को सुदृढ़ करने हेतु नीति सलाह, प्रशिक्षण एवं अनुसंधान प्रदान करना।
GIFT सिटी (गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस टेक-सिटी)
- स्थान: गांधीनगर, गुजरात।
- भारत का पहला परिचालित स्मार्ट सिटी एवं अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र (IFSC)।
- एकीकृत नियामक: IFSCA (अप्रैल 2020 में स्थापित), जो RBI, SEBI, IRDAI और PFRDA की शक्तियों को समेकित करता है।
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मछली पकड़ने के लिए एक्सेस पास का राष्ट्रीय लॉन्च

- केंद्रीय मत्स्य, पशुपालन एवं डेयरी मंत्री श्री राजीव रंजन सिंह ने गुजरात के वेरावल में भारत के विशेष आर्थिक क्षेत्र (EEZ) में मछली पकड़ने हेतु एक्सेस पास का राष्ट्रीय शुभारंभ किया।
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एक्सेस पास की मुख्य विशेषताएं
- पूरी तरह से डिजिटल और मुफ़्त : पास अपग्रेडेड ReALCRaft पोर्टल के ज़रिए मुफ़्त में जारी किया जाता है , जिससे एक ट्रांसपेरेंट, टाइम-बाउंड और पेपरलेस प्रोसेस पक्का होता है।
- टारगेट वेसल्स : यह लगभग 64,000 मशीन वाले मछली पकड़ने वाले जहाजों और 24 मीटर से ज़्यादा लंबे बड़े मोटर वाले जहाजों के लिए ज़रूरी है।
- छूट : छोटे और कारीगर मछुआरों की रोजी-रोटी बचाने के लिए पारंपरिक नॉन-मोटराइज्ड मछली पकड़ने वाली नावों को इस ज़रूरत से छूट दी गई है।
- ऑपरेशन का दायरा : ऑथराइज़्ड जहाज़ अब पूरे EEZ में 12 से 200 नॉटिकल मील तक ऑपरेट कर सकते हैं ।
अनन्य आर्थिक क्षेत्र (ईईजेड)
- परिभाषा और दूरी: बेसलाइन/कोस्टलाइन से 200 नॉटिकल मील तक फैला हुआ है ।
- लीगल फ्रेमवर्क: यूनाइटेड नेशंस कन्वेंशन ऑन द लॉ ऑफ़ द सी (UNCLOS), 1982 के तहत बनाया गया।
- भारत का EEZ एरिया: लगभग 2.4 मिलियन स्क्वायर किलोमीटर में फैला है , जिसमें मछली पालन और एनर्जी रिसोर्स के लिए बहुत ज़्यादा पोटेंशियल है।
भारत का विशेष आर्थिक क्षेत्र
- साइज़ : भारत का EEZ लगभग 2.02 से 2.37 मिलियन स्क्वायर किलोमीटर में फैला है , जो इसे दुनिया का 18वां सबसे बड़ा बनाता है।
- शासी कानून : प्रादेशिक जल, महाद्वीपीय शेल्फ, विशेष आर्थिक क्षेत्र और अन्य समुद्री क्षेत्र अधिनियम, 1976 द्वारा विनियमित ।
- सुरक्षा : इंडियन कोस्ट गार्ड (ICG) मुख्य एजेंसी है जो भारत के EEZ को स्मगलिंग और बिना इजाज़त मछली पकड़ने जैसी गैर-कानूनी गतिविधियों से बचाने के लिए ज़िम्मेदार है।
- भविष्य में विस्तार : भारत ने साइंटिफिक डेटा के आधार पर यूनाइटेड नेशंस से अपने कॉन्टिनेंटल शेल्फ राइट्स को 350 नॉटिकल मील तक बढ़ाने की अपील की है ।
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शिक्षा और अनुसंधान के लिए NIPER-बोह्रिंजर समझौता ज्ञापन और AMRITVA कोहोर्ट 2 का अनावरण किया गया

- नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्यूटिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (NIPER), रायबरेली और बोहरिंगर इंगेलहेम इंडिया ने फार्मास्यूटिकल एजुकेशन और रिसर्च को आगे बढ़ाने के लिए एक मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) पर साइन किए।
- रिसर्च को मार्केट-रेडी वेंचर्स में बदलने में मदद के लिए AMRITVA कोहोर्ट 2 भी लॉन्च किया गया।
- AMRITVA (अलायंस फॉर मेडिसिनल रिसर्च, इनोवेशन, ट्रांसलेशन एंड वैल्यू एक्सेलेरेशन) बोह्रिंजर इंगेलहेम की एक CSR पहल है, जिसे SIIC, IIT कानपुर ने NIPER रायबरेली के साथ पार्टनरशिप में लागू किया है।
चर्चित व्यक्ति
जोसेफ फिलिप

- भारतीय मैनेजमेंट शिक्षा के दिग्गज और ज़ेवियर इंस्टीट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट एंड एंटरप्रेन्योरशिप (XIME) के फाउंडर चेयरमैन, शेवेलियर प्रोफेसर जे. फिलिप का निधन हो गया।
पर्यावरण + विज्ञान और प्रौद्योगिकी
स्वदेश निर्मित टेटनस एवं वयस्क डिप्थीरिया (Td) वैक्सीन

- केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा ने हिमाचल प्रदेश के कसौली स्थित सेंट्रल रिसर्च इंस्टीट्यूट (CRI) में स्वदेश निर्मित टेटनस एवं वयस्क डिप्थीरिया (Td) वैक्सीन का शुभारंभ किया।
- इस वैक्सीन को औपचारिक रूप से सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम (UIP) के अंतर्गत आपूर्ति हेतु शामिल किया गया है, जो विश्व का सबसे बड़ा टीकाकरण कार्यक्रम है।
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टेटनस (Clostridium tetani)
- कारण: यह जीवाणु मिट्टी, धूल, मल तथा जंग लगी वस्तुओं (कील, औज़ार आदि) पर पाया जाता है।
- संक्रमण: यह संक्रामक नहीं है; कट या घाव के माध्यम से शरीर में प्रवेश करता है।
- लक्षण: दर्दनाक मांसपेशीय जकड़न/ऐंठन, लॉकजॉ (मुंह न खुलना), निगलने या सांस लेने में कठिनाई।
- मृत्यु दर: उपचार न होने पर मृत्यु दर लगभग 100% तक पहुँच सकती है।
डिप्थीरिया (Corynebacterium diphtheriae)
- कारण: यह जीवाणु व्यक्ति से व्यक्ति में श्वसन बूंदों द्वारा फैलता है।
- लक्षण: गले/टॉन्सिल पर मोटी धूसर या सफेद परत, बुखार, गर्दन की सूजी ग्रंथियाँ (बुल नेक)।
- जटिलताएँ: श्वास अवरोध, हृदय विफलता, पक्षाघात।
Td वैक्सीन
- यह एक संयोजन वैक्सीन है जिसमें डिप्थीरिया एंटीजन की मात्रा कम (d) होती है, जिससे यह किशोरों और वयस्कों के लिए उपयुक्त है।
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NDMA, AcSIR और CSIR–NIScPR के बीच समझौता

- राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA), एकेडमी ऑफ साइंटिफिक एंड इनोवेटिव रिसर्च (AcSIR) तथा CSIR–राष्ट्रीय विज्ञान संचार एवं नीति अनुसंधान संस्थान (CSIR–NIScPR) ने आपदा प्रबंधन एवं जोखिम न्यूनीकरण (DMRR) में शैक्षणिक कार्यक्रम, क्षमता निर्माण, नीति अनुसंधान और संचार हेतु सहयोगात्मक ढाँचा स्थापित करने के लिए समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए।
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राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA)
- स्थापना: 27 सितम्बर 2006, आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के अंतर्गत।
- भूमिका: भारत में प्राकृतिक एवं मानव-निर्मित आपदाओं के प्रबंधन हेतु सर्वोच्च वैधानिक निकाय।
- संरचना: प्रधानमंत्री इसके अध्यक्ष होते हैं; एक उपाध्यक्ष तथा अधिकतम 9 सदस्य होते हैं।
- मुख्य कार्य: समयबद्ध प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने हेतु नीतियाँ, योजनाएँ और दिशा-निर्देश निर्धारित करना।
- मुख्य प्रभाग: योजना एवं नीति, शमन, संचालन एवं संचार, क्षमता निर्माण, वित्त।
- प्रमुख पहल: राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन योजना (NDMP), रासायनिक आपदा दिशानिर्देश, स्कूल एवं अस्पताल सुरक्षा कार्यक्रम।
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रक्षा समाचार
असम पुलिस की 10वीं बटालियन का मुख्यालय

- केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने असम के कामरूप में असम पुलिस की 10वीं बटालियन के मुख्यालय की आधारशिला रखी।
- केंद्रीय गृह मंत्री ने गुवाहाटी में आयोजित 87वें CRPF स्थापना दिवस परेड में भी भाग लिया, जो पहली बार पूर्वोत्तर क्षेत्र में आयोजित किया गया।
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CRPF (केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल)
- स्थापना एवं नामकरण: 27 जुलाई 1939 को क्राउन रिप्रेज़ेंटेटिव्स पुलिस के रूप में स्थापित; 28 जुलाई 1949 को CRPF अधिनियम द्वारा CRPF नाम दिया गया
- नियंत्रण: भारत सरकार के गृह मंत्रालय (MHA) के अधीन
- भूमिका: आंतरिक सुरक्षा, नक्सल-विरोधी अभियान, जम्मू-कश्मीर/पूर्वोत्तर में आतंकवाद-रोधी अभियान, वीवीआईपी सुरक्षा तथा आम चुनावों का संचालन
- संरचना: यह सीमा-रक्षा बल नहीं है (जैसे BSF या ITBP), बल्कि आंतरिक सुरक्षा चुनौतियों से निपटता है
- महानिदेशक (DG): ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह (जी. पी. सिंह)
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खेल
भारत-ऑस्ट्रेलिया महिला टी20आई सीरीज 2026

- भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने फरवरी 2026 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीन मैचों की T20I सीरीज़ 2-1 से जीती, ऑस्ट्रेलिया ने एडिलेड ओवल में तीसरे और आखिरी T20I में 17 रन से जीत हासिल की।
- यह 2016 के बाद से एक दशक में ऑस्ट्रेलिया में भारत की पहली T20I सीरीज़ जीत थी।