01 April, 2026
AI इम्पैक्ट समिट 2026
Sun 22 Feb, 2026
समाचार में क्यों?
एआई इम्पैक्ट समिट 2026 का आयोजन 16–20 फरवरी 2026 को नई दिल्ली में किया गया। इस सम्मेलन में विश्व के राजनीतिक नेता, प्रौद्योगिकी कंपनियाँ, शोधकर्ता और अंतरराष्ट्रीय संगठन शामिल हुए। सम्मेलन में लाखों लोगों की भागीदारी रही और अंत में न्यू दिल्ली एआई घोषणा (New Delhi Declaration on AI) को 88 देशों और संगठनों ने स्वीकार किया।
वैश्विक एआई सम्मेलनों की पृष्ठभूमि
अंतरराष्ट्रीय एआई सम्मेलनों का आयोजन 2023 से प्रतिवर्ष हो रहा है।
- 2023 — ब्लेचली पार्क (यूके): मुख्य रूप से एआई सुरक्षा पर चर्चा
- 2024 — सियोल: नवाचार व सहयोग पर विस्तार
- 2025 — पेरिस: निवेश व वैश्विक साझेदारी पर जोर
- 2026 — नई दिल्ली: समावेशी और विकासोन्मुख एआई शासन पर विशेष फोकस
इन सम्मेलनों के लिए कोई स्थायी अंतरराष्ट्रीय संस्था नहीं है; मेजबानी क्रमशः देशों द्वारा की जाती है।
एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के प्रमुख उद्देश्य
1. एआई का लोकतंत्रीकरण
भारत ने जोर दिया कि एआई तकनीक कुछ देशों या कंपनियों तक सीमित न रहे बल्कि वैश्विक स्तर पर उपलब्ध हो।
विशेष ध्यान:
- कम प्रतिनिधित्व वाली भाषाओं को LLM प्रशिक्षण में शामिल करना
- विकासशील देशों को एआई लाभ पहुँचाना
2. सुरक्षित और विश्वसनीय एआई
- पारदर्शिता मानक विकसित करना
- जोखिम प्रबंधन ढाँचा बनाना
- सुरक्षित एआई प्रणालियों को बढ़ावा देना
3. भारत को एआई हब के रूप में स्थापित करना
- वैश्विक निवेश आकर्षित करना
- कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करना
- स्वास्थ्य, कृषि, शिक्षा और प्रशासन में एआई उपयोग बढ़ाना
कार्य समूहों ने मानव संसाधन, सामाजिक सशक्तिकरण, लचीली एआई प्रणाली, नवाचार और आर्थिक विकास जैसे विषयों पर कार्य किया।
सम्मेलन के प्रमुख परिणाम
न्यू दिल्ली एआई घोषणा
सम्मेलन का मुख्य परिणाम न्यू दिल्ली घोषणा रहा, जिस पर 88 देशों व संगठनों ने हस्ताक्षर किए।
यह घोषणा स्वैच्छिक और गैर-बाध्यकारी है ताकि अधिक देश भाग ले सकें।
मुख्य बिंदु:
- एआई तकनीक के लोकतांत्रिक प्रसार का ढाँचा
- Global AI Impact Commons (एआई उपयोग उदाहरणों का डेटाबेस)
- Trusted AI Commons (सुरक्षा उपकरण व सर्वोत्तम प्रथाएँ)
- अंतरराष्ट्रीय एआई अनुसंधान संस्थानों का नेटवर्क
- एआई कार्यबल प्रशिक्षण और पुनःकौशल दिशा-निर्देश
- लचीली एआई अवसंरचना के सिद्धांत
घोषणा में एआई को आर्थिक विकास, नवाचार और सामाजिक कल्याण के लिए महत्वपूर्ण माना गया।
निवेश घोषणाएँ और रणनीतिक साझेदारियाँ
- सम्मेलन एक प्रमुख निवेश मंच भी बना।
- भारतीय कॉरपोरेट समूहों और वैश्विक तकनीकी कंपनियों ने डेटा सेंटर, एआई इंफ्रास्ट्रक्चर और अनुसंधान में बड़े निवेश घोषित किए।
- वैश्विक एआई कंपनियों और भारतीय उद्योग समूहों के बीच एंटरप्राइज एआई तैनाती के लिए समझौते हुए।
- भारत ने इलेक्ट्रॉनिक्स और महत्वपूर्ण खनिज आपूर्ति श्रृंखला विविधीकरण से जुड़ी अंतरराष्ट्रीय पहल में भी भाग लिया।
तकनीकी उपलब्धि: भारत का स्वदेशी LLM
- बेंगलुरु स्थित Sarvam AI ने भारत का पहला बहु-अरब पैरामीटर वाला स्वदेशी LLM प्रस्तुत किया।
- इसे सरकारी समर्थन से कंप्यूट संसाधन प्राप्त हुए।
- मॉडल को ओपन-सोर्स घोषित किया गया तथा बीटा चैटबॉट जारी किया गया।
यह भारत की तकनीकी आत्मनिर्भरता और एआई संप्रभुता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
संचालन संबंधी चुनौतियाँ
- अत्यधिक भीड़ के कारण लॉजिस्टिक समस्याएँ
- प्रदर्शनी से जुड़ा विवाद
- सुरक्षा से संबंधित विरोध प्रदर्शन
इनसे बड़े वैश्विक तकनीकी आयोजनों के प्रबंधन की जटिलता स्पष्ट हुई।
भारत और विश्व के लिए महत्व
- भारत एक एआई उपभोक्ता से वैश्विक नीति-निर्माता के रूप में उभर रहा है।
- समावेशी, नैतिक और नवाचार-आधारित एआई दृष्टिकोण से भारत ने विकसित और विकासशील देशों के बीच सेतु की भूमिका निभाई।
- सम्मेलन ने एआई को भविष्य की आर्थिक प्रतिस्पर्धा, डिजिटल संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय सहयोग का आधार बताया।
प्रमुख समझौते एवं निवेश (समिट 2026)
कृत्रिम बुद्धिमत्ता — उत्पत्ति (Genesis)
- एआई मशीनों की वह क्षमता है जिससे वे मानव जैसी बुद्धिमत्ता प्रदर्शित करती हैं।
- इसका औपचारिक प्रारंभ डार्टमाउथ सम्मेलन (1956) से माना जाता है।
- यह नियम-आधारित प्रणालियों से विकसित होकर आज मशीन लर्निंग, जेनरेटिव एआई और LLM तक पहुँच चुका है।
- वर्तमान में एआई को वैश्विक स्तर पर रणनीतिक प्रौद्योगिकी माना जाता है।
भारत सरकार की एआई पहलें
| पहल | वर्ष | विवरण |
| राष्ट्रीय एआई रणनीति (नीति आयोग) | 2018 | स्वास्थ्य, कृषि, शिक्षा आदि में एआई रोडमैप |
| डिजिटल इंडिया कार्यक्रम | 2015 | डिजिटल अवसंरचना निर्माण |
| भाषिनी मिशन | 2022 | भारतीय भाषाओं हेतु एआई अनुवाद प्लेटफॉर्म |
| इंडिया-एआई मिशन | 2024 | कंप्यूट, डेटा व स्टार्टअप समर्थन कार्यक्रम |
| फ्यूचरस्किल्स प्राइम | 2020 | एआई कौशल व पुनः प्रशिक्षण कार्यक्रम |









