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बीआईआरएसी अनुसंधान, विकास और नवाचार कोष

Sat 14 Feb, 2026

नीचे “BIRAC Research, Development and Innovation Fund” पर लगभग 600 शब्दों का Detailed News Analysis (DNA) प्रशासनिक, परीक्षा-उन्मुख हिंदी शैली में दिया जा रहा है — विशेष रूप से UPSC/SSC/PCS अभ्यर्थियों के लिए, साथ में आवश्यक Static Facts भी शामिल हैं।

 

BIRAC अनुसंधान, विकास एवं नवाचार कोष

समाचार में क्यों

  • केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने हाल ही में BIRAC अनुसंधान, विकास एवं नवाचार कोष का शुभारंभ किया। इस कोष का उद्देश्य भारत के जैव-प्रौद्योगिकी (Biotechnology) क्षेत्र में अनुसंधान, स्टार्टअप नवाचार, तकनीक विकास तथा व्यावसायीकरण को बढ़ावा देना है।

 

पृष्ठभूमि

  • भारत विश्व के सबसे तेजी से बढ़ते जैव-प्रौद्योगिकी बाजारों में से एक है। वैज्ञानिक अनुसंधान को उद्योग एवं बाज़ार तक पहुँचाने के लिए सरकार ने नवाचार-आधारित उद्यमिता को बढ़ावा देने की नीति अपनाई है।
  • Biotechnology Industry Research Assistance Council (BIRAC) अकादमिक संस्थानों, उद्योगों और स्टार्टअप्स के बीच एक सेतु के रूप में कार्य करता है। नया नवाचार कोष प्रयोगशाला स्तर के अनुसंधान को व्यावसायिक उत्पादों में बदलने हेतु वित्तीय सहायता प्रदान करेगा।
  • यह पहल भारत को वैश्विक बायो-मैन्युफैक्चरिंग, वैक्सीन उत्पादन, स्वास्थ्य तकनीक और डीप-टेक स्टार्टअप केंद्र बनाने के लक्ष्य से जुड़ी है।

कोष के प्रमुख उद्देश्य

  • जैव-प्रौद्योगिकी अनुसंधान परियोजनाओं को वित्तीय सहायता देना
  • स्टार्टअप और MSME को तकनीकी नवाचार हेतु समर्थन देना
  • स्वदेशी तकनीकों के व्यावसायीकरण को बढ़ावा देना
  • अनुसंधान संस्थानों और उद्योग के बीच सहयोग बढ़ाना
  • सस्ती स्वास्थ्य तकनीक, डायग्नोस्टिक एवं वैक्सीन विकास को प्रोत्साहित करना
  • बायो-फार्मा, जीनोमिक्स, कृषि-जैव प्रौद्योगिकी और चिकित्सा अनुसंधान को मजबूत करना

संस्थागत ढांचा

  • BIRAC, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अंतर्गत जैव-प्रौद्योगिकी विभाग (DBT) के तहत कार्य करता है। यह एक गैर-लाभकारी सार्वजनिक क्षेत्र का संगठन है जिसका उद्देश्य जैव-प्रौद्योगिकी क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देना है।

BIRAC पहले से कई योजनाएँ संचालित करता है, जैसे:

  • Biotechnology Ignition Grant (BIG)
  • Small Business Innovation Research Initiative (SBIRI)
  • BioNEST इनक्यूबेशन नेटवर्क
  • Grand Challenges India

नया कोष इन योजनाओं को अधिक संरचित वित्तीय समर्थन प्रदान करेगा।

 

शासन एवं नीति महत्व

यह कोष भारत की नवाचार-आधारित अर्थव्यवस्था की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और निम्न पहलों से जुड़ा है:

  • Startup India (2016) – उद्यमिता प्रोत्साहन
  • Make in India (2014) – घरेलू विनिर्माण बढ़ावा
  • आत्मनिर्भर भारत मिशन – आयात निर्भरता कम करना
  • राष्ट्रीय जैव-प्रौद्योगिकी विकास रणनीति – बायो-अर्थव्यवस्था विस्तार

COVID-19 महामारी के बाद सार्वजनिक स्वास्थ्य सुरक्षा और वैक्सीन उत्पादन क्षमता बढ़ाने में जैव-प्रौद्योगिकी क्षेत्र की रणनीतिक भूमिका और महत्वपूर्ण हो गई है।

आर्थिक एवं रणनीतिक महत्व

भारत का जैव-प्रौद्योगिकी क्षेत्र महत्वपूर्ण है क्योंकि:

  • भारत विश्व के सबसे बड़े वैक्सीन उत्पादकों में शामिल है
  • जेनेरिक दवाओं का प्रमुख वैश्विक निर्यातक है
  • कृषि जैव-प्रौद्योगिकी खाद्य सुरक्षा में सहायक है
  • चिकित्सा डायग्नोस्टिक और स्वास्थ्य तकनीक में तेजी से वृद्धि हो रही है

सरकारी अनुमानों के अनुसार भारत की बायो-अर्थव्यवस्था आने वाले वर्षों में 300 अरब डॉलर तक पहुँच सकती है।

निष्कर्ष

BIRAC अनुसंधान, विकास एवं नवाचार कोष भारत की जैव-प्रौद्योगिकी क्षमता को मजबूत करने, स्टार्टअप नवाचार को गति देने तथा स्वदेशी तकनीक के व्यावसायीकरण को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। यह भारत को वैश्विक जैव-प्रौद्योगिकी शक्ति बनाने तथा सार्वजनिक स्वास्थ्य सुरक्षा और आर्थिक विकास दोनों को सुदृढ़ करने में सहायक होगा।

BIRAC (बायोटेक्नोलॉजी इंडस्ट्री रिसर्च असिस्टेंस काउंसिल)

  • स्थापना: 2012
  • प्रकृति: धारा-8 के तहत गैर-लाभकारी PSU
  • मंत्रालय: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय
  • विभाग: जैव-प्रौद्योगिकी विभाग (DBT)
  • मुख्यालय: नई दिल्ली

जैव-प्रौद्योगिकी विभाग (DBT)

  • स्थापना: 1986
  • कार्य: नीति निर्माण, अनुसंधान वित्तपोषण, जैव-प्रौद्योगिकी विकास।

Startup India मिशन

  • प्रारंभ: 2016
  • उद्देश्य: नवाचार, फंडिंग, इनक्यूबेशन, उद्यमिता बढ़ाना।

राष्ट्रीय जैव-प्रौद्योगिकी विकास रणनीति: लक्ष्य: अनुसंधान, बायो-मैन्युफैक्चरिंग, कौशल विकास, वैश्विक प्रतिस्पर्धा।

  • बायो-अर्थव्यवस्था (Bio-Economy): जैविक संसाधनों, जीवन-विज्ञान अनुसंधान और जैव-प्रौद्योगिकी आधारित उद्योगों से उत्पन्न आर्थिक गतिविधि।

 

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