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एंटी-ड्रोन सुरक्षा प्रणाली शुरू करने वाला प्रथम बंदरगाह

Sun 08 Feb, 2026

संदर्भ :

  • तमिलनाडु के थूथुकुडी (तूतीकोरिन) में स्थित वी.ओ. चिदंबरनार पोर्ट प्राधिकरण (VOC पोर्ट) उन्नत एंटी-ड्रोन सुरक्षा प्रणाली के कार्यान्वयन की शुरुआत करने वाला भारत का पहला बंदरगाह बन गया है।

मुख्‍य बिन्‍दु :

  • उन्नत तकनीक: यह प्रणाली रेडियो फ्रीक्वेंसी (RF) और रडार-आधारित ड्रोन डिटेक्शन एवं जैमिंग सिस्टम का एक एकीकृत रूप है।
  • सुरक्षा कवरेज: यह प्रणाली 360-डिग्री कवरेज और सर्वदिशात्मक (Omnidirectional) सुरक्षा प्रदान करती है।
  • प्रभावी सीमा: यह 5 किलोमीटर तक की प्रभावी रेंज के साथ अनाधिकृत ड्रोनों का पता लगाने, उन्हें ट्रैक करने और उन्हें बेअसर करने में सक्षम है।
  • सहयोग: इस परियोजना के कार्यान्वयन के लिए बंदरगाह प्राधिकरण ने भारत सरकार के उद्यम सेंट्रल इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (CEL) के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किया है
  • मुख्य घटक: इसमें ड्रोन डिटेक्टर, डिटेक्शन रडार और मैन-पैक जैमर (Man-pack Jammer) शामिल हैं, जो संदिग्ध ड्रोन को ट्रैक कर उन्हें निष्क्रिय करने में सक्षम हैं

वी.ओ. चिदंबरनार (VOC) बंदरगाह प्राधिकरण :

  • पूर्व नाम : तूतीकोरिन पोर्ट ट्रस्ट(2011 में प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी वी.ओ. चिदंबरनार के नाम पर रखा गया)
  • स्थान : तमिलनाडु के थूथुकुडी (तूतीकोरिन) में
  • स्थिति : भारत के दक्षिण-पूर्वी तट पर मन्नार की खाड़ी में रणनीतिक रूप से स्थित है
  • 11 जुलाई 1974 को भारत का 10वां प्रमुख बंदरगाह घोषित किया गया था
  • सितम्बर 2025 में VOC बंदरगाह पर भारत की पहली बंदरगाह-आधारित ग्रीन हाइड्रोजन पायलट परियोजना का उद्घाटन किया गया था, जिससे यह देश का पहला बंदरगाह बना जो ग्रीन हाइड्रोजन का उत्पादन करता है
  • भारत के 13 प्रमुख बंदरगाहों में से एक , दक्षिण भारत के लिए एक अग्रणी समुद्री केंद्र

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