21 January, 2026
यंत्र इंडिया लिमिटेड (YIL) को मिनीरत्न श्रेणी-I का दर्जा
Wed 04 Feb, 2026
संदर्भ :
- रक्षा मंत्रालय ने यंत्र इंडिया लिमिटेड (YIL) को मिनीरत्न श्रेणी-I का दर्जा देने की मंजूरी दी।
मुख्य बिन्दु :
- YIL ने मात्र 4 वर्षों के भीतर एक सरकारी संगठन से लाभ कमाने वाली कॉर्पोरेट इकाई में सफलतापूर्वक परिवर्तन किया है।
- इस दर्जे के मिलने के बाद अब YIL का बोर्ड सरकार की पूर्व मंजूरी के बिना नए प्रोजेक्ट्स और आधुनिकीकरण के लिए ₹500 करोड़ तक का पूंजीगत व्यय (Capital Expenditure) कर सकेगा।
- कंपनी की बिक्री वित्त वर्ष 2021-22 की दूसरी छमाही में ₹956.32 करोड़ से बढ़कर वित्त वर्ष 2024-25 में ₹3,108.79 करोड़ हो गई है।
- इसी अवधि के दौरान कंपनी का निर्यात शून्य से बढ़कर ₹321.77 करोड़ तक पहुँच गया है।
- प्रमुख उत्पाद: YIL मुख्य रूप से कार्बन फाइबर कंपोजिट, गोला-बारूद के असेंबली उत्पाद, बख्तरबंद वाहनों के पुर्जे, आर्टिलरी गन और मुख्य युद्धक टैंकों (MBTs) के लिए पुर्जे बनाती है
मई 2025 में, रक्षा मंत्री ने तीन अन्य DPSU- मुनिशन्स इंडिया लिमिटेड, आर्मर्ड व्हीकल्स निगम लिमिटेड और इंडिया ऑप्टेल लिमिटेड के लिए मिनीरत्न-I का दर्जा देने को मंजूरी दी थी।
मिनीरत्न की स्थिति :
- भारत में 'मिनीरत्न' (Miniratna) का दर्जा उन केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों (CPSEs) को दिया जाता है जिन्होंने लगातार लाभ कमाया है और जिनका नेटवर्थ सकारात्मक है।
- यह दर्जा कंपनियों को सरकारी हस्तक्षेप के बिना महत्वपूर्ण वित्तीय और परिचालन निर्णय लेने की स्वायत्तता प्रदान करता है।
मिनीरत्न श्रेणी-I (Category-I) :
- पात्रता: कंपनी ने पिछले 3 वर्षों से लगातार लाभ कमाया हो और इन 3 वर्षों में से कम से कम एक वर्ष में ₹30 करोड़ या उससे अधिक का कर-पूर्व लाभ (Pre-tax profit) अर्जित किया हो।
- स्वायत्तता: बोर्ड अब नए प्रोजेक्ट्स या आधुनिकीकरण के लिए ₹500 करोड़ तक (या नेटवर्थ के बराबर, जो भी कम हो) के पूंजीगत व्यय को बिना सरकारी अनुमति के मंजूरी दे सकता है।
मिनीरत्न श्रेणी-II (Category-II) :
- पात्रता: कंपनी ने पिछले 3 वर्षों से लगातार लाभ कमाया हो और उसका नेटवर्थ सकारात्मक (Positive Net Worth) हो।
- स्वायत्तता: इस श्रेणी की कंपनियां ₹300 करोड़ तक या अपने नेटवर्थ के 50% तक (जो भी कम हो) निवेश करने के लिए स्वतंत्र होती हैं।
यंत्र इंडिया लिमिटेड (YIL) :
- स्थापना: 15 अक्टूबर 2021
- गठन का आधार: ऑर्डनेंस फैक्ट्री बोर्ड (OFB) के पुनर्गठन के बाद
- प्रकृति: भारत सरकार का रक्षा क्षेत्र का CPSE
- प्रशासनिक मंत्रालय: रक्षा मंत्रालय (Ministry of Defence)
- मुख्यालय: नागपुर, महाराष्ट्र









