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भारत में रामसर स्थलों की संख्या 98 हुई

Mon 02 Feb, 2026

संदर्भ :

  • विश्व आर्द्रभूमि दिवस 2026 (2 फरवरी) से ठीक पहले उत्तर प्रदेश के एटा जिले में स्थित पटना पक्षी अभयारण्य और गुजरात के कच्छ जिले में स्थित छारी-ढांड को भारत के रामसर नेटवर्क में शामिल किया गया, जिससे भारत में कुल रामसर स्थलों की संख्या 98 हो गई।

पटना पक्षी अभयारण्य (उत्तर प्रदेश) :

  • पटना विहार पक्षी अभयारण्य उत्तर प्रदेश के इटाह जिले के जलेसर उप विभाजन में एक संरक्षित अभयारण्य है
  • पटना विहार पक्षी अभयारण्य उत्तर प्रदेश के इटाह जिले के जलेसर उप विभाजन में एक संरक्षित अभयारण्य है
  • स्थापना : इसकी स्थापना 1991 में हुई थी
  • यह उत्तर प्रदेश में सबसे छोटा पक्षी अभयारण्य है, केवल 1 किमी 2 के आर्द्रभूमि क्षेत्र के साथ
  • अभयारण्य में मीठे पानी के दलदल, वुडलैंड और घास के मैदान शामिल हैं
  • अभयारण्य परिसर में एक प्राचीन और प्रसिद्ध भगवान शिव का मंदिर (इच्छेश्वर महादेव मंदिर) भी है, जो श्रद्धालुओं और पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र है।
  • यह अभयारण्य उत्तर प्रदेश का 11वां रामसर स्थल है।

छारी-ढांड (गुजरात) :

  • यह कच्छ जिले के नखत्राणा तालुका में बन्नी घास के मैदानों के किनारे स्थित है।
  • सिंधी भाषा में 'छारी' का अर्थ 'खारा' और 'ढांड' का अर्थ 'उथली झील' होता है।
  • यह गुजरात का 5वां और कच्छ का पहला अंतरराष्ट्रीय महत्व का वेटलैंड बन गया है।
  • क्षेत्रफल: यह लगभग 80 से 227 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है (मानसून के आधार पर विस्तार बदलता रहता है) और यह गुजरात का पहला संरक्षण रिजर्व (Conservation Reserve) है।
  • पक्षी: यहाँ पक्षियों की 370 से अधिक प्रजातियां पाई जाती हैं। सर्दियों में यहाँ लगभग 30,000 से अधिक कॉमन क्रेन (कुंज) और हजारों की संख्या में फ्लेमिंगो, पेलिकन और विभिन्न प्रकार के शिकार करने वाले पक्षी (Raptors) आते हैं।
  • वन्यजीव: पक्षियों के अलावा यहाँ चिंकारा, भेड़िया, कैराकल (Caracal), रेगिस्तानी बिल्ली और रेगिस्तानी लोमड़ी जैसे जानवर भी देखे जा सकते हैं।

रामसर स्थल

  • ऐसी आर्द्रभूमियां (Wetlands) होती हैं, जो अंतर्राष्ट्रीय महत्व रखती हैं और जिन्हें संरक्षण के लिए चिह्नित किया गया है। इनका नाम ईरान के रामसर शहर के नाम पर रखा गया है, जहां रामसर संधि पर हस्ताक्षर किए गए थे।

रामसर संधि (Ramsar Convention):

  • संधि पर हस्ताक्षर : 2 फरवरी, 1971 को ईरान के रामसर शहर में (विश्व आर्द्रभूमि दिवस: हर साल 2 फरवरी को मनाया जाता है)
  • लागू हुआ : 1975 में
  • रामसर स्थलों की सूची रामसर सम्मेलन के सचिवालय द्वारा रखी जाती है, जो स्विट्जरलैंड के ग्लैंड में स्थित अंतर्राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (IUCN) मुख्यालय में स्थित है।
  • भारत ने 1982 में इस संधि को अपनाया
  • प्रथम भारतीय आर्द्रभूमि स्थल: केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान (राजस्थान) और चिल्का झील (ओडिशा) 1981 में।
  • तमिलनाडु में सबसे ज़्यादा 20 स्थल हैं, और उसके बाद उत्तर प्रदेश में 11 स्थल हैं।
  • भारत में सबसे बड़ा रामसर स्थल: सुंदरबन, पश्चिम बंगाल

भारत में रामसर स्थलों की सूची :

क्र.सं. रामसर साइट राज्य / UT वर्ष
1 कोल्लेरू झील  आंध्र प्रदेश 2002
2 दीपोर बील असम 2002
3 कंवर (कबर) ताल बिहार 2020
4 नंदा झील गोवा 2022
5 खिजाडिया WLS गुजरात 2021
6 नलसरोवर BS गुजरात 2012
7 थोल झील गुजरात 2021
8 वधवाना आर्द्रभूमि गुजरात 2021
9 भिंडावास WLS हरियाणा 2021
10 सुल्तानपुर राष्ट्रीय उद्यान हरियाणा 2021
11 चंद्र ताल हिमाचल प्रदेश 2005
12 पोंग बांध झील हिमाचल प्रदेश 2002
13 रेणुका झील हिमाचल प्रदेश 2005
14 रंगनाथितु BS कर्नाटक 2022
15 मगाडी केरे संरक्षण अभयारण्य कर्नाटक 2024
16 अंकसमुद्र पक्षी संरक्षण रिजर्व कर्नाटक 2024
17 अघनाशिनी मुहाना कर्नाटक 2024
18 अष्टामुडी आर्द्रभूमि केरल 2002
19 सस्थमकोट्टा झील केरल 2002
20 वेम्बनाड-कोल (सबसे लंबी झील) केरल 2005
21 भोज आर्द्रभूमि मध्य प्रदेश 2002
22 साख्य सागर मध्य प्रदेश 2022
23 सिरपुर आर्द्रभूमि मध्य प्रदेश 2022
24 यशवंत सागर मध्य प्रदेश 2022
25 लोनार झील (क्रेटर झील) महाराष्ट्र 2020
26 नंदुर मधमेश्वर  महाराष्ट्र 2019
27 27 ठाणे क्रीक महाराष्ट्र 2022
28 लोकतक झील मणिपुर 1990
29 पाला आर्द्रभूमि मिजोरम 2021
30 अंसुपा झील ओडिशा 2021
31 भीतरकनिका मैंग्रोव ओडिशा 2002
32 चिलिका झील (सबसे पुराना) ओडिशा 1981
33 हीराकुड जलाशय ओडिशा 2021
34 सतकोसिया घाटी ओडिशा 2021
35 ताम्पारा झील ओडिशा 2021
36 ब्यास CNR पंजाब 2019
37 हरिके आर्द्रभूमि पंजाब 1990
38 कांजली आर्द्रभूमि पंजाब 2002
39 केशोपुर-मियानी CMR पंजाब 2019
40 नांगल WLS पंजाब 2019
41 रोपड़ आर्द्रभूमि पंजाब 2002
42 केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान राजस्थान 1981
43 सांभर झील राजस्थान 1990
44 चित्रांगुडी BS तमिलनाडु 2021
45 मन्नार की खाड़ी (समुद्री) तमिलनाडु 2022
46 कांजिरनकुलम BS तमिलनाडु 2022
47 करिकिली BS तमिलनाडु 2022
48 कूनथंकुलम BS तमिलनाडु 2021
49 पल्लीकरनई मार्श RF तमिलनाडु 2022
50 पिचावरम मैंग्रोव तमिलनाडु 2022
51 पॉइंट कैलिमेरे WLS तमिलनाडु 2002
52 सुचिंद्रम-थेरूर परिसर तमिलनाडु 2022
53 उदयमार्थंडपुरम BS तमिलनाडु 2022
54 वडुवुर BS तमिलनाडु 2022
55 वेदांतंगल BS तमिलनाडु 2022
56 वेलोड BS तमिलनाडु 2022
57 वेम्बन्नूर परिसर तमिलनाडु 2022
58 करावेट्टी BS तमिलनाडु 2024
59 लॉन्गवुड शोला RF तमिलनाडु 2024
60 रुद्रसागर झील त्रिपुरा 2005
61 होकेरा आर्द्रभूमि जम्मू-कश्मीर 2005
62 हाइगम वेटलैंड CNR जम्मू-कश्मीर 2022
63 शैलबुघ वेटलैंड CNR जम्मू-कश्मीर 2022
64 सुरिंसर-मानसर झीलें जम्मू-कश्मीर 2005
65 वुलर झील जम्मू-कश्मीर  1990
66 त्सो कार (उच्च ऊँचाई) लद्दाख 2020
67 त्सोमोरिरी लद्दाख 2002
68 बखीरा WLS उत्तर प्रदेश 2021
69 हैदरपुर आर्द्रभूमि उत्तर प्रदेश 2021
70 नवाबगंज BS उत्तर प्रदेश 2019
71 पार्वती अर्गा BS उत्तर प्रदेश  2019
72 समन BS उत्तर प्रदेश 2019
73 समसपुर BS उत्तर प्रदेश 2019
74 सांडी BS उत्तर प्रदेश 2019
75 सरसई नवर झील उत्तर प्रदेश 2019
76 सुर सरोवर (कीथम) उत्तर प्रदेश 2020
77 ऊपरी गंगा नदी उत्तर प्रदेश 2005
78 आसन बैराज उत्तराखंड 2020
79 पूर्वी कोलकाता आर्द्रभूमि पश्चिम बंगाल 2002
80 सुंदरबन (सबसे बड़ा) पश्चिम बंगाल 2019
81 नागी पक्षी अभयारण्य बिहार  2009
82 नकटी पक्षी अभयारण्य बिहार 1984
83 काझुवेली BS तमिलनाडु 2024
84 नंजरायन BS तमिलनाडु 2024
85 तावा जलाशय मध्य प्रदेश 2024
86 थेरथंगल BS तमिलनाडु 2025
87 सक्कराकोट्टई BS तमिलनाडु 2025
88 खेचोपलरी आर्द्रभूमि सिक्किम 2025
89 उधवा झील झारखंड 2025
90 खीचन राजस्थान 2025
91 मेनार राजस्थान 2025
92 गोकुल जलाशय बिहार 2025
93 गोगाबील झील बिहार 2025
94 उदयपुर झील बिहार 2025
95 सिलिसरह झील राजस्थान 2025
96 कोपरा जलाशय छत्तीसगढ़ 2025
97 पटना पक्षी अभयारण्य उत्तर प्रदेश 2026
98 छारी-धंड गुजरात 2026

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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