21 January, 2026
77वां गणतंत्र दिवस
Tue 27 Jan, 2026
संदर्भ :
- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की अध्यक्षता में 77वें गणतंत्र दिवस का आयोजन 26 जनवरी 2026 नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर मनाया गया।
मुख्य बातें :
- महत्व : 26 जनवरी, 1950 को देश का संविधान लागू हुआ(प्रथम राष्ट्रपति डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद ने 21 तोपों की सलामी के साथ ध्वजारोहण कर भारत को पूर्ण गणतंत्र घोषित किया)
- विषय-वस्तु : ‘वंदे मातरम के 150 वर्ष’
- प्रमुख आकर्षण : भारत का प्रथम स्वदेशी मल्टी-कैलिबर रॉकेट लॉन्चर सिस्टम 'सूर्यास्त्र', 'भैरव' लाइट कमांडो बटालियन एवं भारतीय सेना का बार 'बैटल एरे' (Battle Array)
- 1923 के 'बंदे मातरम एल्बम' की ऐतिहासिक पेंटिंग्स प्रदर्शित की गईं
- मुख्य अतिथि : उर्सुला वॉन डेर लेयेन: यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष एवं एंटोनियो कोस्टा: यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष
- कुल झांकियां : 30 (17 राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों से एवं 13 झांकियां विभिन्न मंत्रालयों, विभागों की)
- झांकियों का विषय : 'स्वतंत्रता का मंत्र-वंदे मातरम्' और 'समृद्धि का मंत्र -आत्मनिर्भर भारत'
17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की झांकी और उनका विषय :
- असम : अशारिकांडी: असम का टेराकोटा शिल्प ग्राम
- छत्तीसगढ़ : स्वतंत्रता का मंत्र: वंदे मातरम्
- गुजरात : स्वदेशी का मंत्र: आत्मनिर्भरता – स्वतंत्रता: वंदे मातरम्
- हिमाचल प्रदेश : देवभूमि, वीरभूमि
- जम्मू एवं कश्मीर : जम्मू-कश्मीर के हस्तशिल्प एवं लोक नृत्य।
- केरल : वॉटर मेट्रो एवं 100% डिजिटल साक्षरता: आत्मनिर्भर भारत के लिए आत्मनिर्भर केरल
- महाराष्ट्र : गणेशोत्सव: आत्मनिर्भरता का आह्वान
- मणिपुर : समृद्धि की ओर: कृषि क्षेत्रों से अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों तक
- नागालैंड : हॉर्नबिल महोत्सव: संस्कृति, पर्यटन एवं आत्मनिर्भरता
- ओडिशा : मिट्टी से सिलिकॉन तक: परंपरा में निहित, नवाचार के साथ प्रगति
- पुदुचेरी : शिल्प, संस्कृति की समृद्ध विरासत एवं ऑरोविल की परिकल्पना
- राजस्थान : मरुस्थल की स्वर्णिम छाप: बीकानेर स्वर्ण कला (उस्ता कला)
- तमिलनाडु : समृद्धि का मंत्र: आत्मनिर्भर भारत
- उत्तर प्रदेश – बुंदेलखंड की संस्कृति
- पश्चिम बंगाल : भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में बंगाल
- मध्य प्रदेश : पुण्यश्लोक लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर
- पंजाब : श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के शहीदी के 350 वर्ष
13 केंद्रीय मंत्रालयों एवं विभागों की झांकियाँ
- एयर मुख्यालय : पूर्व सैनिक झांकी: युद्ध के माध्यम से राष्ट्र निर्माण
- नौसेना मुख्यालय : समुद्र से समृद्धि
- सैन्य कार्य विभाग : त्रि-सेवा झांकी: ऑपरेशन सिंदूर – संयुक्तता से विजय
- संस्कृति मंत्रालय – वंदे मातरम्: राष्ट्र की आत्मा की पुकार
- स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग : राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020: विकसित भारत की ओर स्कूली शिक्षा
- आयुष मंत्रालय : आयुष का तंत्र, स्वास्थ्य का मंत्र
- गृह मंत्रालय (NDMA & NDRF) – भुज भूकंप: 25 वर्षों की दृढ़ता
- गृह मंत्रालय (BPRD) : जन-केंद्रित न्याय प्रणाली: तीन नए आपराधिक कानून – 2023
- आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय (CPWD) : वंदे मातरम्: 150 वर्षों का स्मरणोत्सव
- सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय : भारत कथा: श्रुति, कृति, दृष्टि
- पंचायती राज मंत्रालय : स्वामित्व योजना: आत्मनिर्भर पंचायत, समृद्ध भारत
- विद्युत मंत्रालय : प्रकाश गंगा: आत्मनिर्भर एवं विकसित भारत को ऊर्जा
- कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय : कौशल से सशक्त: आत्मनिर्भर, भविष्य-तैयार भारत
विजेता झांकियां :
राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की श्रेणी में:
- प्रथम पुरस्कार: उत्तर प्रदेश (विषय: बुंदेलखंड की ऐतिहासिक विरासत और आधुनिक विकास)
- द्वितीय पुरस्कार: महाराष्ट्र (विषय: गणेशोत्सव—आत्मनिर्भरता और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक)
- तृतीय पुरस्कार: केरल (विषय: भारत की पहली वॉटर मेट्रो और डिजिटल साक्षरता)
2. मंत्रालयों और विभागों की श्रेणी में:
- सर्वश्रेष्ठ झांकी: संस्कृति मंत्रालय (विषय: वंदे मातरम के 150 वर्ष—एक ऐतिहासिक यात्रा)
- विशेष उल्लेख: विद्युत मंत्रालय (विषय: प्रकाश गंगा—ऊर्जा सुरक्षा और विकसित भारत)
3. 'पीपल्स चॉइस' (जनता की पसंद) श्रेणी में:
- MyGov पोर्टल पर जनता के वोटों के आधार पर:
- प्रथम स्थान: मध्य प्रदेश (विषय: लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर और महेश्वर की कला)
- द्वितीय स्थान: राजस्थान (विषय: बीकानेर की उस्ता कला और मरुस्थलीय संस्कृति)
4. अन्य विशेष सम्मान:
- सर्वश्रेष्ठ मार्चिंग दस्ता (सेना): भैरव लाइट कमांडो बटालियन
- सर्वश्रेष्ठ मार्चिंग दस्ता (CAPF/अन्य): सीमा सुरक्षा बल (BSF) का ऊंट दस्ता और महिला बैंड
अन्य विशेषताएं :
- 77वां गणतंत्र दिवस पर 131 पद्म पुरस्कार प्रदान किये गए। इनमें 5 पद्म विभूषण, 13 पद्म भूषण तथा 113 पद्म श्री पुरस्कार सम्मिलित हैं।
पद्म विभूषण (5 विजेता) : असाधारण और विशिष्ट सेवा के लिए -
- धर्मेंद्र सिंह देओल (मरणोपरांत): कला (महाराष्ट्र)
- के. टी. थॉमस: सार्वजनिक मामले (केरल)
- एन. राजम: कला (उत्तर प्रदेश)
- पी. नारायणन: साहित्य और शिक्षा (केरल)
- वी. एस. अच्युतानंदन (मरणोपरांत): सार्वजनिक मामले (केरल)
पद्म भूषण (13 विजेता) : उच्च कोटि की विशिष्ट सेवा के लिए -
- अलका याग्निक: कला (महाराष्ट्र)
- ममूटी: कला (केरल)
- विजय अमृतराज: खेल (प्रवासी भारतीय/तमिलनाडु)
- उदय कोटक: व्यापार और उद्योग (महाराष्ट्र)
- शिबू सोरेन (मरणोपरांत): सार्वजनिक मामले (झारखंड)
- भगत सिंह कोश्यारी: सार्वजनिक मामले (उत्तराखंड)
- पीयूष पांडे (मरणोपरांत): कला (महाराष्ट्र)
- वी. के. मल्होत्रा (मरणोपरांत): सार्वजनिक मामले (दिल्ली)
- वेल्लापल्ली नटेसन: सार्वजनिक मामले (केरल)
- डॉ. नोरी दत्तात्रेयुडु: चिकित्सा (प्रवासी भारतीय/आंध्र प्रदेश)
- कल्लीपट्टी रामासामी पलानीस्वामी: चिकित्सा (तमिलनाडु)
- एस. के. एम. मैइलानंदन: समाज सेवा (तमिलनाडु)
- शतावधानी आर. गणेश: कला (कर्नाटक)
पद्म श्री (113 विजेता) : विशिष्ट सेवा के लिए - (प्रमुख विजेता)
खेल (Sports):
- रोहित शर्मा: खेल-क्रिकेट (महाराष्ट्र)
- हरमनप्रीत कौर: खेल-क्रिकेट (पंजाब)
- सविता पूनिया: खेल-हॉकी (हरियाणा)
- हरविंदर सिंह: खेल-पैरा तीरंदाजी (हरियाणा)
- प्रवीण कुमार: खेल (उत्तर प्रदेश)
कला और सिनेमा (Art & Cinema) :
- आर. माधवन: कला (तमिलनाडु)
- प्रसेनजीत चटर्जी: कला (पश्चिम बंगाल)
- अनिल कुमार रस्तोगी: कला (उत्तर प्रदेश)
- अरिंदम बागची: कला (गुजरात)
- जसपिंदर नरूला: कला-गायन (पंजाब)
गुमनाम नायक (Unsung Heroes) : (45 से अधिक)
- बुद्री ताती: समाज सेवा (छत्तीसगढ़) - नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शिक्षा के लिए
- डॉ. आर्मीदा फर्नांडिस: चिकित्सा (महाराष्ट्र) - 'मिल्क बैंक' की स्थापना के लिए
- अंके गौड़ा एम.: समाज सेवा/पुस्तकालय (कर्नाटक) - 'पुस्तकों के रक्षक' के रूप में प्रसिद्ध
- भीखल्या लदाक्या ढिंडा: कला (महाराष्ट्र) - 90 वर्षीय तारपा वादक
- भगवान दास रायकवार: कला (मध्य प्रदेश) - बुंदेली युद्ध कला के प्रशिक्षक
अन्य प्रमुख क्षेत्र :
- ममिडाला जगदेश कुमार: साहित्य और शिक्षा (दिल्ली) - पूर्व यूजीसी अध्यक्ष
- वी. कामकोटी: विज्ञान और इंजीनियरिंग (तमिलनाडु) - निदेशक, IIT मद्रास
- मोहन नागर: पर्यावरण (मध्य प्रदेश)
वीरता पुरस्कार और रक्षा अलंकरण
- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सशस्त्र बलों और सुरक्षाकर्मियों के लिए कुल 70 वीरता पुरस्कारों (Gallantry Awards) और 301 रक्षा अलंकरणों (Distinguished Service Decorations) को मंजूरी दी है
प्रमुख :
- अशोक चक्र (1): ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला (भारतीय वायु सेना) – अंतरिक्ष मिशन (Axiom-4) और अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) की यात्रा करने वाले पहले भारतीय बनने की ऐतिहासिक उपलब्धि और अदम्य साहस के लिए
कीर्ति चक्र (3):
- मेजर अर्शदीप सिंह (1 असम राइफल्स)
- नायब सूबेदार डोलेश्वर सुब्बा (2 पैरा SF)
- ग्रुप कैप्टन प्रशांत बालकृष्णन नायर (भारतीय वायु सेना)
शौर्य चक्र (13): इसमें लेफ्टिनेंट कमांडर दिलना के. और लेफ्टिनेंट कमांडर रूपा ए. (भारतीय नौसेना) शामिल हैं, जिन्होंने INSV तारिणी पर दुनिया की परिक्रमा पूरी कर इतिहास रचा था। लांस दफादार बलदेव चंद को यह सम्मान मरणोपरांत दिया गया।
अन्य पदक: 1 बार टू सेना मेडल (वीरता), 44 सेना मेडल (वीरता), 6 नौ सेना मेडल (वीरता) और 2 वायु सेना मेडल (वीरता) प्रदान किए गए
रक्षा अलंकरण और विशिष्ट सेवा पदक (301 पदक) :
- परम विशिष्ट सेवा मेडल (PVSM): 30 अधिकारियों को (जैसे वाइस एडमिरल कृष्ण स्वामीनाथन)
- उत्तम युद्ध सेवा मेडल (UYSM): 4 अधिकारियों को (जैसे लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ)
- अति विशिष्ट सेवा मेडल (AVSM): 56 अधिकारियों को
- विशिष्ट सेवा मेडल (VSM): 135 कर्मियों को, जिसमें कर्नल सोफिया कुरैशी (ऑपरेशन सिंदूर की प्रमुख चेहरा) का नाम विशेष रूप से उल्लेखनीय है
पुलिस और अन्य सेवाएं :
- पुलिस, अग्निशमन और नागरिक सुरक्षा के कुल 982 कर्मियों को पदक दिए गए, जिनमें 125 वीरता पदक (121 पुलिस और 4 अग्निशमन) शामिल हैं। जम्मू-कश्मीर पुलिस को सर्वाधिक 33 वीरता पदक प्राप्त हुए









