21 January, 2026
'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' (BBBP) योजना के 11 वर्ष पूर्ण
Fri 23 Jan, 2026
संदर्भ :
- 'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ (BBBP)' योजना ने 22 जनवरी 2026 को 11 वर्ष पूर्ण किया।
मुख्य विशेषताएं:
- शुरुआत: 22 जनवरी, 2015 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पानीपत, हरियाणा से
- संचालन: महिला एवं बाल विकास मंत्रालय (MWCD), स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय (MoHFW), और मानव संसाधन विकास मंत्रालय (MHRD) द्वारा संयुक्त रूप से
- वित्तपोषण: केंद्र सरकार द्वारा 100% वित्त पोषित
- रणनीतियाँ: जागरूकता अभियान, जमीनी स्तर पर सक्रियता, और पंचायती राज संस्थाओं (PRI) की भागीदारी
- मुख्य घटक: सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) (बालिका बचत योजना) और 'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' (BBBP) के तहत अन्य प्रावधान
- यह केंद्र सरकार की शत-प्रतिशत वित्तपोषित योजना है और इसे देश के सभी जिलों में चलाया जा रहा है।
- पश्चिम बंगाल सरकार इस योजना को लागू नहीं कर रही है।
योजना के मुख्य उद्देश्य:
- बाल लिंग अनुपात (CSR) में सुधार: गिरते हुए लिंगानुपात को रोकना और उसे बढ़ाना
- बालिकाओं की सुरक्षा और अस्तित्व: लिंग-चयनात्मक गर्भपात को रोकना और बालिकाओं के जीवन की रक्षा करना
- शिक्षा और सशक्तिकरण: लड़कियों की शिक्षा को सुनिश्चित करना और उन्हें सशक्त बनाना
प्रमुख उपलब्धियां :
- स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय (MoHFW) की स्वास्थ्य प्रबंधन सूचना प्रणाली (HMIS) की नवीनतम रिपोर्ट से पता चलता है कि जन्म के समय महिला-पुरूष अनुपात (SRB) में सुधार के रुझान दिख रहे हैं।
- वर्ष 2014-15 से 2023-24 के दौरान राष्ट्रीय स्तर पर यह प्रति हजार 918 से बढ़कर 930 हो गया है, जिसमें 12 अंकों का स्पष्ट सकारात्मक परिवर्तन हुआ है।
- माध्यमिक स्तर पर स्कूलों में लड़कियों का सकल नामांकन अनुपात 2014-15 में 75.51 प्रतिशत से बढ़कर 2023-24 में 78 प्रतिशत [शिक्षा मंत्रालय के शिक्षा के लिए एकीकृत जिला सूचना प्रणाली (UDISE)-डेटा के अनुसार] हो गया है।
- स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की स्वास्थ्य प्रबंधन सूचना प्रणाली से प्राप्त रिपोर्टों के अनुसार, संस्थागत प्रसव वर्ष 2014-15 में 61 प्रतिशत से बढ़कर 2023-24 में 97.3 प्रतिशत हो गया है।
- पहली तिमाही में प्रसवपूर्व देखभाल पंजीकरण वर्ष 2014-15 में 61 प्रतिशत से बढ़कर 2023-24 में 80.5 प्रतिशत हो गया है।









