15 January, 2026
NPS वात्सल्य योजना : दिशानिर्देश 2025
Fri 16 Jan, 2026
संदर्भ :
- पेंशन फंड नियामक एवं विकास प्राधिकरण (PFRDA) ने नाबालिगों की दीर्घकालिक वित्तीय सुरक्षा को मजबूत करने के लिए NPS वात्सल्य योजना दिशानिर्देश 2025 जारी किया।
मुख्य बिन्दु :
- घोषणा : वित्त वर्ष 2024-25 के केंद्रीय बजट में
- लान्च : 18 सितंबर, 2024, केंद्रीय वित्त और कॉर्पोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा
योजना की प्रमुख विशेषता :
- NPS वात्सल्य एक योगदान आधारित बचत और दीर्घकालिक वित्तीय सुरक्षा योजना है, जिसे विशेष रूप से नाबालिगों के लिए डिज़ाइन किया गया है।
- योजना माता-पिता और कानूनी अभिभावकों को व्यवस्थित रूप से अपने बच्चों के लिए प्रारंभिक आयु से दीर्घकालिक बचत करने की सुविधा देती है, जिसमें वयस्क होने के बाद राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली में स्थानांतरित होने की व्यवस्था भी शामिल है।
- PFRDA (NPS के तहत बहिर्गमन और धननिकासी) विनियम, 2015 में अधिसूचित संशोधनों के अनुसार, एनपीएस वात्सल्य दिशानिर्देश में नाबालिगों की दीर्घकालिक वित्तीय सुरक्षा के लिए लचीले प्रावधान पेश किये गये हैं तथा वयस्क होने पर बचत की निरंतरता भी सुनिश्चित की गयी है।
पात्रता :
- सभी भारतीय नागरिकों के लिए खुला, जिसमें NRI/OCI भी शामिल हैं, जिनकी आयु 18 वर्ष से कम है
- नाबालिग अकेला लाभार्थी होगा
- खाता नाबालिग के नाम पर खोला जाएगा और अभिभावक द्वारा संचालित किया जाएगा
योगदान :
- न्यूनतम प्रारंभिक और वार्षिक योगदान: ₹250
- योगदान की कोई अधिकतम सीमा नहीं
- योगदान, रिश्तेदारों और मित्रों द्वारा भी उपहार स्वरूप दिया जा सकता है
पेंशन निधि चयन :
- अभिभावक PFRDA के साथ पंजीकृत किसी भी पेंशन निधि का चयन कर सकता है
आंशिक निकासी प्रावधान :
- खाता खोलने के तीन वर्ष पूरे होने के बाद अनुमति
- अपने योगदान का अधिकतम 25% (लाभांश को छोड़कर) निकाला जा सकता है
- शिक्षा, चिकित्सा उपचार और निर्दिष्ट दिव्यांगताओं के लिए अनुमति
- 18 वर्ष से पहले दो बार और 18-21 वर्ष के बीच दो बार की अनुमति है, जो शर्तों के अधीन होगी
वयस्क होने पर :
- 18 वर्ष की आयु प्राप्त होने पर नया केवाईसी अनिवार्य है
- 21 वर्ष तक उपलब्ध विकल्प:
- NPS वात्सल्य के तहत जारी रखें, या
- NPS टियर I (सभी नागरिक मॉडल या कोई अन्य लागू मॉडल) में स्थानांतरित करें, या
- निम्न के साथ बहिर्गमन करें:
- अधिकतम 80% एकमुश्त राशि के रूप में
- न्यूनतम 20% वार्षिकी में बदलना आवश्यक
- यदि निधि ₹8 लाख या उससे कम है, तो पूरी धन-निकासी की अनुमति है
नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS)
- भारत सरकार द्वारा संचालित एक स्वैच्छिक पेंशन योजना है जो रिटायरमेंट के बाद वित्तीय सुरक्षा प्रदान करती है।
- यह पेंशन फंड नियामक एवं विकास प्राधिकरण (PFRDA) द्वारा विनियमित है।
- योजना 2004 में सरकारी कर्मचारियों के लिए शुरू हुई और 2009 से सभी नागरिकों के लिए खुली हुई है।
NPS के प्रकार (Account Types) :
- Tier-I (अनिवार्य): यह मुख्य पेंशन खाता है। इसमें जमा राशि को सेवानिवृत्ति (60 वर्ष) से पहले निकालना प्रतिबंधित है। आयकर में छूट इसी खाते पर मिलती है।
- Tier-II (स्वैच्छिक): यह एक बचत खाते की तरह है। इसे केवल वही व्यक्ति खोल सकता है जिसके पास Tier-I खाता हो। इसमें से कभी भी पैसा निकाला जा सकता है, लेकिन इस पर कर लाभ नहीं मिलता।
पात्रता (Eligibility) :
- 18 से 75 वर्ष की आयु का कोई भी भारतीय नागरिक (निवासी या अनिवासी)।
- NPS वात्सल्य: 2025-26 के नए नियमों के तहत अब 18 वर्ष से कम उम्र के नाबालिगों के लिए भी खाता खोला जा सकता है (न्यूनतम योगदान ₹250)
निवेश विकल्प (Investment Options) :
ग्राहक अपनी पसंद के अनुसार चार संपत्तियों में पैसा लगा सकते हैं:
- Asset E (Equity): शेयर बाजार में निवेश
- Asset C (Corporate Debt): निजी कंपनियों के बॉन्ड
- Asset G (Govt Securities): सरकारी बॉन्ड
- Asset A (Alternative Assets): रियल एस्टेट और अन्य (सीमित निवेश)
कर लाभ (Tax Benefits) :
- धारा 80C: ₹1.5 लाख तक का निवेश कर मुक्त
- धारा 80CCD (1B): ₹50,000 की अतिरिक्त टैक्स छूट (कुल ₹2 लाख)
- परिपक्वता पर: 60 वर्ष की आयु में निकाली गई 60% एकमुश्त राशि पूरी तरह से टैक्स-फ्री होती है।
निकासी के नियम (Withdrawal Rules) :
- 60 वर्ष की आयु पर: आप कुल फंड का 60% हिस्सा निकाल सकते हैं। शेष 40% हिस्से से 'एन्युटी' (Annuity) खरीदना अनिवार्य है, जिससे आपको मासिक पेंशन मिलती है।
- समय पूर्व निकासी: विशेष परिस्थितियों (बीमारी, शिक्षा, विवाह) में जमा किए गए स्वयं के योगदान का 25% तक निकाला जा सकता है।









