भारत का प्रथम तितली अभयारण्य
 
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भारत का प्रथम तितली अभयारण्य

Thu 15 Jan, 2026

संदर्भ :

  • केरल सरकार ने कन्नूर जिले में स्थित आरलम वन्यजीव अभयारण्य का नाम आधिकारिक रूप से आरलम तितली अभयारण्य कर दिया है, जो भारत का पहला समर्पित तितली अभयारण्य बन गया है।

मुख्‍य बिन्‍दु :

  • अधिसूचना: नाम परिवर्तन की आधिकारिक सूचना वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के तहत जारी की गई।
  • कारण: तितलियों की उच्च विविधता एवं उनके प्राकृतिक आवास के संरक्षण हेतु।
  • तितली विविधता: लगभग 266 प्रजातियाँ, जो केरल की कुल तितली विविधता का 80% से अधिक हैं।
  • स्थानिक प्रजातियाँ: 27 प्रजातियाँ पश्चिमी घाट की स्थानिक।
  • कानूनी संरक्षण: 6 तितली प्रजातियाँ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की अनुसूची-I में सूचीबद्ध।
  • ऐतिहासिक स्थिति: क्षेत्र को 1984 में वन्यजीव अभयारण्य घोषित किया गया था।
  • वैश्विक महत्व: पश्चिमी घाट का हिस्सा; यूनेस्को विश्व प्राकृतिक विरासत स्थल।
  • प्रभाव: जैव विविधता संरक्षण, पर्यावरण शिक्षा, इको-टूरिज्म और सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा।

आरलम वन्यजीव अभयारण्य

  • केरल का सबसे उत्तरी वन्यजीव अभयारण्य है।
  • स्थान: कन्नूर जिला, केरल
  • स्थापना: 1984
  • क्षेत्रफल: लगभग 55 वर्ग किलोमीटर
  • भौगोलिक क्षेत्र: पश्चिमी घाट का हिस्सा, सदाबहार और अर्द्ध-सदाबहार वन
  • जैव विविधता: वनस्पति और जीवों की अत्यधिक विविधता, विशेष रूप से तितलियों की प्रचुरता के लिए प्रसिद्ध
  • नदी: ब्रह्मगिरी पर्वतमालाओं से उद्गम होने वाली चींकन्नी नदी अभयारण्य से होकर बहती है और आवासीय समृद्धि को बढ़ाती है
  • तितली प्रजातियाँ: यहाँ 266 से अधिक तितली प्रजातियाँ दर्ज की गई हैं, जो केरल की कुल तितली विविधता का 80% से अधिक हैं।
  • वन्यजीव: तितलियों के अलावा यहाँ हाथी, गौर (भारतीय बाइसन), सांभर हिरण, मालाबार विशाल गिलहरी, लंगूर और कभी-कभी बाघ व तेंदुए भी देखे जाते हैं। यह दुर्लभ स्लेंडर लोरिस (Slender Loris) का भी निवास स्थान है।

प्रमुख आकर्षण:

  • कट्टी बेट्टा: यह 1145 मीटर की ऊँचाई के साथ इस क्षेत्र की सबसे ऊँची चोटी है।
  • मीनमुट्टी जलप्रपात: अभयारण्य के अंदर स्थित यह झरना ट्रेकर्स के लिए एक लोकप्रिय स्थान है।
  • नदी: चीनकन्नीपुझा (Cheenkannipuzha) नदी इस अभयारण्य की मुख्य जल निकासी प्रणाली बनाती है।

 

तितली

  • तितलियाँ 'लेपिडोप्टेरा' (Lepidoptera) गण (Order) से संबंधित हैं। इस वर्ग में तितलियाँ और पतंगे (Moths) दोनों शामिल हैं।
  • विश्‍व में तितलियों की लगभग 18,500 से अधिक प्रजातियाँ पाई जाती हैं

जीवन चक्र (Life Cycle - Metamorphosis) :

  • अंडा (Egg): मादा तितली पत्तियों पर अंडे देती है।
  • लावा/कैटरपिलर (Larva/Caterpillar): अंडे से निकलने के बाद यह केवल पत्तियाँ खाता है और तेजी से बढ़ता है।
  • प्यूपा/क्रिसलिस (Pupa/Chrysalis): इस अवस्था में कैटरपिलर एक कठोर आवरण के अंदर सो जाता है और उसके शरीर में बदलाव होते हैं।
  • वयस्क (Adult Butterfly): अंत में एक सुंदर पंखों वाली तितली बाहर निकलती है

शरीर की संरचना (Body Structure) :

  • तितली के शरीर के तीन मुख्य भाग होते हैं: सिर, वक्ष (Thorax) और पेट (Abdomen)।
  • इनके छह पैर और दो एंटीना होते हैं।
  • तितलियों के पंख बहुत पतले होते हैं और उन पर हजारों छोटे रंगीन शल्क (Scales) होते हैं, जो उन्हें रंग देते हैं।

पर्यावरण में भूमिका (Ecological Importance) :

  • परागण (Pollination): मधुमक्खियों की तरह तितलियाँ भी एक फूल से दूसरे फूल पर बैठकर परागण में मदद करती हैं, जिससे फल और बीज बनते हैं।
  • खाद्य श्रृंखला: ये पक्षियों, छिपकलियों और अन्य कीटों के लिए भोजन का एक महत्वपूर्ण स्रोत हैं।
  • पर्यावरण संकेतक: जिस क्षेत्र में तितलियाँ अधिक होती हैं, वह क्षेत्र पारिस्थितिक रूप से स्वस्थ माना जाता है।

भारत की कुछ प्रमुख तितलियाँ :

  • साउदर्न बर्डविंग (Southern Birdwing): भारत की सबसे बड़ी तितली।
  • ग्रास ज्वेल (Grass Jewel): भारत की सबसे छोटी तितलियों में से एक।
  • कॉमन जेबेल (Common Jezebel): बहुत ही रंगीन और अक्सर बगीचों में दिखने वाली

 

भारत में प्रमुख तितली संरक्षण क्षेत्र और उद्यान

  • बन्नेरघट्टा बायोलॉजिकल पार्क (कर्नाटक): भारत का पहला तितली संरक्षण क्षेत्र (2006)। यहाँ एक संरक्षणकारी, संग्रहालय, अनुसंधान प्रयोगशाला और तितली उद्यान शामिल हैं।
  • सिक्किम तितली अभ्यारण्य पार्क (सिक्किम): सिक्किम की विशिष्ट भौगोलिक संरचना के कारण उल्लेखनीय तितली विविधता वाला क्षेत्र।
  • असोला भट्टी वन्यजीव अभयारण्य (नई दिल्ली): राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में स्थित एक तितली पार्क, जिसमें पगडंडियाँ (trails) और जंगली फूल हैं।
  • ट्रॉपिकल बटरफ्लाई कंजरवेटरी (त्रिची, तमिलनाडु): अन्नामलाई टाइगर रिजर्व के पास स्थित विभिन्न तितली प्रजातियों का एक प्राकृतिक आवास।
  • बटरफ्लाई कंजरवेटरी ऑफ गोवा (गोवा): तितली प्रेमियों और पर्यटकों के लिए पश्चिमी घाट में एक लोकप्रिय स्थल।
  • ओवालेकर वाड़ी बटरफ्लाई गार्डन (ठाणे, महाराष्ट्र): मुंबई महानगर क्षेत्र के पास स्थित एक प्रसिद्ध निजी तितली उद्यान।
  • आरलम तितली अभयारण्य (केरल): हाल ही में अपग्रेड किया गया, यह पश्चिमी घाट में तितलियों के प्रवास का एक महत्वपूर्ण बिंदु है।

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