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सुपरकंप्यूटर आधारित सिमुलेशन विकसित

Fri 09 Jan, 2026

संदर्भ :

  • भारतीय वैज्ञानिकों ने एमपेंबा प्रभाव (Mpemba Effect) के लंबे समय से संचालित विरोधाभास को समझने के लिए पहली बार सुपरकंप्यूटर आधारित सिमुलेशन विकसित किया है।

मुख्‍य बिन्‍दु : 

  • बेंगलुरु (जो Department of Science and Technology - DST के अंतर्गत एक स्वायत्त संस्थान है) के शोधकर्ताओं ने सुपरकंप्यूटर की मदद से पहली बार पानी में बर्फ बनने (ice formation) की ऐसी विस्तृत सिमुलेशन विकसित की है, जो Mpemba Effect को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करती है।
  • गर्म पानी से शुरू होने पर कुछ विशेष परिस्थितियों में यह प्रभाव स्पष्ट दिखता है।
  • यह प्रभाव केवल पानी तक सीमित नहीं है — यह अन्य पदार्थों में भी तरल से ठोस (fluid-to-solid) संक्रमण के दौरान दिख सकता है।
  • पानी की संरचना में हाइड्रोजन बॉन्ड्स, मेटास्टेबल स्टेट्स, और न्यूक्लिएशन (बर्फ बनने की शुरुआत) की गतिशीलता इस प्रभाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
  • यह सिमुलेशन पानी की असामान्य विशेषताओं (जैसे घनत्व का अधिकतम 4°C पर होना, हाइड्रोजन बॉन्ड नेटवर्क) को ध्यान में रखकर बनाई गई थी, जो इसे अन्य तरल पदार्थों से अलग बनाती है।

यह उपलब्धि क्यों महत्वपूर्ण है? : 

  • दशकों पुराने विवाद को कंप्यूटेशनल तरीके से सुलझाने में मदद मिली।
  • पानी जैसी जटिल प्रणाली में इतने विस्तृत सिमुलेशन पहले संभव नहीं थे — इसके लिए सुपरकंप्यूटर की बहुत अधिक कम्प्यूटिंग पावर की जरूरत थी।
  • यह दर्शाता है कि Mpemba Effect एक सामान्य गैर-संतुलन (non-equilibrium) घटना हो सकती है, जो विभिन्न प्रकार की सामग्रियों में दिख सकती है।
  • भविष्य में इससे क्रायोजेनिक्स, फूड प्रिजर्वेशन, मटेरियल साइंस, और क्वांटम सिस्टम में भी नए अनुप्रयोग खुल सकते हैं।

एमपेंबा प्रभाव (Mpemba Effect) :

  • एमपेंबा प्रभाव वह स्थिति है जिसमें 'गर्म पानी' ठंडे पानी की तुलना में अधिक तेजी से जम जाता है।
  • खोज: इसका नाम तंजानिया के एक छात्र इरास्तो एमपेंबा (Erasto Mpemba) के नाम पर रखा गया है। उन्होंने 1963 में एक कुकिंग क्लास के दौरान देखा कि गर्म दूध का मिश्रण ठंडे मिश्रण की तुलना में जल्दी जम गया।
  • इतिहास: हालांकि इसका नाम एमपेंबा के नाम पर है, लेकिन अरस्तू (Aristotle), फ्रांसिस बेकन और रेने डेसकार्टेस जैसे वैज्ञानिकों ने भी सदियों पहले इस घटना का उल्लेख किया था।

यह प्रभाव कैसे काम करता है? (संभावित वैज्ञानिक कारण) :

  • वाष्पीकरण (Evaporation): गर्म पानी तेजी से वाष्पित होता है, जिससे पानी की कुल मात्रा कम हो जाती है। कम पानी होने के कारण वह तेजी से जम सकता है।
  • संवहन (Convection): गर्म पानी में संवहन धाराएं (convection currents) अधिक सक्रिय होती हैं, जिससे ऊष्मा तेजी से सतह तक पहुँचती है और बाहर निकलती है।
  • घुली हुई गैसें (Dissolved Gases): ठंडे पानी में गैसें अधिक घुली होती हैं, जो जमने की प्रक्रिया को धीमा कर सकती हैं। गर्म करने पर ये गैसें बाहर निकल जाती हैं।
  • हाइड्रोजन बॉन्डिंग: आधुनिक शोधों के अनुसार, पानी के अणुओं के बीच के हाइड्रोजन बॉन्ड्स गर्म होने पर फैलते हैं और फिर ऊर्जा छोड़ते हुए तेजी से सिकुड़ते हैं, जिससे जमने की प्रक्रिया तेज हो जाती है।

दैनिक जीवन में उदाहरण : 

  • आइसक्रीम जमाना: अक्सर हलवाई या शेफ का मानना है कि गर्म मिश्रण को फ्रिज में रखने से वह बेहतर और जल्दी जमता है (हालांकि यह फ्रिज के लिए अच्छा नहीं है)।
  • बर्फ की पटरियाँ: सर्दियों के देशों में लोग कभी-कभी मनोरंजन के लिए उबलता हुआ पानी हवा में उछालते हैं, जो तुरंत बर्फ में बदल जाता है।

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