15 December, 2025
प्रगति की 50वीं बैठक
Sun 04 Jan, 2026
संदर्भ :
- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने प्रगति/ PRAGATI की 50वीं बैठक की अध्यक्षता की।
मुख्य बिन्दु :
- PRAGATI का पूरा नाम : Pro-Active Governance and Timely Implementation
- एक ICT (इन्फॉर्मेशन एंड कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी) आधारित मल्टी-मॉडल प्लेटफॉर्म है
- विकास: इसे राष्ट्रीय सूचना केंद्र (NIC) के सहयोग से प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की टीम द्वारा आंतरिक रूप से विकसित किया गया है।
- उद्देश्य : केंद्र और राज्य सरकारों के बीच समन्वय बढ़ाना, परियोजनाओं की निगरानी करना और समयबद्ध कार्यान्वयन सुनिश्चित करना
- यह प्लेटफॉर्म 2015 में शुरू किया गया था और गुजरात में तत्कालीन मुख्यमंत्री मोदी द्वारा लागू SWAGAT (State Wide Attention on Grievances by Application of Technology) से प्रेरित है
50वीं बैठक की मुख्य बातें :
- बैठक के दौरान, प्रधानमंत्री ने सड़क, रेलवे, बिजली, जल संसाधन और कोयला जैसे क्षेत्रों में पांच महत्वपूर्ण अवसंरचना परियोजनाओं की समीक्षा की।
- ये परियोजनाएं 5 राज्यों में फैली हुई हैं, जिनकी कुल लागत 40,000 करोड़ रुपये से अधिक है।
परिमाण और प्रभाव :
- प्रधानमंत्री ने उल्लेख किया कि वर्षों के दौरान प्रगति नेतृत्व वाले इकोसिस्टम ने 85 लाख करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने में मदद की है और बड़े पैमाने पर प्रमुख कल्याण कार्यक्रमों के जमीनी कार्यान्वयन का समर्थन किया है।
- 2014 से, प्रगति के तहत 377 परियोजनाओं की समीक्षा की गई है, और इन परियोजनाओं के 3,162 पहचान किये गए मुद्दों में से 2,958 यानि लगभग 94 प्रतिशत का समाधान किया जा चुका है, जिससे देरी, लागत अधिकता और समन्वय विफलताओं में काफी कमी आई है।
- लंबे समय से लंबित परियोजनाओं का कार्यान्वयन :
- कई परियोजनाएं जो दशकों तक अटकी हुई थीं, उन्हें प्रगति प्लेटफॉर्म के तहत लाने के बाद पूरा किया गया या निर्णायक रूप से खोला गया।
प्रमुख परियोजनाएं :
- असम में बोगीबील रेल-सड़क पुल : परिकल्पना पहली बार 1997 में की गई थी
- जम्मू-उधमपुर-श्रीनगर-बरामूला रेल लिंक: काम 1995 में शुरू हुआ था
- नवी मुंबई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा: कल्पना 1997 में की गई
- भिलाई इस्पात संयंत्र का आधुनिकीकरण और विस्तार, जिसे 2007 में मंजूरी दी गई
- गदरवारा और लारा सुपर थर्मल पावर परियोजना, जिन्हें क्रमशः 2008 और 2009 में स्वीकृत किया गया था
पीएम श्री स्कूल योजना की समीक्षा:
- प्रधानमंत्री ने इस योजना पर जोर देते हुए कहा कि इसे केवल इमारतों तक सीमित नहीं रखा जाए, बल्कि इसे भविष्य-तैयार और परिणाम-आधारित शिक्षा का राष्ट्रीय बेंचमार्क बनाया जाए।
- राज्यों को सलाह दी गई कि मुख्य सचिव स्तर पर इसकी निगरानी की जाए और वरिष्ठ अधिकारी स्कूलों का दौरा करें।
- पीएम श्री स्कूलों को राज्य सरकारों के अन्य स्कूलों के लिए मॉडल बनाने पर बल दिया गया









