08 December, 2025
'एशिया पावर इंडेक्स 2025
Sat 29 Nov, 2025
संदर्भ :
- ऑस्ट्रेलिया स्थित लोवी इंस्टीट्यूट ने 'एशिया पावर इंडेक्स 2025' जारी की है, जिसमें 27 देशों और क्षेत्रों की शक्ति का मूल्यांकन 131 संकेतकों पर आधारित आठ विषयों (सैन्य क्षमता, आर्थिक संबंध, कूटनीतिक प्रभाव आदि) के माध्यम से किया गया है।
शीर्ष 5 देश :
- भारत पहली बार 40 अंक की सीमा पार करके 'मध्यम शक्ति' से 'प्रमुख शक्ति' (Major Power) की श्रेणी में शामिल हुआ है, जो इसकी क्षेत्रीय प्रतिष्ठा में एक महत्वपूर्ण वृद्धि को दर्शाता है।
भारत की ऐतिहासिक उपलब्धि: 'मेजर पावर' का दर्जा :
- रैंक: तीसरा (3rd) स्थान (27 देशों में)
- स्कोर: 40.0 (100 में से)
- श्रेणी: भारत ने पहली बार आधिकारिक तौर पर 'मेजर पावर' (Major Power) की श्रेणी में प्रवेश किया है, जिसके लिए 40 अंक की सीमा पार करना आवश्यक था। पिछले वर्ष (2024) में यह 'मिडिल पावर' की श्रेणी में था
- प्रदर्शन: भारत ने इस रैंकिंग में जापान (4th) और रूस (5th) जैसे देशों को पीछे छोड़ दिया है
मुख्य उपलब्धियाँ :
- 'प्रमुख शक्ति' का दर्जा: 40.0 अंकों के साथ भारत ने पहली बार 40-पॉइंट की सीमा पार की, जिससे इसे 'मेजर पावर' का दर्जा मिला
- जापान को पछाड़ा: भारत ने 'आर्थिक क्षमता' (Economic Capability) के मामले में जापान को पीछे छोड़ते हुए तीसरा स्थान प्राप्त किया
- सैन्य लाभ: मई 2025 में हुए 'ऑपरेशन सिंदूर' में भारत के प्रदर्शन के कारण सैन्य क्षमताओं के मूल्यांकन में सुधार हुआ
- निवेश गंतव्य: पिछले 10 वर्षों के संचयी निवेश प्रवाह के आधार पर, भारत अमेरिका के बाद विदेशी निवेश आकर्षित करने वाला एशिया का शीर्ष गंतव्य बन गया, चीन को पीछे छोड़ते हुए
कमजोर क्षेत्र (Weaknesses) :
- पावर गैप: चीन (73.7) और भारत (40.0) के बीच शक्ति में अभी भी एक बड़ा अंतर (Power Gap) मौजूद है
- रक्षा नेटवर्क (Defence Networks): इस आयाम में भारत की रैंकिंग 11वीं है, जो क्षेत्रीय रक्षा साझेदारी बनाने में लगातार चुनौतियों का संकेत देती है
- व्यापार संबंध: एशियाई देशों के साथ भारत के व्यापारिक संबंध अभी भी कमजोर हैं
शक्ति के आठ आयाम (Eight Measures of Power) :
| आयाम | विवरण | भारत का प्रदर्शन (2025) |
| 1. आर्थिक क्षमता (Economic Capability) | सकल घरेलू उत्पाद (GDP), आर्थिक विकास दर, आदि। | तीसरा स्थान (जापान को पीछे छोड़ा) |
| 2. सैन्य क्षमता (Military Capability) | रक्षा व्यय, हथियार प्रणाली, सैन्य शक्ति का आकार। | लगातार सुधार, विशेषज्ञों द्वारा उच्च मूल्यांकन |
| 3. आर्थिक संबंध (Economic Relationships) | व्यापार प्रवाह, विदेशी निवेश और आर्थिक कनेक्टिविटी। | नौवाँ स्थान, पहली बार सुधार हुआ |
| 4. रक्षा नेटवर्क (Defence Networks) | सैन्य गठबंधन, संयुक्त अभ्यास, रक्षा भागीदारी। | ग्यारहवाँ स्थान (सबसे कमजोर पहलू) |
| 5. राजनयिक प्रभाव (Diplomatic Influence) | अंतरराष्ट्रीय संस्थानों और क्षेत्रीय मंचों में प्रभाव। | मजबूत स्थिति बनाए रखी |
| 6. सांस्कृतिक प्रभाव (Cultural Influence) | सॉफ्ट पावर, ब्रांड मूल्य, डिजिटल कूटनीति। | सबसे बड़ी वृद्धि (+2.8 अंक) दर्ज की |
| 7. लचीलापन (Resilience) | आंतरिक स्थिरता, ऊर्जा सुरक्षा, सरकारी क्षमता। | आंतरिक स्थिरता में सुधार दर्शाया। |
| 8. भविष्य के संसाधन (Future Resources) | जनसांख्यिकी (युवा आबादी), शिक्षा, लंबी अवधि की आर्थिक क्षमता। | तीसरा स्थान (जनसांख्यिकीय शक्ति के कारण) |
अन्य प्रमुख देशों का संक्षिप्त अवलोकन :
- अमेरिका: शीर्ष पर बरकरार, लेकिन व्यापक शक्ति में 1.2 अंकों की गिरावट। 2017 के मुकाबले नेतृत्व दो-तिहाई रह गया।
- चीन: दूसरा स्थान, सैन्य मुद्रा (military posture) में शीर्ष। कूटनीतिक प्रभाव में रिकॉर्ड ऊंचाई, BRICS विस्तार और 2025 विजय दिवस परेड से।
- रूस: 2019 के बाद पहली वृद्धि, चीन और उत्तर कोरिया के साथ संबंधों से।
- दक्षिण-पूर्व एशियाई देश: मामूली सुधार, बहुध्रुवीयता को मजबूत करते हुए









