01 September, 2025
PM SVANidhi योजना का पुनर्गठन : ऋण देने की अवधि अब 31 मार्च 2030 तक बढ़ी
Thu 28 Aug, 2025
संदर्भ :
- केंद्रीय कैबिनेट ने प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर निधि (PM SVANidhi) योजना के पुनर्गठन और ऋण देने की अवधि को 31 दिसंबर 2024 से बढ़ाकर 31 मार्च 2030 तक करने की मंजूरी दी।
मुख्य बिन्दु :
- पुनर्गठन के लिए ₹7,332 करोड़ का बजटीय प्रावधान किया गया है, जिससे 1.15 करोड़ लाभार्थियों को लाभ मिलेगा, जिसमें 50 लाख नए स्ट्रीट वेंडर्स शामिल होंगे
ऋण सीमा में वृद्धि :
- पहली किस्त: ₹10,000 से बढ़ाकर ₹15,000
- दूसरी किस्त: ₹20,000 से बढ़ाकर ₹25,000
- तीसरी किस्त: ₹50,000 (पहले की तरह अपरिवर्तित)
UPI-लिंक्ड रुपे क्रेडिट कार्ड :
- दूसरी किस्त का ऋण समय पर चुकाने वाले लाभार्थियों को यूपीआई-लिंक्ड रुपे क्रेडिट कार्ड प्रदान किया जाएगा।
- यह क्रेडिट कार्ड स्ट्रीट वेंडर्स को आपातकालीन व्यावसायिक और व्यक्तिगत जरूरतों के लिए तत्काल ऋण उपलब्ध कराएगा।
- इस सुविधा से वेंडर्स को नकदी प्रवाह की समस्याओं का सामना करने में मदद मिलेगी।
डिजिटल कैशबैक प्रोत्साहन :
- योजना डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए स्ट्रीट वेंडर्स को खुदरा और थोक लेनदेन पर ₹1,600 तक का कैशबैक प्रोत्साहन प्रदान करती है।
- यह डिजिटल अर्थव्यवस्था में उनकी भागीदारी को प्रोत्साहित करेगा और नकद-आधारित लेनदेन पर निर्भरता को कम करेगा।
भौगोलिक विस्तार :
- योजना का दायरा अब चरणबद्ध तरीके से कस्बों और अर्ध-शहरी क्षेत्रों तक बढ़ाया जाएगा।
- इससे ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों के स्ट्रीट वेंडर्स को भी इस योजना का लाभ मिलेगा, जिससे समावेशी विकास को बढ़ावा मिलेगा।
प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण :
पुनर्गठित योजना में स्ट्रीट वेंडर्स के लिए निम्नलिखित क्षेत्रों में प्रशिक्षण पर जोर दिया गया है:
- उद्यमिता: व्यवसाय प्रबंधन और विस्तार के लिए कौशल विकास
- वित्तीय साक्षरता: बजट प्रबंधन और वित्तीय योजना
- डिजिटल कौशल: डिजिटल भुगतान और ऑनलाइन मार्केटिंग
- स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा: भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के सहयोग से मानक स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा प्रशिक्षण
योजना की उपलब्धियाँ :
पीएम स्वनिधि योजना ने अपनी शुरुआत से ही कई उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल की हैं:
- ऋण वितरण: 30 जुलाई 2025 तक, 68 लाख से अधिक स्ट्रीट वेंडर्स को 96 लाख से अधिक ऋणों के माध्यम से ₹13,797 करोड़ का ऋण वितरित किया गया।
- डिजिटल लेनदेन: लगभग 47 लाख डिजिटल रूप से सक्रिय लाभार्थियों ने ₹6.09 लाख करोड़ मूल्य के 557 करोड़ से अधिक डिजिटल लेनदेन किए, जिससे उन्हें ₹241 करोड़ का कैशबैक प्राप्त हुआ।
- पुरस्कार: योजना को इसके उत्कृष्ट योगदान के लिए निम्नलिखित पुरस्कार प्राप्त हुए:
- 2023 में लोक प्रशासन में उत्कृष्टता के लिए प्रधानमंत्री पुरस्कार
- 2022 में डिजिटल परिवर्तन के लिए रजत पुरस्कार
प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर निधि (PM SVANidhi) योजना भारत सरकार द्वारा 1 जून 2020 को शुरू की गई थी। इसका उद्देश्य कोविड-19 महामारी से प्रभावित रेहड़ी-पटरी वालों और छोटे व्यापारियों को सस्ता और बिना गारंटी का ऋण प्रदान कर आर्थिक सहायता देना है। यह योजना आवास और शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA) द्वारा संचालित है।