Existing students can sign in. New registrations and online payments are temporarily unavailable.
 
  • Mobile Menu
HOME BUY MAGAZINEnew course icon
LOG IN SIGN UP
✕

Sign-Up IcanDon't Have an Account?


SIGN UP

 

Login Icon

Have an Account?


LOG IN
 
Google

or
By clicking on Register, you are agreeing to our Terms & Conditions.
 
 
Google
 

or
 
 




वैश्विक खाद्य संकट रिपोर्ट 2025

Mon 19 May, 2025

संदर्भ :

  • "खाद्य संकटों के विरुद्ध वैश्विक नेटवर्क" (Global Network Against Food Crises : GNAFC) द्वारा संयुक्त रूप से वैश्विक खाद्य संकट रिपोर्ट 2025 (Global Report on Food Crises 2025) रिर्पोट जारी की गई है। (GNAFC एक अंतरराष्ट्रीय गठबंधन है, जिसमें यूरोपीय संघ, संयुक्त राष्ट्र खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO), विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) और अन्य प्रमुख संस्थाएँ शामिल हैं।)

मुख्‍य बिन्‍दु :

  • यह रिपोर्ट खाद्य संकटों की भयावहता, उनके मुख्य कारकों, पोषण संकटों की स्थिति और 2025 के लिए संभावित दृष्टिकोण पर विस्तृत जानकारी प्रदान करती है।

रिपोर्ट के अनुसार :

  • 2024 में 53 देशों/क्षेत्रों में 29.5 करोड़ लोग गंभीर खाद्य संकट से जूझ रहे थे।
  • यह आंकड़ा 2023 की तुलना में 1.37 करोड़ अधिक है, यानी हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं।
  • 22.6% आबादी गंभीर खाद्य संकट में थी।
  • लगातार 5वें साल यह आंकड़ा 20% से ऊपर बना रहा।

संघर्ष, महंगाई और जलवायु संकट का चक्रव्यूह :

  • विश्‍व का सबसे कमजोर तबका लगातार संघर्ष, महंगाई, जलवायु संकट और जबरन विस्थापन की चपेट में है। इन सभी कारकों ने पहले से नाजुक स्थितियों को और बदतर बना दिया है।
  • गाजा, माली, सूडान, यमन जैसे क्षेत्रों में हालात बेहद चिंताजनक हैं।
  • सूडान में अकाल की पुष्टि हुई – 2020 के बाद पहली बार किसी देश में अकाल घोषित हुआ।

कुपोषण की भयावह तस्वीर :

  • 3.8 करोड़ बच्चे (5 वर्ष से कम आयु) गंभीर रूप से कुपोषित पाए गए।
  • यह आंकड़ा 26 संकटग्रस्त क्षेत्रों से आया है।

जबरन विस्थापन और भुखमरी का संबंध :

  • 12.8 करोड़ विस्थापितों में से 9.5 करोड़ लोग उन देशों में रह रहे हैं जहाँ खाद्य संकट गहराया हुआ है।
  • प्रभावित देश: कांगो, कोलंबिया, सूडान, सीरिया आदि।
  • युद्ध और हिंसा से भुखमरी में 14 करोड़ लोग फंसे
  • 20 देशों में करीब 14 करोड़ लोग युद्ध और हिंसा के कारण भुखमरी के शिकार हैं।

आर्थिक संकट और महंगाई की मार :

  • 15 देशों में 5.94 करोड़ लोग मुद्रास्फीति और मुद्रा अवमूल्यन जैसी आर्थिक समस्याओं से खाद्य संकट में फंसे।
  • ये आंकड़े कोविड-पूर्व समय की तुलना में दोगुने हैं।

जलवायु आपदा: सूखा और बाढ़ से 9.6 करोड़ लोग प्रभावित :

  • 18 देशों में अल नीनो प्रभाव, सूखा और बाढ़ के चलते 9.6 करोड़ लोग खाद्य संकट से जूझ रहे हैं।
  • विशेष रूप से प्रभावित क्षेत्र: दक्षिणी अफ्रीका, दक्षिण एशिया, हॉर्न ऑफ अफ्रीका।

भुखमरी का यह स्तर 2016 से अब तक सबसे अधिक :

  • 1.9 करोड़ लोगों की स्थिति इतनी गंभीर है कि वे भुखमरी की कगार पर हैं।
  • यह आंकड़ा 2016 में रिपोर्ट की शुरुआत के बाद सबसे अधिक है।

घटती वैश्विक मदद और इच्छाशक्ति :

  • रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि 2025 में हालात में सुधार की संभावना कम है।
  • खाद्य और पोषण सहायता फंडिंग में अब तक की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई है।

 एंटोनियो गुटेरेस ने रिपोर्ट को विश्‍व की "निष्क्रियता का आईना" बताया।

रिपोर्ट की सिफारिशें :

  • आपात राहत से आगे बढ़कर दीर्घकालिक समाधान।
  • स्थानीय खाद्य प्रणालियों और पोषण सेवाओं में निवेश।
  • प्रभावित समुदायों की जरूरतों और आवाज़ को प्राथमिकता देना।
  • जो योजनाएं कारगर हैं, उन्हें बड़े पैमाने पर लागू करना।
  • साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण और संसाधनों का समेकन।

 

Latest Courses