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उत्तर प्रदेश में पराली से सीएनजी गैस एवं जैविक खाद का उत्पादन -

Sat 28 Oct, 2023

सन्दर्भ - 

  • उत्तर प्रदेश में पराली से कंप्रेस्ड गैस (सीएनजी) का उत्पादन करने की घोषणा की गई है, जिससे आय के साथ-साथ बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार भी प्राप्त हो सकेगा ।
  • इसके साथ ही पराली से ही शुद्ध जैविक खाद (हरित ऊर्जा ) का भी उत्पादन होगा।

 पृष्ठभूमि  -

  • सीएम योगी ने प्रदेश में जैव ऊर्जा को प्रोत्साहित करने के लिए जैव ऊर्जा नीति 2022 को जारी किया था। 
  • इस नीति के तहत बड़े पैमाने पर निवेश का लक्ष्य रखा गया था। 
  • कई बड़े निवेशकों ने ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में प्रदेश सरकार के साथ एमओयू किया था, जिसे अब क्रियान्वित किया जाएगा।
  • गौरतलब है कि यूपी सरकार ने हर तहसील में बॉयोगैस प्लांट का लक्ष्य रखा था, जिसमें से कुछ जल्द ही शुरू होने को तैयार हैं।

लाभ  - 

  • इससे प्रदेश में पेट्रोल-डीजल पर निर्भरता कम होगी। 
  • वहीं 80 से 100 लोगों को रोजगार भी मिलेगा। 
  • इनमें स्किल्ड और अनस्किल्ड दोनों तरह के लोगों को रोजगार प्राप्त होगा। 
  • प्लांट में सिर्फ पराली ही नहीं, बल्कि पुआल, गोबर, भूसा, गन्ने का अपशिष्ट म्युनि, म्युनिसिपल वेस्ट जैसे डिग्रेडेबल वेस्ट से कंप्रेस्ड बायोगैस आदि गैसों का मिक्सचर बनता है।
  • तकनीकी की मदद से सीएनजी को प्यूरीफाई किया जाता है। 
  • इसके अलावा कंप्रेस्ड गैस के उत्पादन में जो वेस्ट उत्पादित होगा वो 100 प्रतिशत जैविक होगा।
  • यह वेस्ट ठोस एवं तरल दोनों रूप में उपलब्ध होगा।
  • प्लांट की ओर से लिक्विड जैविक खाद को 3 साल तक किसानों को मुफ्त दिया जाएगा।इन किसानों को डीएम या सीडीओ चिन्हित करेंगे।
  • इससे उन किसानों को फायदा होगा जो फर्टिलाइजर, डीएपी, यूरिया नहीं खरीद पाते हैं। 
  • जैविक खाद और लिक्विड खाद का ये लाभ है कि वह पेड़ पौधों की जड़ों तक पहुंचने में केवल 2 से 3 घंटे का समय लगता है।
  • इसके साथ ही जैविक खाद के उत्पादन से खानपान भी शुद्ध होगा एवं लोगों की सेहत पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

परीक्षा उपयोगी तथ्य -

उत्तर प्रदेश -

  • राज्य का पुनर्गठन -1 नवंबर, 1956                        
  • राजधानी: लखनऊ                   
  • राजकीय पशु: बारहसिंघा 
  • राजकीय पुष्प: पलाश
  • लोक नृत्य: चरकुला, कर्मा, पांडव, पैदंडा, थारू, धोबिया, राई और शायरा
  • राज्य खेल: फील्ड हॉकी
  • राज्यपाल: आनंदीबेन पटेल

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