01 April, 2026
उत्तर प्रदेश में पराली से सीएनजी गैस एवं जैविक खाद का उत्पादन -
Sat 28 Oct, 2023
सन्दर्भ -
- उत्तर प्रदेश में पराली से कंप्रेस्ड गैस (सीएनजी) का उत्पादन करने की घोषणा की गई है, जिससे आय के साथ-साथ बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार भी प्राप्त हो सकेगा ।
- इसके साथ ही पराली से ही शुद्ध जैविक खाद (हरित ऊर्जा ) का भी उत्पादन होगा।
पृष्ठभूमि -
- सीएम योगी ने प्रदेश में जैव ऊर्जा को प्रोत्साहित करने के लिए जैव ऊर्जा नीति 2022 को जारी किया था।
- इस नीति के तहत बड़े पैमाने पर निवेश का लक्ष्य रखा गया था।
- कई बड़े निवेशकों ने ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में प्रदेश सरकार के साथ एमओयू किया था, जिसे अब क्रियान्वित किया जाएगा।
- गौरतलब है कि यूपी सरकार ने हर तहसील में बॉयोगैस प्लांट का लक्ष्य रखा था, जिसमें से कुछ जल्द ही शुरू होने को तैयार हैं।
लाभ -
- इससे प्रदेश में पेट्रोल-डीजल पर निर्भरता कम होगी।
- वहीं 80 से 100 लोगों को रोजगार भी मिलेगा।
- इनमें स्किल्ड और अनस्किल्ड दोनों तरह के लोगों को रोजगार प्राप्त होगा।
- प्लांट में सिर्फ पराली ही नहीं, बल्कि पुआल, गोबर, भूसा, गन्ने का अपशिष्ट म्युनि, म्युनिसिपल वेस्ट जैसे डिग्रेडेबल वेस्ट से कंप्रेस्ड बायोगैस आदि गैसों का मिक्सचर बनता है।
- तकनीकी की मदद से सीएनजी को प्यूरीफाई किया जाता है।
- इसके अलावा कंप्रेस्ड गैस के उत्पादन में जो वेस्ट उत्पादित होगा वो 100 प्रतिशत जैविक होगा।
- यह वेस्ट ठोस एवं तरल दोनों रूप में उपलब्ध होगा।
- प्लांट की ओर से लिक्विड जैविक खाद को 3 साल तक किसानों को मुफ्त दिया जाएगा।इन किसानों को डीएम या सीडीओ चिन्हित करेंगे।
- इससे उन किसानों को फायदा होगा जो फर्टिलाइजर, डीएपी, यूरिया नहीं खरीद पाते हैं।
- जैविक खाद और लिक्विड खाद का ये लाभ है कि वह पेड़ पौधों की जड़ों तक पहुंचने में केवल 2 से 3 घंटे का समय लगता है।
- इसके साथ ही जैविक खाद के उत्पादन से खानपान भी शुद्ध होगा एवं लोगों की सेहत पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
परीक्षा उपयोगी तथ्य -
उत्तर प्रदेश -
- राज्य का पुनर्गठन -1 नवंबर, 1956
- राजधानी: लखनऊ
- राजकीय पशु: बारहसिंघा
- राजकीय पुष्प: पलाश
- लोक नृत्य: चरकुला, कर्मा, पांडव, पैदंडा, थारू, धोबिया, राई और शायरा
- राज्य खेल: फील्ड हॉकी
- राज्यपाल: आनंदीबेन पटेल









