06 August, 2026
विदेशी संपत्ति प्रकटीकरण योजना 2026
Sun 16 Aug, 2026
संदर्भ :
- केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने 16 अगस्त से विदेशी संपत्ति प्रकटीकरण योजना (FAST-DS 2026) लागू किया।
मुख्य बिन्दु :
- अधिसूचना तिथि: 15 अगस्त 2026
- योजना की अवधि: 16 अगस्त 2026 से 31 दिसंबर 2026 तक (एक बार की स्वैच्छिक घोषणा खिड़की)
- संपत्ति मूल्यांकन की कट-ऑफ तिथि: संपत्तियों का उचित बाजार मूल्य 31 मार्च, 2026 के आधार पर तय किया जाएगा।
- मुख्य उद्देश्य : करदाताओं को अपनी अघोषित विदेशी संपत्तियों और आय का स्वतः और समयबद्ध (Time-bound) खुलासा करने का अवसर देना
- संबंधित कानून : काला धन (अघोषित विदेशी आय और संपत्ति) और कर अधिरोपण अधिनियम, 2015 [Black Money Act, 2015]
- ब्लैक मनी एक्ट 2015 का कठोर ढांचा: 'ब्लैक मनी (अघोषित विदेशी आय और संपत्ति) और कर अधिशोपण अधिनियम, 2015' (BMA) के तहत अघोषित विदेशी संपत्तियों पर 30% कर के साथ 300% तक जुर्माना और 10 वर्ष तक की जेल का प्रावधान है।
- अनजाने में हुई चूक : बहुराष्ट्रीय कंपनियों (MNC) में काम करने वाले कई मध्यमवर्गीय कर्मचारी (जिन्हें ESOPs/RSUs मिले हैं), विदेशों में पढ़े पूर्व छात्र (जिन्होंने बैंक खाते बंद नहीं किए), तथा भारत लौटे अनिवासी भारतीय (NRIs) प्रक्रियात्मक जटिलताओं के कारण ITR के Schedule FA (Foreign Assets) में इनका ब्योरा देने में विफल रहे।
- AEOI एवं CRS डेटा प्रवाह: स्वचालित सूचना विनिमय (Automatic Exchange of Information - AEOI) और कॉमन रिपोर्टिंग स्टैंडर्ड (CRS) के तहत वित्तीय खुफिया जानकारी (FIU) के माध्यम से सरकार को व्यापक विदेशी खातों का डेटा मिला है, जिससे ऐसी छोटी विसंगतियों को चिन्हित करना आसान हुआ है
- अनुपालन को बढ़ावा: सरकार का उद्देश्य जानबूझकर कर चोरी करने वालों (Tax Evaders) और अनजाने में प्रक्रियात्मक चूक करने वाले छोटे करदाताओं के बीच अंतर स्थापित कर एक लचीला और अनुपालन-प्रोत्साहक ढांचा तैयार करना है।
- क्रियान्वयन संस्था : केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT)
मुख्य श्रेणियां, सीमाएं और टैक्स संरचना :
| श्रेणी | विवरण | अधिकतम सीमा | प्रभावी टैक्स / शुल्क |
| श्रेणी 1: अघोषित विदेशी आय/संपत्ति | ऐसी संपत्तियां जिनका निवेश स्रोत स्पष्ट नहीं है या वह आय जिस पर भारत में टैक्स नहीं चुकाया गया। | ₹1 करोड़ तक | 60% कुल लेवी (30% मूल टैक्स + 30% अतिरिक्त जुर्माना/शुल्क) |
| श्रेणी 2: केवल रिपोर्टिंग में चूक | ऐसी विदेशी संपत्तियां जो तब खरीदी गईं जब व्यक्ति NRI था, या जिन पर टैक्स चुकाया जा चुका है, पर ITR में रिपोर्ट नहीं की गईं। | ₹5 करोड़ तक | ₹1 लाख का फ्लैट शुल्क (कोई अतिरिक्त टैक्स या जुर्माना नहीं) |
विशेष नोट: यदि विदेशी संपत्तियों का कुल मूल्य ₹5 करोड़ से अधिक है, तो करदाता इस योजना का लाभ उठाने के लिए पात्र नहीं होंगे।
मिलने वाली कानूनी छूट (Immunity) :
- ब्लैक मनी एक्ट से राहत: वैध घोषणा करने वाले करदाताओं को काले धन (अघोषित विदेशी आय और संपत्ति) अधिनियम, 2015 के तहत कठोर दंडात्मक कार्रवाइयों, भारी जुर्माने और आपराधिक मुकदमों (Prosecution) से पूर्ण छूट मिलेगी।
- दोहरा टैक्स नहीं: इस योजना के तहत घोषित की गई आय या संपत्ति को आयकर अधिनियम, 1961 के तहत करदाता की कुल आय में दोबारा शामिल नहीं किया जाएगा।
प्रशासनिक और प्रक्रियात्मक बिंदु :
- घोषणा का माध्यम: करदाताओं को आयकर विभाग के ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक रूप से Form 1 में अपनी घोषणा जमा करनी होगी।
- पर्यवेक्षण प्राधिकारी: इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी प्रधान महानिदेशक / महानिदेशक (सिस्टम) द्वारा की जाएगी।
- भुगतान की शर्तें: घोषणा दाखिल करने के बाद विभाग 1 महीने के भीतर आदेश जारी करेगा, जिसके बाद करदाता को भुगतान के लिए 2 महीने का समय मिलेगा (देरी होने पर 1% प्रति माह साधारण ब्याज लागू होगा)
- CBDT का पूरा नाम : Central Board of Direct Taxes (केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड)
- CBDT की स्थापना : 1964 (केंद्रीय राजस्व बोर्ड अधिनियम, 1963 के तहत)
- वर्तमान केंद्रीय वित्त मंत्री : निर्मला सीतारमण
- मुख्यालय : नई दिल्ली
संभावित प्रश्न :
➥ FAST-DS 2026 में 'FAST' का पूर्ण रूप क्या है? - Foreign Assets of Small Taxpayers.
➥ इस योजना के तहत अघोषित संपत्ति पर प्रभावी कर की दर कितनी तय की गई है? - 60% (30% कर + 30% जुर्माना)
➥ घोषणा करने की अंतिम तिथि क्या है? - 31 दिसंबर 2026
➥ यह योजना किस कठोर कानून के तहत अभियोजन से मुक्ति प्रदान करती है? - काले धन (अघोषित विदेशी आय और संपत्ति) अधिनियम, 2015









