संगीत नाटक अकादमी फेलोशिप (अकादमी रत्न) और संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार (अकादमी पुरस्कार), 2024-25
 
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संगीत नाटक अकादमी फेलोशिप (अकादमी रत्न) और संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार (अकादमी पुरस्कार), 2024-25

Thu 13 Aug, 2026

संदर्भ :

  • राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 13 अगस्त 2026 को वर्ष 2024 और 2025 के लिए 115 कलाकारों को संगीत नाटक अकादमी फेलोशिप और सम्मान प्रदान किया।

मुख्‍य बिन्‍दु :

  • कुल सम्मानित कलाकार: 115 कलाकार (वर्ष 2024 और 2025 दोनों चक्रों को मिलाकर)
  • पुरस्कार प्रदाता: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु
  • आयोजन स्थल: विज्ञान भवन, नई दिल्ली
  • मंत्रालय: केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय
  • उपस्थिति: केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और संस्कृति राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह

पुरस्कार :

  • संगीत नाटक अकादमी फेलोशिप ( अकादमी रत्न): यह सबसे बड़ा और सबसे प्रतिष्ठित सम्मान है , जो किसी भी समय ज़्यादा से ज़्यादा 40 जीवित फेलो तक सीमित है। इसमें ₹3 लाख की राशि, एक ताम्रपत्र और एक अंगवस्त्रम दिया जाता है ।
  • संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार ( अकादमी) पुरस्कार ): परफॉर्मिंग आर्ट्स में खास योगदान के लिए दिया जाता है। इसमें ₹1 लाख की रकम, एक ताम्रपत्र और एक अंगवस्त्रम होता है ।
  • उस्ताद बिस्मिल्लाह खान युवा पुरस्कार: यह पुरस्कार युवा कलाकारों (आमतौर पर 40 साल से कम उम्र के) को परफॉर्मिंग आर्ट्स में असाधारण प्रतिभा के लिए दिया जाता है, जिसमें ₹25,000 का पुरस्कार दिया जाता है।

अकादमी फेलो से सम्‍मानित होने वाले 7 हस्तियों की सूची :

  • रामलाल बरेथ (कथक / कला क्षेत्र)
  • ए. वी. आनंद (मृदंगम / कर्नाटक संगीत)
  • रीता गांगुली (हिंदुस्तानी शास्त्रीय गायन / ठुमरी)
  • पुरु दाधीच (कथक / शिक्षाविद्)
  • चित्तरंजन ज्योतिषी (शास्त्रीय संगीत)
  • पासुमार्थी रत्तैया शर्मा (कुचिपुड़ी भागवतुलु)
  • सुधारानी रघुपति (भरतनाट्यम)

वर्ष 2024 के लिए अकादमी पुरस्कार से सम्‍मानित हस्तियों की सूची {गतिविधि का क्षेत्र: संगीत (12)} :

  • अरुण नागेश कशालकर : हिंदुस्तानी वोकल
  • निर्माल्य डे : हिंदुस्तानी वोकल – ध्रुपद
  • भारत भूषण गोस्वामी : हिंदुस्तानी वाद्य यंत्र – सारंगी
  • संजय मुखर्जी : हिंदुस्तानी वाद्य – तबला
  • कृष्णा वागीश : कर्नाटक वोकल
  • एन. विजय शिवा : कर्नाटक वोकल
  • ए. एस. कृष्णन : कर्नाटक वाद्य यंत्र – मोर्चिंग
  • कोमांदुरी शेषाद्रि : कर्नाटक वाद्य – वायलिन
  • राकेश चौरसिया : रचनात्मक और प्रायोगिक – बांसुरी
  • प्रभाती मुखर्जी : संगीत की अन्य प्रमुख परंपराएं – सुगम संगीत
  • आनंद भाटे : संगीत की अन्य प्रमुख परंपराएं – अभंग
  • समन्दर खान मंगनियार : संगीत की अन्य प्रमुख परंपराएं – मांड

गतिविधि का क्षेत्र: नृत्य (12) :

  • राजेस्वरी साईनाथ : भरतनाट्‌यम
  • बिपुल चंद्र दास : कथक
  • राजकुमारी थंबालसना देवी : मणिपुरी
  • वीना मूर्ति विजय : कुचिपुड़ि नृत्‍य
  • बिचित्रानंद स्वेन : ओडिसी
  • प्रेमा ओजाह बोरबायन : सत्रिय
  • श्रीदेवी राजन : मोहिनिअट्टम
  • नृपेन सहिस : छऊ
  • शशिधरन नायर : रचनात्मक और प्रायोगिक
  • कलामंडलम उन्नीकृष्णन : नृत्य के लिए संगीत – कथकली

कुमार सूर्य नारायण : नृत्य के लिए संगीत

गतिविधि का क्षेत्र: रंगमंच (10) :

  • सतीश दवे : निर्देशन
  • टी. एस. नागभरण : निर्देशन
  • रवि चतुर्वेदी : निर्देशन
  • ओम कटारे : निर्देशन
  • गुम्माडी गोपाल कृष्ण राव : अभिनय
  • वगई चंद्रशेखर : अभिनय
  • अरुण नलावडे : अभिनय
  • धीरेन डी. मर्चेंट : रंगमंच से जुड़ी सहायक विधाएं – लाइटिंग
  • दिनेश कुमार पोद्दार : रंगमंच से जुड़ी सहायक विधाएं – लाइटिंग
  • मुकुंद राम मराठे : पारंपरिक रंगमंच – संगीत नाटक

गतिविधि का क्षेत्र: लोक और आदिवासी/कठपुतली/मुखौटा निर्माण/वाद्ययंत्र निर्माण (13)

  • दुर्शेती रमैया : लोक संगीत, तेलंगाना
  • के. मुरुगन : लोक नृत्य, पुडुचेरी
  • एस. सी. शर्मा : लोक और जनजातीय संगीत, कर्नाटक
  • आत्मजीत सिंह : नौटंकी, उत्तर प्रदेश
  • महेंद्र राम : लोक संगीत, बिहार
  • बूटन देवी और सोमारी देवी (संयुक्त) : लोक नृत्य, झारखंड
  • रणजीत कुमार नाग : लोक नृत्य – संबलपुरी, ओडिशा
  • हवा सिंह : लोक संगीत, हरियाणा
  • वेस्वुज़ो फेसाओ : लोक संगीत और नृत्य, नागालैंड
  • गुलाबी सपेरा : लोक नृत्य, राजस्थान – कालबेलिया
  • लौरेम्बम बेडाबाती : लोक संगीत, मणिपुर
  • सुभाष नारायण नकाशे : लोक नृत्य, महाराष्ट्र
  • किशोरभाई सोमाभाई मिस्त्री : वाद्य यंत्र निर्माण – रुद्र वीणा

गतिविधि का क्षेत्र: कुल मिलाकर और अन्य (5) :

  • टी. एस. सत्यवती : संगीत में समग्र योगदान
  • वोलेती रंगामणि : नृत्य में समग्र योगदान
  • शुभदा मनोहर वरड़कर : प्रदर्शन कला में प्रवीणता – नृत्य
  • तपाती चौधरी : कला आलोचना – प्रदर्शन कला
  • सुनंदा नायर : विदेशी – नृत्य (मोहिनीअट्टम)

वर्ष 2025 के लिए संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार (अकादमी पुरस्कार) {गतिविधि का क्षेत्र: संगीत (12)}:

  • कृष्ण मोहन पाठक : हिंदुस्तानी वोकल – ध्रुपद
  • सुरेश गंधर्व : हिंदुस्तानी वोकल
  • शैलेश भागवत : हिंदुस्तानी वाद्य यंत्र – शहनाई
  • ज्योति गणपति हेगड़े : हिंदुस्तानी वाद्य यंत्र – रुद्र वीणा
  • पंटुला रामा : कर्नाटक वोकल
  • पापनासम अशोक रमानी : कर्नाटक वोकल
  • त्रिपूनिथुरा एन. राधाकृष्णन : कर्नाटक वाद्य यंत्र – घाटम
  • अनोर आर. अनंत कृष्णा शर्मा : कर्नाटक वाद्य यंत्र – मृदंगम
  • डी. श्रीनिवास : कर्नाटक वाद्य यंत्र – वीणा
  • युगांतर सिंदूर : संगीत की अन्य प्रमुख परंपराएं – सुगम संगीत
  • सच्चिदानंद दास : संगीत की अन्य प्रमुख परंपराएं – मर्डाला
  • सीमा अनिल सहगल : संगीत की अन्य प्रमुख परंपराएं – सुगम संगीत

गतिविधि का क्षेत्र: नृत्य (12) :

  • कृष्ण मोहन मिश्र महाराज, भास्वती मिश्रा और राम मोहन महाराज (तिकड़ी) : कथक
  • कलामंडलम कृष्णकुमार : कथकली
  • इरेंगबाम नलिनी देवी : मणिपुरी
  • सीता नागजोथी और पी. नागजोथी (संयुक्त) : मणिपुरी
  • मल्लिका कंडाली : सत्रिया
  • गिरिजा चंद्रन : मोहिनिअट्टम
  • पागुलु जेना : छऊ – मयूरभंज
  • कनियाल हरिप्रसाद : नृत्य के लिए संगीत – भरतनाट्यम
  • भास्कर ज्योति ओजाह : नृत्य के लिए संगीत – सत्रिया
  • एस. कुमार : नृत्य और नृत्य रंगमंच की अन्य प्रमुख परंपराएं – भागवतमेला

गतिविधि का क्षेत्र: रंगमंच (10) :

  • कपिलदेव चंद्रकांत शुक्ला : निर्देशन
  • कल्लोल भट्टाचार्य : निर्देशन
  • नवदीप कौर : निर्देशन
  • प्रमोद दान्यानदेव पवार : निर्देशन
  • सुबोध पटनायक : निर्देशन
  • चेतना दास : अभिनय
  • सुरेश कुमार हज्जू : अभिनय
  • माखन लाल सराफ : अभिनय
  • अशोक पत्की : रंगमंच की सहायक कलाएं – थिएटर के लिए संगीत
  • उषा नांगियार : रंगमंच की अन्य प्रमुख परंपराएं – नांगियारकूथ

गतिविधि का क्षेत्र: लोक और आदिवासी/कठपुतली/मुखौटा बनाना/वाद्ययंत्र बनाना (13) :

  • अनूप रंजन पांडेय : लोक संगीत, छत्तीसगढ़
  • भेरू सिंह चौहान : लोक संगीत, मध्य प्रदेश – निर्गुणी
  • सूर्य कुमार देबबर्मा : लोक नृत्य, त्रिपुरा
  • जोगिंदर सिंह हब्बी : लोक नृत्य, हिमाचल प्रदेश
  • रोमालो राम : लोक संगीत और नृत्य, जम्मू और कश्मीर
  • हरमनप्रीत सिंह : लोक नृत्य, पंजाब
  • अली मोहम्मद : लोक संगीत, लद्दाख
  • डोमिन करबक : लोक नृत्य, अरुणाचल प्रदेश
  • के. रोसियामा : लोक नृत्य, मिजोरम
  • रानी मारिंग : वाद्ययंत्र निर्माण
  • सुशांत कुमार : मुखौटा निर्माण – छऊ
  • मंगला प्रसाद शर्मा : वाद्ययंत्र निर्माण

गतिविधि का क्षेत्र: समग्र और अन्य (5) :

  • कुणाल : रंगमंच में समग्र योगदान
  • मनीषा साठे : नृत्य में समग्र योगदान – कथक
  • राकेश सिन्हा : समग्र योगदान – कला फोटोग्राफी
  • मंजरी सिन्हा : कला आलोचना – प्रदर्शन कला
  • टी. एस. नंदकुमार : विदेशी – संगीत (मृदंगम)

संगीत नाटक अकादमी :

  • स्थापना वर्ष : 31 मई 1952 को भारतीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा स्थापित और 1953 में पूरी तरह से चालू हुआ ।
  • उद्घाटन : औपचारिक रूप से 28 जनवरी 1953 को भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद द्वारा उद्घाटन किया गया ।
  • पैरेंट मिनिस्ट्री : यह भारत सरकार के कल्चर मिनिस्ट्री के तहत एक ऑटोनॉमस बॉडी के तौर पर काम करती है ।
  • हेडक्वार्टर : रवींद्र भवन , फिरोज शाह रोड, नई दिल्ली में है ।
  • चेयरमैन : डॉ. संध्या पुरेचा (जानी-मानी भरतनाट्यम कलाकार और विद्वान)

घटक इकाइयाँ :

  • कथक केंद्र (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ कथक डांस) : नई दिल्ली में स्थित (1964 में स्थापित)।
  • जवाहरलाल नेहरू मणिपुर डांस अकादमी (JNMDA) : इम्फाल, मणिपुर में स्थित है ।
  • सत्रिया केंद्र : गुवाहाटी, असम में स्थित ( सत्तरिया नृत्य को बढ़ावा देने के लिए समर्पित )।
  • कुटियाट्टम केंद्र : तिरुवनंतपुरम, केरल में स्थित (प्राचीन संस्कृत थिएटर को समर्पित)।

शास्त्रीय नृत्य मान्यता :

संगीत नाटक अकादमी ने भारत के 8 क्लासिकल डांस फॉर्म को ऑफिशियली मान्यता दी है :

  • भरतनाट्यम (तमिलनाडु)
  • कथक (उत्तर प्रदेश / उत्तर भारत)
  • कथकली (केरल)
  • मोहिनीअट्टम (केरल)
  • कुचिपुड़ी (आंध्र प्रदेश)
  • ओडिसी (ओडिशा)
  • मणिपुरी
  • सत्रिया (असम)
  • जबकि संस्कृति मंत्रालय 9 शास्त्रीय नृत्यों ( छऊ सहित) को मान्यता देता है , संगीत नाटक अकादमी केवल 8 को मान्यता देती है

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